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संभल जिले के बहजोई स्थित अकबरपुर गांव में सड़क की स्थिति बेहद खराब होने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर के इस महीने में गांव की इस गली का रास्ता पूरी तरह बदहाल हो चुका है। इसके अलावा, गांव में नालियों का पानी भी बंद पड़ा हुआ है। इस बदहाली के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही करने में काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
Ankit Kumar
संभल जिले के बहजोई स्थित अकबरपुर गांव में सड़क की स्थिति बेहद खराब होने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर के इस महीने में गांव की इस गली का रास्ता पूरी तरह बदहाल हो चुका है। इसके अलावा, गांव में नालियों का पानी भी बंद पड़ा हुआ है। इस बदहाली के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही करने में काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।
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- संभल की सदर तहसील क्षेत्र में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा करने वाली याचिका पर आज जिला न्यायालय में सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह की कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट से स्टे होने के कारण न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 25 अगस्त 2026 नियत की है। संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा करने वाली यह याचिका आठ याचियों की ओर से 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी, जिस पर आज 21 जुलाई को सुनवाई होनी थी। इससे पहले इस मामले में पिछली सुनवाई 26 मई को हुई थी। इस विषय में जानकारी देते हुए हिंदू पक्ष के अधिवक्ता श्रीगोपाल शर्मा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय से अभी स्थगन है, इसलिए आज कोई कार्रवाई नहीं हुई और अगली तारीख 25 अगस्त तय हो गई। वहीं, न्यायालय द्वारा मध्यस्थता के लिए किए गए प्रयास पर उन्होंने कहा कि इस मामले में कोई परिणाम नहीं निकल पाया। उन्होंने दावा किया कि वे तो तैयार थे, लेकिन दूसरी तरफ से कोई बात मानने को तैयार नहीं था। दूसरी ओर, शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने भी बताया कि इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 25 अगस्त नियत कर दी गई है क्योंकि मामला अभी माननीय सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। मध्यस्थता के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह प्रयास इसलिए सफल नहीं हुआ क्योंकि हिंदू पक्ष की मांग मामले से अलग थी। उनकी मांग पूजा का अधिकार दिए जाने की थी जो मस्जिद पक्ष को स्वीकार नहीं था। उन्होंने कहा कि इसका निर्णय माननीय न्यायालय को ही करना चाहिए और न्यायालय का जो भी निर्णय होगा वह उन्हें स्वीकार होगा।4
- संभल जिले के बहजोई स्थित अकबरपुर गांव में सड़क की स्थिति बेहद खराब होने से लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिसंबर के इस महीने में गांव की इस गली का रास्ता पूरी तरह बदहाल हो चुका है। इसके अलावा, गांव में नालियों का पानी भी बंद पड़ा हुआ है। इस बदहाली के कारण स्थानीय लोगों को आवाजाही करने में काफी दिक्कतों से जूझना पड़ रहा है।1
- राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार को सीजेपी के कार्यकर्ताओं और दिल्ली पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस टकराव में कई छात्र और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। प्रदर्शन के दौरान स्थिति बिगड़ने पर दोनों पक्षों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। देर रात दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जंतर-मंतर पर बने धरना स्थल को पूरी तरह से खाली करा दिया। इसके बाद आंदोलनकारी फिर से धरने पर बैठ गए, जिसमें सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास, आशुतोष रांका और सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि केरल हाउस के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के प्रदर्शनकारी पिछले महीने से लगातार जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रहे हैं। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और पुलिस पूरी स्थिति पर लगातार नजर रख रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के बिसौली क्षेत्र के एक गांव में दूसरा मुख्य रास्ता काफी समय से बदहाल पड़ा है। इस रास्ते को अभी तक ठीक नहीं किया गया है और यह लंबे समय से इसी हालत में पड़ा हुआ है।3
- बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव ब्यौली में घरेलू विवाद का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां पत्नी द्वारा पति की पसंद की सूखी सब्जी नहीं बनाने पर पति ने पुलिस बुला ली। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने के दौरान पति ने इस बात पर भी अपनी आपत्ति जताई कि उसके पिता के नाम के आगे "श्री" नहीं लगाया गया था। यह पूरा मामला इस समय क्षेत्र में भारी चर्चा का विषय बना हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर में मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने और अपने हक-अधिकार की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट पर धरना शुरू कर दिया है। छात्र-छात्राएं मुख्य गेट पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जौहर यूनिवर्सिटी उनके भविष्य से जुड़ी हुई है और इसे बचाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे। छात्रों ने जोर देकर कहा कि वे अपने हक और अधिकार के लिए ही यह धरना दे रहे हैं। छात्र-छात्राओं ने प्रशासन से उनकी समस्याओं का समाधान करने और यूनिवर्सिटी को लेकर चल रहे विवाद का जल्द समाधान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों के इस कदम से मुख्य गेट पर माहौल पूरी तरह गरमा गया है और अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है।1
- Post by Neeraj Mariya1