पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालक पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालकककोड़ देहात में गैस को लेकर बवाल, कालाबाजारी के आरोपों पर एजेंसी संचालक की सफाई सब-हेडलाइन: “पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालक ककोड़ (बुलंदशहर) से रिपोर्ट: बुलंदशहर के ककोड़ देहात में गैस सिलेंडरों को लेकर मचे बवाल के बीच अब बड़ा खुलासा सामने आया है। कालाबाजारी के आरोपों से घिरी जैना गैस एजेंसी के संचालक अश्वनी कुमार ने खुद सामने आकर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी एजेंसी पर गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गैस सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था। कई उपभोक्ताओं ने लंबी कतारों में खड़े रहने और समय पर गैस न मिलने की शिकायतें की थीं। इसके साथ ही कुछ लोगों द्वारा कालाबाजारी के आरोप भी लगाए गए, जिससे मामला और अधिक गर्मा गया। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई थीं। इन सभी आरोपों पर सफाई देते हुए एजेंसी संचालक अश्वनी कुमार ने कहा, “कालाबाजारी जैसा कुछ भी नहीं है। कुछ लोग बेवजह अफवाहें फैला रहे हैं और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी एजेंसी पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस दी जा रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता का सवाल ही नहीं उठता। जरूरत पड़ने पर प्रशासन भी जांच कर सकता है, उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और घर-घर डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। इसके बावजूद ककोड़ देहात में उपभोक्ताओं की परेशानी और एजेंसी की सफाई के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है या नहीं। फिलहाल, आरोप और सफाई के बीच सच्चाई की तलाश जारी
पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालक पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालकककोड़ देहात में गैस को लेकर बवाल, कालाबाजारी के आरोपों पर एजेंसी संचालक की सफाई सब-हेडलाइन: “पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालक ककोड़ (बुलंदशहर) से रिपोर्ट: बुलंदशहर के ककोड़ देहात में गैस सिलेंडरों को लेकर मचे बवाल के बीच अब बड़ा खुलासा सामने आया है। कालाबाजारी के आरोपों से घिरी जैना गैस एजेंसी के संचालक अश्वनी कुमार ने खुद सामने आकर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी एजेंसी पर गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गैस सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था। कई उपभोक्ताओं ने लंबी कतारों में खड़े रहने और समय पर गैस न मिलने की शिकायतें की थीं। इसके साथ ही कुछ लोगों द्वारा कालाबाजारी के आरोप भी लगाए गए, जिससे मामला और अधिक गर्मा गया। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई थीं। इन सभी आरोपों पर सफाई देते हुए एजेंसी संचालक अश्वनी कुमार ने कहा, “कालाबाजारी जैसा कुछ भी नहीं है। कुछ लोग बेवजह अफवाहें फैला रहे हैं और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी एजेंसी पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस दी जा रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता का सवाल ही नहीं उठता। जरूरत पड़ने पर प्रशासन भी जांच कर सकता है, उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और घर-घर डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। इसके बावजूद ककोड़ देहात में उपभोक्ताओं की परेशानी और एजेंसी की सफाई के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है या नहीं। फिलहाल, आरोप और सफाई के बीच सच्चाई की तलाश जारी
- पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालकककोड़ देहात में गैस को लेकर बवाल, कालाबाजारी के आरोपों पर एजेंसी संचालक की सफाई सब-हेडलाइन: “पर्याप्त स्टॉक मौजूद, अफवाहों से बनाया जा रहा माहौल खराब”—एजेंसी संचालक ककोड़ (बुलंदशहर) से रिपोर्ट: बुलंदशहर के ककोड़ देहात में गैस सिलेंडरों को लेकर मचे बवाल के बीच अब बड़ा खुलासा सामने आया है। कालाबाजारी के आरोपों से घिरी जैना गैस एजेंसी के संचालक अश्वनी कुमार ने खुद सामने आकर इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनकी एजेंसी पर गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और सभी उपभोक्ताओं को नियमित रूप से आपूर्ति की जा रही है। पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गैस सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ था। कई उपभोक्ताओं ने लंबी कतारों में खड़े रहने और समय पर गैस न मिलने की शिकायतें की थीं। इसके साथ ही कुछ लोगों द्वारा कालाबाजारी के आरोप भी लगाए गए, जिससे मामला और अधिक गर्मा गया। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर इस मुद्दे को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई थीं। इन सभी आरोपों पर सफाई देते हुए एजेंसी संचालक अश्वनी कुमार ने कहा, “कालाबाजारी जैसा कुछ भी नहीं है। कुछ लोग बेवजह अफवाहें फैला रहे हैं और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी एजेंसी पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सभी उपभोक्ताओं को समय पर गैस दी जा रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि एजेंसी पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता का सवाल ही नहीं उठता। जरूरत पड़ने पर प्रशासन भी जांच कर सकता है, उन्हें किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और घर-घर डिलीवरी व्यवस्था सुचारू रूप से जारी है। इसके बावजूद ककोड़ देहात में उपभोक्ताओं की परेशानी और एजेंसी की सफाई के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और क्या जमीनी स्तर पर उपभोक्ताओं को राहत मिल पाती है या नहीं। फिलहाल, आरोप और सफाई के बीच सच्चाई की तलाश जारी1
- अनमोल की हत्या के आरोप में तीन युवक़ों को किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर मोबाइल फोन, ईंट और खून से सने कपड़े बरामद रजत और सोनू की बहन से बात करने के लिए मोबाइल नम्बर मांगने पर की गई थी अनमोल की हत्या सोनू और रजत ने अनमोल को जंगल में बुलाया और ईंट से कुचलकर मार डाला अनमोल के शव को कुएं में लटकाकर फरार हो गए थे सोनू और रजत सन्दिग्ध परिस्थियों में गायब हुआ था अनमोल, पुलिस ने दर्ज की थी अपहरण की एफआईआर बुलंदशहर के थाना अहमदगढ़ क्षेत्र के गांव छोटा बास में हुई थी घटना बाइट: तेजवीर सिंह (एसपी देहात) रिपोर्ट: मनोज गिरी, बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज1
- * फतेहपुर के थाना गाज़ीपुर पुलिस ने नाले से निकलवाया बाहर गाड़ी में मिले फटे रजिस्ट्रेशन के अनुसार गिरजा शंकर पुत्र स्वर्गीय बिहारी लाल UP71AC 9757 है *रिपोर्टर.जैनुल शाह खागा तहसील संवाददाता फ़तेहपुर*1
- लखनऊ : CM हेल्पलाइन नंबर 1076 पर पूरे उत्तर प्रदेश की शिकायतें सुनने वाली लड़कियां आज रो रही हैं। उन्हें प्रदर्शन तक नहीं करने दिया गया। वे नाराज थीं कम सैलरी मिलने से। वे चाहती थीं कि CM ऑफिस पर जाकर अपनी फरियाद सुनाएं, पर ऐसा संभव नहीं हुआ।1
- Post by Lokendra Raj Singh5
- Post by Gaurav Sharma Journalist1
- बुलंदशहर : अहमदगढ़ से लापता किशोर का कुएं में शव मिलने से फैली सनसनी1
- नुमाइश में वैराइटी शो के नाम पर अश्लील डांस के साथ-साथ शहर के रसूखदार,सफेदपोश जमकर पैसे भी लुटा रहे हैं। दरअसल बुलंदशहर में हर साल नुमाइश का कार्यक्रम होता है। इस मामले को लेकर नुमाइश कमेटी के सदस्य से जब पूछा गया तो वह बोले कि यह चिंताजनक है और इसको लेकर उच्चाधिकारियों से बात की जाएगी. इस तरह की अश्लीलता को रोकने का वह समर्थन करते हुए नजर आए। असल में बुलंदशहर में नुमाइश कार्यक्रम के दौरान महिलाओं व युवतियों के फूहड़ डांस और उन पर पैसे लुटाए जाने का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो के बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। हर साल यहां होने वाले नुमाइश कार्यक्रम में हर साल वैराइटी शो के नाम पर पहले तो जमकर अश्लीलता परोसी जा रही है। महिलाएं अश्लील गानों पर जमकर ठुमके लगा रही है वही लोगो की तरफ महिलाएं अश्लील इशारे भी कर रही हैं। वहीं डांस करने आईं लड़कियों पर जमकर पैसों की बारिश की जा रही है। कहा यह भी जा रहा है कि ऐसा सिर्फ इसी साल नहीं हो रहा है। हैरानी की बात यह भी है कि नुमाइश के लिए प्रशासन ही अनुमति देता है। इस कार्यक्रम के लिए बाकायदा लोगों से एंट्री टिकट लिया जाता है. इस शो के आयोजन को लेकर जो बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, उनमें पहला तो यही है कि खुलेआम अश्लीलता परोसने वाले इस आयोजन को प्रशासन से अनुमति कैसे मिल रही है। दूसरा यह कि आयोजक इसे रोकने के लिए क्या कदम उठा रहे हैं। और यहां डांस करने वाली महिलाएं व युवतियां कौन हैं, कहां से आती हैं? क्या मजबूरी है? नृत्य कला के नाम पर जिनसे यह अश्लीलता करवाई जा रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन अब इस तरह की चीजों को कैसे रोक पाता है और ऐसे आयोजन के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा।1