मधेपुरा के मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी दीपक कुमार (27) की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद हड़कंप मच गया। मृतक, जो नगर परिषद क्षेत्र के भीरखी वार्ड-24 निवासी रंजन पासवान के पुत्र थे, की मौत के बाद उनके परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जेल के अंदर दीपक के साथ मारपीट की गई थी, और जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई, बल्कि मौत के बाद ही जानकारी दी गई। दीपक कुमार ने 2 जून को एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था और पिछले सात दिनों से न्यायिक हिरासत में मंडल कारा में बंद थे। उनकी तबीयत सोमवार रात बिगड़ने पर उन्हें जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाए जाने पर परिजन आक्रोशित हो उठे और जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह सहित कई पुलिस अधिकारियों को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि, जेल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने बताया कि दीपक ने सोमवार को पेट दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद जेल चिकित्सक ने उनका उपचार किया। देर रात दर्द बढ़ने पर उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां दुर्भाग्यवश उनकी मृत्यु हो गई। जेल अधीक्षक ने जेल में मारपीट के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। फिलहाल, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
मधेपुरा के मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी दीपक कुमार (27) की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो जाने के बाद हड़कंप मच गया। मृतक, जो नगर परिषद क्षेत्र के भीरखी वार्ड-24 निवासी रंजन पासवान के पुत्र थे, की मौत के बाद उनके परिजनों ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि जेल के अंदर दीपक के साथ मारपीट की गई थी, और जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई, बल्कि मौत के बाद ही जानकारी दी गई। दीपक कुमार ने 2 जून को एक मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था और पिछले सात दिनों से न्यायिक हिरासत में मंडल कारा में बंद थे। उनकी तबीयत सोमवार रात बिगड़ने पर उन्हें जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाए जाने पर परिजन आक्रोशित हो उठे और जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार, सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह सहित कई पुलिस अधिकारियों को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा। हालांकि, जेल प्रशासन ने परिजनों के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। जेल अधीक्षक राजेश कुमार राय ने बताया कि दीपक ने सोमवार को पेट दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद जेल चिकित्सक ने उनका उपचार किया। देर रात दर्द बढ़ने पर उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया, जहां दुर्भाग्यवश उनकी मृत्यु हो गई। जेल अधीक्षक ने जेल में मारपीट के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है। फिलहाल, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
- राजद के राज्यव्यापी कार्यक्रम के तहत मंगलवार को मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, बदहाल शैक्षणिक व्यवस्था, बेरोजगारी तथा बिगड़ती कानून व्यवस्था के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रखंड राजद अध्यक्ष डॉ. इरफान आलम ने की, जबकि जिला प्रभारी देवनंदन यादव मुख्य रूप से मौजूद रहे। देवनंदन यादव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि देश और राज्य की जनता महंगाई की मार झेल रही है, जिससे खाद्य पदार्थों से लेकर दैनिक उपयोग की वस्तुओं तक के दाम लगातार बढ़ने से आम लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है। राजद नेता कृष्ण कुमार यादव ने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। राजद नेता रुद्र नारायण यादव ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि महंगाई पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो पार्टी अपने राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज करेगी। उन्होंने जरूरत पड़ने पर 'सड़क से सदन तक' संघर्ष करने की बात कही। धरना कार्यक्रम में शामिल भाकपा नेता अनिल भारती ने भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल, दाल, सब्जी और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि का जिक्र किया, जिससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर का बजट संभालना मुश्किल हो गया है। इस मौके पर अनीता देवी, राजीव यादव, कृतनारायण यादव, प्रभाकर यादव, विकास यादव, सुशील यादव, रुद्र नारायण यादव, भास्कर यादव, परमानंद यादव सहित बड़ी संख्या में राजद कार्यकर्ता एवं समर्थक मौजूद थे।4
- मधेपुरा में मधुबनी चौक रोड की स्थिति इतनी खराब है कि विद्यार्थियों को पढ़ने जाने में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर मधेपुरा के माननीय चंद्रशेखर यादव से ध्यान देने और इस पर कार्रवाई करने की अपील की गई है।3
- Post by User47231
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत भटपुरा पंचायत के सीतापुर बाजार स्थित भैरव पट्टी ग्राम के वार्ड नंबर 12 और 13 में सड़कों की हालत अत्यंत खराब है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र की बदहाली पर ध्यान देने वाला कोई नहीं है और सभी नेता सिर्फ 'खाने वाले' हैं, कोई भी जन प्रतिनिधि सही नहीं है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने अपने अंचल और मुरलीगंज प्रखंड के बीडीओ से अपील की है कि वे गांव की बदहाल सड़क का एक वीडियो बनाकर अपनी आईडी पर पोस्ट करें। यह कदम समस्या के समाधान की दिशा में उठाया जाए, ताकि सड़क की इस गंभीर समस्या का जल्द से जल्द निराकरण हो सके। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए सभी का धन्यवाद भी किया है।1
- कुमारखंड में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बेलारी शाखा ने जीविका स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कैश क्रेडिट लिंकेज योजना के तहत कुल एक करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। बैंक परिसर में आयोजित एक समारोह के दौरान, 55 स्वयं सहायता समूहों को यह ऋण राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर, जीविका के बीपीएम मनोज कुमार ने बताया कि सीबीआई बेलारी शाखा में कुल 500 स्वयं सहायता समूहों का वित्तीय लेनदेन होता है, जिसमें से 400 स्वयं सहायता समूहों को इस शाखा से कैश क्रेडिट लिंकेज के तहत 12 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। बैंक के शाखा प्रबंधक आशीष कुमार झा ने इस उपलब्धि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीविका समूहों को बड़ी संख्या में ऋण स्वीकृत होने के कारण उनकी शाखा ने पूरे पूर्णिया रीजन में 'ईडी क्लब' में स्थान बना लिया है और अब यहां से स्केल तीन का व्यवसाय संचालित होता है। कार्यक्रम में, शाखा के फील्ड ऑफिसर श्रीधर, नवीन कुमार और शुभम कुमार ने ऋण राशि का उपयोग बेहतर जीविकोपार्जन गतिविधियों के संचालन की पद्धति पर मार्गदर्शन दिया। इस समारोह में जीविका के सामुदायिक समन्वयक स्वेता स्वराज, क्रांति देवी, रूपक कुमार, संतोष कुमार, दीपक कुमार और अशोक यादव सहित विभिन्न समूहों की लाभुक जीविका दीदी भी उपस्थित थीं।1
- खगड़िया जिले के हौसराहा में एक सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई।1
- मधेपुरा के सुभाष चौक स्थित एक मोबाइल दुकान में चोरों ने शटर काटकर लाखों रुपये की चोरी को अंजाम दिया है। चोर दुकान से लाखों का सामान ले जाने के साथ-साथ सीसीटीवी डीवीआर भी अपने साथ ले गए।1
- मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड में एक करोड़ 65 लाख रुपये की कथित अवैध निकासी को लेकर बड़ा वित्तीय विवाद खड़ा हो गया है। प्रखंड प्रमुख अब्दुल जब्बार ने प्रखंड विकास पदाधिकारी, लेखापाल और नाजीर पर मिलीभगत से यह राशि निकालने का गंभीर आरोप लगाया है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है। इस पूरे मामले पर चर्चा के लिए प्रखंड मुख्यालय में पंचायत समिति सदस्यों की एक विशेष बैठक बुलाई गई थी, जिसमें कुल 19 सदस्यों ने भाग लिया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पुराने सभा भवन में हुई इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रमुख अब्दुल जब्बार ने दावा किया कि उनकी अनुमति और जानकारी के बिना विभिन्न मदों से करोड़ों रुपये निकाल लिए गए। उन्होंने बताया कि जब प्रखंड विकास पदाधिकारी से इस संबंध में जानकारी मांगी गई तो उन्हें बताया गया कि सभी खर्चों का हिसाब-किताब उपलब्ध है। इसके बाद सच्चाई जानने के लिए विशेष बैठक आयोजित की गई, लेकिन इसमें बीडीओ, लेखापाल, अकाउंटेंट और नाजीर अनुपस्थित रहे। प्रमुख ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान लेखापाल, अकाउंटेंट और नाजीर का कार्य देख रहे रंजन झा द्वारा प्रस्तुत किया गया एक बैंक स्टेटमेंट जांच में फर्जी पाया गया। उनके अनुसार, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी और प्रस्तुत स्टेटमेंट में बड़ा अंतर मिला, जबकि बैंक से मिली जानकारी से पता चला कि संबंधित खातों में किसी भी मद की राशि शेष नहीं है। अब्दुल जब्बार ने यह भी आरोप लगाया कि डोंगल अपडेट कराने के बहाने कई बार ओटीपी प्राप्त किए गए और इसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करके खातों से राशि निकाली गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच नहीं कराई गई, तो पंचायत प्रतिनिधि सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। बैठक में उपस्थित पंचायत समिति सदस्यों ने भी प्रमुख की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि सरकारी राशि जनता के विकास कार्यों के लिए होती है, और यदि अनियमितता हुई है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, दूसरी ओर प्रखंड विकास पदाधिकारी गोपाल कृष्णन ने प्रखंड प्रमुख के सभी आरोपों को सिरे से निराधार और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रखंड प्रमुख बिना माप पुस्तिका (एमबी) के ही भुगतान कराने का दबाव बना रहे थे। बीडीओ का कहना है कि सरकारी नियमों के तहत बिना एमबी के किसी भी योजना का भुगतान संभव नहीं है, और जब नियमानुसार भुगतान नहीं किया गया, तभी उनके खिलाफ ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं। फिलहाल, यह मामला आरोप-प्रत्यारोप का दौर बन चुका है, जिसमें दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। सभी की निगाहें अब संभावित जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि करोड़ों रुपये की इस निकासी में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई है या यह केवल प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच का विवाद है। इस आरोप ने मुरलीगंज की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यवस्था में एक नई बहस छेड़ दी है।4
- मधेपुरा के कुमारखंड प्रखंड में सीएचसी प्रभारी डॉ. वरुण कुमार के निर्देश पर सोमवार को मासिक टीकाकरण कार्यक्रम (आरआई) का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रखंड क्षेत्र के 16 आंगनबाड़ी और एचएससी केंद्रों पर चलाया गया, जिसमें 0 से 5 साल के बच्चों, किशोर-किशोरियों और गर्भवती महिलाओं को विभिन्न टीके लगाकर प्रतिरक्षित किया गया। बीएचएम कुमार धनंजय ने बताया कि एएनएम, आशा और सेविका द्वारा इस टीकाकरण अभियान में बीसीजी, बीओपीबी, रोटा वायरस वैक्सीन, पेंटा वाइलेंट, खसरा-रूबेला, पीसीबी, डीपीटी और टीडी जैसे टीके लगाए गए। इस दौरान लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए साफ-सफाई पर ध्यान देने, मौसम के अनुकूल ताजा भोजन करने, स्वच्छ पानी का सेवन करने और समय पर सभी टीके लगवाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी एएनएम द्वारा दी गई। टीकाकरण कार्यक्रम के निरीक्षण के लिए बीसीएम उपेंद्र कुमार अमर और बीएचएम कुमार धनंजय ने अलग-अलग पंचायतों में चल रहे आरआई कार्यक्रमों का जायजा लिया और एएनएम को आवश्यक निर्देश भी दिए। बेलारी स्थित सत्र स्थल पर एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा टीकाकरण करते हुए एक वीडियो का भी उल्लेख किया गया है। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान एएनएम, आशा और सेविका मौके पर मौजूद थीं।1