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सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन चालकों में गहरा असंतोष फैल गया है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पेट्रोल को भरवाने के बाद उनकी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। वाहन चालकों के अनुसार, कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि पेट्रोल डलवाने के कुछ ही समय बाद गाड़ियों की पिकअप कम हो जाती है, इंजन झटके देने लगता है, और कई बार वाहन अचानक बंद हो जाते हैं। इस कारण लोगों को गाड़ियों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और वे अपनी गाड़ियां लेकर मैकेनिकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नागरिकों ने बताया कि पहले उनकी गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन ई-20 मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ने के बाद से लगातार तकनीकी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जो इन समस्याओं की जड़ हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। वाहन रास्ते में बंद होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय मैकेनिकों का भी कहना है कि यदि कोई वाहन ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, तो यह फ्यूल सिस्टम, फिल्टर और इंजन के कुछ हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, वाहन खराब होने के पीछे का वास्तविक कारण केवल एक तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। नागरिकों ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों से तत्काल पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पेट्रोल की निष्पक्ष जांच, पेट्रोल पंपों पर नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना और ई-20 पेट्रोल के उपयोग संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में वाहन चालक प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, वाहन चालकों की इन शिकायतों को लेकर नगर में चर्चाएं जारी हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह स्पष्ट हो पाएगा कि वाहन खराब होने की घटनाओं का कारण ई-20 पेट्रोल है या कोई अन्य तकनीकी वजह, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।

12 hrs ago
user_Ravi Soni
Ravi Soni
Newspaper publisher गढ़ाकोटा, सागर, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन चालकों में गहरा असंतोष फैल गया है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पेट्रोल को भरवाने के बाद उनकी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। वाहन चालकों के अनुसार, कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि पेट्रोल डलवाने के कुछ ही समय बाद गाड़ियों की पिकअप कम हो जाती है, इंजन झटके देने लगता है, और कई बार वाहन अचानक बंद हो जाते हैं। इस कारण लोगों को गाड़ियों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और वे अपनी गाड़ियां लेकर मैकेनिकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नागरिकों ने बताया कि पहले उनकी गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन ई-20 मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ने के बाद से लगातार तकनीकी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जो इन समस्याओं की जड़ हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। वाहन रास्ते में बंद होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय मैकेनिकों का भी कहना है कि यदि कोई वाहन ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, तो यह फ्यूल सिस्टम, फिल्टर और इंजन के कुछ हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, वाहन खराब होने के पीछे का वास्तविक कारण केवल एक तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। नागरिकों ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों से तत्काल पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पेट्रोल की निष्पक्ष जांच, पेट्रोल पंपों पर नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना और ई-20 पेट्रोल के उपयोग संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में वाहन चालक प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, वाहन चालकों की इन शिकायतों को लेकर नगर में चर्चाएं जारी हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह स्पष्ट हो पाएगा कि वाहन खराब होने की घटनाओं का कारण ई-20 पेट्रोल है या कोई अन्य तकनीकी वजह, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।

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  • सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन चालकों में गहरा असंतोष फैल गया है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पेट्रोल को भरवाने के बाद उनकी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। वाहन चालकों के अनुसार, कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि पेट्रोल डलवाने के कुछ ही समय बाद गाड़ियों की पिकअप कम हो जाती है, इंजन झटके देने लगता है, और कई बार वाहन अचानक बंद हो जाते हैं। इस कारण लोगों को गाड़ियों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और वे अपनी गाड़ियां लेकर मैकेनिकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नागरिकों ने बताया कि पहले उनकी गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन ई-20 मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ने के बाद से लगातार तकनीकी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जो इन समस्याओं की जड़ हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। वाहन रास्ते में बंद होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय मैकेनिकों का भी कहना है कि यदि कोई वाहन ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, तो यह फ्यूल सिस्टम, फिल्टर और इंजन के कुछ हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, वाहन खराब होने के पीछे का वास्तविक कारण केवल एक तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। नागरिकों ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों से तत्काल पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पेट्रोल की निष्पक्ष जांच, पेट्रोल पंपों पर नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना और ई-20 पेट्रोल के उपयोग संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में वाहन चालक प्रभावित हो सकते हैं। फिलहाल, वाहन चालकों की इन शिकायतों को लेकर नगर में चर्चाएं जारी हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह स्पष्ट हो पाएगा कि वाहन खराब होने की घटनाओं का कारण ई-20 पेट्रोल है या कोई अन्य तकनीकी वजह, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।
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    सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ई-20 (20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के उपयोग को लेकर वाहन चालकों में गहरा असंतोष फैल गया है। कई उपभोक्ताओं का आरोप है कि इस पेट्रोल को भरवाने के बाद उनकी दोपहिया और चारपहिया गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। वाहन चालकों के अनुसार, कई गाड़ियां बीच रास्ते में ही बंद हो जा रही हैं, जिससे आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय वाहन मालिकों का कहना है कि पेट्रोल डलवाने के कुछ ही समय बाद गाड़ियों की पिकअप कम हो जाती है, इंजन झटके देने लगता है, और कई बार वाहन अचानक बंद हो जाते हैं। इस कारण लोगों को गाड़ियों की मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और वे अपनी गाड़ियां लेकर मैकेनिकों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। नागरिकों ने बताया कि पहले उनकी गाड़ियां सामान्य रूप से चल रही थीं, लेकिन ई-20 मिश्रित पेट्रोल की उपलब्धता बढ़ने के बाद से लगातार तकनीकी शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका मानना है कि पुराने मॉडल के कई वाहन ई-20 ईंधन के लिए पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं, जो इन समस्याओं की जड़ हो सकती है।

ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले किसान, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हैं। वाहन रास्ते में बंद होने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है और वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है। स्थानीय मैकेनिकों का भी कहना है कि यदि कोई वाहन ई-20 ईंधन के अनुरूप डिजाइन नहीं किया गया है, तो यह फ्यूल सिस्टम, फिल्टर और इंजन के कुछ हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, वाहन खराब होने के पीछे का वास्तविक कारण केवल एक तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

नागरिकों ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और पेट्रोलियम कंपनियों से तत्काल पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में पेट्रोल की निष्पक्ष जांच, पेट्रोल पंपों पर नियमित सैंपलिंग की व्यवस्था, उपभोक्ताओं की शिकायतों का त्वरित निराकरण, जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना और ई-20 पेट्रोल के उपयोग संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना शामिल है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान समय रहते नहीं किया गया, तो बड़ी संख्या में वाहन चालक प्रभावित हो सकते हैं।

फिलहाल, वाहन चालकों की इन शिकायतों को लेकर नगर में चर्चाएं जारी हैं, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यह स्पष्ट हो पाएगा कि वाहन खराब होने की घटनाओं का कारण ई-20 पेट्रोल है या कोई अन्य तकनीकी वजह, यह जांच के बाद ही सामने आएगा।
    user_Ravi Soni
    Ravi Soni
    Newspaper publisher गढ़ाकोटा, सागर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के गौरझामर में हुए एक दुखद सड़क हादसे के लिए स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि यदि मालवाहक वाहन पर समय रहते चालानी कार्रवाई की जाती, तो कई परिवारों को बर्बादी और इतने लोगों के घर उजड़ने से बचाया जा सकता था। बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक वाहन छह पुलिस थानों से होकर गुजरा और 100 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके वापस भी आ गया, लेकिन इसके बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाया गया है कि प्रशासन आखिर क्या कर रहा था और इन मौतों का वास्तविक जिम्मेदार कौन है। इस हृदय विदारक घटना से हुई बर्बादी और मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है, और कहा गया है कि यह सुनकर 'आत्मा झुलस गई' है। पोस्ट में यह पुरजोर मांग की गई है कि मेलों में ट्रॉली और पिकअप जैसे वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत चालानी कार्रवाई हो और उनके वाहनों को जब्त कर लिया जाए।
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    मध्य प्रदेश के गौरझामर में हुए एक दुखद सड़क हादसे के लिए स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है। यह आरोप लगाया गया है कि यदि मालवाहक वाहन पर समय रहते चालानी कार्रवाई की जाती, तो कई परिवारों को बर्बादी और इतने लोगों के घर उजड़ने से बचाया जा सकता था।

बताया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त मालवाहक वाहन छह पुलिस थानों से होकर गुजरा और 100 किलोमीटर की यात्रा पूरी करके वापस भी आ गया, लेकिन इसके बावजूद उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस स्थिति पर गंभीर सवाल उठाया गया है कि प्रशासन आखिर क्या कर रहा था और इन मौतों का वास्तविक जिम्मेदार कौन है।

इस हृदय विदारक घटना से हुई बर्बादी और मौतों पर गहरा दुख व्यक्त किया गया है, और कहा गया है कि यह सुनकर 'आत्मा झुलस गई' है। पोस्ट में यह पुरजोर मांग की गई है कि मेलों में ट्रॉली और पिकअप जैसे वाहनों पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर तुरंत चालानी कार्रवाई हो और उनके वाहनों को जब्त कर लिया जाए।
    user_ग्रामीण क्षेत्र की खबर
    ग्रामीण क्षेत्र की खबर
    Video Creator रहली, सागर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • दमोह नगर में माँ भारती के वीर सपूत, मेवाड़ के गौरव और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर टीम जीवन सिंह शेरपुर करणी सेना परिवार द्वारा एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों को नमन किया। देशभक्ति और वीरता के नारों के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से, समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को विशेष रूप से स्मरण किया।
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    दमोह नगर में माँ भारती के वीर सपूत, मेवाड़ के गौरव और शौर्य के प्रतीक महाराणा प्रताप जी की जयंती के अवसर पर टीम जीवन सिंह शेरपुर करणी सेना परिवार द्वारा एक भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में युवाओं और समाजजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्होंने महाराणा प्रताप के आदर्शों को नमन किया। देशभक्ति और वीरता के नारों के बीच आयोजित इस रैली के माध्यम से, समाज के लोगों ने महाराणा प्रताप के त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति को विशेष रूप से स्मरण किया।
    user_नीलेश विश्वकर्मा
    नीलेश विश्वकर्मा
    Voice of people दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सागर जिले के रविंद्र भवन में 16 से 18 जून 2026 तक एक खंड स्तरीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कलेक्टर श्रीमति प्रतिभा पाल जी ने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रदान की। यह शिविर आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और उनका लाभ उठाने का अवसर देता है। साथ ही, नागरिक अपनी किसी भी समस्या से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा नरयावली विधायक प्रदीप लारिया जी भी उपस्थित रहे।
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    सागर जिले के रविंद्र भवन में 16 से 18 जून 2026 तक एक खंड स्तरीय जन कल्याण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कलेक्टर श्रीमति प्रतिभा पाल जी ने सभी नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह प्रदान की।

यह शिविर आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और उनका लाभ उठाने का अवसर देता है। साथ ही, नागरिक अपनी किसी भी समस्या से संबंधित आवेदन प्रस्तुत कर निर्धारित समय सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा नरयावली विधायक प्रदीप लारिया जी भी उपस्थित रहे।
    user_Rohit sharma
    Rohit sharma
    Local News Reporter सागर नगर, सागर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • दमोह शहर के बिलबारी मोहल्ले में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पेयजल सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन अचानक फूट गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पाइपलाइन में अधिक दबाव होने के कारण पानी फव्वारे की तरह काफी ऊंचाई तक उछलकर बहने लगा। इस घटना को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बहता रहा, वहीं मोहल्ले के बच्चे पानी के इस फव्वारे के बीच आनंद लेते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद नागरिकों ने भीषण गर्मी के इस दौर में हजारों गैलन पेयजल की बर्बादी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि जल संकट के समय इस तरह पानी का व्यर्थ बहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने नगर पालिका और संबंधित विभाग से तत्काल सुधार कार्य कराने, पानी की बर्बादी रोकने तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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    दमोह शहर के बिलबारी मोहल्ले में मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पेयजल सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन अचानक फूट गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पाइपलाइन में अधिक दबाव होने के कारण पानी फव्वारे की तरह काफी ऊंचाई तक उछलकर बहने लगा।

इस घटना को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। पाइपलाइन फूटने से बड़ी मात्रा में पानी सड़क पर बहता रहा, वहीं मोहल्ले के बच्चे पानी के इस फव्वारे के बीच आनंद लेते नजर आए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, और यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

इस वीडियो के सामने आने के बाद नागरिकों ने भीषण गर्मी के इस दौर में हजारों गैलन पेयजल की बर्बादी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि जल संकट के समय इस तरह पानी का व्यर्थ बहना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने नगर पालिका और संबंधित विभाग से तत्काल सुधार कार्य कराने, पानी की बर्बादी रोकने तथा इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    16 min ago
  • दमोह जिले के नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत सीतानगर में पारिवारिक संपत्ति और जेवरों के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद मंगलवार सुबह खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल 53 वर्षीय अशरफ खान का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, सीतानगर निवासी अशरफ खान का अपने सगे भाई जलील खान से परिवार में रखे सोने-चांदी के जेवरात और अन्य संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार सुबह दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हुई, जो हिंसक झड़प में बदल गई। घायल अशरफ खान ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान हजरत खान और हल्ले खान ने उनके हाथ पकड़े, जबकि जलील खान ने कुल्हाड़ी से हमला किया। इस हमले में अशरफ खान गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले गए। जिला अस्पताल में आरएमओ डॉ. दिवाकर पटेल ने बताया कि घायल का उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पारिवारिक बंटवारे को लेकर हुए इस विवाद ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
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    दमोह जिले के नरसिंहगढ़ चौकी अंतर्गत सीतानगर में पारिवारिक संपत्ति और जेवरों के बंटवारे को लेकर हुआ विवाद मंगलवार सुबह खूनी संघर्ष में बदल गया। इस दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल 53 वर्षीय अशरफ खान का जिला अस्पताल में उपचार जारी है।

जानकारी के अनुसार, सीतानगर निवासी अशरफ खान का अपने सगे भाई जलील खान से परिवार में रखे सोने-चांदी के जेवरात और अन्य संपत्ति के बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंगलवार सुबह दोनों भाइयों के बीच कहासुनी हुई, जो हिंसक झड़प में बदल गई। घायल अशरफ खान ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान हजरत खान और हल्ले खान ने उनके हाथ पकड़े, जबकि जलील खान ने कुल्हाड़ी से हमला किया। इस हमले में अशरफ खान गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले गए।

जिला अस्पताल में आरएमओ डॉ. दिवाकर पटेल ने बताया कि घायल का उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी जिला अस्पताल पहुंचे और घायल के बयान दर्ज किए। पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पारिवारिक बंटवारे को लेकर हुए इस विवाद ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    15 min ago
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