अयोध्या के हैरिंग्टनगंज में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां करंट की चपेट में आने से एक तीन वर्षीय बेजुबान पड़वा की दर्दनाक मौत हो गई। यह पूरा हादसा हैरिंग्टनगंज विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रामपुर जोहन स्थित रामगंज बाजार का है। स्थानीय निवासी रामबोध यादव का तीन वर्षीय पड़वा शुक्रवार शाम को चरते-चरते अचानक विद्युत पोल के स्टे तार के संपर्क में आ गया और करंट लगने से मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि संबंधित पोल पर तारों का जाल फैला हुआ है और लंबे समय से यहां की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बदहाल बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते स्टे तार की सुरक्षा और लाइन की समुचित जांच कर लेता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने तीखा सवाल उठाया है कि स्टे तार में करंट दौड़ने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है और क्या विद्युत विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? उनका कहना है कि आज एक बेजुबान जानवर की जान गई है, कल को कोई इंसान भी इसकी चपेट में आ सकता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने तथा क्षेत्र के सभी विद्युत पोलों और स्टे तारों की तत्काल जांच कराकर उन्हें सुरक्षित करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई है।
अयोध्या के हैरिंग्टनगंज में विद्युत विभाग की कथित लापरवाही का एक और गंभीर मामला सामने आया है, जहां करंट की चपेट में आने से एक तीन वर्षीय बेजुबान पड़वा की दर्दनाक मौत हो गई। यह पूरा हादसा हैरिंग्टनगंज विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रामपुर जोहन स्थित रामगंज बाजार का है। स्थानीय निवासी रामबोध यादव का तीन वर्षीय पड़वा शुक्रवार शाम को चरते-चरते अचानक विद्युत पोल के स्टे तार के संपर्क में आ गया और करंट लगने से मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि संबंधित पोल पर तारों का जाल फैला हुआ है और लंबे समय से यहां की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह बदहाल बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि विभाग समय रहते स्टे तार की सुरक्षा और लाइन की समुचित जांच कर लेता, तो यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने तीखा सवाल उठाया है कि स्टे तार में करंट दौड़ने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है और क्या विद्युत विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? उनका कहना है कि आज एक बेजुबान जानवर की जान गई है, कल को कोई इंसान भी इसकी चपेट में आ सकता है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा देने तथा क्षेत्र के सभी विद्युत पोलों और स्टे तारों की तत्काल जांच कराकर उन्हें सुरक्षित करने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई गई है।
- NEET 2026 के रिजल्ट के बाद छात्रों की भारी खुशी के बीच मशहूर शिक्षक खान सर का एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आमतौर पर अपने गंभीर और पढ़ाई-केंद्रित अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले खान सर इस वीडियो में NEET 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले अपने छात्रों के साथ सफलता का जश्न मनाते और डांस करते नजर आ रहे हैं। इस खास मौके पर संगीत और तालियों की गूंज के बीच छात्रों ने भी अपने शिक्षक के साथ इस पल का भरपूर आनंद लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इंटरनेट यूजर्स इसे एक ऐसे समर्पित शिक्षक की खुशी बता रहे हैं जो अपने छात्रों की सफलता को अपनी खुद की सफलता मानता है। वहीं, छात्र भी इस पल को हमेशा के लिए यादगार बताते हुए इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं।1
- अयोध्या के कोतवाली अयोध्या अंतर्गत रानोपाली चौकी क्षेत्र से एक संदिग्ध मामला सामने आया है। यहां पहले लड़कियों को पुलिस द्वारा हटवाया गया और फिर महिला कल्याण समिति का छापा डलवाकर क्लीन चिट दे दी गई। इस मामले में रानोपाली चौकी का एक सिपाही संलिप्त बताया जा रहा है, जहां छापे के बाद सब कुछ ठीक बताते हुए क्लीन चिट थमा दी गई। पुलिस की इस संदिग्ध कार्रवाई और कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर यह वीडियो किसका है और कब का है? इसके साथ ही तंज कसते हुए पूछा जा रहा है कि क्या यही अयोध्या पुलिस की 'स्मार्ट पुलिस' है?1
- अयोध्या के बीकापुर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा खिदिरपुर में एक कोटेदार पर गरीबों के हक पर डाका डालने और नियमों को खुलेआम चुनौती देने का आरोप लगा है। उत्तर प्रदेश सरकार की सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता के दावों के विपरीत, यहाँ कोटेदार लाभार्थियों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन जारी दिखा देता है, लेकिन मौके पर राशन नहीं देता। इसके बाद गरीब उपभोक्ताओं को राशन के लिए दो से चार दिन बाद आने को मजबूर किया जाता है और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह मामला तब बेहद गरमा गया जब एक पत्रकार ने दो दिन पहले अंगूठा लगाने के बावजूद राशन न मिलने पर इस व्यवस्था का विरोध किया। आरोप है कि इस पर भड़के कोटेदार और उसके सहयोगियों ने पत्रकार के साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की। दबंग कोटेदार ने पत्रकार को हाथ-पैर तोड़ने, जान से मारने और मिट्टी में मिला देने की धमकी भी दे डाली। इस घटना को गरीबों के अधिकार और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद चौरे बाजार बीकापुर क्षेत्र के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। सभी ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं रसद विभाग तथा पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठनों ने दोषी कोटेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है ताकि गरीबों के हक और पत्रकारों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को सख्त संदेश मिल सके।1
- अयोध्या जिले के रुदौली स्थित भेलसर चौराहे पर हल्की बरसात के बाद एनएच-27 की दोनों सर्विस रोड पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे यह हाईवे किसी टापू या 'मिनी समंदर' में तब्दील हो गया है। बिना हेलमेट चलने वालों का चालान काटने वाले जिम्मेदार विभाग और प्रशासन से जनता तीखा सवाल पूछ रही है कि क्या सड़क की इस जानलेवा दुर्दशा को झेलने के लिए ही लोग टोल टैक्स भरते हैं? हल्की सी बारिश होते ही पूरी सर्विस रोड तालाब और स्विमिंग पूल जैसी नजर आने लगती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। इस बदहाली का मुख्य कारण सड़क किनारे बने नालों का आज तक अधूरा पड़े रहना है। निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सीधे सड़क पर जमा हो जाता है। इस जलभराव के चलते दोपहिया वाहन चालक पानी के बीच से धीरे-धीरे निकलने को मजबूर हैं, वहीं चारपहिया वाहन चालक पानी की गहराई का अंदाजा लगाते हुए किसी तरह रास्ता पार कर रहे हैं। सबसे बुरा हाल पैदल चलने वालों का है, जिन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन एनएचएआई (NHAI) और प्रशासन कई बार शिकायतें मिलने के बाद भी केवल कोरा आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है। अधूरे पड़े नालों का निर्माण आज तक पूरा नहीं कराया गया। नाराज स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अधूरे नालों का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो, सर्विस रोड से पानी निकालने के लिए पंपिंग की व्यवस्था की जाए और बरसात से पहले नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक दावों की पोल खोलती इस व्यवस्था को नहीं सुधारा गया, तो यह जलभराव किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।1
- अयोध्या निवासी और भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के अध्यक्ष विकास वर्मा ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर युवा प्रदर्शन और संसद मार्च में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके द्वारा चलाए जा रहे आमरण-अनशन का पुरजोर समर्थन किया और देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विकास वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। इसके कारण देश के छात्रों और नौजवानों का परिश्रम, धन और समय पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। नौकरियां न मिलने की वजह से देश का युवा हताश है और लगातार आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके इस अड़ियल रुख के कारण देश के नौजवानों में भारी आक्रोश है। विकास वर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत सरकार के इशारे पर दिल्ली सरकार अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक, छात्रों और नौजवानों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और गाली-गलौज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बर्बरतापूर्ण रवैये का आने वाले समय में बहुत मजबूती से जवाब दिया जाएगा।1
- निर्मोही अखाड़ा विवाद के बीच कोर्ट द्वारा एसआईटी (SIT) का पुनर्गठन किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के साथ-साथ अनिल मिश्रा, चंपत राय और गोपाल जी से जुड़े इन सभी मामलों पर महंत दिनेन्द्र दास ने अपनी बात रखी है और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।1
- अयोध्या के बीकापुर शहीद स्थल पर नीट पेपर लीक और केंद्र सरकार की छात्र-युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) के बैनर तले सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने "धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शन और धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बीकापुर के तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला को अपनी मांगों को लेकर एक 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए माकपा के जिला सचिव कामरेड अशोक कुमार यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार पूरी तरह से छात्र और युवा विरोधी हो चुकी है। नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से आज पूरे देश के छात्र सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन कर रहे छात्रों को पुलिस द्वारा जबरन उठवाया जा रहा है। इस धरने की अध्यक्षता किसान सभा के जिला सचिव मायाराम वर्मा ने की और संचालन संयुक्त सचिव विनोद कुमार सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान डीवाईएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर बहादुर शेर, कामरेड बाबूराम यादव, बार एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष मोइनुद्दीन, अर्जुन यादव और देवनारायण जायसवाल ने भी अपने विचार साझा किए। तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की प्रमुख मांग के साथ-साथ सहारा उपभोक्ताओं को उनका भुगतान दिलाने और किसानों को बिना फार्मर रजिस्ट्री के खाद उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।1
- लाठीचार्ज की घटना के बाद डिंपल यादव घायल छात्रों से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल में उन्होंने घायल छात्रों से मिलकर उनका हालचाल जाना। इस दौरान डिंपल यादव ने पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और पुलिस एक्शन पर जमकर बरसीं।1