Shuru
Apke Nagar Ki App…
बिहार के गोपालगंज में नाच देखने पर विवाद और FIR दर्ज हुई है। वहीं, इटली में इसी तरह के प्रदर्शन को खूब सराहा गया है, जिससे कानून और राजनीति में दोहरे मापदंड पर सवाल उठ रहे हैं।
Ankesh Thakur
बिहार के गोपालगंज में नाच देखने पर विवाद और FIR दर्ज हुई है। वहीं, इटली में इसी तरह के प्रदर्शन को खूब सराहा गया है, जिससे कानून और राजनीति में दोहरे मापदंड पर सवाल उठ रहे हैं।
More news from Vaishali and nearby areas
- बिहार के गोपालगंज में नाच देखने पर विवाद और FIR दर्ज हुई है। वहीं, इटली में इसी तरह के प्रदर्शन को खूब सराहा गया है, जिससे कानून और राजनीति में दोहरे मापदंड पर सवाल उठ रहे हैं।1
- वैशाली के उफरैल गाजीपुर गांव में संजीत राय और उनके परिवार पर दबंगों ने जानलेवा हमला किया। आरोप है कि यह घटना तब हुई जब संजीत के कुत्ते के भौंकने से एक लड़का गिरकर चोटिल हो गया। इसके बाद लड़के ने अपने समर्थकों के साथ संजीत और उसके परिवार पर हमला कर दिया।1
- वैशाली की डीएम वर्षा सिंह ने हाजीपुर प्रखंड के दौलतपुर चांदी पंचायत भवन में सहयोग शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में डीएम ने स्वयं उपस्थित होकर लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।1
- मुजफ्फरपुर के कुढ़नी स्थित तारसन किशुनी में नौ दिवसीय रामचरित मानस नवाह महायज्ञ का शुभारंभ हो गया है। इस दौरान अयोध्या के महाराज कमलेश जी प्रवचन देंगे और मथुरा-वृंदावन की टीम द्वारा रासलीला का भव्य मंचन किया जाएगा।1
- मुजफ्फरपुर के केरमा डीह में आग लगने के बाद भी पीड़ितों को अब तक सरकारी मदद नहीं मिली है। मुखिया और वार्ड सदस्य कागजी कार्रवाई में अनावश्यक देरी कर रहे हैं, जिससे गरीब परिवारों को भारी परेशानी हो रही है। कर्मचारी हड़ताल और छुट्टी का बहाना बनाकर अधिकारियों पर गरीबों का शोषण करने का आरोप भी लगा है।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर में दिनदहाड़े तीन लोगों को सड़क से खींचकर चाकू मारा गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस और मुखिया मदद की बजाय पैसे मांग रहे हैं। इस खूनी वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और न्याय की मांग उठ रही है।2
- बिहार के हाजीपुर में पुलिस ने एक सुपारी किलर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और नशीले पदार्थ बरामद हुए हैं, जिससे कई बड़े खुलासे की उम्मीद है।1
- 40 साल की पढ़ाई के बाद एक शिक्षक या वाइस चांसलर का BMW या Fortuner चलाना कुछ पत्रकारों के लिए अचानक 'राष्ट्रीय संकट' बन गया है। यह व्यंग्य मीडिया के उस रवैये पर सवाल उठाता है, जहाँ असली मुद्दों की कमी में व्यक्तिगत सफलता को निशाना बनाया जाता है।1