परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोक नृत्य का नजारा परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोक नृत्य का नजारा बबेरू माननीय विधायक श्री विशम्भर सिंह यादव जी पहुँच कर खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल दीपावली के दूसरे दिन होने वाली गोवर्धन पूजा के दिन अपने गांव के अपने ग्राम देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोकनृत्य का नजारा बबेरू विधायक जी पहुँच कर खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल और बुंदेलखंड में प्रचलित देवारी नृत्य दीपावली के दिन अपने 12वर्ष के संकलपित ब्रत के मुठवा मे हर वर्ष 5मोर पँख तालाब मे स्नान करा कर शामिल करने पड़ते है मेंअपने गांव की देवारियों कें साथ 7 गांव घूमकर आनन्द की अनुभूति हुईl देवारी विषेशकर यादवो में प्रचलित एक प्रकार की साधना और लाठी चलाने की विधा में पारंगत होना है, इसदिन प्रातःकाल सबसे पहले मौनिहारो को पान खिलाकर मौन कर दिया जाता है, इसके बाद ये पूरा दिन बात नहीं करेंगे, यहाँ तक की पूरा दिन पेशाब और सौच भी नहीं जा सकते, ये मौनिहार मौनब्रत धारण के बाद 7 या 11गाँव का भ्रमण के बाद जहाँ मौन धारण कराया जाता है वही शाम को इनका मौन छोरा जाता है, एक मौनिहार 12 साल तक मौन चराता है इसके बाद बृंदाबन मे यमुना नदी मे इसका समापन होता है l मौनिहारो को अपने गुरु के सामने मांस, मदिरा और अन्य प्रकार के बुराइओं से दूर रहने की शपथ लेनी पड़ती है, उनका गुरु इस पर पुरे साल नजर भी रखता है, ये लोग श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानते है, प्रकृति प्रेमी और गाय प्रेमी होते है,मौनिहार लाठी और डंडे चलाने और उसको अड़ने मे माहिर होते है,इस कार्यक्रम मे मुख्य अथिति बबेरू क्षेत्र के सम्मानित विधायक श्री विशम्भर सिंह यादव जी ने समलित पत्रकार श्यामलाल यादव देवारी गुरु रामलाल यादव देवराज यादव महेश यादव राजकुमार यादव जयकरण यादव सभी का मनोबल बढ़ाया
परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोक नृत्य का नजारा परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोक नृत्य का नजारा बबेरू माननीय विधायक श्री विशम्भर सिंह यादव जी पहुँच कर खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल दीपावली के दूसरे दिन होने वाली गोवर्धन पूजा के दिन अपने गांव के अपने ग्राम देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर
परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोकनृत्य का नजारा बबेरू विधायक जी पहुँच कर खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल और बुंदेलखंड में प्रचलित देवारी नृत्य दीपावली के दिन अपने 12वर्ष के संकलपित ब्रत के मुठवा मे हर वर्ष 5मोर पँख तालाब मे स्नान करा कर शामिल करने पड़ते है मेंअपने गांव की देवारियों कें साथ 7 गांव घूमकर आनन्द की अनुभूति हुईl देवारी विषेशकर यादवो में प्रचलित एक प्रकार की साधना और लाठी चलाने
की विधा में पारंगत होना है, इसदिन प्रातःकाल सबसे पहले मौनिहारो को पान खिलाकर मौन कर दिया जाता है, इसके बाद ये पूरा दिन बात नहीं करेंगे, यहाँ तक की पूरा दिन पेशाब और सौच भी नहीं जा सकते, ये मौनिहार मौनब्रत धारण के बाद 7 या 11गाँव का भ्रमण के बाद जहाँ मौन धारण कराया जाता है वही शाम को इनका मौन छोरा जाता है, एक मौनिहार 12 साल तक मौन चराता है इसके बाद बृंदाबन मे यमुना नदी मे इसका समापन होता है l मौनिहारो को अपने गुरु के
सामने मांस, मदिरा और अन्य प्रकार के बुराइओं से दूर रहने की शपथ लेनी पड़ती है, उनका गुरु इस पर पुरे साल नजर भी रखता है, ये लोग श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानते है, प्रकृति प्रेमी और गाय प्रेमी होते है,मौनिहार लाठी और डंडे चलाने और उसको अड़ने मे माहिर होते है,इस कार्यक्रम मे मुख्य अथिति बबेरू क्षेत्र के सम्मानित विधायक श्री विशम्भर सिंह यादव जी ने समलित पत्रकार श्यामलाल यादव देवारी गुरु रामलाल यादव देवराज यादव महेश यादव राजकुमार यादव जयकरण यादव सभी का मनोबल बढ़ाया
- परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोक नृत्य का नजारा परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोक नृत्य का नजारा बबेरू माननीय विधायक श्री विशम्भर सिंह यादव जी पहुँच कर खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल दीपावली के दूसरे दिन होने वाली गोवर्धन पूजा के दिन अपने गांव के अपने ग्राम देवता का आशीर्वाद प्राप्त कर परसौली न्याय पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत खरौली की देवारी टीम के द्वारा बुंदेलखंड का सबसे खूबसूरत देवारी नृत्य मुड़िया बाबा के स्थान पर अदुभुत लोकनृत्य का नजारा बबेरू विधायक जी पहुँच कर खिलाड़ियों का बढ़ाया मनोबल और बुंदेलखंड में प्रचलित देवारी नृत्य दीपावली के दिन अपने 12वर्ष के संकलपित ब्रत के मुठवा मे हर वर्ष 5मोर पँख तालाब मे स्नान करा कर शामिल करने पड़ते है मेंअपने गांव की देवारियों कें साथ 7 गांव घूमकर आनन्द की अनुभूति हुईl देवारी विषेशकर यादवो में प्रचलित एक प्रकार की साधना और लाठी चलाने की विधा में पारंगत होना है, इसदिन प्रातःकाल सबसे पहले मौनिहारो को पान खिलाकर मौन कर दिया जाता है, इसके बाद ये पूरा दिन बात नहीं करेंगे, यहाँ तक की पूरा दिन पेशाब और सौच भी नहीं जा सकते, ये मौनिहार मौनब्रत धारण के बाद 7 या 11गाँव का भ्रमण के बाद जहाँ मौन धारण कराया जाता है वही शाम को इनका मौन छोरा जाता है, एक मौनिहार 12 साल तक मौन चराता है इसके बाद बृंदाबन मे यमुना नदी मे इसका समापन होता है l मौनिहारो को अपने गुरु के सामने मांस, मदिरा और अन्य प्रकार के बुराइओं से दूर रहने की शपथ लेनी पड़ती है, उनका गुरु इस पर पुरे साल नजर भी रखता है, ये लोग श्री कृष्ण को अपना आराध्य मानते है, प्रकृति प्रेमी और गाय प्रेमी होते है,मौनिहार लाठी और डंडे चलाने और उसको अड़ने मे माहिर होते है,इस कार्यक्रम मे मुख्य अथिति बबेरू क्षेत्र के सम्मानित विधायक श्री विशम्भर सिंह यादव जी ने समलित पत्रकार श्यामलाल यादव देवारी गुरु रामलाल यादव देवराज यादव महेश यादव राजकुमार यादव जयकरण यादव सभी का मनोबल बढ़ाया4
- बाँदा: दीपावली पर्व को लेकर बबेरू पुलिस ने पेट्रोलिंग कर लोगों से शांतिपूर्ण पर्व मनाने की अपील, अराजकता फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई। यूपी: बाँदा जनपद में पुलिस अधीक्षक पलास बंसल के कुशल निर्देशन में दीपावली के पावन पर्व की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जनपद के सभी थानों के साथ-साथ बबेरू कोतवाली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। त्यौहार शांति उल्लास और सुरक्षा के माहौल में मनाने के लिए क्षेत्र में पुलिस के द्वारा लगातार पेट्रोलिंग और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में आज बबेरू कस्बे से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस के द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है। पुलिस ने अपील करते हुए कहा कि सभी लोग बिना किसी डर के हर्षोल्लास के साथ दीपावली मनाएं, पुलिस आपके साथ 24 घंटे मुस्तैद है। बाजार में या आसपास अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे या कोई अराजक तत्व माहौल बिगाड़ने की कोशिश करे तो तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दें। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार जनपद में सुरक्षा व्यवस्था बेहद चुस्त-दुरुस्त है। यदि किसी ने भी कानून व्यवस्था या शांति भंग करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 1
- दीपावली पर माँ केन आरती स्थल घाट पर कई हजारों दीपकों से जगमगाया, प्रभु श्री राम की हुई भव्य महाआरती - पूरा घाट हुआ राममय,, *बाँदा।* दीपावली के शुभ अवसर पर बाँदा के माँ केन आरती स्थल घाट पर भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हजारों दीपकों से पूरा केन घाट जगमगा उठा। ऐसा लगा मानो माँ केन के तट पर अयोध्या उतर आई हो। शाम होते ही हजारों भक्तों ने अपने हाथों से दीप जलाकर घाट को सजाया और हजारों दीपों को माँ केन नदी में प्रवाहित किया। दीपों की रोशनी में केन नदी का पानी सोने की तरह चमक उठा। पूरा घाट "जय श्री राम - जय माँ केन" के जयकारों से गूंज उठा। इसी अवसर पर प्रभु श्री राम की भव्य महाआरती का आयोजन हुआ। भगवान श्री राम के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में भक्तों ने दीप जलाकर राम जी का स्वागत किया। भजन-कीर्तन, राम धुन और महाआरती के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। *इस आयोजन के आयोजक महेश कुमार प्रजापति, जिला अध्यक्ष विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति एवं जिला संयोजक गंगा समग्र, कानपुर प्रांत - बाँदा ने अपने उद्बोधन में कहा -* > "आज दीपावली के पावन पर्व पर माँ केन के तट पर हजारों दीप जलाकर हमने प्रभु श्री राम का स्वागत किया है। जैसे त्रेतायुग में अयोध्या में दीप जले थे, वैसे ही आज बाँदा के केन घाट पर दीप जले हैं। > मैं सभी भक्तों का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने अपने घर की दीपावली छोड़कर माँ केन के घाट पर आकर दीप जलाया। यही सच्ची सनातन संस्कृति है। > हमारा संकल्प है - माँ केन को निर्मल रखना, गौ माता की रक्षा करना और प्रभु श्री राम के आदर्शों को घर-घर तक पहुंचाना। दीप केवल मिट्टी का दीपक नहीं, यह अंधकार पर प्रकाश की जीत है, अधर्म पर धर्म की जीत है। > मैं बाँदा के सभी लोगों से अपील करता हूँ - हर वर्ष दीपावली पर एक दीप अपने घर के लिए और एक दीप माँ केन और गौ माता के लिए जरूर जलाएं इस दौरान उपस्थित वरिष्ठ पत्रकार सुनील सक्सेना जिला सह प्रभारी आलोक कुमार निगम जिला उपाध्यक्ष शुतकीर्ति गुप्ता जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेश कुमार धुरिया जिला अध्यक्ष अधिवक्ता प्रकोष्ठ दीपक शुक्ला जिला मंत्री शैलेंद्र सिंह जिला मंत्री विनय गुप्ता नगर अध्यक्ष मटौध मनुज त्रिपाठी लोहा सिंह जिला प्रचार मंत्री रजनीश प्रजापति आदि कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।4
- मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जा रहा सरकार की छवि धूमिल, पत्रकारों के लिए जारी किया तुगलगी फरमान मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा किया जा रहा सरकार की छवि धूमिल, पत्रकारों के लिए जारी किया तुगलगी फरमान बांदा में पत्रकारों और स्वास्थ विभाग के बीच चल रही खींचतान से में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ब्रजेंद्र सिंह ने सभी सीएससी, पीएससी को एक नोटिस जारी करके कहा कि कोई भी संवाददाता जो अपने को पत्रकार बता अस्पताल में वीडियो और फोटो बनाता मिले तो उसके खिलाफ कानूनी करवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराए l अस्पतालो में केवल शासन से मान्यता प्राप्त पत्रकार ही समाचार कवरेज करते हुए फोटो वीडियो बना सकता है l ऐसे में जनपद के पत्रकारों में स्वास्थ्य विभाग पर गुस्सा नजर आ रहा है l पत्रकारों ने बैठक कर निर्णय लिया कि स्वास्थ्य से जुड़ी जो भी सरकारी योजनाये और विभाग से जुड़ी जनहित की कोई खबर नहीं चलाई जाएगी और न ही कार्यक्रम कवरेज किए जाएंगे l उहोने कहा की मुख्य चिकित्सा अधिकारी की हरकत से प्रदेश सरकार की छवि धूमिल हो रही है l जबकि शासन से मान्यता प्राप्त पत्रकार ऐसे भी है कुछ को छोड़ जिनके पास कोई सही बैनर भी नहीं । जबकि विभिन्न संस्थानों से जुड़े पत्रकार के पास id कार्ड हो या न, हो फिर भी वह अपनी जान की बाजी लगा कर खबर को सचाई के साथ दिखाता है lसीएमओ के इस तुगलगी फरमान का सभी लोगो से एक सिरे से विरोध कियाl उहोने आरोप लगाया कि जनपद में झोला छाप डांक्टर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अनाफ, सनाफ कमीशन देते है इस लिए अधिकारी उनके ऊपर मेहरबान है, जब पत्रकारों ने पोल खोलनी चाही तो खबरों से विभाग के अधिकारी कार्यवाही न कर बल्कि खुद जनपद के पत्रकारों के खिलाफ फरमान जारी कर दिया गया1
- स्लग - "महिला ने दो युवकों पर लगाया छेड़खानी का आरोप, पुलिस अधीक्षक से लगाई न्याय की गुहार, तू-तू, मैं-मैं का वीडियो वायरल" उत्तर प्रदेश के बाँदा में दो मनचलों द्वारा सड़क किनारे एक महिला से छेड़खानी का मामला सामने आया है जहां एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है l साथ ही महिला ने दोनों युवकों से हुई झड़प का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल किया है l मामला बाँदा जनपद की खुरहंड चौकी क्षेत्र अंतर्गत का है जहां पर महिला ने दो मनचलो पर छेड़खणी और मोबाइल आदि तोड़ने का आरोप लगाया है l महिला ने दोनों युवकों पर आरोप लगाते हुए कहा की बीते दिन वह बैंक गयी थी, घर लौटते समय रास्ते में दो युवकों ने उसके रोककर उसके साथ छेड़खानी की, विरोध करने पर धक्का मुक्की की जिससे उसका मोबाइल और मंगलसूत्र जमीन में गिर गया था, पुलिस को सूचना देने पर पुलिस दोनों युवकों को चौकी ले। गयी थी वा मामूली कार्यवाही करके उसको छोड़ दिया था, जिसपर आज मेरे द्वारा पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर उक्त लोगों पर सख्त कार्यवाही करने हेतू न्याय की गुहार लगाई है l3
- शासनादेश कागजों में कैद, विद्यालय पर दोपहर 2:45 बजे लटका ताला! दुरेड़ी में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल बांदा।सरकारी शिक्षा व्यवस्था में बच्चों का भविष्य संवारने के लिए शासनादेश तो खूब जारी होते हैं, लेकिन जब उन्हीं आदेशों की जमीनी हकीकत देखने निकलें तो तस्वीर कई सवाल खड़े कर देती है। बड़ोखर ब्लॉक के पूर्व प्राथमिक विद्यालय दुरेड़ी में 7 नवंबर 2026 को दोपहर करीब 2:45 बजे ताला लटका मिला। यह दृश्य केवल एक विद्यालय के बंद दरवाजे की तस्वीर नहीं, बल्कि विभागीय निगरानी और जवाबदेही पर भी सवालिया निशान है।उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश संख्या **867/68-5-2020, दिनांक 14 अगस्त 2020** के तहत निर्धारित व्यवस्था में शिक्षकों को शिक्षण कार्य शुरू होने से 15 मिनट पहले विद्यालय पहुंचने और शिक्षण अवधि समाप्त होने के बाद कम से कम 30 मिनट तक विद्यालय में रहकर शैक्षणिक अभिलेखों एवं अगले दिन की शिक्षण योजना से जुड़े कार्य करने के निर्देश हैं।लेकिन दुरेड़ी में दोपहर 2:45 बजे ही विद्यालय बंद मिलने की तस्वीर इन निर्देशों के अनुपालन पर सवाल खड़े करती है। आखिर शिक्षक विद्यालय में निर्धारित समय तक उपस्थित क्यों नहीं थे? क्या शासनादेशों का पालन केवल कागजों पर दिखाने के लिए है?विडंबना देखिए, सरकारी विद्यालयों में बच्चों के भविष्य के नाम पर योजनाएं बनती हैं, बजट खर्च होता है और अधिकारियों की समीक्षा बैठकें भी होती हैं, लेकिन यदि विद्यालय ही समय से पहले बंद मिलें तो शिक्षा की गुणवत्ता का दावा आखिर किस आधार पर किया जा रहा है?जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी से सवाल है कि क्या इस विद्यालय की जांच होगी या सरकारी व्यवस्था की यह तस्वीर भी फाइलों में दफन हो जाएगी?** विद्यालय की उपस्थिति पंजिका, निरीक्षण अभिलेख और सीसीटीवी फुटेज (यदि उपलब्ध हो) की जांच कर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।क्योंकि शिक्षा मंदिर के दरवाजे समय से पहले बंद होना महज प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बच्चों के शैक्षणिक अधिकारों के प्रति जिम्मेदारी का भी सवाल है।1
- दीपावली पर पहाड़ी से चित्रकूट तक दिवारी दल की पैदल यात्रा शुरू पहाड़ी। दीपावली पर्व के अवसर पर पहाड़ी क्षेत्र के आयोजकों द्वारा पारंपरिक दिवारी दल की पैदल यात्रा शुरू की गई। रविवार को शाम 5:20 बजे पहाड़ी कस्बे से धर्मनगरी चित्रकूट के लिए दिवारी दल रवाना हुआ। बुंदेलखंड की लोक संस्कृति और पारंपरिक दिवारी नृत्य की पहचान को लेकर दिवारी दल की यह पैदल यात्रा धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी हुई है। दीपावली के पावन अवसर पर पहाड़ी कस्बे से चित्रकूट तक शुरू हुई इस यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।1
- बाँदा: बबेरु तहसील में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, अधिकारियों ने की जनसुनवाई 6 शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण यूपी: बांदा जनपद के बबेरु तहसील परिसर में आज सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जहाँ जनता की समस्याओं के त्वरित और निष्पक्ष निस्तारण के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। बबेरू तहसील सभागार में आज मुख्य विकास अधिकारी और उपजिलाधिकारी बबेरु अवनीश कुमार की अध्यक्षता में 'संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जहां कस्बा और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी उम्मीदें लेकर पहुंचे। समाधान दिवस के दौरान मुख्य विकास अधिकारी और एसडीएम ने एक-एक कर सभी फरियादियों की समस्याएं सुनीं। समाधान दिवस में ज्यादा मामले जमीनी विवाद, विकास विभाग, नगर पंचायत, पुलिस विभाग, खाद की समस्या आदि से संबंधित शिकायती पत्र प्राप्त हुए है। मामलों को देखते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों के कर्मचारियों को तलब किया। साथ ही प्राप्त 117 शिकायती पत्रों में से 6 शिकायतों का मौके पर अधिकारियों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया गया। अन्य शिकायती पत्र संबंधित विभागों को सौंप कर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण करने के कड़े निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि जनसुनवाई में आई शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संपूर्ण समाधान दिवस आयोजन पर जिला तहसील व ब्लॉक के समस्त अधिकारी कर्मचारी गण मौजूद रहे।2