रमा एकादशी पर श्रद्धा और भक्ति का विशेष महत्व, भगवान विष्णु की आराधना से मिलता है सुख-समृद्धि का आशीर्वाद रमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाई। रमा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह पावन एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रमा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह पावन एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रमा एकादशी के दिन भक्तजन प्रातःकाल स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, दीप प्रज्वलन, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और दान-पुण्य जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सच्चाई, सदाचार, संयम, सेवा और परोपकार का विशेष महत्व है। हमें इस पावन अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और मानवता का संदेश फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी से प्रार्थना है कि सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। समस्त देशवासियों एवं श्रद्धालु भक्तजनों को रमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाई।
रमा एकादशी पर श्रद्धा और भक्ति का विशेष महत्व, भगवान विष्णु की आराधना से मिलता है सुख-समृद्धि का आशीर्वाद रमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाई। रमा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह पावन एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रमा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह पावन एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रमा एकादशी के दिन भक्तजन प्रातःकाल स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, दीप प्रज्वलन, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और दान-पुण्य जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सच्चाई, सदाचार, संयम, सेवा और परोपकार का विशेष महत्व है। हमें इस पावन अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और मानवता का संदेश फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी से प्रार्थना है कि सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। समस्त देशवासियों एवं श्रद्धालु भक्तजनों को रमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाई।
- 🏏🎂 भारतीय क्रिकेट के महानायक विराट कोहली जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई! 🎂🏏 भारतीय क्रिकेट जगत के चमकते सितारे, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत एवं विश्व क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाने वाले विराट कोहली जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। विराट कोहली जी ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और शानदार प्रदर्शन से भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनका संघर्ष, आत्मविश्वास और खेल के प्रति समर्पण हर युवा के लिए प्रेरणादायक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि आप सदैव स्वस्थ, खुशहाल एवं दीर्घायु रहें और इसी तरह अपने शानदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन करते रहें। जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं! 🏏🇮🇳 जय हिंद! जय भारत! 🇮🇳🏏 शुभकामनाओं सहित – मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गनाइजेशन1
- सड़क किनारे खड़ी मूंझ में अराजक तत्वों ने लगाई आग, खेतों तक पहुंच सकती थी लपटें, करीब एक घंटे तक जलती रही आग, धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका से ग्रामीणों में मची अफरा-तफरी, बड़ा हादसा टला जसवंतनगर। जसवंतनगर से ग्राम बलरई जाने वाले मार्ग पर स्थित ग्राम बहोरीपुर के पास गुरुवार को अराजक तत्वों ने सड़क किनारे खड़ी मूंझ में आग लगा दी। आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। मूंझ में लगी आग से ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और आसपास के इलाके में धुआं फैल गया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि सड़क किनारे काफी मात्रा में मूंझ खड़ी थी। गुरुवार को किसी अराजक तत्व ने उसमें आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि लपटें काफी ऊंचाई तक उठने लगीं। आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और ग्रामीण आग देखकर मौके की ओर दौड़े, लेकिन आग की तेज लपटों के कारण लोग उसके नजदीक जाने से भी डरते रहे। करीब एक घंटे तक मूंझ जलती रही। इस दौरान सड़क से गुजरने वालों को काफी मुसीबत का सामना करना पड़ा। लेकिन इसके बाद आग की लपटें धीरे-धीरे कम हुईं तो ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते आग की लपटें शांत नहीं होतीं तो आसपास के खेतों में खड़ी धान की फसल इसकी चपेट में आ सकती थी। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता था। गनीमत रही कि आग खेतों तक नहीं पहुंची और धान की फसल सुरक्षित बच गई। ग्रामीणों ने सड़क किनारे खड़ी मूंझ में आग लगाए जाने की घटना पर नाराजगी जताते हुए ऐसे अराजक तत्वों की पहचान कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है। घटना में किसी के हताहत होने या फसल को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं है।1
- *इटावा में दीपावली व्यापारिक मेले का शुभारंभ विधायिका श्रीमती सरिता भदौरिया ने की स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की अपील* *समूह की महिलाओं द्वारा तैयार हस्त निर्मित उत्पादों की लगीं दुकानें विधायिका ने किया निरीक्षण* ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गुरुवार को राजकीय इंटर कॉलेज, इटावा में दीपावली व्यापारिक मेले का शुभारंभ भाजपा की सदर विधायिका श्रीमती सरिता भदौरिया ने फीता काटकर किया। मेले में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्त निर्मित उत्पादों की विभिन्न दुकानें लगाई गई हैं। उद्घाटन के बाद सदर विधायिका श्रीमती सरिता भदौरिया ने मेले में लगी दुकानों का निरीक्षण किया और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प एवं स्वदेशी उत्पादों को देखा। उन्होंने महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मेले ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सदर विधायिका ने नगरवासियों से अपील की कि दीपावली के अवसर पर स्वदेशी एवं हस्तशिल्प उत्पादों की खरीदारी कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करें। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष आलोक दीक्षित सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे। रजत यादव पत्रकार जन नीति 24 इटावा मो.74171970641
- इटावा -शहर कोतवाली के बाहर बनी नेकी की दीवार पर दीपावली पर्व के चलते पुराने कपड़ों का भारी ढेर इकठ्ठा होने के चलते स्थानीय निवासियों का असुविधा का सामना करना पड़ रहा था, इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता के निर्देश पर नगरपालिका कर्मचारियों ने वहां से कपड़ों को हटवाने का काम किया, यहां रोज टकों पुराने कपड़े आ रहे हैं इटावा -शहर कोतवाली के बाहर बनी नेकी की दीवार पर दीपावली पर्व के चलते पुराने कपड़ों का भारी ढेर इकठ्ठा होने के चलते स्थानीय निवासियों का असुविधा का सामना करना पड़ रहा था, इसके चलते नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति गुप्ता के निर्देश पर नगरपालिका कर्मचारियों ने वहां से कपड़ों को हटवाने का काम किया, यहां रोज टकों पुराने कपड़े आ रहे हैं1
- कानपुर में ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 घायल कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के दहेली उजागर गांव में गोलीबारी से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार फायरिंग में तीन लोग घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक सभी खतरे से बाहर हैं। पीडित पक्ष का आरोप है कि मामला जमीन पर कब्जे के विरोध से जुड़ा है। पुलिस ने एक आरोपी को लाइसेंसी बंदूक के साथ गिरफ्तार करने की बात कही है। मामले की जांच जारी है। गांव-देहात में बढते जमीनी विवाद और फायरिंग पर आपकी क्या राय है? कमेंट में बताएं।1
- सभी लोग पहुंचो you tube पर - search करो Lion Prabhat Tripathi Karan1
- *इटावा-एडवांस्ड लीडरशिप कैंप का हुआ सफल समापन, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को मेडल पहनाकर किया सम्मानित*1
- रमा एकादशी पर श्रद्धा और भक्ति का विशेष महत्व, भगवान विष्णु की आराधना से मिलता है सुख-समृद्धि का आशीर्वाद रमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाई। रमा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह पावन एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रमा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी व्रत माना जाता है। यह पावन एकादशी भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की आराधना को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत एवं पूजा करने से भक्तों को सुख, शांति, समृद्धि और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रमा एकादशी के दिन भक्तजन प्रातःकाल स्नान करके भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिरों में भजन-कीर्तन, दीप प्रज्वलन, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और दान-पुण्य जैसे धार्मिक आयोजन किए जाते हैं। यह पर्व हमें सिखाता है कि जीवन में सच्चाई, सदाचार, संयम, सेवा और परोपकार का विशेष महत्व है। हमें इस पावन अवसर पर जरूरतमंदों की सहायता करने तथा समाज में प्रेम, भाईचारा और मानवता का संदेश फैलाने का संकल्प लेना चाहिए। भगवान श्रीहरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी से प्रार्थना है कि सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनी रहे। समस्त देशवासियों एवं श्रद्धालु भक्तजनों को रमा एकादशी की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं मंगलमय बधाई।1