logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

करेरा तहसील क्षेत्र के सिल्लानगर के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण मंगलवार को बिजली और पेयजल संकट से परेशान होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में लंबे समय से चली आ रही बिजली और पानी की समस्या के समाधान की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बीच पर्याप्त पेयजल व्यवस्था न होने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नियमित बिजली आपूर्ति न होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित विभागों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिजली एवं पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। एसडीएम के इस आश्वासन के बाद, ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और गांव को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

14 hrs ago
user_Ram Manohar Mishra
Ram Manohar Mishra
पत्रकार करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
14 hrs ago

करेरा तहसील क्षेत्र के सिल्लानगर के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण मंगलवार को बिजली और पेयजल संकट से परेशान होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में लंबे समय से चली आ रही बिजली और पानी की समस्या के समाधान की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बीच पर्याप्त पेयजल व्यवस्था न होने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नियमित बिजली आपूर्ति न होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित विभागों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिजली एवं पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। एसडीएम के इस आश्वासन के बाद, ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और गांव को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के ग्राम सिल्लारपुर मजरा टुका में आदिवासी परिवार आजादी के दशकों बाद भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। जहां एक ओर सरकार गांवों तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इन परिवारों को आज भी अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने हाल ही में जनसुनवाई के दौरान एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपा है, जिसमें उन्होंने गांव में शीघ्र बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भीषण गर्मी में उनका रहना मुश्किल हो गया है, जबकि मच्छरों के प्रकोप के कारण बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। आदिवासी परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें न्याय की गुहार लगाने के लिए जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में बिजली की व्यवस्था की जाए, ताकि आदिवासी परिवार भी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और उनके बच्चों को एक बेहतर भविष्य मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ज्वलंत समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है या फिर ये आदिवासी परिवार अंधेरे में ही जीवन बिताने को मजबूर रहेंगे।
    2
    शिवपुरी जिले की करेरा तहसील के ग्राम सिल्लारपुर मजरा टुका में आदिवासी परिवार आजादी के दशकों बाद भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा से वंचित हैं। जहां एक ओर सरकार गांवों तक विकास और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर इन परिवारों को आज भी अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने हाल ही में जनसुनवाई के दौरान एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपा है, जिसमें उन्होंने गांव में शीघ्र बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के अभाव में उन्हें रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भीषण गर्मी में उनका रहना मुश्किल हो गया है, जबकि मच्छरों के प्रकोप के कारण बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। अंधेरे के कारण बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। आदिवासी परिवारों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण मजबूर होकर उन्हें न्याय की गुहार लगाने के लिए जनसुनवाई का सहारा लेना पड़ा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द गांव में बिजली की व्यवस्था की जाए, ताकि आदिवासी परिवार भी सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और उनके बच्चों को एक बेहतर भविष्य मिल सके। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ज्वलंत समस्या पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है या फिर ये आदिवासी परिवार अंधेरे में ही जीवन बिताने को मजबूर रहेंगे।
    user_Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा
    Kamlesh tiwari पत्रकार करेरा
    पत्रकारता करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के सिल्लारपुर गाँव में एक क्रेशर खदान पर हुए भीषण विस्फोट से भारी तबाही हुई है। इस 'मौत के धमाके' के कारण आदिवासी बस्ती के घर कांप उठे, उनकी दीवारें फट गईं और छतें गिर गईं, जिससे पूरे गाँव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्रेशर के विस्फोट ने उनके आशियाने उजाड़ दिए हैं और पत्थरों की बारिश से सिल्लारपुर सहम गया है। इस भयावह ब्लास्ट में ग्रामीण बाल-बाल बचे, उनकी जान बची तो लाखों पाए। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने न्याय तथा कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-27 को जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात ठप रहा। उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। हालाँकि, बाद में एसडीएम अनुराग निग्गवाल की समझाइश के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे से जाम खोल दिया और यातायात बहाल हो सका। ग्रामीण अब इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने उजाड़े गए घरों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
    4
    शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र के सिल्लारपुर गाँव में एक क्रेशर खदान पर हुए भीषण विस्फोट से भारी तबाही हुई है। इस 'मौत के धमाके' के कारण आदिवासी बस्ती के घर कांप उठे, उनकी दीवारें फट गईं और छतें गिर गईं, जिससे पूरे गाँव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि क्रेशर के विस्फोट ने उनके आशियाने उजाड़ दिए हैं और पत्थरों की बारिश से सिल्लारपुर सहम गया है।

इस भयावह ब्लास्ट में ग्रामीण बाल-बाल बचे, उनकी जान बची तो लाखों पाए। घटना के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने न्याय तथा कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-27 को जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात ठप रहा। उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

हालाँकि, बाद में एसडीएम अनुराग निग्गवाल की समझाइश के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे से जाम खोल दिया और यातायात बहाल हो सका। ग्रामीण अब इस घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और अपने उजाड़े गए घरों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
    user_Hemant bhargava
    Hemant bhargava
    Karera, Shivpuri•
    13 hrs ago
  • करेरा तहसील क्षेत्र के सिल्लानगर के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण मंगलवार को बिजली और पेयजल संकट से परेशान होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में लंबे समय से चली आ रही बिजली और पानी की समस्या के समाधान की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बीच पर्याप्त पेयजल व्यवस्था न होने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नियमित बिजली आपूर्ति न होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित विभागों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिजली एवं पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। एसडीएम के इस आश्वासन के बाद, ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और गांव को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
    1
    करेरा तहसील क्षेत्र के सिल्लानगर के सैकड़ों आदिवासी ग्रामीण मंगलवार को बिजली और पेयजल संकट से परेशान होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने गांव में लंबे समय से चली आ रही बिजली और पानी की समस्या के समाधान की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बीच पर्याप्त पेयजल व्यवस्था न होने से लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं नियमित बिजली आपूर्ति न होने से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कार्य और दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना था कि संबंधित विभागों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।

ग्रामीणों ने एसडीएम अनुराग निंगवाल को एक आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर गांव की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखा। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बिजली एवं पेयजल व्यवस्था को सुधारने के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

एसडीएम के इस आश्वासन के बाद, ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा और गांव को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    पत्रकार करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता धार्मिक न्यास, मठ, मंदिर एवं देवालय की लाखों एकड़ जमीन की सुरक्षा है, और इसी गंभीरता को देखते हुए अब सरकार व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को भितरवार के वार्ड नं 4 स्थित नगर परिषद के सामुदायिक भवन में एसडीएम राजीव समाधिया ने क्षेत्र के समस्त मंदिर पुजारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिरों की संपत्तियों को सुरक्षित रखना और पुजारियों की समस्याओं का समाधान करना रहा, जिसमें तहसीलदार शिव दत्त कटारे और नायब तहसीलदार शिवदयाल शर्मा भी मौजूद रहे। एसडीएम राजीव समाधिया ने बताया कि प्रशासन द्वारा मंदिरों की बेशकीमती जमीनों को भू-माफियाओं से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं और कब्जा पुजारियों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने पुजारियों को अपनी मंदिर माफी जमीनों के रिकॉर्ड, अतिक्रमण की स्थिति और भूमि के उपयोग की जानकारी देने के साथ ही, यदि उनकी जमीन पर कोई अतिक्रमण हो तो प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया। साथ ही, पुजारियों से मंदिर की कृषि भूमि का पूरा ब्यौरा—जैसे खसरा, रकबा और नक्शा—प्रशासन के पास जमा करने को कहा गया ताकि किसी भी अवैध खरीद-फरोख्त को रोका जा सके। तहसीलदार शिव दत्त कटारे ने बताया कि इन मुद्दों से निपटने के लिए खण्ड स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय और जा स्तरीय तीन प्रकार की समितियां बनाई जाएंगी, जो पुजारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित क्षेत्रों के अंचल अधिकारियों को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और कार्रवाई की नियमित निगरानी की जाएगी।
    4
    राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता धार्मिक न्यास, मठ, मंदिर एवं देवालय की लाखों एकड़ जमीन की सुरक्षा है, और इसी गंभीरता को देखते हुए अब सरकार व्यापक स्तर पर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। इसी कड़ी में बुधवार को भितरवार के वार्ड नं 4 स्थित नगर परिषद के सामुदायिक भवन में एसडीएम राजीव समाधिया ने क्षेत्र के समस्त मंदिर पुजारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मंदिरों की संपत्तियों को सुरक्षित रखना और पुजारियों की समस्याओं का समाधान करना रहा, जिसमें तहसीलदार शिव दत्त कटारे और नायब तहसीलदार शिवदयाल शर्मा भी मौजूद रहे।

एसडीएम राजीव समाधिया ने बताया कि प्रशासन द्वारा मंदिरों की बेशकीमती जमीनों को भू-माफियाओं से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं और कब्जा पुजारियों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने पुजारियों को अपनी मंदिर माफी जमीनों के रिकॉर्ड, अतिक्रमण की स्थिति और भूमि के उपयोग की जानकारी देने के साथ ही, यदि उनकी जमीन पर कोई अतिक्रमण हो तो प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया। साथ ही, पुजारियों से मंदिर की कृषि भूमि का पूरा ब्यौरा—जैसे खसरा, रकबा और नक्शा—प्रशासन के पास जमा करने को कहा गया ताकि किसी भी अवैध खरीद-फरोख्त को रोका जा सके। तहसीलदार शिव दत्त कटारे ने बताया कि इन मुद्दों से निपटने के लिए खण्ड स्तरीय, ब्लॉक स्तरीय और जा स्तरीय तीन प्रकार की समितियां बनाई जाएंगी, जो पुजारियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित क्षेत्रों के अंचल अधिकारियों को भी इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी और कार्रवाई की नियमित निगरानी की जाएगी।
    user_KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    KK Sharma पत्रकार दैनिक भारत मत समाचार
    पत्रकार भितरवार, ग्वालियर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र चुनाव आयोग द्वारा निरस्त किए जाने के विरोध में नरवर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नरवर के बाबा साहब स्मारक परिसर में धरना-प्रदर्शन और मौन उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक प्रत्याशी को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना लोकतांत्रिक मूल्यों के सरासर विपरीत है। उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के स्मारक पर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण तरीके से मौन उपवास किया और चुनाव आयोग से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस दौरान कांग्रेसजनों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। नरवर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी, और इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
    1
    राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र चुनाव आयोग द्वारा निरस्त किए जाने के विरोध में नरवर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने नरवर के बाबा साहब स्मारक परिसर में धरना-प्रदर्शन और मौन उपवास कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं, वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक प्रत्याशी को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करना लोकतांत्रिक मूल्यों के सरासर विपरीत है।

उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के स्मारक पर एकत्रित होकर शांतिपूर्ण तरीके से मौन उपवास किया और चुनाव आयोग से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की। इस दौरान कांग्रेसजनों ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। नरवर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी, और इस कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ कार्यकर्ता, पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
    user_Deepak Journalist
    Deepak Journalist
    TV News Anchor नरवर, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • शिवपुरी में भारतीय विद्यालय के सामने शिवपुरी नगर पालिका के कांग्रेस पार्षद एमडी गुर्जर पर हमला किया गया।
    1
    शिवपुरी में भारतीय विद्यालय के सामने शिवपुरी नगर पालिका के कांग्रेस पार्षद एमडी गुर्जर पर हमला किया गया।
    user_Patarkar Shailendra dhakad
    Patarkar Shailendra dhakad
    शिवपुरी, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 के अभ्यर्थियों के सुगम और सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए झाँसी रेल मंडल ने व्यापक स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं कीं। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में, 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित तीन दिवसीय परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए कुल 12 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया। इन विशेष ट्रेनों में से, झाँसी से कानपुर के लिए 6, ललितपुर से कानपुर वाया झाँसी के लिए 3, और बांदा से प्रयागराज के लिए 3 ट्रेनों का संचालन किया गया। इन सेवाओं के माध्यम से लगभग 15,000 अभ्यर्थियों ने यात्रा सुविधा का लाभ उठाया और समय पर अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में सफल रहे। परीक्षा अवधि के दौरान, मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार स्वयं वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन पर उपस्थित रहे। उन्होंने स्टेशन पर की गई सभी व्यवस्थाओं, यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का लगातार जायज़ा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु संबंधित स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, तथा प्रवेश एवं निकास द्वारों पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गईं। मंडल स्तर पर स्थापित वार रूम से प्रमुख स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन एवं यात्री सुविधाओं की सतत निगरानी की गई। अधिकारियों ने स्टेशन परिसरों एवं प्लेटफॉर्मों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार त्वरित निर्णय लिए।
    4
    उत्तर प्रदेश पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 के अभ्यर्थियों के सुगम और सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए झाँसी रेल मंडल ने व्यापक स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं कीं। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में, 8, 9 और 10 जून 2026 को आयोजित तीन दिवसीय परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए कुल 12 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया गया।

इन विशेष ट्रेनों में से, झाँसी से कानपुर के लिए 6, ललितपुर से कानपुर वाया झाँसी के लिए 3, और बांदा से प्रयागराज के लिए 3 ट्रेनों का संचालन किया गया। इन सेवाओं के माध्यम से लगभग 15,000 अभ्यर्थियों ने यात्रा सुविधा का लाभ उठाया और समय पर अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने में सफल रहे।

परीक्षा अवधि के दौरान, मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिरुद्ध कुमार स्वयं वीरांगना लक्ष्मीबाई झाँसी स्टेशन पर उपस्थित रहे। उन्होंने स्टेशन पर की गई सभी व्यवस्थाओं, यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और परीक्षा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का लगातार जायज़ा लिया, साथ ही संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु संबंधित स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, तथा प्रवेश एवं निकास द्वारों पर अतिरिक्त व्यवस्थाएं की गईं। मंडल स्तर पर स्थापित वार रूम से प्रमुख स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन एवं यात्री सुविधाओं की सतत निगरानी की गई। अधिकारियों ने स्टेशन परिसरों एवं प्लेटफॉर्मों का नियमित निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार त्वरित निर्णय लिए।
    user_Amir Sohail
    Amir Sohail
    झांसी, झांसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • करैरा क्षेत्र के सिल्लारपुर स्थित एक क्रेशर पर हुई ब्लास्टिंग के दौरान उड़कर आए पत्थरों ने कई आदिवासी परिवारों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन पत्थरों के कारण मकानों की छतों में छेद हो गए और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में तीव्र आक्रोश फैल गया है। अपने गुस्से का इजहार करते हुए ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। प्रशासन ने ग्रामीणों को मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मूल खबर में इस बात पर जोर दिया गया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए, और प्रशासन को घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
    2
    करैरा क्षेत्र के सिल्लारपुर स्थित एक क्रेशर पर हुई ब्लास्टिंग के दौरान उड़कर आए पत्थरों ने कई आदिवासी परिवारों के घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन पत्थरों के कारण मकानों की छतों में छेद हो गए और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुँचा। इस घटना से स्थानीय ग्रामीणों में तीव्र आक्रोश फैल गया है।

अपने गुस्से का इजहार करते हुए ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ गहरी नाराजगी व्यक्त की। सूचना मिलने पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस घटना की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रशासन ने ग्रामीणों को मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कहा है कि यदि जांच में कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मूल खबर में इस बात पर जोर दिया गया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए, और प्रशासन को घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करते हुए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
    user_Ram Manohar Mishra
    Ram Manohar Mishra
    पत्रकार करेरा, शिवपुरी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.