गाडरवारा: सालोंचौका रोड वार्ड के रहवासियों का एसपी ऑफिस में फूटा गुस्सा, एक ही परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, दी चेतावनी नरसिंहपुर गाडरवारा के सालोंचौका रोड वार्ड क्रमांक 04 (गुड़ बाजार) के रहवासी इन दिनों एक परिवार की हरकतों से बुरी तरह त्रस्त हैं। करीब 20 से 25 परिवारों के महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्गों ने एकजुट होकर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर एक गंभीर शिकायती आवेदन सौंपा है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि पिछले लगभग 10 सालों से एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा लगातार आतंक मचाया जा रहा है, जिससे जीना मुहाल हो गया है। प्रमुख आरोप और प्रताड़ना की दास्तां शिकायती आवेदन में रहवासियों ने दीपशिखा शिवहरे, उनकी माता जी, भाई भरत शिवहरे और बहन भारती राय व उनकी पुत्री पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: अमर्यादित भाषा और अश्लील हरकतें: आरोपी परिवार के सदस्य घर के बाहर आकर मोहल्लेवासियों को अमर्यादित गालियां देते हैं, अश्लील इशारे करते हैं और जान से मारने की धमकियां देते हैं। फर्जी केस में फंसाने की धमकी: रहवासियों का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी झूठे केस में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देते हैं, साथ ही खुद के वकील होने का रौब झाड़ते हैं। पथराव और गंदगी फेंकना: घरों पर पत्थर फेंकना, बुजुर्गों और बच्चों पर कीचड़-गंदा पानी फेंकना इनकी रोज की आदत बन गई है। मानसिक प्रताड़ना और निजता का हनन: मोहल्लेवासियों का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग जानबूझकर आतंक का माहौल बनाते हैं। रात में दीवारों पर कान लगाकर बातें सुनना और फिर अगले दिन सुबह अभद्र व्यवहार करना आम बात हो गई है। स्थानीय पुलिस कार्रवाई पर सवाल: रहवासियों का कहना है कि 100 डायल करने पर पुलिस आती है, लेकिन सिर्फ देखकर चली जाती है। आरोपियों के डर के कारण स्थानीय स्तर पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे पिछले 2-3 महीनों से इनकाौसला और अधिक बढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग पीड़ित परिवारों ने एसपी साहब से गुहार लगाई है कि: उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए क्योंकि उन्हें आरोपियों से जान का खतरा है। गाडरवारा थाने को छोड़कर अन्य वरिष्ठ अधिकारी (जैसे SDOP या महिला प्रकोष्ठ) से इस मामले की गहन जांच कराकर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। मोहल्ले में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चे और बुजुर्ग भयमुक्त जीवन जी सकें। इस मामले की एक प्रतिलिपि अध्यक्ष महोदया, राज्य महिला आयोग, भोपाल (मध्य प्रदेश) को भी भेजी गई है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस आतंक से निजात नहीं मिली, तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
गाडरवारा: सालोंचौका रोड वार्ड के रहवासियों का एसपी ऑफिस में फूटा गुस्सा, एक ही परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, दी चेतावनी नरसिंहपुर गाडरवारा के सालोंचौका रोड वार्ड क्रमांक 04 (गुड़ बाजार) के रहवासी इन दिनों एक परिवार की हरकतों से बुरी तरह त्रस्त हैं। करीब 20 से 25 परिवारों के महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्गों ने एकजुट होकर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर एक गंभीर शिकायती आवेदन सौंपा है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि पिछले लगभग 10 सालों से एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा लगातार आतंक मचाया जा रहा है, जिससे जीना मुहाल हो गया है। प्रमुख आरोप और प्रताड़ना की दास्तां शिकायती आवेदन में रहवासियों ने दीपशिखा शिवहरे, उनकी माता जी, भाई भरत शिवहरे और बहन भारती राय व उनकी पुत्री पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: अमर्यादित भाषा और अश्लील हरकतें: आरोपी परिवार के सदस्य घर के बाहर आकर मोहल्लेवासियों को अमर्यादित गालियां देते हैं, अश्लील इशारे करते हैं और जान से मारने की धमकियां देते हैं। फर्जी केस में फंसाने की धमकी: रहवासियों का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी झूठे केस में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देते हैं, साथ ही खुद के वकील होने का रौब झाड़ते हैं। पथराव और गंदगी फेंकना: घरों पर पत्थर फेंकना, बुजुर्गों और बच्चों पर कीचड़-गंदा पानी फेंकना इनकी रोज की आदत बन गई है। मानसिक प्रताड़ना और निजता का हनन: मोहल्लेवासियों का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग जानबूझकर आतंक का माहौल बनाते हैं। रात में दीवारों पर कान लगाकर बातें सुनना और फिर अगले दिन सुबह अभद्र व्यवहार करना आम बात हो गई है। स्थानीय पुलिस कार्रवाई पर सवाल: रहवासियों का कहना है कि 100 डायल करने पर पुलिस आती है, लेकिन सिर्फ देखकर चली जाती है। आरोपियों के डर के कारण स्थानीय स्तर पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे पिछले 2-3 महीनों से इनकाौसला और अधिक बढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग पीड़ित परिवारों ने एसपी साहब से गुहार लगाई है कि: उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए क्योंकि उन्हें आरोपियों से जान का खतरा है। गाडरवारा थाने को छोड़कर अन्य वरिष्ठ अधिकारी (जैसे SDOP या महिला प्रकोष्ठ) से इस मामले की गहन जांच कराकर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। मोहल्ले में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चे और बुजुर्ग भयमुक्त जीवन जी सकें। इस मामले की एक प्रतिलिपि अध्यक्ष महोदया, राज्य महिला आयोग, भोपाल (मध्य प्रदेश) को भी भेजी गई है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस आतंक से निजात नहीं मिली, तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
- EXPRESS MP CG NEWS1
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- मनेन्द्रगढ़ - वोट बचाओं देश बचाओं अभियान के तहत पीसी1
- भगवान जगन्नाथ में मिला अद्भुत करिश्मा देखने को पानी गिरता रहा लेकिन जोत नहीं बुझी1
- happy karva chauth1
- हर एक मिनट कीमती है.. उद्देश्य. स्ट्रोक के लक्षण. समय पर इलाज करना. लोगों को जागरूक करना एवं स्ट्रोक के मरीज को तत्काल इलाज. देखभाल करना है.संदेश वर्ल्ड स्ट्रोक डे. थीम (Every minute Counts ) हर एक मिनट कीमती है.. उद्देश्य. स्ट्रोक के लक्षण. समय पर इलाज करना. लोगों को जागरूक करना एवं स्ट्रोक के मरीज को तत्काल इलाज. देखभाल करना है.संदेश. हर मिनट मायने रखता है.स्ट्रोक के लक्षण इस तरीके से पहचाना जा सकते हैं.B. E. F. A. S. T........B. (BALENCE. शरीर का बैलेंस नहीं बनाना चलने में समस्या होना. E. Eyes. आंखों में अचानक धुंधला दिखना. एवं एक या दोनों आंख के पलक नीचे हो जाना.. F. Face Droping चेहरा एक तरफ से निचे लटक जाना बोलने मे. असमान्य होना. ा. Arme weakness. एक अंग अचानक कमजोर हो जाना.S. Speech deficulty. बोलने में कठिनाई होना शब्द में लड़खड़ाहट होना. T. Time to call. एक मिनट के देरी किये बगैर तत्काल हॉस्पिटल जाना.. झाड़ फूंक में समय नहीं गंवाना चाहिए. बचाव. के उपाय. Bp. शुगर कण्ट्रोल. रखना. लिपिड. प्रोफाइल. कोलेस्ट्राल. को सामान्य रखना. 40वर्ष के बाद. कम नमक कम तेल कम मीठा लेना. बेड कोलेस्ट्रॉल. धमनी में अंदर जमना नली सिकुड़ना. बीपी बढ़ना और स्ट्रोक होना. इसे अवश्य बचे. स्वस्थ लाइफस्टाइल चुने. योग एक्सरसाइज. नशा धूम्रपान बंद कर देवे. देर रात सोना.भारीएवं गरिस्ट भोजन.से परहेज करना... हर मिनट की देरी पढ़ सकता है भारी. सही समय पर डॉक्टर को दिखाएं. बीपी शुगर की दवा लेते रहे. जिसके मां-बाप को बीपी शुगर है. वे विशेष ध्यान रखें. दिमाग के नस में रूकावट या हेमरेज होने से स्ट्रोक हो सकता है. जांच. सिटी स्कैन. ब्रेन. इलाज. Tab clopid. Tab Ecosprin. Tab Atrova. बी पी की दवा. लेते रहे. लकवा दवाइयां के द्वारा ठीक हो सकता है. एवं जरूरत पड़ने पर ब्रेन सर्जरी से भी मरीज को ठीक किया जा सकता है. अतः झाड़फुक के चक्कर में न रहकर डॉ को दिखा कर दवा ले. और स्वस्थ्य दिनचर्या के पालन कर स्वस्थ्य रहे. तनाव न ले. नींद पर्याप्त ले. सोने के एक घंटे. मोबाइल. टीवी से दूर रहे..डॉ आर आर कुर्रे. पश्चिम मध्य रेलवे जबलपुर.3
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- गाडरवारा: सालोंचौका रोड वार्ड के रहवासियों का एसपी ऑफिस में फूटा गुस्सा, एक ही परिवार पर लगाए गंभीर आरोप, दी चेतावनी नरसिंहपुर गाडरवारा के सालोंचौका रोड वार्ड क्रमांक 04 (गुड़ बाजार) के रहवासी इन दिनों एक परिवार की हरकतों से बुरी तरह त्रस्त हैं। करीब 20 से 25 परिवारों के महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्गों ने एकजुट होकर जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर एक गंभीर शिकायती आवेदन सौंपा है। रहवासियों ने आरोप लगाया है कि पिछले लगभग 10 सालों से एक ही परिवार के सदस्यों द्वारा लगातार आतंक मचाया जा रहा है, जिससे जीना मुहाल हो गया है। प्रमुख आरोप और प्रताड़ना की दास्तां शिकायती आवेदन में रहवासियों ने दीपशिखा शिवहरे, उनकी माता जी, भाई भरत शिवहरे और बहन भारती राय व उनकी पुत्री पर निम्नलिखित गंभीर आरोप लगाए हैं: अमर्यादित भाषा और अश्लील हरकतें: आरोपी परिवार के सदस्य घर के बाहर आकर मोहल्लेवासियों को अमर्यादित गालियां देते हैं, अश्लील इशारे करते हैं और जान से मारने की धमकियां देते हैं। फर्जी केस में फंसाने की धमकी: रहवासियों का आरोप है कि विरोध करने पर आरोपी झूठे केस में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी देते हैं, साथ ही खुद के वकील होने का रौब झाड़ते हैं। पथराव और गंदगी फेंकना: घरों पर पत्थर फेंकना, बुजुर्गों और बच्चों पर कीचड़-गंदा पानी फेंकना इनकी रोज की आदत बन गई है। मानसिक प्रताड़ना और निजता का हनन: मोहल्लेवासियों का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग जानबूझकर आतंक का माहौल बनाते हैं। रात में दीवारों पर कान लगाकर बातें सुनना और फिर अगले दिन सुबह अभद्र व्यवहार करना आम बात हो गई है। स्थानीय पुलिस कार्रवाई पर सवाल: रहवासियों का कहना है कि 100 डायल करने पर पुलिस आती है, लेकिन सिर्फ देखकर चली जाती है। आरोपियों के डर के कारण स्थानीय स्तर पर कोई ठोस सुनवाई नहीं हो रही है, जिससे पिछले 2-3 महीनों से इनकाौसला और अधिक बढ़ गया है। पुलिस अधीक्षक से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग पीड़ित परिवारों ने एसपी साहब से गुहार लगाई है कि: उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाए क्योंकि उन्हें आरोपियों से जान का खतरा है। गाडरवारा थाने को छोड़कर अन्य वरिष्ठ अधिकारी (जैसे SDOP या महिला प्रकोष्ठ) से इस मामले की गहन जांच कराकर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाए। मोहल्ले में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि बच्चे और बुजुर्ग भयमुक्त जीवन जी सकें। इस मामले की एक प्रतिलिपि अध्यक्ष महोदया, राज्य महिला आयोग, भोपाल (मध्य प्रदेश) को भी भेजी गई है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस आतंक से निजात नहीं मिली, तो कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1