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नवादा जिले के नारदीगंज में देयाली मोड़ से नारदीगंज तक का सफर इन दिनों भारी ट्रैफिक दबाव के बीच हो रहा है। बाजार क्षेत्रों और मोड़ों पर अक्सर हल्की जाम की स्थिति बन रही है, जिससे लोगों को सावधानी और धैर्य से अपने गंतव्य तक पहुँचना पड़ रहा है।
S BIHAR NEWS 12
नवादा जिले के नारदीगंज में देयाली मोड़ से नारदीगंज तक का सफर इन दिनों भारी ट्रैफिक दबाव के बीच हो रहा है। बाजार क्षेत्रों और मोड़ों पर अक्सर हल्की जाम की स्थिति बन रही है, जिससे लोगों को सावधानी और धैर्य से अपने गंतव्य तक पहुँचना पड़ रहा है।
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- नवादा के कहुआरा गाँव में सड़क पर अतिक्रमण, ईंट, बालू और जानवरों के जमावड़े ने ग्रामीणों का आवागमन बाधित कर दिया है। टूटी नालियों से परेशानी और बढ़ गई है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द अतिक्रमण हटाने और सड़क व्यवस्था सुधारने की मांग की है।1
- गया जिले के खुखड़ी और खरजमा गांवों में जनप्रतिनिधियों ने दो शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। एक परिवार ने अपने नाती को खोया, जबकि दूसरे परिवार के 25 वर्षीय युवक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। दुख की इस घड़ी में परिजनों को ढांढस बंधाते हुए साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया गया।3
- नवादा पुलिस ने दो महिला चेन स्नेचर को गिरफ्तार करने का दावा किया है। हालांकि, प्रेस के सामने दिए गए पुलिस के बयान में गलतबयानी का आरोप लगने से अब उनकी कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।2
- एक पुरानी वीडियो में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए गए हैं। वीडियो में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी जैसे नेता झूठ नहीं बोलते, लेकिन EVM पर लगातार उठ रहे संदेह कुछ गड़बड़ होने की ओर इशारा करते हैं। यह मुद्दा आज भी चर्चा में है और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर बहस छेड़ता है।1
- Post by Chandan Kumar1
- सोशल मीडिया की लत ने उजाड़ दिया घर! पत्नी का पति ने किया “जिंदा पिंडदान” रिपोर्ट :- अभिषेक सिंह सोशल मीडिया की लत ने उजाड़ दिया घर! पत्नी का पति ने किया “जिंदा पिंडदान” नदी में बहाई तस्वीर, समाज को दिया बड़ा संदेश! जब रिश्तों की जगह मोबाइल ले ले और परिवार से ज्यादा अहमियत फॉलोअर्स को मिलने लगे, तब इंसान अपनों के लिए जिंदा होकर भी मर जाता हैँ! कुछ इसी दर्द और टूटे हुए विश्वास के साथ एक पति ने अपनी पत्नी का “जिंदा पिंडदान” कर पूरे समाज को झकझोर देने वाला संदेश दिया। यह घटना अब सोशल मिडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है। घटना के दौरान पति विधि विधान के साथ नदी किनारे पहुंचा। वहां उसने पत्नी की तस्वीर रखकर पिंडदान की प्रक्रिया शुरू की। मौजूद लोगों के अनुसार, पति की आंखों में आंसू थे और चेहरे पर गहरा दर्द साफ दिखाई दे रहा था। सबसे हैरान करने वाला पल तब आया, जब पति ने पत्नी की तस्वीर पर थूकते हुए कहा की जिस रिश्ते में सम्मान और विश्वास खत्म हो जाए, वह रिश्ता मेरे लिए मर चुका है। इसके बाद उसने पत्नी की तस्वीर को नदी में प्रवाहित कर दिया। वहां मौजूद लोग कुछ देर के लिए स्तब्ध रह गए। कई लोगों की आंखें नम हो गईं, तो कई लोग इस पूरे घटनाक्रम को आधुनिक समाज के लिए चेतावनी मानने लगे। रील्स की दुनिया में खो गई पत्नी, जानकारी के अनुसार, महिला सोशल मीडिया पर लगातार रील्स और छोटे वीडियो बनाने में व्यस्त रहती थी। धीरे धीरे यह शौक उसकी प्राथमिकता बन गया। परिवार, घर और रिश्तों से ज्यादा समय मोबाइल कैमरे और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मिलने लगा। पति का आरोप है कि उसने कई बार समझाने की कोशिश की, लेकिन पत्नी पर सोशल मीडिया की लोकप्रियता का ऐसा असर था कि उसने पारिवारिक जिम्मेदारियों और रिश्तों की भावनाओं को नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। बताया जाता है कि घर में आए दिन विवाद होने लगे थे। पति मानसिक तनाव में रहने लगा और अंततः उसने समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया। ईस दौरान गांव और समाज में छिड़ी बहस, घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस विषय पर चर्चा तेज हो गई। कुछ लोगों ने पति के तरीके को गलत बताया, तो कई लोगों ने कहा कि यह घटना आधुनिक दौर की कड़वी सच्चाई को सामने लाती है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि आज सोशल मीडिया की चकाचौंध में लोग रिश्तों की अहमियत भूलते जा रहे हैं। परिवार के बीच संवाद खत्म हो रहा है और मोबाइल इंसान की जिंदगी पर हावी होता जा रहा है। पिंडदान के बाद पति ने लोगों से कहा की मैं किसी का अपमान नहीं करना चाहता, लेकिन समाज को यह समझाना चाहता हूं कि अगर सोशल मीडिया की वजह से परिवार टूटने लगे, तो यह बहुत खतरनाक संकेत है।उसने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग करें, लेकिन इतना भी नहीं कि अपने ही रिश्ते पीछे छूट जाएं। रिश्तों से बड़ा कोई ‘फॉलोअर’ नहीं यह घटना केवल एक परिवार का विवाद नहीं, बल्कि उस बदलते समाज का आईना है जहां लोग वर्चुअल दुनिया में पहचान बनाने के लिए अपने वास्तविक रिश्तों को खोते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया तभी तक सही है, जब तक वह मनोरंजन और जानकारी का माध्यम बना रहे। लेकिन जब वही रिश्तों में दूरी, अहंकार और तनाव पैदा करने लगे, तब उसका संतुलित उपयोग बेहद जरूरी हो जाता है। यह घटना समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि कुछ मिनट की वायरल प्रसिद्धि शायद मिल जाए, लेकिन टूटे हुए रिश्तों की भरपाई कभी नहीं हो सकती।आज जरूरत है कि लोग मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर अपने परिवार, रिश्तों और भावनाओं को समय दें। क्योंकि अंत में इंसान को सबसे ज्यादा सुकून अपने लोगों के साथ से ही मिलता है।1
- आम जनता पार्टी इंडिया के राष्ट्रीय सचिव सम्राट रंजीत चौधरी ने भ्रष्ट सरकार के खिलाफ जमकर हुंकार भरी। 'संविधान रक्षक' के रूप में जाने जाने वाले चौधरी ने 'भ्रष्ट सरकार मुर्दाबाद' का नारा दिया।4
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