पहली ही बारिश में ढहने लगे विकास के दावे, अब पुल टूटा तो निर्माण व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल बिलासपुर। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। प्रदेश में कहीं नई सड़कें उखड़ रही हैं तो कहीं पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। अब बिलासपुर जिले के रतनपुर–पेंड्रा मार्ग स्थित बासाझाल गांव का पुल टूटने से आवागमन बाधित हो गया है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 510 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पहली ही बारिश में जगह-जगह उखड़ गया और उसमें लंबी दरारें दिखाई दीं। कटघोरा के अटल परिसर के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आईं, जबकि गरियाबंद में निर्माणाधीन पुल बारिश के दौरान ढह गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में भी पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित हुआ। इसी कड़ी में अब बासाझाल गांव का पुल टूटने की घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों की मजबूती पर सवालों को और गहरा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जनहानि टल गई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि पुल काफी पुराना था और अधिक भार के कारण उसका हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। फिलहाल वैकल्पिक मार्ग से यातायात संचालित किया जा रहा है तथा एप्रोच रोड का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मिल रही सभी शिकायतों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य पहली ही बारिश की मार क्यों नहीं झेल पा रहे हैं। अब लोगों की निगाहें जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और आम जनता को सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क-पुल कब तक मिलेंगे। सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
पहली ही बारिश में ढहने लगे विकास के दावे, अब पुल टूटा तो निर्माण व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल बिलासपुर। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। प्रदेश में कहीं नई सड़कें उखड़ रही हैं तो कहीं पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। अब बिलासपुर जिले के रतनपुर–पेंड्रा मार्ग स्थित बासाझाल गांव का पुल टूटने से आवागमन बाधित हो गया है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने
लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 510 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पहली ही बारिश में जगह-जगह उखड़ गया और उसमें लंबी दरारें दिखाई दीं। कटघोरा के अटल परिसर के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आईं, जबकि गरियाबंद में निर्माणाधीन पुल बारिश के दौरान ढह गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में भी पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित हुआ। इसी कड़ी में अब बासाझाल गांव का पुल टूटने की घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों की मजबूती पर सवालों को और गहरा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल की जर्जर
स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जनहानि टल गई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि पुल काफी पुराना था और अधिक भार के कारण उसका हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। फिलहाल वैकल्पिक मार्ग से यातायात संचालित किया जा रहा है तथा एप्रोच रोड का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क और अन्य
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मिल रही सभी शिकायतों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य पहली ही बारिश की मार क्यों नहीं झेल पा रहे हैं। अब लोगों की निगाहें जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और आम जनता को सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क-पुल कब तक मिलेंगे। सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक
- पटवारी नवीन का नया कारनामा! लगे गंभीर आरोप ,आरोपों के बीच नए खुलासों की आहट! सेंदरी के तत्कालीन पटवारी नवीन त्रिपाठी के ऊपर काफी गंभीर आरोप लगे जिसमें दो भागीदारी की जमीन को एक ही व्यक्ति के नाम पर चढ़ाने के लिए सेंदरी के तत्कालीन पटवारी ने सारे-नियम कायदे ताक पर रख दिए, जिस व्यक्ति को मृतक बताकर रिकार्ड से नाम विलोपित करवाया जा रहा था, उसका मृत्यु प्रमाणपत्र नगर निगम के द्वारा 19 अक्टूबर को जारी किया गया है, जबकि पटवारी ने तीन दिन पहले 16 अक्टूबर को एडवांस तहसीलदार को फौती नामांतरण के लिए अपना जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया। पटवारी हल्का नंबर 46 सेंदरी में वर्ष 2023 में पदस्थ पटवारी नवीन त्रिपाठी द्वारा एक जमीन के गलत तरीके से फौती नामांतरण करने व बाद में उक्त भूमि को अपने रिश्तेदार के नाम पर खरीद लेने का मामला सामने आ रहा है।1
- बिलासपुर के कोटा में बढ़ते मलेरिया मामलों पर विधायक अटल श्रीवास्तव की बड़ी मांग, स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में मलेरिया के बढ़ते मामलों को लेकर विधायक अटल श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर विशेष स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग की है। अब तक 33 मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। उन्होंने प्रभावित गांवों में 5 हजार मच्छरदानियां वितरित करने, बेलगहना या केंदा में 108 एंबुलेंस उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य शिविर लगाने तथा पर्याप्त दवाइयां और जांच किट उपलब्ध कराने की मांग की।1
- बिल्हा थाना मे लव मैरिज के बाद प्रताड़ना का मामला आया सामने महिला ने ससुराल पक्छ बिल्हा थाना मे लव मैरिज के बाद प्रताड़ना का मामला आया सामने महिला ने ससुराल पक्छ के कुछ लोगो के खिलाफ थाने मे की रिपोर्ट गुरुवार की रात 8:00 बजे मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थीया - श्रीमती रिता मेश्राम पति शैलेन्द्र मेश्राम उम्र 38 साल साकिन वार्ड क्रमांक 01 मौहा चौक बिल्हा थाना बिल्हा जिला बिलासपुर ने गुरुवार की दोपहर 14/35 बजे थाना उपस्थित आ कर रिपोर्ट दर्ज कराई की विववरण - मै वार्ड क्रमांक 01 मौहा चौक बिल्हा की रहने वाली हूं। गृहणी हू। वर्ष 2016 में मेरे पति के साथ लभ मैरिज शादी हुई है एक 09 वर्ष की बच्ची है मेरे बूढा ससुर के दो पत्नि थी पहले दादी के तीन पुत्र थे बडे पुत्र चंद्रसेन मेश्राम का लडका शैलेन्द्र मेश्राम मेरा पति है मझला लडका कमल छोटा राज कुमार है दुसरी सौतेली दादी के दो पुत्र सुनील मेश्राम, अनिल मेश्राम है जब से मैं शादी होकर बिल्हा आई हूं तब से अनिल मेश्राम व उसकी पत्नी शारदा मेश्राम व कमल मेश्राम की पत्नी लक्ष्मी मेश्राम तीनो मिलकर एक राय होकर हम दोनो के शादी को पंसद नही करते है भिखारी घर से आ गये हो और अपने मायके से क्या लाई हो भिखारी टाईप का यहां आ गई हो भागो यहां से बोल कर अनिल मेश्राम मेरे साथ अभद्र व्यवहार करता है वह कभी भी मेरे आते को जाते देख कर मां बहन की अश्लील गाली गालौज करता है शारदा एवं लक्ष्मी मेश्राम भी यहा से भग जाओ नही तो चप्पल से मार देगें बोलते है मै जहां भी जाती हूं मेरे ऊपर नजर रखे रहते है मना करने पर तुम्हारे पुरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते है हमारे खिलाफ थाना मे भी भी जाओगे तुम लोगो कोई सूनवाई नही होगा बोलते है मेरी ननंद उरगा कोरबा से जब भी तीज त्यौहार मे यहां आती है तो उसके साथ भी अभद्र व्यवहार करते है घटना को मेरा पति शैलेन्द्र मेश्राम मेरा ननंद सलजा रगंगारी एवं आसपास के लोग जानते है उनके उक्त ब्यवहार से मै मासिक रूप से प्रताडित हूं रिपोर्ट करती हूं कार्यवाही किया जावें प्रर्थीया की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने अपराध नाम आरोपी 01. अनिल मेश्राम पिता हेमचंद मेश्राम, 02. शारदा मेश्राम पति अनिल मेश्राम 03. श्रीमती लक्ष्मी मेश्राम पति कमल मेश्राम, साकिन वार्ड क्रमांक 01 मौहा चौक बिल्हा थाना बिल्हा जिला बिलासपुर छ.ग. ।1
- नई सायकल, टूटी घंटी, उतरी चेन..सड़क किनारे छोड़ने को मजबूर हुईं छात्राएं!" सरस्वती सायकल योजना "छत्तीसगढ़ के रायपुर में चलाकर ले जाना था, पर घसीटकर ले जाने की नौबत आ गई! 🚲❌ > सरस्वती सायकल योजना के तहत बांटी गई ₹4,050 की सायकलों का हाल देखिए—किसी की घंटी टूटी, किसी का पहिया पंक्चर, तो किसी की चेन पहली ही सवारी में उतर गई। नई सायकल मिलने की खुशी पल भर में मायूसी में बदल गई और छात्राएं सड़क पर सायकल घसीटने को मजबूर हो गईं। क्या सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता का कोई हिसाब नहीं? आपकी क्या राय है, कमेंट्स में बताएं!👇" #RaipurNews #ChhattisgarhNews #SaraswatiCycleYojana #GovtExposed #BreakingNews नई सायकल, टूटी घंटी, उतरी चेन..सड़क किनारे छोड़ने को मजबूर हुईं छात्राएं!" सरस्वती सायकल योजना "छत्तीसगढ़ के रायपुर में चलाकर ले जाना था, पर घसीटकर ले जाने की नौबत आ गई! 🚲❌ > सरस्वती सायकल योजना के तहत बांटी गई ₹4,050 की सायकलों का हाल देखिए—किसी की घंटी टूटी, किसी का पहिया पंक्चर, तो किसी की चेन पहली ही सवारी में उतर गई। नई सायकल मिलने की खुशी पल भर में मायूसी में बदल गई और छात्राएं सड़क पर सायकल घसीटने को मजबूर हो गईं। क्या सरकारी योजनाओं में गुणवत्ता का कोई हिसाब नहीं? आपकी क्या राय है, कमेंट्स में बताएं!👇" #RaipurNews #ChhattisgarhNews #SaraswatiCycleYojana #GovtExposed #BreakingNews1
- कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण कॉलोनी की सड़क, नाली और कानून पर 'कब्जे' का खेल! शहर के चर्चित भूमाफियाओं पर फूटा कॉलोनीवासियों का गुस्सा, बोले– अब भी नहीं जागा प्रशासन तो कल हर सड़क पर होगा अतिक्रमण राधा विहार कॉलोनीवासियों ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), अपर कलेक्टर, कलेक्टर, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव, पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित प्रशासन को सौंपे दर्जनों हस्ताक्षरयुक्त आवेदन। सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण, बिना डायवर्सन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स निर्माण, 6 फीट छज्जा निकालने तथा विरोध करने पर अभद्रता और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप। प्रारंभिक राजस्व जांच के बाद पटवारी ने मौके पर पंचनामा तैयार किया, अब तहसीलदार की कार्रवाई पर टिकी हैं सबकी निगाहें। बलौदाबाजार। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय भूमि, सार्वजनिक सड़क और नालियों पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था सवालों के घेरे में है। लवन रोड स्थित राधा विहार कॉलोनी के दर्जनों रहवासियों ने हस्ताक्षरयुक्त आवेदन देकर एक निर्माणाधीन व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स पर तत्काल रोक लगाने, सीमांकन कराने तथा वैधानिक जांच की मांग की है। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल एक अवैध निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और प्रभावशाली अतिक्रमणकारियों के बढ़ते हौसलों का बड़ा उदाहरण बन सकता है। कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए आवेदन में दलजीत सिंह चावला, कुलदीप सिंह चावला, मेला राम गंभीर, अंशु गंभीर एवं विकास गंभीर पर सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कराने, बिना आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों एवं भूमि उपयोग परिवर्तन (डायवर्सन) की प्रक्रिया पूर्ण किए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराने तथा विरोध करने पर अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की अंतिम पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही होगी। सार्वजनिक सड़क पर 6 फीट छज्जा निकालने की तैयारी, कॉलोनीवासियों में आक्रोश शिकायत में आरोप लगाया गया है कि निर्माणाधीन कॉम्प्लेक्स से सार्वजनिक मार्ग की ओर लगभग 6 फीट का कैंटिलीवर (छज्जा) निकाला जा रहा है। इसके लिए निर्माण का ढांचा भी तैयार कर लिया गया है। यदि यह निर्माण पूरा हो जाता है तो मुख्य मार्ग की चौड़ाई प्रभावित होगी, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के संचालन में भी गंभीर कठिनाइयाँ उत्पन्न हो सकती हैं। रहवासियों का कहना है कि यदि दुकानों के शटर मुख्य सड़क की ओर खुलेंगे और सड़क पर ही वाहनों की पार्किंग होगी तो राधा विहार कॉलोनी का प्रवेश मार्ग स्थायी रूप से जाम की स्थिति में पहुंच जाएगा। सार्वजनिक नाली तोड़ने का भी आरोप शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान कॉलोनी की सार्वजनिक नाली को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। इससे बरसात के दौरान जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने और पूरी कॉलोनी में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। विरोध करने पर अभद्रता और धमकी का आरोप आवेदन के अनुसार 29 जुलाई 2026 को जब कॉलोनीवासियों ने निर्माणकर्ताओं से सार्वजनिक सड़क की ओर छज्जा नहीं निकालने तथा दुकान का शटर मुख्य सड़क की ओर नहीं रखने का अनुरोध किया, तब कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा धमकी दी गई। रहवासियों का कहना है कि इस घटना के बाद कॉलोनी में भय और तनाव का वातावरण है। प्रशासन हरकत में, राजस्व अमले ने किया निरीक्षण, पटवारी ने बनाया पंचनामा शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम, जिसमें पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल थे, निर्माण स्थल पर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पटवारी ने पंचनामा तैयार कर आवश्यक तथ्य दर्ज किए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि प्रारंभिक जांच के दौरान निर्माण स्थल पर अनधिकृत निर्माण एवं शिकायत से जुड़े कई तथ्य सामने आए हैं। अब पटवारी द्वारा विस्तृत जांच प्रतिवेदन तहसीलदार को प्रस्तुत किया जाना शेष है। समाचार लिखे जाने तक प्रतिवेदन प्रस्तुत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। संभावना है कि इसकी स्थिति शुक्रवार को स्पष्ट होगी। अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने दिए निर्देश, नोटिस जारी होने की तैयारी इस संबंध में अतिरिक्त नायब तहसीलदार अक्षय तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्षों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी तथा जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अब तहसीलदार के फैसले पर टिकी निगाहें पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद तहसीलदार कितनी शीघ्र कार्रवाई करते हैं। क्या निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन (स्टे) आदेश जारी होगा? क्या सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? इन सवालों के जवाब का इंतजार केवल राधा विहार कॉलोनी ही नहीं, बल्कि पूरे शहर को है। प्रशासन से सात प्रमुख मांगें - निर्माण कार्य पर तत्काल स्थगन आदेश जारी किया जाए। - राजस्व एवं पंचायत विभाग की संयुक्त टीम से विस्तृत जांच कराई जाए। - सार्वजनिक सड़क, नाली एवं शासकीय भूमि का सीमांकन कराया जाए। - अतिक्रमण पाए जाने पर तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए। - सार्वजनिक मार्ग की ओर निकाले जा रहे 6 फीट छज्जे को रोका जाए। - भवन अनुज्ञा, डायवर्सन एवं अन्य सभी वैधानिक स्वीकृतियों की जांच की जाए। - दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। जनहित का सवाल यह मामला केवल एक निर्माण विवाद नहीं, बल्कि सार्वजनिक सड़क, नाली और शासकीय भूमि की सुरक्षा से जुड़ा जनहित का विषय है। यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं तो प्रशासन के लिए यह कानून के समान अनुपालन की परीक्षा होगी। प्रभावशाली व्यक्तियों के विरुद्ध भी यदि निष्पक्ष कार्रवाई होती है तो आम नागरिकों का कानून पर विश्वास मजबूत होगा, अन्यथा यह संदेश जाएगा कि प्रभाव और पहुंच के आगे कानून कमजोर पड़ जाता है। (अस्वीकरण) यह समाचार राधा विहार कॉलोनीवासियों द्वारा प्रशासन को दिए गए हस्ताक्षरयुक्त लिखित आवेदनों, राजस्व विभाग द्वारा किए गए प्रारंभिक निरीक्षण तथा संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी पर आधारित है। आरोपों की अंतिम पुष्टि सक्षम प्राधिकारी की जांच एवं आदेश के अधीन है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी समान प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।4
- कस्तूरबा छात्रावास में फूटा छात्राओं का आक्रोश, गंभीर शिकायतों के बाद सड़क पर उतरीं छात्राएं कोरबा(सुघर गांव) । पोंडी उपरोड़ा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में गुरुवार को छात्राओं के विरोध ने प्रशासनिक तंत्र को हिलाकर रख दिया। छात्रावास की व्यवस्थाओं और अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर नाराज छात्राओं ने कटघोरा–अंबिकापुर नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर अपनी आवाज बुलंद की। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन से हाईवे पर यातायात ठप रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ● आरोपों से गरमाया माहौल प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने अधीक्षिका पर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना, अनुचित व्यवहार और दबाव बनाकर रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि लंबे समय से शिकायतें किए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, जिससे उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। ● भोजन और सुविधाओं पर उठे सवाल छात्राओं ने छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता, दैनिक व्यवस्थाओं और अनुशासन के नाम पर किए जा रहे व्यवहार को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि कई बार शिकायतों के बावजूद सुधार नहीं होने से असंतोष लगातार बढ़ता गया। ● मौके पर पहुंचा प्रशासन, जांच के निर्देश चक्काजाम की सूचना मिलते ही तहसीलदार विनय देवांगन, नायब तहसीलदार सुमन मानिकपुरी, जिला शिक्षा अधिकारी टी.पी. उपाध्याय, बीईओ के.आर. दयाल, बांगों थाना प्रभारी दुर्गेश वर्मा सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्राओं की बातें सुनने के बाद निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। ● जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई दूसरी ओर अधीक्षिका शारदा नेताम ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से यह आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने आने के बाद ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।3
- पोती को डर दिखाकर दादा की जीवन भर कमाई पर ऐश! महिला समेत 9 आरोपी गिरफ्तार बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में नाबालिग को डराकर उससे ₹14 लाख नगद और लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर हड़पने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला समेत पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी। अब कुल नौ आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।1
- पहली ही बारिश में ढहने लगे विकास के दावे, अब पुल टूटा तो निर्माण व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल बिलासपुर। लगातार हो रही बारिश ने एक बार फिर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी है। प्रदेश में कहीं नई सड़कें उखड़ रही हैं तो कहीं पुल और पुलिया क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। अब बिलासपुर जिले के रतनपुर–पेंड्रा मार्ग स्थित बासाझाल गांव का पुल टूटने से आवागमन बाधित हो गया है, जिससे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 510 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पहली ही बारिश में जगह-जगह उखड़ गया और उसमें लंबी दरारें दिखाई दीं। कटघोरा के अटल परिसर के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें सामने आईं, जबकि गरियाबंद में निर्माणाधीन पुल बारिश के दौरान ढह गया। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में भी पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित हुआ। इसी कड़ी में अब बासाझाल गांव का पुल टूटने की घटना ने सरकारी निर्माण कार्यों की मजबूती पर सवालों को और गहरा कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पुल की जर्जर स्थिति को लेकर कई बार प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन समय रहते आवश्यक मरम्मत नहीं कराई गई। गनीमत रही कि घटना के समय कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और जनहानि टल गई। घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि पुल काफी पुराना था और अधिक भार के कारण उसका हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। फिलहाल वैकल्पिक मार्ग से यातायात संचालित किया जा रहा है तथा एप्रोच रोड का निर्माण युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर मिल रही सभी शिकायतों की जांच कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य पहली ही बारिश की मार क्यों नहीं झेल पा रहे हैं। अब लोगों की निगाहें जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर निर्माण में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर क्या कदम उठाए जाते हैं और आम जनता को सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क-पुल कब तक मिलेंगे। सीजी क्राइम रिपोर्टर, प्रधान संपादक4