मेडिकल कालेज कौशाम्बी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर आयोजित हुआ सेमीनार ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक कौशांबी..... बुधवार 22 अप्रैल 2026 को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर एक विस्तृत एवं जागरूकता- आधारित सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यौन जनित रोगों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा विशेष रूप से क्लैमाइडिया संक्रमण के बारे में गहन जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ। डॉ अरिंदम चक्रवर्ती ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच यौन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सेमिनार के दौरान एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के ज्ञानवेंद्र प्रसाद , हर्षिता सैनी, हिमांशी प्रजापति, ईशु मौर्य एवं जय श्री मिश्रा विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न उप-विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों में क्लैमाइडिया के कारण, संक्रमण के तरीके, लक्षण, संभावित जटिलताएं, जांच की विधियां तथा उपचार के आधुनिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने बताया कि क्लैमाइडिया एक सामान्य लेकिन अक्सर बिना लक्षण के रहने वाला संक्रमण है, जो समय पर पहचान न होने पर बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।प्रतिभागियों ने यह भी बताया कि यह संक्रमण मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंधों के माध्यम से फैलता है, और इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं उपचार करने से बचें।कार्यक्रम में प्रधानाचार्य एवं उपस्थित संकाय सदस्यो ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यौन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करना समय की आवश्यकता है, ताकि भ्रांतियों और झिझक को दूर किया जा सके।सेमिनार के अंत में एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और उपस्थित जनों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। विशेषज्ञों ने सरल और वैज्ञानिक तरीके से सभी प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई।
मेडिकल कालेज कौशाम्बी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर आयोजित हुआ सेमीनार ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक कौशांबी..... बुधवार 22 अप्रैल 2026 को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर एक विस्तृत एवं जागरूकता- आधारित सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यौन जनित रोगों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा विशेष रूप से क्लैमाइडिया संक्रमण के बारे में गहन जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ। डॉ अरिंदम चक्रवर्ती ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच यौन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सेमिनार के दौरान एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के ज्ञानवेंद्र प्रसाद , हर्षिता सैनी, हिमांशी प्रजापति, ईशु मौर्य एवं जय श्री मिश्रा विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न उप-विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों में क्लैमाइडिया के कारण, संक्रमण के तरीके, लक्षण, संभावित जटिलताएं, जांच की विधियां तथा उपचार के आधुनिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने बताया कि क्लैमाइडिया एक सामान्य लेकिन अक्सर बिना लक्षण के रहने वाला संक्रमण है, जो समय पर पहचान न होने पर बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।प्रतिभागियों ने यह भी बताया कि यह संक्रमण मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंधों के माध्यम से फैलता है, और इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं उपचार करने से बचें।कार्यक्रम में प्रधानाचार्य एवं उपस्थित संकाय सदस्यो ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यौन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करना समय की आवश्यकता है, ताकि भ्रांतियों और झिझक को दूर किया जा सके।सेमिनार के अंत में एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और उपस्थित जनों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। विशेषज्ञों ने सरल और वैज्ञानिक तरीके से सभी प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई।
- एसडीएम सिराथू ने बंजर भूमि एवं तालाब पर हुए अवैध अतिक्रमण को मौके पर से हटवाया, चला बुलडोजर उप जिलाधिकारी ने ग्राम सौरई बुजुर्ग में भूमि विवाद की 05 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कराया ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS सिराथू/कौशांबी....उप जिलाधिकारी,सिराथू योगेश कुमार गौड़ ने “टॉप 10 भूमि विवादों का मौके पर समाधान” अभियान के अंतर्गत बुधवार को ग्राम सौरई बुजुर्ग में कैम्प आयोजित कर राजस्व एवं पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा भूमि विवाद से संबंधित कुल 05 शिकायतों का ग्राम स्तर पर ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया। उप जिलाधिकारी ने ग्राम की गाटा संख्या-530, जो खतौनी में बंजर भूमि दर्ज है, पर बाउण्ड्रीवाल एवं पिलर आदि के माध्यम से किए गए अवैध कब्जे को अतिक्रमण मुक्त कराया। इसी प्रकार उन्होंने ग्राम की गाटा संख्या-2289, बंजर भूमि पर हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराया तथा गाटा संख्या-2226, जो खतौनी में तालाब दर्ज है, पर हुए अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया। उन्होंने गाटा संख्या-281, जो खतौनी में तालाब दर्ज है एवं गाटा संख्या-296, जो खतौनी में खलिहान दर्ज है, पर हुए अवैध अतिक्रमण को मौके पर ही हटवाया। इन शिकायतों के निस्तारण से शिकायत कर्ता भी संतुष्ट रहे। उप जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी इसी प्रकार संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ जनता की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।1
- Post by Journalist Shubham Pandey1
- Allah karari manjhanpur Kaushambi mobile number ,9561496122, ,1076 ismein bhi phone lagaya Koi sunvaee nahin Hui7
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by KEN1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- मेडिकल कालेज कौशाम्बी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर आयोजित हुआ सेमीनार ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक कौशांबी..... बुधवार 22 अप्रैल 2026 को स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय कौशाम्बी के माइक्रोबायोलाॅजी विभाग द्वारा क्लैमाइडिया विषय पर एक विस्तृत एवं जागरूकता- आधारित सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यौन जनित रोगों के प्रति जागरूकता फैलाना तथा विशेष रूप से क्लैमाइडिया संक्रमण के बारे में गहन जानकारी प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत भाषण के साथ हुआ। डॉ अरिंदम चक्रवर्ती ने सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि वर्तमान समय में युवाओं के बीच यौन स्वास्थ्य से संबंधित विषयों पर जागरूकता की अत्यंत आवश्यकता है, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। सेमिनार के दौरान एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के ज्ञानवेंद्र प्रसाद , हर्षिता सैनी, हिमांशी प्रजापति, ईशु मौर्य एवं जय श्री मिश्रा विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न उप-विषयों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियां दी गईं। इन प्रस्तुतियों में क्लैमाइडिया के कारण, संक्रमण के तरीके, लक्षण, संभावित जटिलताएं, जांच की विधियां तथा उपचार के आधुनिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने बताया कि क्लैमाइडिया एक सामान्य लेकिन अक्सर बिना लक्षण के रहने वाला संक्रमण है, जो समय पर पहचान न होने पर बांझपन जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।प्रतिभागियों ने यह भी बताया कि यह संक्रमण मुख्यतः असुरक्षित यौन संबंधों के माध्यम से फैलता है, और इससे बचाव के लिए सुरक्षित यौन व्यवहार, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं उपचार करने से बचें।कार्यक्रम में प्रधानाचार्य एवं उपस्थित संकाय सदस्यो ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सेमिनार न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने में भी सहायक होते हैं। उन्होंने यह भी जोर दिया कि यौन स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करना समय की आवश्यकता है, ताकि भ्रांतियों और झिझक को दूर किया जा सके।सेमिनार के अंत में एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों और उपस्थित जनों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। विशेषज्ञों ने सरल और वैज्ञानिक तरीके से सभी प्रश्नों के उत्तर दिए, जिससे प्रतिभागियों को विषय की गहन समझ प्राप्त हुई।1