खबर हटाने का दबाव या पत्रकारिता पर अंकुश विद्युत विभाग से जुड़ी खबरों को लेकर पत्रकार ने लगाए धमकी के आरोप, निष्पक्ष जांच और FIR की मांग मुरादनगर/गाजियाबाद। विद्युत विभाग से संबंधित जनहित की खबरों के प्रकाशन के बाद एक पत्रकार को कथित रूप से खबरें हटाने के लिए दबाव बनाने, धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दिए जाने का मामला सामने आया है। पत्रकार युसूफ खान उर्फ वाई.के. राजपूत ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित ऊर्जा मंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, जिलाधिकारी तथा थाना मुरादनगर के प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है प्रार्थना पत्र में पत्रकार का आरोप है कि विद्युत विभाग से संबंधित जनसमस्याओं, कथित अनियमितताओं और उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रकाशित खबरों के बाद उसे समाचार हटाने के लिए कथित तौर पर दबाव एवं धमकी का सामना करना पड़ा। शिकायत में नितिन कुमार के कहने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग मुरादनगर अंकित कुमार द्वारा कथित रूप से दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है शिकायतकर्ता के अनुसार मोबाइल फोन के माध्यम से खबरें तत्काल हटाने के लिए कहा गया तथा ऐसा नहीं करने पर कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने, जेल भिजवाने और पत्रकारिता संबंधी करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी जनहित की खबर को हटाने के लिए पत्रकार पर आपराधिक कार्रवाई की धमकी दी गई? यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला पत्रकारिता की स्वतंत्रता और कानून के शासन से जुड़ा गंभीर विषय माना जा सकता है शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में संज्ञेय अपराध पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार के दबाव या प्रताड़ना से सुरक्षा दिए जाने का अनुरोध किया गया है।
खबर हटाने का दबाव या पत्रकारिता पर अंकुश विद्युत विभाग से जुड़ी खबरों को लेकर पत्रकार ने लगाए धमकी के आरोप, निष्पक्ष जांच और FIR की मांग मुरादनगर/गाजियाबाद। विद्युत विभाग से संबंधित जनहित की खबरों के प्रकाशन के बाद एक पत्रकार को कथित रूप से खबरें हटाने के लिए दबाव बनाने, धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने की चेतावनी दिए जाने का मामला सामने आया है। पत्रकार युसूफ खान उर्फ वाई.के. राजपूत ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित ऊर्जा मंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्त गाजियाबाद, जिलाधिकारी तथा थाना मुरादनगर के प्रभारी निरीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है प्रार्थना पत्र में पत्रकार का आरोप है कि विद्युत विभाग से संबंधित जनसमस्याओं, कथित अनियमितताओं और उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रकाशित खबरों के बाद उसे समाचार हटाने के लिए कथित तौर पर दबाव एवं धमकी का सामना करना पड़ा। शिकायत में नितिन कुमार के कहने पर अधिशासी अभियंता, विद्युत विभाग मुरादनगर अंकित कुमार द्वारा कथित रूप से दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया गया है शिकायतकर्ता के अनुसार मोबाइल फोन के माध्यम से खबरें तत्काल हटाने के लिए कहा गया तथा ऐसा नहीं करने पर कथित रूप से झूठे मुकदमे में फंसाने, जेल भिजवाने और पत्रकारिता संबंधी करियर बर्बाद करने की धमकी दी गई मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या किसी जनहित की खबर को हटाने के लिए पत्रकार पर आपराधिक कार्रवाई की धमकी दी गई? यदि आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला पत्रकारिता की स्वतंत्रता और कानून के शासन से जुड़ा गंभीर विषय माना जा सकता है शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री एवं पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच में संज्ञेय अपराध पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत FIR दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में किसी प्रकार के दबाव या प्रताड़ना से सुरक्षा दिए जाने का अनुरोध किया गया है।
- सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से गाजियाबाद पुलिस ने बरामद किए 1.55 करोड़ रुपये कीमत के 555 मोबाइल, गाजियाबाद में चोरी और स्नैचिंग के मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में गाजियाबाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। नगर जोन की सर्विलांस टीम और अलग-अलग थाना पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मैनुअल इनपुट और सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अलग-अलग कंपनियों के 555 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 55 लाख रुपये है। पुलिस ने बरामद फोन के वास्तविक स्वामियों की पहचान कर उन्हें वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मोबाइल फोन चोरी या स्नैचिंग के बाद उनके आईएमईआई नंबर और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज की गई थी। इन शिकायतों को आधार बनाकर नगर जोन की सर्विलांस टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इनपुट के जरिए मोबाइल फोन की लोकेशन और इस्तेमाल से संबंधित जानकारी जुटाई। इसके बाद अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर 555 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं । थानावार बरामदगी की बात करें तो कोतवाली नगर से 103, विजयनगर से 91, सिहानीगेट से 56, नंदग्राम से 52, कविनगर से 64, मधुबन बापूधाम से 67, वेव सिटी से 54, क्रॉसिंग रिपब्लिक से 55 और साइबर क्राइम थाना से 13 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस की तकनीकी टीम ने बरामद फोन के आईएमईआई समेत अन्य जानकारियों का मिलान सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों से किया, जिसके आधार पर वास्तविक स्वामियों की पहचान की जा रही है। डीसीपी सिटी जोन धवल जायसवाल का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों को लौटाया जा रहा है। चोरी या स्नैचिंग के बाद मोबाइल फोन वापस मिलने से संबंधित लोगों को राहत मिली है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सीईआईआर पोर्टल और तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल से चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में मदद मिल रही है और इस दिशा में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- गाजियाबाद नगर जोन पुलिस की बड़ी कामयाबी, 1.55 करोड़ के 555 गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए। गाजियाबाद :- नगर जोन की सर्विलांस टीम और सभी थानों ने मिलकर एक बड़ी सफलता हासिल की है। खोए, चोरी और स्नैच हुए कुल 555 मोबाइल फोन बरामद कर। उनके असली मालिकों के चेहरे पर मुस्कान वापस ला दी है। दरअसल, भारत सरकार के CEIR यानी 'सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर' पोर्टल पर दर्ज शिकायतों को आधार बनाकर गाजियाबाद नगर जोन पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई की। सर्विलांस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया और मैनुअल इनपुट की मदद से विभिन्न कंपनियों के कुल 555 मोबाइल ढूंढ निकाले। बरामद किए गए इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 1.55 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस टीम ने सभी फोन स्वामियों की पहचान कर एक कार्यक्रम के दौरान उनके हैंडसेट सुरक्षित सौंप दिए। अपना कीमती और खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों ने गाजियाबाद पुलिस टीम का दिल से आभार जताया और उनकी इस त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना भी की।4
- जनपद बागपत के थाना बडौत पुलिस, सर्विलांस एवं स्वाट बागपत की संयुक्त टीम द्वारा फ्लिपकार्ट शिपमेन्ट में धोखाधडी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 03 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार। जनपद बागपत के थाना बडौत पुलिस, सर्विलांस एवं स्वाट बागपत की संयुक्त टीम द्वारा फ्लिपकार्ट शिपमेन्ट में धोखाधडी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के 03 अभियुक्तों को किया गिरफ्तार। कब्जे से कुल लगभग 40 लाख रुपये कीमत के 42 मोबाइल फोन बरामद। वीडियो बाइट पुलिस अधीक्षक बागपत।1
- जय बाबा बुलाकी महाराज की राम भैया भगत जी गाजियाबाद किसी तरह की ऊपरी परेशानी के लिए संपर्क करें ph 85272336461
- गाजियाबाद के इंदिरापुरम में विकास कार्यों को लेकर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और समाजसेवियों के साथ पार्षद ने की बैठक इंदिरापुरम में विकास कार्यों को लेकर आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और समाजसेवियों के साथ पार्षद ने की बैठक *इंदिरापुरम, गाजियाबाद।* वार्ड संख्या 87 के पार्षद अनुज त्यागी ने आज इंदिरापुरम की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एवं क्षेत्र के गणमान्य समाजसेवियों के साथ बैठक की। बैठक में वार्ड में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की गई और आगामी विकास योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। जहां-जहां अभी भी कुछ कमियां हैं, उनको लेकर आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और समाजसेवियों से सुझाव लिए गए। पार्षद ने आश्वासन दिया कि प्राप्त सुझावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर पार्षद अनुज त्यागी ने कहा कि "मेरे वार्ड के समस्त बुजुर्गों, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों और समाजसेवियों का आशीर्वाद और सहयोग सदैव मेरे ऊपर बना रहता है, इसी से वार्ड का निरंतर विकास संभव हो पा रहा है।" आपका अपना सेवक lअनुज त्यागी पार्षद, वार्ड-87, इंदिरापुरम1
- लोगों पर हमला करने वाले उल्लू पकड़े गए, नोएडा में सोसाइटी में रहने वाले थे परेशान! ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ला रेसिडेंशिया सोसाइटी में निवासियों पर हमला करने वाले 7 उल्लुओं को वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया है। इनमें 2 वयस्क उल्लू और 5 बच्चे शामिल हैं। कई दिनों से उल्लू लगातार सोसाइटी निवासियों को निशाना बना रहे थे।1
- कलछीना में फिल्मी स्टाइल में बदमाशों का आतंक, घर में मिर्च का धुआं भरकर परिवार को बनाया बंधक, जेवर-नकदी लूटी, मोदीनगर के भोजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत कलछीना गांव में सोमवार देर रात करीब 2:15 बजे दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। गांव के बाहर बने एक मकान को निशाना बनाते हुए 5-6 अज्ञात बदमाशों ने पहले घर के भीतर जलती मिर्च फेंक दी। धुआं भरते ही जब दम घुटने पर परिवार ने दरवाजा खोला, तो बदमाश जबरन अंदर घुस आए। आरोपियों ने गृहस्वामी को बंधक बनाकर हाथ बांध दिए और महिला पर धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। बदमाश घर में 10 किलो चांदी और 5 लाख रुपये होने की बात कहकर तलाशी लेने लगे। विरोध के बावजूद वे महिला के कुंडल, कड़े, बेटी की शादी के लिए रखे जेवरात और नकदी लूटकर फरार हो गए। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौका-मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी की मांग की है।1
- पांच साल से रोज रोटी लेने आता है अधिवक्ता के चेंबर में बन्दर, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल गाजियाबाद कचहरी में जहां रोजाना वकीलों मुवक्किलों और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोगों की भीड़ नजर आती है, वहीं इन दिनों एक अनोखी दोस्ती लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। एक अधिवक्ता और बंदर के बीच पिछले करीब बहुत ज्यादा समय से चली आ रही दोस्ती का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में बंदर अधिवक्ता के चेंबर में पहुंचकर उनसे रोटी लेता नजर आ रहा है। गाजियाबाद जिला अदालत मे अधिवक्ता महेश यादव पिछले करीब 30 वर्षों से वकालत कर रहे हैं वह पूर्व में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भी रह चुके हैं रोजाना की तरह जब वह कचहरी स्थित अपने चेंबर में बैठकर विधि व्यवसाय करते हैं, तो उनका यह खास दोस्त भी वहां पहुंच जाता है। बंदर और अधिवक्ता के बीच लगाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बंदर कई बार सीधे उनकी मेज पर आकर बैठ जाता है और रोटी का इंतजार करता है कभी वह अधिवक्ता की जेब टटोलकर रोटी निकालने की कोशिश करता है तो कभी चुपचाप सामने बैठा रहता है। महेश यादव भी अपने इस अनोखे दोस्त के लिए रोज रोटी रखना नहीं भूलते। रोटी मिलते ही बंदर उसे लेकर वहां से चला जाता है। यह सिलसिला करीब पांच वर्षों से चल रहा है जिस दिन वह किसी कारणवश कचहरी नहीं पहुंचते बंदर उनके चेंबर के आसपास मंडराता दिखाई देता है। अगले दिन अधिवक्ता के पहुंचते ही वह फिर उनके पास पहुंच जाता है महेश यादव भी बंदर के सिर पर प्यार से हाथ फेरते हैं और उसे रोटी खिलाते हैं। कचहरी में दोनों की यह अनोखी दोस्ती लोगों के लिए कौतूहल, अपनापन और मुस्कान का कारण बनी हुई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को भी लोग खूब पसंद कर रहे हैं।1