विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर प्रयागराज के नैनी बाजार में बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें दुकानदारों ने बाल अधिकारों की रक्षा का दृढ़ संकल्प लिया। मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ नैनी बाजार में घर-घर जाकर दुकानदारों से संपर्क किया और इस बात पर जोर दिया कि मासूम हाथों से काम का बोझ हटाकर उन्हें किताबों से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित बचपन ही एक समृद्ध राष्ट्र की नींव है। इस दौरान मोहित खेड़ा ने एक ऐसे जागरूक समाज के निर्माण की वकालत की, जहाँ हर बच्चे को खुलकर जीने, सीखने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें, क्योंकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित होने पर ही देश का भविष्य मजबूत होगा। तरुण चावला ने बाल अधिकारों के संरक्षण का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि बाल श्रम न केवल एक अमानवीय कृत्य है, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय अपराध भी है, जिसे जड़ से मिटाने के लिए स्वयं जागरूक बनना और समाज को जागरूक करना जरूरी है। परमिंदर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है और सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा मजबूरी में अपना बचपन न खोए। उन्होंने स्वयं बाल श्रम न कराने और न ही अपने आसपास इसे चुपचाप होते देखने का संकल्प लेने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें एक आदर्श नागरिक के रूप में विकसित होने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि बचपन खेल-कूद और पढ़ाई के लिए है, मजदूरी के लिए नहीं। इस जन जागरूकता अभियान में तरुण चावला, मोहित खेड़ा, मनीष, सुनील, हरमंजी सिंह, सरदार पतविन्दर सिंह, परमिंदर सिंह और जगजीत सिंह सहित कई अतिविशिष्ट स्वयंसेवक देशभक्ति की भावना के साथ उपस्थित रहे।
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर प्रयागराज के नैनी बाजार में बाल अधिकारों के संरक्षण को लेकर जन जागरूकता अभियान चलाया गया, जिसमें दुकानदारों ने बाल अधिकारों की रक्षा का दृढ़ संकल्प लिया। मोर्चा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरदार पतविन्दर सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ नैनी बाजार में घर-घर जाकर दुकानदारों से संपर्क किया और इस बात पर जोर दिया कि मासूम हाथों से काम का बोझ हटाकर उन्हें किताबों से जोड़ना आवश्यक है, क्योंकि बाल श्रम समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित बचपन ही एक समृद्ध राष्ट्र की नींव है। इस दौरान मोहित खेड़ा ने एक ऐसे जागरूक समाज के निर्माण की वकालत की, जहाँ हर बच्चे को खुलकर जीने, सीखने और अपने सपनों को साकार करने के समान अवसर मिलें, क्योंकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित होने पर ही देश का भविष्य मजबूत होगा। तरुण चावला ने बाल अधिकारों के संरक्षण का दृढ़ संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि बाल श्रम न केवल एक अमानवीय कृत्य है, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय अपराध भी है, जिसे जड़ से मिटाने के लिए स्वयं जागरूक बनना और समाज को जागरूक करना जरूरी है। परमिंदर सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि बाल श्रम बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है और सभी को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी बच्चा मजबूरी में अपना बचपन न खोए। उन्होंने स्वयं बाल श्रम न कराने और न ही अपने आसपास इसे चुपचाप होते देखने का संकल्प लेने का आग्रह किया, यह कहते हुए कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें एक आदर्श नागरिक के रूप में विकसित होने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, क्योंकि बचपन खेल-कूद और पढ़ाई के लिए है, मजदूरी के लिए नहीं। इस जन जागरूकता अभियान में तरुण चावला, मोहित खेड़ा, मनीष, सुनील, हरमंजी सिंह, सरदार पतविन्दर सिंह, परमिंदर सिंह और जगजीत सिंह सहित कई अतिविशिष्ट स्वयंसेवक देशभक्ति की भावना के साथ उपस्थित रहे।
- प्रयागराज जिले के करछना थाना क्षेत्र के चुप्पेपुर डीहा गांव में नाली और सड़क के पुराने विवाद ने शनिवार को हिंसक रूप ले लिया। ईंट-पत्थरों से हुए जानलेवा हमले में 26 वर्षीय एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर में गहरी चोटें आई हैं। उसकी नाजुक हालत को देखते हुए उसे स्वरूप रानी नेहरू (SRN) जिला अस्पताल रेफर किया गया है। परिजनों ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर करछना पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, चुप्पेपुर डीहा गांव में नाली और रास्ते को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से तनातनी चल रही थी और अक्सर विवाद होता रहता था। शनिवार सुबह करीब 11 बजे यह विवाद अचानक बढ़ा, जिसके बाद आरोप है कि गांव के कुछ दबंग यादवों ने पटेल परिवार के सदस्यों पर ईंट-पत्थरों से भयंकर हमला बोल दिया। इस हिंसक झड़प में दयाशंकर पटेल के पुत्र बाल गोबिंद पटेल (26 वर्षीय) को निशाना बनाया गया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं और सिर बुरी तरह फट गया, मौके पर ही भारी खून बहने लगा। लहूलुहान बाल गोबिंद को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करछना ले जाया गया। सिर में चोट इतनी गहरी और गंभीर थी कि सीएचसी के डॉक्टरों ने टांका लगाने में असमर्थता जताई और प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उन्हें तत्काल प्रयागराज के स्वरूप रानी (SRN) जिला अस्पताल रेफर कर दिया। युवक की हालत फिलहाल बेहद नाजुक बनी हुई है। इस पूरी घटना ने स्थानीय करछना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि नाली-रास्ते का यह विवाद पुराना था और यदि पुलिस ने पहले हुए विवादों को गंभीरता से लेते हुए समय रहते उचित और सख्त कार्रवाई की होती, तो दबंगों के हौसले इतने बुलंद नहीं होते और यह खूनी संघर्ष टाला जा सकता था। उनका कहना है कि पुलिस की हीलाहवाली के कारण ही शनिवार को यह छोटी सी बहस जानलेवा हमले में तब्दील हो गई। अब देखना यह है कि इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन आरोपियों पर क्या ठोस कार्रवाई करता है, क्योंकि गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।1
- प्रयागराज के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक अधिवक्ता के ड्राइवर अमित शुक्ला (35) को घर से बुलाकर गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शाहा और पीपलगांव निवासी अमित शुक्ला को कमर में गोली लगी है। उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, अमित ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 11 बजे गेंदालाल नाम का व्यक्ति उनके घर आया। उसने उन्हें बाहर बुलाया और बातचीत करते हुए घर से लगभग 50 मीटर दूर ले जाकर गोली मार दी। फायरिंग की आवाज सुनकर परिजन और आस-पास के लोग मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। पुलिस ने इस मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1
- आज दिनांक 13 जून, 2026 को थाना कर्नलगंज अंतर्गत लल्ला चुंगी चौराहे के पास एक घटना घटी। इस घटना के संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त कर्नलगंज द्वारा एक बाइट दी गई है।1
- शनिवार सुबह प्रयागराज के कर्नलगंज स्थित लल्ला चुंगी चौराहे पर एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना तब हुई जब पिता सुबह टहलने निकले थे और आरोपी बेटा अपने एक साथी के साथ बाइक पर आकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, बेटे ने यह वारदात भरण-पोषण का खर्च न देने पड़े, इस वजह से अंजाम दी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से आरोपी की पहचान हो चुकी है। पुलिस अब आरोपी बेटे और उसके साथी की तलाश में जुटी है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग अपने परिचितों के साथ लगातार शेयर कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, इस वीडियो को डाउनलोड करने पर पैसा मिलता है, और न्यूज़ अपलोड करने पर भी कमाई होती है।1
- प्रयागराज के लाल की चुंगी इलाके में शनिवार सुबह वॉक कर रहे 68 वर्षीय राम दुलारे कोरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जिससे राहगीरों में खलबली मच गई। शिवकुटी थाना क्षेत्र के लाल की सराय मोहल्ला निवासी राम दुलारे टाइल्स लगाने का काम करते थे। आरोप है कि शनिवार सुबह जब वे लाल की चुंगी के पास टहल रहे थे, तभी एक बाइक सवार युवक ने उन पर फायर कर दिया। गोली लगने से राम दुलारे सड़क पर गिर गए। घटना की सूचना मिलते ही कर्नलगंज पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कर्नलगंज थाना प्रभारी संजय सिंह यादव ने बताया कि हत्या किसने और क्यों की, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के जरिए कातिलों की तलाश कर रही है और इस मामले में शव के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा।3
- शनिवार सुबह प्रयागराज के कर्नलगंज स्थित लल्ला चुंगी चौराहे पर एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात उस समय हुई जब पिता सुबह टहलने निकले थे। बताया गया है कि आरोपी बेटा अपने एक साथी के साथ बाइक पर आया और घटना को अंजाम दिया। वारदात स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से आरोपी की पहचान हुई है। पुलिस अब आरोपी बेटे और उसके साथी की तलाश में जुटी हुई है।1
- प्रयागराज शहर के निवासी तरुण सहगल और उनके परिवार ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर अपने चाचा के परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में धोखाधड़ी, संपत्ति हड़पना, बैंक दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ और मारपीट शामिल हैं। परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रेसवार्ता में तरुण सहगल ने बताया कि उनके चाचा स्वर्गीय पवन कुमार सहगल, उनके बेटों और अन्य परिजनों ने परिवार के सदस्यों की जानकारी और सहमति के बिना बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं, जबकि परिवार के किसी भी सदस्य ने ऐसी किसी योजना के लिए अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के संबंध में भ्रामक जानकारी देकर उन पर और उनके दिवंगत पिता पर दबाव बनाया गया, जिसके कारण संपत्ति से संबंधित उपहार विलेख पर हस्ताक्षर कराए गए। तरुण सहगल के अनुसार, बाद में इन दस्तावेजों का उपयोग करके भूमि हस्तांतरित कर ली गई। परिवार ने दिवंगत परिजन की सावधि जमा राशि से जुड़े बैंक अभिलेखों में कथित बदलाव कर धनराशि का अनुचित लाभ उठाने और संयुक्त स्वामित्व वाले एक फ्लैट पर अवैध कब्जा करने का भी आरोप लगाया है। तरुण सहगल ने जानकारी दी कि जब उनके भाई मनु सहगल बीमा संबंधी कथित अनियमितताओं पर बातचीत करने गए, तो उनके साथ मारपीट भी की गई। परिवार का कहना है कि उन्होंने इस मामले से संबंधित शिकायतें कई बार पुलिस को दी हैं, लेकिन अब तक इस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। प्रेसवार्ता के दौरान सुनीता सहगल, सोनाली सहगल और मनु सहगल भी मौजूद थे। परिवार ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित संस्थाओं से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने, न्याय दिलाने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।1
- प्रयागराज के देवघाट झलवा क्षेत्र में अज्ञात हमलावरों ने एक युवक को गोली मार दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल एम्बुलेंस बुलाई और घायल युवक को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया। युवक की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।1