भांडेर नगर के मेला ग्राउंड पर वर्षों से झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोहा पीटा समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर 01 बजे नवीन तहसील कार्यालय पहुंचकर स्थायी आवास की मांग की। उन्होंने भांडेर एसडीएम ब्रजेन्द्र यादव को एक आवेदन सौंपा, जिसमें बताया गया कि समाज के लोग लंबे समय से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्थायी निवास न होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवारों ने नगर परिषद क्षेत्र में शासन के नियमों के अनुसार प्लॉट या रहने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे स्थायी मकान बनाकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उनका कहना है कि स्थायी पता मिलने से बच्चों की पढ़ाई, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने में सुविधा होगी, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। लोहा पीटा समाज के लोगों ने प्रशासन से उनकी इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।
भांडेर नगर के मेला ग्राउंड पर वर्षों से झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोहा पीटा समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर 01 बजे नवीन तहसील कार्यालय पहुंचकर स्थायी आवास की मांग की। उन्होंने भांडेर एसडीएम ब्रजेन्द्र यादव को एक आवेदन सौंपा, जिसमें बताया गया कि समाज के लोग लंबे समय से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्थायी निवास न होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवारों ने नगर परिषद क्षेत्र में शासन के नियमों के अनुसार प्लॉट या रहने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे स्थायी मकान बनाकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उनका कहना है कि स्थायी पता मिलने से बच्चों की पढ़ाई, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने में सुविधा होगी, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। लोहा पीटा समाज के लोगों ने प्रशासन से उनकी इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।
- दामोदर यादव ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर अयोध्या से जुड़े मामले को लेकर एक बार फिर तीखा शब्दों का प्रहार किया है।1
- दतिया जिले के लांच थाना क्षेत्र के ग्राम तिगरु-गोविंद नगर स्थित सिंध नदी घाट पर अवैध उत्खनन का एक मामला फिर से सामने आया है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे से इस घाट पर अवैध उत्खनन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद, थाना प्रभारी और वन विभाग की कथित मिलीभगत से सिंध नदी में अवैध उत्खनन कराया जा रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। गौरतलब है कि इसी सिंध घाट पर अवैध उत्खनन के विवाद को लेकर 13 फरवरी 2026 को टोडा निवासी अशोक शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस सनसनीखेज घटना के मात्र छह महीने बाद उसी घाट पर फिर से अवैध उत्खनन के आरोप सामने आने से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- भांडेर नगर के मेला ग्राउंड पर वर्षों से झोपड़ियां बनाकर रह रहे लोहा पीटा समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर 01 बजे नवीन तहसील कार्यालय पहुंचकर स्थायी आवास की मांग की। उन्होंने भांडेर एसडीएम ब्रजेन्द्र यादव को एक आवेदन सौंपा, जिसमें बताया गया कि समाज के लोग लंबे समय से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। स्थायी निवास न होने के कारण उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवारों ने नगर परिषद क्षेत्र में शासन के नियमों के अनुसार प्लॉट या रहने के लिए भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि वे स्थायी मकान बनाकर सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें। उनका कहना है कि स्थायी पता मिलने से बच्चों की पढ़ाई, आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने में सुविधा होगी, साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। लोहा पीटा समाज के लोगों ने प्रशासन से उनकी इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।1
- दतिया-सेवढ़ा मुख्य मार्ग पर स्थित सेवढ़ा क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुरा खुर्द में एक सरकारी नाले पर कथित अतिक्रमण को लेकर ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि गाँव के निवासी राजू यादव ने ESSR पेट्रोल पंप के पास से निकलने वाले सरकारी बंबा नाले पर मिट्टी डालकर उसका रास्ता बंद कर दिया है और उस जगह पर मकान भी बना लिया है। इसके अतिरिक्त, घर के बाहर ट्रैक्टर और अन्य वाहन खड़े करने से नाले का प्राकृतिक बहाव पूरी तरह से रुक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का मौसम शुरू होने के साथ ही पानी की निकासी बाधित हो गई है। यदि समय रहते यह अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बरसाती पानी आसपास के घरों में भर सकता है, जिससे न केवल मकानों को नुकसान पहुँचने का खतरा है, बल्कि किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि अक्सर जलभराव और गंदगी की स्थिति में ग्राम पंचायत और सरपंच पर साफ-सफाई न कराने के आरोप लगते हैं, जबकि पहले नालों पर हुए अतिक्रमण को हटाना कहीं अधिक आवश्यक है। उनका तर्क है कि जब तक नाले का मूल स्वरूप बहाल नहीं होगा, तब तक किसी भी सफाई अभियान का अपेक्षित लाभ नहीं मिलेगा। इस गंभीर समस्या को देखते हुए, ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की पुरज़ोर मांग की है। उनकी मांग है कि यदि सरकारी नाले पर अतिक्रमण पाया जाता है, तो नियमानुसार उसे तत्काल हटाया जाए और नाले की उचित साफ-सफाई कराई जाए। उनका मानना है कि ऐसा करने से ही बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से गांव को राहत मिलेगी और किसी संभावित दुर्घटना से बचाव हो सकेगा।1
- दतिया जिले के हिनोतिया क्षेत्र में कथित रूप से अवैध खदानों से बाजरी के खनन और परिवहन का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध तरीके से बाजरी का खनन और परिवहन किया जा रहा है, बावजूद इसके संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। कुछ स्थानीय लोगों ने पुलिस और वन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर भी कथित मिलीभगत का आरोप लगाया है, जिससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है, और इस संबंध में संबंधित विभागों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया भी नहीं आई है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अवैध खनन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग की गई है।1
- दतिया में मामा-भांजी के बीच जारी विवाद अब और गहरा गया है। इस बढ़ते विवाद के बीच एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में, विवाद से जुड़े लगाए गए सभी आरोपों पर स्पष्टीकरण दिया गया।1
- दतिया पुलिस ने 'ऑपरेशन सेफ क्लिक' अभियान के तहत स्कूली छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर, थाना कोतवाली क्षेत्र के होली क्रॉस स्कूल में एक साइबर सुरक्षा क्विज़ प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस कार्यक्रम का मार्गदर्शन एसडीओपी आकांक्षा जैन और थाना प्रभारी धीरेंद्र शर्मा ने किया, जिनका उद्देश्य छात्रों की जानकारी परखना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। प्रतियोगिता के दौरान, विद्यार्थियों से साइबर अपराध, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी लिंक, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे गए, जिनका छात्रों ने उत्साहपूर्वक जवाब दिया। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले छात्रों को पठन-पाठन सामग्री देकर सम्मानित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए, जिसमें किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहने की सलाह शामिल थी। पुलिस ने यह भी बताया कि साइबर ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। छात्रों को अपने परिवार और दोस्तों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति हमेशा सतर्क रहने का संकल्प दिलाया।1
- एक रेत ठेकेदार की कंपनी के कर्मचारियों की कार पर हमला कर उसे पूरी तरह तोड़ दिया गया है। सामने आए वीडियो को देखकर इस हमले की प्रकृति को स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है।1