logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई   +7  सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है।  विकिपीडिया +4 सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है।  विकिपीडिया +6 सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

2 hrs ago
user_बासुकी  नाथ साह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
बासुकी नाथ साह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
Railway services कटिहार, कटिहार, बिहार•
2 hrs ago

RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई   +7  सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है।  विकिपीडिया +4 सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है।  विकिपीडिया +6 सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।

More news from बिहार and nearby areas
  • RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है। सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।  (रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ए) राष्ट्रीय सचिव बासुकीनाथ साह कनौजिया पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार बिहार
    1
    RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 
सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है।
सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य:
विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था।
कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई।
बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था।
प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे।
प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है।
लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है
सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है। 
(रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ए)
राष्ट्रीय सचिव बासुकीनाथ साह कनौजिया पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार बिहार
    user_बासुकी  नाथ साह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    बासुकी नाथ साह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    Railway services कटिहार, कटिहार, बिहार•
    2 hrs ago
  • Post by Mukesh Kumar
    1
    Post by Mukesh Kumar
    user_Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar
    हसनगंज, कटिहार, बिहार•
    11 hrs ago
  • पिछले दिनों आई आंधी,तूफान और बारिश ने किसानों की फसल को भारी नुकसान किया है,जिसे लेकर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और कृषि मंत्री राम कृपाल यादव जी से अनुरोध करता हूं किसानों का फसल क्षति हुआ है जिससे गरीब किसान परेशान है आप फौरन उनके मुआवजा दें ताकि किसान को कुछ राहत मिल सके।
    1
    पिछले दिनों आई आंधी,तूफान और बारिश ने किसानों की फसल को भारी नुकसान किया है,जिसे लेकर AIMIM के राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी और कृषि मंत्री राम कृपाल यादव जी से अनुरोध करता हूं किसानों का फसल क्षति हुआ है जिससे गरीब किसान परेशान है आप फौरन उनके मुआवजा दें ताकि किसान को कुछ राहत मिल सके।
    user_Asadur Rahman
    Asadur Rahman
    कटिहार, कटिहार, बिहार•
    13 hrs ago
  • पूर्णिया का लाल ने रचा इतिहास आर्ट्स विषय मैं बिहार मैं दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं लक्की अंसारी सभी मिलकर वीडियो को शेयर कर दीजिए
    1
    पूर्णिया का लाल ने रचा इतिहास आर्ट्स विषय मैं बिहार मैं दूसरा स्थान प्राप्त किया हैं लक्की अंसारी सभी मिलकर वीडियो को शेयर कर दीजिए
    user_Today Real News
    Today Real News
    Media company पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    4 hrs ago
  • पिछले दिनों बारिश से जहां किसानों की एक ओर फसल तबाह हो गई है। तो वही देखीये आज सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम का ऊंट कब किस करवट बदले कहा नहीं जा सकता।
    1
    पिछले दिनों बारिश से जहां किसानों की एक ओर फसल तबाह हो गई है। तो वही देखीये आज सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। मौसम का ऊंट कब किस करवट बदले कहा नहीं जा सकता।
    user_Usha devi
    Usha devi
    पीरपैंती, भागलपुर, बिहार•
    14 hrs ago
  • बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में बिहार टॉपर और जिला टॉपर्स को जिलाधिकारी श्री अंशुल कुमार द्वारा किया गया सम्मानित।  लकी अंसारी ने कला संकाय में पूरे राज्य में हासिल किया दूसरा स्थान:- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राज्य स्तर पर और पूर्णिया जिला स्तर पर परचम लहराने वाले विद्यार्थियों को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री रवींद्र कुमार प्रकाश और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री अविनाश कुमार अमन एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में स्टेट टॉपर का विशेष सम्मान: कला संकाय (Arts stream) में पूरे बिहार राज्य में द्वितीय स्थान (2nd Rank) तथा जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूर्णिया का नाम रोशन करने वाले होनहार छात्र मो. लकी अंसारी को जिलाधिकारी द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया। तीनों संकायों के जिला टॉपर्स जिन्हें किया गया पुरस्कृत: लकी अंसारी के अलावा, विज्ञान (Science), वाणिज्य (Commerce) और कला (Arts) संकाय के शीर्ष जिला टॉपर्स को उनकी इस शानदार शैक्षणिक उपलब्धि के लिए प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया।  सम्मानित हुए मेधावी छात्र क्रमशः - कला संकाय (Arts): प्रथम स्थान: मो. लकी अंसारी द्वितीय स्थान: तन्नू कुमारी एवं अबुजर (संयुक्त रूप से) तृतीय स्थान: मो. अरमान वाणिज्य संकाय (Commerce): प्रथम स्थान: रोहित कुमार सुराणा द्वितीय स्थान: श्रेया राज तृतीय स्थान: रिया सिंह एवं देवांशु कुमार सत्यम (संयुक्त रूप से) विज्ञान संकाय (Science): प्रथम स्थान: यश राज द्वितीय स्थान: काज़ी निसार अहमद तृतीय स्थान: शिवशक्ति कुमार एवं मो. इकबाल (संयुक्त रूप से) मौके पर जिलाधिकारी द्वारा डॉ. कलाम साहब की पुस्तक भेट कर सम्मानित किया गया। जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों को देश के पूर्व राष्ट्रपति और 'मिसाइल मैन' डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा लिखित पुस्तकें भेंट कीं। छात्रों को डॉ. कलाम के जीवन, उनके संघर्षों और उनके महान विचारों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।ताकि बच्चें उनसे प्रेरणा लेकर भविष्य में देश और समाज के लिए बड़ा योगदान दे सकें।  जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री रविंद्र कुमार प्रकाश ने  भी सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। छात्रों ने व्यक्त किया आभार: इस सम्मान समारोह के बाद सभी विद्यार्थी बेहद उत्साहित और खुश नजर आए।  छात्र-छात्राओं ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग को हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा दिया गया यह सम्मान उन्हें आगे के जीवन में और भी अधिक परिश्रम करने और नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करेगा।
    1
    बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में बिहार टॉपर और जिला टॉपर्स को जिलाधिकारी श्री अंशुल कुमार द्वारा किया गया सम्मानित। 
लकी अंसारी ने कला संकाय में पूरे राज्य में हासिल किया दूसरा स्थान:-
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में राज्य स्तर पर और पूर्णिया जिला स्तर पर परचम लहराने वाले विद्यार्थियों को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री रवींद्र कुमार प्रकाश और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी श्री अविनाश कुमार अमन एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में स्टेट टॉपर का विशेष सम्मान: कला संकाय (Arts stream) में पूरे बिहार राज्य में द्वितीय स्थान (2nd Rank) तथा जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूर्णिया का नाम रोशन करने वाले होनहार छात्र मो. लकी अंसारी को जिलाधिकारी द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
तीनों संकायों के जिला टॉपर्स जिन्हें किया गया पुरस्कृत: लकी अंसारी के अलावा, विज्ञान (Science), वाणिज्य (Commerce) और कला (Arts) संकाय के शीर्ष जिला टॉपर्स को उनकी इस शानदार शैक्षणिक उपलब्धि के लिए प्रशस्ति पत्र एवं मेडल देकर सम्मानित किया गया। 
सम्मानित हुए मेधावी छात्र क्रमशः -
कला संकाय (Arts):
प्रथम स्थान: मो. लकी अंसारी
द्वितीय स्थान: तन्नू कुमारी एवं अबुजर (संयुक्त रूप से)
तृतीय स्थान: मो. अरमान
वाणिज्य संकाय (Commerce):
प्रथम स्थान: रोहित कुमार सुराणा
द्वितीय स्थान: श्रेया राज
तृतीय स्थान: रिया सिंह एवं देवांशु कुमार सत्यम (संयुक्त रूप से)
विज्ञान संकाय (Science):
प्रथम स्थान: यश राज
द्वितीय स्थान: काज़ी निसार अहमद
तृतीय स्थान: शिवशक्ति कुमार एवं मो. इकबाल (संयुक्त रूप से)
मौके पर जिलाधिकारी द्वारा डॉ. कलाम साहब की पुस्तक भेट कर सम्मानित किया गया।
जिला पदाधिकारी ने विद्यार्थियों को देश के पूर्व राष्ट्रपति और 'मिसाइल मैन' डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वारा लिखित पुस्तकें भेंट कीं।
छात्रों को डॉ. कलाम के जीवन, उनके संघर्षों और उनके महान विचारों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।ताकि बच्चें उनसे प्रेरणा लेकर भविष्य में देश और समाज के लिए बड़ा योगदान दे सकें। 
जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री रविंद्र कुमार प्रकाश ने  भी सभी छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
छात्रों ने व्यक्त किया आभार:
इस सम्मान समारोह के बाद सभी विद्यार्थी बेहद उत्साहित और खुश नजर आए। 
छात्र-छात्राओं ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। साथ ही, उन्होंने जिला प्रशासन और जिला शिक्षा विभाग को हृदय से धन्यवाद करते हुए कहा कि अधिकारियों द्वारा दिया गया यह सम्मान उन्हें आगे के जीवन में और भी अधिक परिश्रम करने और नई ऊंचाइयों को छूने के लिए प्रेरित करेगा।
    user_Seemanchal Bytes
    Seemanchal Bytes
    Media company पूर्णिया पूर्व, पूर्णिया, बिहार•
    22 hrs ago
  • नहर की जमीन पर बैठक बनाने को लेकर तीन भाइयों के बीच हुआ विवाद पीड़ित ने थाना एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत को दिया आवेदन। #hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogawithwall #नहर_की_जमीन #बैठक_विवाद #तीन_भाई #जमीन_विवाद #राष्ट्रीय_मानवाधिकार_सुरक्षा_संगठन #विवाद #मानवाधिकार #सुरक्षा_संगठन #जमीन #बैठक #नहर #विवाद_सुलझाना #सामाजिक_मुद्दे #कानूनी_मामले #पुलिस #तहसील #सरकारी_जमीन #भूमि_विवाद #ग्रामीण_विवाद #न्याय
    1
    नहर की जमीन पर बैठक बनाने को लेकर तीन भाइयों के बीच हुआ विवाद पीड़ित ने थाना एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत को दिया आवेदन। #hairstyleideas #northindianfood #Diabetes #fltnesschallenge #ambaniwedding #GlamorousModel #famousfood #yogawithwall
#नहर_की_जमीन #बैठक_विवाद #तीन_भाई #जमीन_विवाद #राष्ट्रीय_मानवाधिकार_सुरक्षा_संगठन #विवाद #मानवाधिकार #सुरक्षा_संगठन #जमीन #बैठक #नहर #विवाद_सुलझाना #सामाजिक_मुद्दे #कानूनी_मामले #पुलिस #तहसील #सरकारी_जमीन #भूमि_विवाद #ग्रामीण_विवाद #न्याय
    user_PublicPowerNews24
    PublicPowerNews24
    Newsagent Krityanand Nagar, Purnia•
    2 hrs ago
  • RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई   +7  सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है।  विकिपीडिया +4 सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य: विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था। कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई। बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था। प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे। प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है। लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है।  विकिपीडिया +6 सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
    1
    RPIA rashtriy sachiv basuki nath sah kanaujiya purv sansad pratyashi Katihar Bihar All india railway shu shine worker union rashtriy upadhyaksh सम्राट अशोक जयंती पर हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई 


+7

सम्राट अशोक (शासनकाल: 273-232 ईसा पूर्व) मौर्य वंश के तीसरे और सबसे महान चक्रवर्ती सम्राट थे, जिन्होंने अखंड भारत (अफगानिस्तान से बांग्लादेश तक) पर शासन किया। कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के नरसंहार से द्रवित होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया और "धम्म" (अहिंसा, प्रेम) का प्रचार किया। उन्हें उनके शिलालेखों, स्तूपों (सांची) और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए जाना जाता है। 
विकिपीडिया +4
सम्राट अशोक के बारे में मुख्य तथ्य:
विशाल साम्राज्य: अशोक का साम्राज्य उत्तर में हिन्दुकुश, दक्षिण में मैसूर, पूर्व में बंगाल और पश्चिम में अफगानिस्तान तक फैला था।
कलिंग युद्ध और हृदय परिवर्तन: कलिंग युद्ध के बाद हिंसा से दूर होकर उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया और अहिंसा की नीति अपनाई।
बौद्ध धर्म का प्रसार: अशोक ने बौद्ध धर्म के प्रसार के लिए अपने पुत्र महेंद्र और पुत्री संघमित्रा को श्रीलंका भेजा था।
प्रशासन और जनकल्याण: उन्होंने सड़कों, अस्पतालों, विश्राम गृहों का निर्माण करवाया। उनके शिलालेख (शिलालेख, स्तंभ लेख) प्रशासन और 'धम्म' के प्रचार के मुख्य साधन थे।
प्रतीक चिन्ह: भारत का राष्ट्रीय प्रतीक, 'अशोक चक्र' और चार शेर वाला स्तंभ, सम्राट अशोक के सारनाथ स्तंभ से ही लिया गया है।
लोकप्रिय नाम: उन्हें 'देवानाम्प्रिय' (देवताओं के प्रिय) और 'प्रियदर्शी' (देखने में सुंदर) के नाम से भी जाना जाता है। 
विकिपीडिया +6
सम्राट अशोक का शासनकाल शांति, समृद्धि और मानवतावादी दृष्टिकोण के लिए इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
    user_बासुकी  नाथ साह  राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    बासुकी नाथ साह राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लोकसभा पूर्व सांसद प्रत्याशी कटिहार
    Railway services कटिहार, कटिहार, बिहार•
    2 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.