पब्लिक ऐप पर खबर प्रकाशित होने के बाद चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित ढेबो गांव की 77 वर्षीय असहाय विधवा दूरेश देवी की बदहाल जिंदगी में उम्मीद की किरण जगी है। उनके जर्जर मिट्टी के मकान में जीवन गुजारने की खबर पर जिला प्रशासन हरकत में आया, जिसके बाद उन्हें जल्द ही अंबेडकर आवास योजना का लाभ मिलने की संभावना है। दरअसल, बुधवार को पब्लिक ऐप पर खबर चलने और गुरुवार को अखबार में "77 वर्षीय विधवा जर्जर मिट्टी के घर में रहने को विवश, आवास योजना से अब तक वंचित, हर पल हादसे का खतरा" शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उपायुक्त के निर्देश पर हंटरगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी निखिल गौरव कमान कच्छप ने शुक्रवार को ढेबो गांव पहुंचकर वृद्धा के जर्जर आवास का स्वयं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दूरेश देवी की स्थिति अत्यंत दयनीय है; उनका कच्चा मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है और बरसात में छत से पानी टपकता है। वह मात्र 5x5 फीट के एक छोटे कमरे में रहने, खाना बनाने और रात गुजारने को मजबूर हैं। पति की मृत्यु के बाद अकेली रह रही दूरेश देवी वर्षों से इस जर्जर मकान में भय के साये में जीवन बिता रही थीं, और कई आवेदन व सर्वे के बावजूद उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। बीडीओ ने तत्काल अंबेडकर आवास योजना के तहत दूरेश देवी का रिकॉर्ड खोलने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। इसके बाद उपायुक्त ने स्वयं वृद्धा को अपने कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से अब दूरेश देवी को अंबेडकर आवास योजना का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है, और उनके चेहरे पर लंबे समय बाद राहत और उम्मीद की मुस्कान लौट आई है।
पब्लिक ऐप पर खबर प्रकाशित होने के बाद चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित ढेबो गांव की 77 वर्षीय असहाय विधवा दूरेश देवी की बदहाल जिंदगी में उम्मीद की किरण जगी है। उनके जर्जर मिट्टी के मकान में जीवन गुजारने की खबर पर जिला प्रशासन हरकत में आया, जिसके बाद उन्हें जल्द ही अंबेडकर आवास योजना का लाभ मिलने की संभावना है। दरअसल, बुधवार को पब्लिक ऐप पर खबर चलने और गुरुवार को अखबार में "77 वर्षीय विधवा जर्जर मिट्टी के घर में रहने को विवश, आवास योजना से अब तक वंचित, हर पल हादसे का खतरा" शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उपायुक्त के निर्देश पर हंटरगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी निखिल गौरव कमान कच्छप ने शुक्रवार को ढेबो गांव पहुंचकर वृद्धा के जर्जर आवास का स्वयं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दूरेश देवी की स्थिति अत्यंत दयनीय है; उनका कच्चा मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है और बरसात में छत से पानी टपकता है। वह मात्र 5x5 फीट के एक छोटे कमरे में रहने, खाना बनाने और रात गुजारने को मजबूर हैं। पति की मृत्यु के बाद अकेली रह रही दूरेश देवी वर्षों से इस जर्जर मकान में भय के साये में जीवन बिता रही थीं, और कई आवेदन व सर्वे के बावजूद उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। बीडीओ ने तत्काल अंबेडकर आवास योजना के तहत दूरेश देवी का रिकॉर्ड खोलने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। इसके बाद उपायुक्त ने स्वयं वृद्धा को अपने कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से अब दूरेश देवी को अंबेडकर आवास योजना का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है, और उनके चेहरे पर लंबे समय बाद राहत और उम्मीद की मुस्कान लौट आई है।
- पब्लिक ऐप पर खबर प्रकाशित होने के बाद चतरा जिले के हंटरगंज प्रखंड स्थित ढेबो गांव की 77 वर्षीय असहाय विधवा दूरेश देवी की बदहाल जिंदगी में उम्मीद की किरण जगी है। उनके जर्जर मिट्टी के मकान में जीवन गुजारने की खबर पर जिला प्रशासन हरकत में आया, जिसके बाद उन्हें जल्द ही अंबेडकर आवास योजना का लाभ मिलने की संभावना है। दरअसल, बुधवार को पब्लिक ऐप पर खबर चलने और गुरुवार को अखबार में "77 वर्षीय विधवा जर्जर मिट्टी के घर में रहने को विवश, आवास योजना से अब तक वंचित, हर पल हादसे का खतरा" शीर्षक से प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद चतरा के उपायुक्त रवि आनंद ने मामले का तत्काल संज्ञान लिया। उपायुक्त के निर्देश पर हंटरगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी निखिल गौरव कमान कच्छप ने शुक्रवार को ढेबो गांव पहुंचकर वृद्धा के जर्जर आवास का स्वयं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि दूरेश देवी की स्थिति अत्यंत दयनीय है; उनका कच्चा मकान पूरी तरह जर्जर हो चुका है और बरसात में छत से पानी टपकता है। वह मात्र 5x5 फीट के एक छोटे कमरे में रहने, खाना बनाने और रात गुजारने को मजबूर हैं। पति की मृत्यु के बाद अकेली रह रही दूरेश देवी वर्षों से इस जर्जर मकान में भय के साये में जीवन बिता रही थीं, और कई आवेदन व सर्वे के बावजूद उन्हें सरकारी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया था। बीडीओ ने तत्काल अंबेडकर आवास योजना के तहत दूरेश देवी का रिकॉर्ड खोलने के निर्देश दिए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द पक्का आवास उपलब्ध कराया जा सके। इसके बाद उपायुक्त ने स्वयं वृद्धा को अपने कार्यालय बुलाकर उनकी समस्याओं को सुना और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला प्रशासन की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से अब दूरेश देवी को अंबेडकर आवास योजना का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है, और उनके चेहरे पर लंबे समय बाद राहत और उम्मीद की मुस्कान लौट आई है।1
- प्रखंड के डाहा पंचायत अंतर्गत ढेबो गांव में एक जर्जर घर में रह रही वृद्ध विधवा महिला को उपायुक्त रवि आनंद की तत्परता से राहत मिली है। उपायुक्त ने मामले का संज्ञान लेते ही जिला समन्वयक, ग्रामीण आवास को तुरंत जांच के निर्देश दिए थे। बीडीओ हंटरगंज की जांच रिपोर्ट के बाद, इस वृद्ध विधवा महिला को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत किया गया। शुक्रवार, 3 जुलाई को समाहरणालय में स्वयं उपायुक्त ने लाभुक को स्वीकृति पत्र सौंपा। इस अवसर पर डीसी ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति पक्के आवास से वंचित न रहे। जिला प्रशासन "सबका सपना, पक्का घर हो अपना" की भावना के साथ पात्र लोगों को समयबद्ध तरीके से लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।1
- मोहनपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय नूतन बिगहा में कार्यरत शिक्षिका एकता कुमारी के असामयिक निधन से शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई। बताया गया है कि 1 जुलाई को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान ही हृदय गति रुक जाने से उनका निधन हो गया। उनके निधन की सूचना विद्यालय पहुंचते ही शिक्षकों और विद्यार्थियों में शोक छा गया, जिसके बाद विद्यालय में उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मृतक शिक्षिका भागलपुर बोधगया की रहने वाली थीं।1
- अंशिका जयमाला स्टेज से संबंधित सेवाओं के लिए ग्राहक 7061936807 पर संपर्क कर सकते हैं। यह जानकारी अंशिका जयमाला स्टेज से संबंधित है।1
- बागेश्वर धाम के प्रमुख, जिन्हें लोग "बागेश्वर धाम सरकार" या "बाबा बागेश्वर धाम" के नाम से भी जानते हैं, धार्मिक कथाएं, प्रवचन और "दिव्य दरबार" का आयोजन करते हैं। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी समस्याओं के समाधान और आशीर्वाद की आशा लेकर पहुंचते हैं। धाम में आने वाले इन श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया जाता है, और उनके अनुयायी इसे अपनी आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र मानते हैं।1
- भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में, चिराग पासवान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है। इस दौरान उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का पूरा भरोसा दिलाया।1
- हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित ललकी माटी गांव आजादी के दशकों बाद भी बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीण आज भी इन मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। वे सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब इस छोटे से गांव तक विकास पहुंचेगा और कब उनकी आवाज सुनी जाएगी।1
- एक लव मैरेज से संबंधित मामले में एक लड़का और एक लड़की को पुलिस ने अपनी गिरफ्त में लिया है। बताया जा रहा है कि इस घटना के संबंध में अपहरण का एक मामला दर्ज किया गया है और पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।1