बरेली के विकासखंड भोजीपुरा स्थित ग्राम मांडा का मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सड़क पर फैले कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हैं कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे विद्यालय जाते हैं और मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान अबरार ने रेलवे के डीआरएम (DRM) को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। प्रधान का कहना है कि सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले इस प्रमुख मार्ग पर पत्र भेजने के बावजूद अभी तक रेलवे की तरफ से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से गड्ढों को भरवाकर सड़क का स्थायी डामरीकरण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
बरेली के विकासखंड भोजीपुरा स्थित ग्राम मांडा का मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सड़क पर फैले कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हैं कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे विद्यालय जाते हैं और मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की,
लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान अबरार ने रेलवे के डीआरएम (DRM) को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। प्रधान का कहना है कि सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले इस प्रमुख मार्ग पर पत्र भेजने के बावजूद
अभी तक रेलवे की तरफ से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से गड्ढों को भरवाकर सड़क का स्थायी डामरीकरण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
- दिल्ली के जंतर-मंतर से छात्रों की दो बिल्कुल अलग तस्वीरें सामने आई हैं, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पहली तस्वीर में कुछ छात्र आपस में हंसते, मज़ाक करते और मोबाइल से वीडियो बनाते दिख रहे हैं, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें कही जा रही हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की तथा बल प्रयोग के दृश्य दिखाई दे रहे हैं, जिसमें कई छात्र भागते, रोते और अपने दोस्तों को संभालते नज़र आ रहे हैं। इन दो तस्वीरों के सामने आने के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या दोस्तों के बीच दो पल मुस्कुरा लेने से किसी छात्र की मांग या भविष्य की चिंता खत्म हो जाती है। सोशल मीडिया इस समय दो हिस्सों में बंटा हुआ है, जहाँ कुछ लोग सिर्फ हंसी वाले वीडियो दिखा रहे हैं तो कुछ केवल पुलिस कार्रवाई के दृश्य। ऐसे में किसी आंदोलन को कुछ सेकंड की वायरल क्लिप से आंकने के बजाय पूरा संदर्भ सामने रखना आवश्यक माना गया है। अपने भविष्य, पढ़ाई और रोज़गार जैसे मुद्दों को लेकर सड़क पर उतरे युवाओं की आवाज़ को गंभीरता से सुने जाने की ज़रूरत पर बल दिया गया है। लोकतंत्र में संवाद को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सरकार से अपेक्षा की गई है कि वह मामले में पारदर्शिता रखे, घटनाक्रम पर स्पष्ट जानकारी दे और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वालों की सुरक्षा व अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करे।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली में एक पीड़िता ने अपने साथ हुई खौफनाक दास्तान को अपने शब्दों में बयां करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है। पीड़िता ने बताया कि उसे ब्लैकमेल करके मंदिर में शादी रचाई गई और इसके बाद दोस्तों से भी उसे प्रताड़ित करवाया गया। अपने साथ हुए इस पूरे अत्याचार की आपबीती सुनाते हुए पीड़िता ने न्याय की मांग की है।1
- बरेली के विकासखंड भोजीपुरा स्थित ग्राम मांडा का मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। सड़क पर फैले कीचड़, गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बेहद मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात इतने खराब हैं कि लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे विद्यालय जाते हैं और मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से दोपहिया वाहन अक्सर फिसल रहे हैं और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्राम प्रधान अबरार ने रेलवे के डीआरएम (DRM) को लिखित प्रार्थना पत्र भेजकर सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की है। प्रधान का कहना है कि सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले इस प्रमुख मार्ग पर पत्र भेजने के बावजूद अभी तक रेलवे की तरफ से कोई जवाब या कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे विभाग से गड्ढों को भरवाकर सड़क का स्थायी डामरीकरण कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि जल्द समाधान न होने पर वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।4
- भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) ने बदायूं के मालवीय आवास गृह पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। धरने के बाद संगठन ने सिटी मजिस्ट्रेट और बेसिक शिक्षा अधिकारी को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपकर स्कूलों में हो रही मनमानी और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की। पंचायत को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि जनपद में बिना मान्यता के भारी संख्या में अवैध स्कूल संचालित हो रहे हैं। वहीं सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, जहाँ 100 बच्चों पर केवल 2 शिक्षक ही तैनात हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। संगठन ने निजी स्कूलों पर कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों से कॉपी-किताब, हर साल एडमिशन फीस, स्कूल ड्रेस, ट्यूशन, बिल्डिंग किराया और बिजली-पंखा के नाम पर मनमानी वसूली का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चा उसी स्कूल में पढ़ता है तो हर साल एडमिशन फीस क्यों ली जाती है। संगठन ने मांग की कि सभी स्कूलों में एक जैसी किताबें और एनसीईआरटी की पुस्तकें लागू की जाएं। इस दौरान अमरोहा के जिला अध्यक्ष अपनी टीम के साथ बदायूं पहुंचे और बीएसए कार्यालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा। धरने में सूं.धव. अगरास, धव.क्षे. इस्लामनगर में सेवारत सहायक अध्यापक लोकेश कुमार ने भी ज्ञापन देकर एमडीएम (मिड-डे मील) में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि 01 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2026 तक उन्होंने 4,88,000 रुपये से अधिक की लागत से अपनी सैलरी और गोल्ड लोन लेकर एमडीएम चलाया, लेकिन द्वेष भावना के चलते ग्राम प्रधान द्वारा यह राशि 22 जुलाई 2026 तक नहीं दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान ने कोई सहयोग नहीं किया फिर भी उसे एमडीएम से 2 लाख रुपये का चेक जारी हुआ। लोकेश कुमार ने अपनी लागत दिलाने की मांग की और चेतावनी दी कि कोई अप्रिय घटना होने पर ग्राम प्रधान दिवाकर शर्मा, रामवीर सिंह राणा और उनके साथी जिम्मेदार होंगे। इस अवसर पर यार्वेंद्र यादव, अमनदीप, सोनू यादव, विवेक कुमार, अंकुर सिद्धू, पीतम सिंह, अरशद खान, इरशाद खान, अनावर, शराफत खान, महेंद्र पाल, नूरुद्दीन, सर्वेश, शरीफ अब्बासी और भगवानदास समेत अन्य लोग मौजूद रहे।4
- बरेली जिले के थाना इज्जत नगर क्षेत्र से एक मामला सामने आया है, जहाँ पीड़ित ने क्षेत्र के दबंगों के ऊपर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। दबंगों की हरकतों से परेशान होकर पीड़ित ने प्रशासन और पुलिस से न्याय की माँग करते हुए इंसाफ की गुहार लगाई है।1
- ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज को बेहद दुखद, नाकाबिल-ए-बरदाश्त और देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए इसकी घोर निंदा की है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह छात्र-छात्राओं के भविष्य के लिए उनके साथ हमेशा खड़ी है और अपने हक की यह लड़ाई देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी बन चुकी है। पार्टी ने प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं से आह्वान किया है कि जब तक प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक वे जंतर-मंतर पर डटे रहें। लाठीचार्ज पर तीखा आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि जिन लोगों ने छात्रों पर डंडे बरसाए हैं, उनके खिलाफ भी वही कार्रवाई होनी चाहिए, उन्हें देश से बाहर निकालकर चौराहे पर नंगा करके पीटा जाना चाहिए। देश में शासन कर रही बीजेपी सरकार को घेरते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम मजलिस पार्टी ने राष्ट्रपति महोदय से इस सरकार को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है, ताकि देश सुरक्षित रह सके। पूरे भारतवर्ष के छात्रों के लिए 'छात्र एकता जिंदाबाद', 'जय संविधान', 'जय भारत' और 'जय हिंदुस्तान' के संदेश के साथ एकजुटता का आह्वान किया गया है।1
- बरेली के परसा खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया में सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यहां सफाई केवल कागजों में ही दिखाई जा रही है। हकीकत में लंबे समय से नाले और नालियां गंदगी व झाड़ियों से अटी पड़ी हैं। कई स्थानों पर झाड़ियों और मिट्टी का जमाव इतना ज्यादा हो गया है कि नाले-नालियों के ऊपर पगडंडी बन गई है। नियमित सफाई न होने से जल निकासी बाधित हो रही है, जिससे बरसात के दौरान जलभराव और गंदगी की समस्या बढ़ने की आशंका है। इसके साथ ही इलाके में मच्छरों का प्रकोप बहुत बढ़ गया है और कोई मच्छर मार दवाई नहीं डाली जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद मूलभूत सफाई व्यवस्था की अनदेखी उद्योगों और आम लोगों दोनों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। क्षेत्रवासियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि परसा खेड़ा इंडस्ट्रियल एरिया का स्थलीय निरीक्षण कराकर नाले-नालियों की तत्काल सफाई कराई जाए। इसके अलावा सफाई कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।2
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में बरेली में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बल प्रयोग कर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है। प्रदर्शनकारियों ने जौहर यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण के आदेश को वापस लेने, छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने और घायल छात्रों को मुआवजा देने की मांग उठाई है। इसके अलावा, NEET समेत भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की पारदर्शी जांच कराने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की भी मांग की गई है। यह ज्ञापन आदित्य यादव एडवोकेट, आकाश यादव, अमर राठौर, किशन यादव, हरविन्दर और प्रशांत यादव सहित अन्य साथियों की ओर से सौंपा गया है, जिसके बाद अब प्रशासन और सरकार के अगले रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं।1