मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने चम्पावत जनपद के अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात दी है। इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और पेयजल संकट के स्थायी समाधान हेतु 25 नए इंडिया मार्क-II हैंडपंपों की स्थापना के लिए कुल ₹89.54 लाख की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल के तहत, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से ₹53.72 लाख की पहली किश्त तुरंत जारी कर दी गई है, जो कुल स्वीकृत राशि का 60 प्रतिशत है। इस महत्वपूर्ण योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि सभी हैंडपंपों की स्थापना अनिवार्य रूप से अनुसूचित जाति के लाभार्थियों की बस्तियों के समीप की जाए, ताकि जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिल सके। साथ ही, साइट की जीआईएस (GIS) मैपिंग और जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, सभी निर्माण कार्यों को शासन के मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रस्तावित स्थान पर पानी नहीं निकलता है (ड्राई बोर होता है), तो बिना समय गंवाए त्वरित रूप से नए स्थान का चयन कर अनुमोदन प्राप्त किया जाए और कार्य को आगे बढ़ाया जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इस पेयजल योजना का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने चम्पावत जनपद के अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण सौगात दी है। इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करने और पेयजल संकट के स्थायी समाधान हेतु 25 नए इंडिया मार्क-II हैंडपंपों की स्थापना के लिए कुल ₹89.54 लाख की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल के तहत, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से ₹53.72 लाख की पहली किश्त तुरंत जारी कर दी गई है, जो कुल स्वीकृत राशि का 60 प्रतिशत है। इस महत्वपूर्ण योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देशित किया है कि सभी हैंडपंपों की स्थापना अनिवार्य रूप से अनुसूचित जाति के लाभार्थियों की बस्तियों के समीप की जाए, ताकि जरूरतमंदों को सीधा लाभ मिल सके। साथ ही, साइट की जीआईएस (GIS) मैपिंग और जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने, सभी निर्माण कार्यों को शासन के मानकों के अनुरूप और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रस्तावित स्थान पर पानी नहीं निकलता है (ड्राई बोर होता है), तो बिना समय गंवाए त्वरित रूप से नए स्थान का चयन कर अनुमोदन प्राप्त किया जाए और कार्य को आगे बढ़ाया जाए, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इस पेयजल योजना का लाभ मिल सके।
- रुद्रप्रयाग में निहंगों के एक समूह ने एक गुरुद्वारे पर धावा बोल दिया। इस दौरान, उन्होंने एक सिख श्रद्धालु को गुरुद्वारे की छत पर बंधक बना लिया।1
- चंपावत से आ रहा एक डंपर चालक क्योराला घाटी में एक बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गया। यह चालक पंपिंग का सामान ले जा रहा था और इस दौरान वह बार-बार किसी बड़े हादसे का शिकार होने से बचता रहा।1
- चम्पावत जनपद के चल्थी क्षेत्र में मशीनों द्वारा अवैध खनन किए जाने के संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक वीडियो पर भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग ने संज्ञान लेते हुए स्थिति स्पष्ट की है। प्रभारी जिला खान अधिकारी डॉ. हरीश बिष्ट ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो पुराना है, और जिस स्थान को अवैध खनन का बताया जा रहा है, वह वास्तव में एक अधिकृत रिवर ट्रेनिंग क्षेत्र है। डॉ. बिष्ट ने स्पष्ट किया कि इस क्षेत्र में नियमानुसार कार्य करने के लिए जिला स्तर से रिवर ट्रेनिंग की विधिवत अनुमति प्रदान की गई थी। इसके साथ ही, मुख्यालय स्तर से भी कुछ अनिवार्य शर्तों के अधीन जेसीबी मशीन के उपयोग की अनुमति मिली थी। उन्होंने आगे बताया कि उक्त चिन्हित स्थल पर रिवर ट्रेनिंग का कार्य पूरी तरह से संपन्न कर लिया गया है, और वर्तमान में उस स्थान पर किसी भी प्रकार का अवैध खनन नहीं किया जा रहा है। इस रिवर ट्रेनिंग कार्य के तहत नदी के बहाव को सुचारु बनाने के लिए उसे चैनल के मध्य में केंद्रीकृत किया गया है। विभाग के अनुसार, इस वैज्ञानिक प्रक्रिया से भविष्य में आने वाली किसी भी संभावित आपदा के दृष्टिगत क्षेत्र को सुरक्षित रखने और बचाव कार्य में बड़ी मदद मिल सकेगी। प्रभारी जिला खान अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि विभाग पूरी तरह सतर्क है तथा अवैध खनन की रोकथाम हेतु लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। विभाग ने आम जनता से विशेष अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली ऐसी किसी भी भ्रामक व असत्यापित खबर पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें। किसी भी क्षेत्र में खनन कार्य या विभागीय गतिविधियों से संबंधित सही व प्रामाणिक जानकारी प्राप्त करने के लिए भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचा जा सके।1
- एक बच्चे की दर्दभरी दास्तान सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है। यह मार्मिक कहानी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रही है, और पोस्ट के माध्यम से पाठकों से अपील की जा रही है कि वे बच्चे के इस दर्द को समझें और इस वायरल घटना पर अपने विचार साझा करें।1
- कपकोट के निवासी पवन बचखेती ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर का पद हासिल किया है। इस उपलब्धि से कपकोट में हर्ष का माहौल है।1
- रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारा साहिब में 20 जून की शाम से जारी घटनाक्रम अब समाधान की ओर बढ़ रहा है, जहाँ करीब 36 घंटे तक चले हाई-वोल्टेज घटनाक्रम के बाद सोमवार सुबह गुरुद्वारे की छत पर डटे 2 निहंग सिख नीचे उतर आए हैं। यह पूरा घटनाक्रम 20 जून की शाम को 7 निहंगों के गुरुद्वारे में घुसने के बाद शुरू हुआ था। हालांकि, अभी भी 5 निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर डटे हुए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि यह मामला आज पूरी तरह सुलझ जाएगा। इस बीच, इलाके में इंटरनेट सेवाएँ भी बहाल कर दी गई हैं। जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने इस पूरे मामले को आपसी विवाद करार दिया है और जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।1
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी आकर बस जाए।" यह महत्वपूर्ण बयान रोहिंग्या और अन्य अवैध घुसपैठियों के संदर्भ में दिया गया है, जिस पर सरकार का मानना है कि देश की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अवैध रूप से देश में रहने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार की योजना है कि भारत में आने वाले सभी विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके रिकॉर्ड सुनिश्चित किए जाएं। राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए, घुसपैठ के मामलों पर लगातार और कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि ऐसी किसी भी गतिविधि को रोका जा सके। इस पूरे मामले में सरकार का मुख्य संदेश स्पष्ट है: अवैध घुसपैठ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी, राष्ट्रीय सुरक्षा देश की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और घुसपैठ के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- चम्पावत में आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद महोदया ने एक विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम" नामक अभियान के तहत पौधरोपण भी किया।1