Shuru
Apke Nagar Ki App…
बागेश्वर जनपद के जंगलों में लगी भीषण आग से कौसानी और बैजनाथ जैसे पर्यटन स्थलों की सुंदरता तबाह हो गई है। हिमालय के साफ नज़ारे धुएँ में छिपने से पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायी भी चिंतित हैं। यह असामान्य गर्मी का नतीजा है, जिस पर प्रशासन काबू पाने की कोशिश कर रहा है।
Jc pandey
बागेश्वर जनपद के जंगलों में लगी भीषण आग से कौसानी और बैजनाथ जैसे पर्यटन स्थलों की सुंदरता तबाह हो गई है। हिमालय के साफ नज़ारे धुएँ में छिपने से पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायी भी चिंतित हैं। यह असामान्य गर्मी का नतीजा है, जिस पर प्रशासन काबू पाने की कोशिश कर रहा है।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- बागेश्वर जनपद के जंगलों में लगी भीषण आग से कौसानी और बैजनाथ जैसे पर्यटन स्थलों की सुंदरता तबाह हो गई है। हिमालय के साफ नज़ारे धुएँ में छिपने से पर्यटक निराश होकर लौट रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यवसायी भी चिंतित हैं। यह असामान्य गर्मी का नतीजा है, जिस पर प्रशासन काबू पाने की कोशिश कर रहा है।1
- केंद्र सरकार ने 10 साल पुराने आधार कार्ड को अपडेट करने की सलाह दी है। ऐसा न करने पर भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। UIDAI ने नागरिकों से जल्द से जल्द दस्तावेज़ अपडेट करने का आग्रह किया है।1
- अल्मोड़ा जिले में 'धोनी का मेला' आयोजित होने की खबर स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इस अनूठे मेले के आयोजन स्थल और समय को लेकर लोगों में खास दिलचस्पी देखी जा रही है।1
- उत्तराखंड पुलिस ने अल्मोड़ा में 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत बड़ी कार्रवाई की है। देघाट पुलिस ने लग्जरी फॉर्च्यूनर कार से 54 किलो से अधिक गांजे के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। बरामद गांजे की कीमत करीब 13.61 लाख रुपये है, और आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।1
- बिहार के शाहपुर पटोरी स्टेशन पर स्टेशन मास्टर की लापरवाही से बड़ा रेल हादसा होने वाला था। तभी एक मां ने अपनी जान जोखिम में डालकर दो बच्चों समेत तीन लोगों को मौत के मुँह से सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी ने संसद में उत्तराखंड राज्य आंदोलन का दर्द बयां किया था। उन्होंने केंद्र सरकार से भावुक होकर पूछा था कि राज्य के लिए आखिर कितनी गोलियां खानी पड़ेंगी। यह भाषण आज भी उत्तराखंड के आंदोलन की सबसे आक्रोश भरी आवाजों में गिना जाता है।1
- उत्तराखंड के भवाली में यौन शोषण के गंभीर आरोपी रसूखदार व्यापारी नेता नरेश पांडे को नैनीताल पुलिस ने टॉयलेट से घसीटकर हिरासत में लिया। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है; उसके चार बंदूकधारी बाउंसर भी पुलिस की गिरफ्त में आए।1
- गरुड़ में आयोजित थाना दिवस के दौरान स्थानीय लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और जनसरोकारों को पुलिस के सामने रखा। इसके जवाब में पुलिस ने जनता की सुरक्षा और विश्वास को अपनी पहली प्राथमिकता बताया। इस पहल से पुलिस और जनता के बीच संबंधों में मजबूती आने की उम्मीद है।1