कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण राधा विहार कॉलोनीवासियों ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अपर कलेक्टर, कलेक्टर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित प्रशासन को सौंपे दर्जनों हस्ताक्षरयुक्त आवेदन। सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, बिना डायवर्सन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण, 6 फीट छज्जा निकालने तथा विरोध करने पर अभद्रता और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप। प्रारंभिक राजस्व जांच के बाद पटवारी ने मौके पर पंचनामा तैयार किया, अब तहसीलदार की कार्रवाई पर टिकी हैं सबकी निगाहें। बलौदाबाजार। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि, सार्वजनिक सड़क और नालियों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में है। लवन रोड स्थित राधा विहार कॉलोनी के दर्जनों रहवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर एक निर्माणाधीन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर तत्काल रोक लगाने, सीमांकन कराने तथा वैधानिक जांच की मांग की है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों के बढ़ते हौसलों का बड़ा उदाहरण बन सकता है। कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन में दलजीत सिंह चावला, कुलदीप सिंह चावला, मेला राम गंभीर, अंशु गंभीर एवं विकास गंभीर पर सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कराने, बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों एवं भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) की प्रक्रिया पूर्ण किए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराने तथा विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी। सार्वजनिक सड़क पर 6 फीट छज्जा निकालने की तैयारी, कॉलोनीवासियों में आक्रोश शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स से सार्वजनिक मार्ग की ओर लगभग 6 फीट का कैंटिलीवर (छज्जा) निकाला जा रहा है। इसके लिए निर्माण का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है। यदि यह निर्माण पूरा हो जाता है तो मुख्य मार्ग की चौड़ाई प्रभावित होगी, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि दुकानों के शटर मुख्य सड़क की ओर खुलेंगे और सड़क पर ही वाहनों की पार्किंग होगी तो राधा विहार कॉलोनी का प्रवेश मार्ग स्थायी रूप से जाम की स्थिति में पहुंच जाएगा। सार्वजनिक नाली तोड़ने का भी आरोप शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान कॉलोनी की सार्वजनिक नाली को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने और पूरी कॉलोनी में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। विरोध करने पर अभद्रता और धमकी का आरोप आवेदन के अनुसार 29 जुलाई 2026 को जब कॉलोनीवासियों ने निर्माणकर्ताओं से सार्वजनिक सड़क की ओर छज्जा नहीं निकालने तथा दुकान का शटर मुख्य सड़क की ओर नहीं रखने का अनुरोध किया, तब कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा धमकी दी गई। रहवासियों का कहना है कि इस घटना के बाद कॉलोनी में भय और तनाव का वातावरण है। प्रशासन हरकत में, राजस्व अमले ने किया निरीक्षण, पटवारी ने बनाया पंचनामा शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम, जिसमें पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल थे, निर्माण स्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पटवारी ने पंचनामा तैयार कर आवश्यक तथ्य दर्ज किए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि प्रारंभिक जांच के दौरान निर्माण स्थल पर अनधिकृत निर्माण एवं शिकायत से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। अब पटवारी द्वारा विस्तृत जांच प्रतिवेदन तहसीलदार को प्रस्तुत किया जाना शेष है। समाचार लिखे जाने तक प्रतिवेदन प्रस्तुत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। संभावना है कि इसकी स्थिति शुक्रवार को स्पष्ट होगी। अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने दिए निर्देश, नोटिस जारी होने की तैयारी इस संबंध में अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी तथा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अब तहसीलदार के फैसले पर टिकी निगाहें पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद तहसीलदार कितनी शीघ्र कार्रवाई करते हैं। क्या निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन (स्टे) आदेश जारी होगा? क्या सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? इन सवालों के जवाब का इंतजार केवल राधा विहार कॉलोनी ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को है। प्रशासन से सात प्रमुख मांगें - निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन आदेश जारी किया जाए। - राजस्व एवं पंचायत विभाग की संयुक्त टीम से विस्तृत जांच कराई जाए। - सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि का सीमांकन कराया जाए। - अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। - सार्वजनिक मार्ग की ओर निकाले जा रहे 6 फीट छज्जे को रोका जाए। - भवन अनुज्ञा, डायवर्सन एवं अन्य सभी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच की जाए। - दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। जनहित का सवाल यह मामला केवल एक निर्माण विवाद नहीं, बल्कि सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि की सुरक्षा से जुड़ा जनहित का विषय है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो प्रशासन के लिए यह कानून के समान अनुपालन की परीक्षा होगी। प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध भी यदि निष्पक्ष कार्रवाई होती है तो आम नागरिकों का कानून पर विश्वास मजबूत होगा, अन्यथा यह संदेश जाएगा कि प्रभाव और पहुंच के आगे कानून कमजोर पड़ जाता है। (अस्वीकरण) यह समाचार राधा विहार कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को दिए गए हस्ताक्षरयुक्त लिखित आवेदनों, राजस्व विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक निरीक्षण तथा संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं आदेश के अधीन है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण राधा विहार कॉलोनीवासियों ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अपर कलेक्टर, कलेक्टर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित प्रशासन को सौंपे दर्जनों हस्ताक्षरयुक्त आवेदन। सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, बिना डायवर्सन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण, 6 फीट छज्जा निकालने तथा विरोध करने पर अभद्रता और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप। प्रारंभिक राजस्व जांच के बाद पटवारी ने मौके पर पंचनामा तैयार किया, अब तहसीलदार की कार्रवाई पर टिकी हैं सबकी निगाहें। बलौदाबाजार। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि, सार्वजनिक सड़क और नालियों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में है। लवन रोड स्थित राधा विहार कॉलोनी के दर्जनों रहवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर एक निर्माणाधीन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर तत्काल रोक लगाने, सीमांकन कराने तथा वैधानिक जांच की मांग की है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों के बढ़ते हौसलों का बड़ा उदाहरण बन सकता है। कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन में दलजीत सिंह चावला, कुलदीप सिंह चावला, मेला राम गंभीर,
अंशु गंभीर एवं विकास गंभीर पर सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कराने, बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों एवं भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) की प्रक्रिया पूर्ण किए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराने तथा विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी। सार्वजनिक सड़क पर 6 फीट छज्जा निकालने की तैयारी, कॉलोनीवासियों में आक्रोश शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स से सार्वजनिक मार्ग की ओर लगभग 6 फीट का कैंटिलीवर (छज्जा) निकाला जा रहा है। इसके लिए निर्माण का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है। यदि यह निर्माण पूरा हो जाता है तो मुख्य मार्ग की चौड़ाई प्रभावित होगी, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि दुकानों के शटर मुख्य सड़क की ओर खुलेंगे और सड़क पर ही वाहनों की पार्किंग होगी तो राधा विहार कॉलोनी का प्रवेश मार्ग स्थायी रूप से जाम की स्थिति में पहुंच जाएगा। सार्वजनिक नाली तोड़ने का भी आरोप शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान कॉलोनी की सार्वजनिक नाली को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने और पूरी कॉलोनी में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। विरोध करने पर अभद्रता और धमकी का आरोप आवेदन के अनुसार 29 जुलाई 2026 को जब कॉलोनीवासियों ने निर्माणकर्ताओं से सार्वजनिक सड़क की ओर छज्जा नहीं निकालने तथा दुकान का शटर मुख्य
सड़क की ओर नहीं रखने का अनुरोध किया, तब कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा धमकी दी गई। रहवासियों का कहना है कि इस घटना के बाद कॉलोनी में भय और तनाव का वातावरण है। प्रशासन हरकत में, राजस्व अमले ने किया निरीक्षण, पटवारी ने बनाया पंचनामा शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम, जिसमें पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल थे, निर्माण स्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पटवारी ने पंचनामा तैयार कर आवश्यक तथ्य दर्ज किए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि प्रारंभिक जांच के दौरान निर्माण स्थल पर अनधिकृत निर्माण एवं शिकायत से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। अब पटवारी द्वारा विस्तृत जांच प्रतिवेदन तहसीलदार को प्रस्तुत किया जाना शेष है। समाचार लिखे जाने तक प्रतिवेदन प्रस्तुत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। संभावना है कि इसकी स्थिति शुक्रवार को स्पष्ट होगी। अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने दिए निर्देश, नोटिस जारी होने की तैयारी इस संबंध में अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी तथा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अब तहसीलदार के फैसले पर टिकी निगाहें पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद तहसीलदार कितनी शीघ्र कार्रवाई करते हैं। क्या निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन (स्टे) आदेश जारी होगा? क्या सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने
की कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? इन सवालों के जवाब का इंतजार केवल राधा विहार कॉलोनी ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को है। प्रशासन से सात प्रमुख मांगें - निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन आदेश जारी किया जाए। - राजस्व एवं पंचायत विभाग की संयुक्त टीम से विस्तृत जांच कराई जाए। - सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि का सीमांकन कराया जाए। - अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। - सार्वजनिक मार्ग की ओर निकाले जा रहे 6 फीट छज्जे को रोका जाए। - भवन अनुज्ञा, डायवर्सन एवं अन्य सभी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच की जाए। - दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। जनहित का सवाल यह मामला केवल एक निर्माण विवाद नहीं, बल्कि सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि की सुरक्षा से जुड़ा जनहित का विषय है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो प्रशासन के लिए यह कानून के समान अनुपालन की परीक्षा होगी। प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध भी यदि निष्पक्ष कार्रवाई होती है तो आम नागरिकों का कानून पर विश्वास मजबूत होगा, अन्यथा यह संदेश जाएगा कि प्रभाव और पहुंच के आगे कानून कमजोर पड़ जाता है। (अस्वीकरण) यह समाचार राधा विहार कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को दिए गए हस्ताक्षरयुक्त लिखित आवेदनों, राजस्व विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक निरीक्षण तथा संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं आदेश के अधीन है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- बिल्हा विधानसभा के ग्राम चंद्रगढ़ी में BEML संयंत्र के लिए भूमि आवंटन पर मुख्यमं बिल्हा विधानसभा के ग्राम चंद्रगढ़ी में BEML संयंत्र के लिए भूमि आवंटन पर मुख्यमंत्री एवं मंत्रिपरिषद का विधायक धरमलाल कौशिक ने जताया आभार गुरुवार की रात 9 बजे बिल्हा विधायक धरम लाल कौशिक जी के निज सचिव से मिली जानकारी अनुसार पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं बिल्हा विधायक ने बुधवार को हुए कैबिनेट कि बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मंत्रिपरिषद के दूरदर्शी एवं ऐतिहासिक निर्णय के कारण मुंगेली जिले अंतर्गत बिल्हा विधानसभा के ग्राम चंद्रगढ़ी, तहसील पथरिया में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के हेवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना हेतु 79.70 एकड़ शासकीय भूमि के आवंटन को मंजूरी प्राप्त करने पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। प्रत्यक्ष रोजगार के साथ-साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग, इंजीनियरिंग इकाइयाँ, मशीन पार्ट्स निर्माण, परिवहन, लॉजिस्टिक्स एवं अन्य सहायक उद्योगों को नई गति मिलेगी। इससे स्थानीय उद्यमियों को विस्तार का अवसर मिलेगा और नए स्टार्टअप को प्रोत्साहन प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर –रायपुर राष्ट्रीय राजमार्ग से लगभग 30 किलोमीटर की रणनीतिक दूरी पर स्थित होने के कारण यह परियोजना उत्कृष्ट कनेक्टिविटी का लाभ लेगी। कच्चे माल की आवाजाही, तैयार उत्पादों का परिवहन और राष्ट्रीय बाजारों से जुड़ाव अत्यंत सुलभ होगा, जिससे व्यापार एवं औद्योगिक गतिविधियों को बल मिलेगा। इस संयंत्र की स्थापना से स्थानीय युवाओं को कौशल विकास एवं तकनीकी प्रशिक्षण के सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे ।आईटीआई, पॉलिटेक्निक और अन्य संस्थानों के साथ समन्वय कर युवाओं को मशीन संचालन, वेल्डिंग, ऑटोमेशन एवं मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे इस उद्योग में सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें।उन्होंने कहा कि मुंगेली जिले सहित संपूर्ण क्षेत्र आर्थिक एवं औद्योगिक विकास के नए आयाम स्थापित करेगा। यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय समृद्धि बढ़ाएगी, बल्कि छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक सशक्त पहचान भी दिलाएगी।1
- बिलासपुर मे टैफिक सिग्नल सुबह 6 से रात 12 बजे तक, अगर ट्रैफिक नियम तोड़े तो कटेगी दुगनी चालान #bilasurbreakingnews #bilaspurnews #trafficrules #bilasurchhattisgarh बिलासपुर मे टैफिक सिग्नल सुबह 6 से रात 12 बजे तक, अगर ट्रैफिक नियम तोड़े तो कटेगी दुगनी चालान #bilasurbreakingnews #bilaspurnews #trafficrules #bilasurchhattisgarh1
- पोती को डर दिखाकर दादा की जीवन भर कमाई पर ऐश! महिला समेत 9 आरोपी गिरफ्तार बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग को डराकर उससे ₹14 लाख नगद और लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर हड़पने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब कुल नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।1
- जांजगीर चांपा; कोतवाली पुलिस का महा-अभियान: बाहरी मजदूरों और संदिग्धों की सघन चेकिंग, 130 बाहरी लोग सीधे कंट्रोल रूम तलब, फिंगरप्रिंट जप्त!1
- पहली ही बारिश में ढहने लगे विकास के दावे, अब पुल टूटा तो निर्माण व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल बिलासपुर। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। प्रदेश में कहीं नई सड़कें उखड़ रही हैं तो कहीं पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। अब बिलासपुर जिले के रतनपुर–पेंड्रा मार्ग स्थित बासाझाल गांव का पुल टूटने से आवागमन बाधित हो गया है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 510 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पहली ही बारिश में जगह-जगह उखड़ गया और उसमें लंबी दरारें दिखाई दीं। कटघोरा के अटल परिसर के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आईं, जबकि गरियाबंद में निर्माणाधीन पुल बारिश के दौरान ढह गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में भी पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित हुआ। इसी कड़ी में अब बासाझाल गांव का पुल टूटने की घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों की मजबूती पर सवालों को और गहरा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जनहानि टल गई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि पुल काफी पुराना था और अधिक भार के कारण उसका हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। फिलहाल वैकल्पिक मार्ग से यातायात संचालित किया जा रहा है तथा एप्रोच रोड का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मिल रही सभी शिकायतों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य पहली ही बारिश की मार क्यों नहीं झेल पा रहे हैं। अब लोगों की निगाहें जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और आम जनता को सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क-पुल कब तक मिलेंगे। सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक4