अयोध्या के बीकापुर शहीद स्थल पर नीट पेपर लीक और केंद्र सरकार की छात्र-युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) के बैनर तले सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने "धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शन और धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बीकापुर के तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला को अपनी मांगों को लेकर एक 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए माकपा के जिला सचिव कामरेड अशोक कुमार यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार पूरी तरह से छात्र और युवा विरोधी हो चुकी है। नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से आज पूरे देश के छात्र सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन कर रहे छात्रों को पुलिस द्वारा जबरन उठवाया जा रहा है। इस धरने की अध्यक्षता किसान सभा के जिला सचिव मायाराम वर्मा ने की और संचालन संयुक्त सचिव विनोद कुमार सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान डीवाईएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर बहादुर शेर, कामरेड बाबूराम यादव, बार एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष मोइनुद्दीन, अर्जुन यादव और देवनारायण जायसवाल ने भी अपने विचार साझा किए। तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की प्रमुख मांग के साथ-साथ सहारा उपभोक्ताओं को उनका भुगतान दिलाने और किसानों को बिना फार्मर रजिस्ट्री के खाद उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।
अयोध्या के बीकापुर शहीद स्थल पर नीट पेपर लीक और केंद्र सरकार की छात्र-युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) के बैनर तले सोमवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने "धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो" के नारे लगाते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शन और धरने के बाद प्रदर्शनकारियों ने बीकापुर के तहसीलदार विजय कुमार शुक्ला को अपनी मांगों को लेकर एक 5 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। धरने को संबोधित करते हुए माकपा के जिला सचिव कामरेड अशोक कुमार यादव ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार पूरी तरह से छात्र और युवा विरोधी हो चुकी है। नीट परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से आज पूरे देश के छात्र सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर हैं, लेकिन सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से अनशन कर रहे छात्रों को पुलिस द्वारा जबरन उठवाया जा रहा है। इस धरने की अध्यक्षता किसान सभा के जिला सचिव मायाराम वर्मा ने की और संचालन संयुक्त सचिव विनोद कुमार सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान डीवाईएफआई के प्रदेश उपाध्यक्ष शेर बहादुर शेर, कामरेड बाबूराम यादव, बार एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष मोइनुद्दीन, अर्जुन यादव और देवनारायण जायसवाल ने भी अपने विचार साझा किए। तहसीलदार को सौंपे गए ज्ञापन में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की प्रमुख मांग के साथ-साथ सहारा उपभोक्ताओं को उनका भुगतान दिलाने और किसानों को बिना फार्मर रजिस्ट्री के खाद उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।
- भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को अयोध्या में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि अपर जिलाधिकारी प्रशासन को प्रधानमंत्री को संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए घनश्याम वर्मा ने चेतावनी दी कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका के कृषि उपज और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजारों में बिना टैक्स के बिकने लगे तो भारत के किसानों की कमर टूट जाएगी और इससे सरकार को भी कोई फायदा नहीं होगा, इसलिए इस डील को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से भाकियू ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें सभी फसलों पर एमएसपी कानून लागू करने, गन्ना मूल्य ₹500 प्रति कुंतल घोषित करने, स्मार्ट मीटर न लगाने व बिजली का निजीकरण वापस लेने और सभी किसान विरोधी नीतियों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई है। घनश्याम वर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि सरकार को किसानों की इन मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, अन्यथा इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से सूर्यनाथ वर्मा, राम गणेश मौर्य, फरीद अहमद, रविंद्र मौर्य, संतोष वर्मा एडवोकेट, जितेंद्र कुमार, सुनील पाल, मस्तराम वर्मा, राजेंद्र वर्मा और बजरंगी मौर्य सहित कई दर्जन कार्यकर्ता शामिल रहे।2
- अवाम के साथ मौके पर मौजूद रहने वाले संवेदनशील पत्रकार अभिनव पाण्डेय ने जो कुछ भी देखा और महसूस किया है, उसे ध्यान से सुना जाना चाहिए। उनका यह अनुभव हर उस संवेदनशील और जनता के साथ मौके पर खड़े रहने वाले असल पत्रकार का तज़ुर्बा है। हम सब उस इतिहास के साक्षी रहे हैं, जिसमें हमने सत्ता का दमन और जेन ज़ी का अनुशासन दोनों देखा है। इस सबके बीच अब उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है।1
- अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय की हालत सामने आई है। इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा के लिए बने इस सरकारी शौचालय की स्थिति को दर्शाया गया है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर ब्लॉक के अंतर्गत वहीउद्दीनपुर गांव में अधिवक्ता और पत्रकार अरुण कुमार मिश्र के नलकूप के सामने स्थित नीम के पेड़ के नीचे सुबह शिव बाबा की प्रतिमा रखी हुई मिली। नीम के पेड़ के नीचे शिवजी की प्रतिमा रखे होने की खबर जैसे ही फैली, उसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि यह प्रतिमा रात के समय किसने और किस उद्देश्य से यहां रखी, यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है। वहीं, खबर सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।1
- अयोध्या के सदर तहसील में भारतीय किसान यूनियन का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। जिला अध्यक्ष सुमन पांडे के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने सदर तहसील पर एस डी एम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और कुछ लेखपालों की मिलीभगत से किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। संगठन ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने पर 21 जुलाई को जिला अधिकारी कार्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इसके साथ ही मांगें पूरी न होने पर जेल भरो आंदोलन करने की बात भी कही गई है। इस धरने में श्रीराम वर्मा, अनीता, निशा, शिवकुमारी, मालती, फूलचंद यादव सहित कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।2
- NEET 2026 के रिजल्ट के बाद छात्रों की भारी खुशी के बीच मशहूर शिक्षक खान सर का एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आमतौर पर अपने गंभीर और पढ़ाई-केंद्रित अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले खान सर इस वीडियो में NEET 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले अपने छात्रों के साथ सफलता का जश्न मनाते और डांस करते नजर आ रहे हैं। इस खास मौके पर संगीत और तालियों की गूंज के बीच छात्रों ने भी अपने शिक्षक के साथ इस पल का भरपूर आनंद लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इंटरनेट यूजर्स इसे एक ऐसे समर्पित शिक्षक की खुशी बता रहे हैं जो अपने छात्रों की सफलता को अपनी खुद की सफलता मानता है। वहीं, छात्र भी इस पल को हमेशा के लिए यादगार बताते हुए इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं।1
- अयोध्या के सरदार पटेल नगर वार्ड आशापुर में बहराइच-फैजाबाद-आजमगढ़ के 122.00 से तिलैया संपर्क मार्ग की हालत सालों से खस्ताहाल है। मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर वर्षों से शिकायत किए जाने और लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद न तो इस 'जादुई रोड' की मरम्मत हुई और न ही इसे नया बनाया गया। इस घोर उपेक्षा को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसने मुख्यमंत्री पोर्टल को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस सड़क पर आम जनता के कार्यों को नजरअंदाज कर प्राइवेट कामों को तरजीह दी जा रही है। इसी मार्ग पर एक प्राइवेट कंपनी ने अपना अवैध ओवरब्रिज बना लिया है, जिसे संबंधित अधिकारी खुद अवैध मानते हैं लेकिन उनका कहना है कि वे इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। इतना ही नहीं, बिजली विभाग ने बिना पीडब्ल्यूडी विभाग की अनुमति के एक प्राइवेट होटल की लाइन बिछाने के लिए इस खराब सड़क को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया, फिर भी पीडब्ल्यूडी मूकदर्शक बना रहा। विभाग के कई जेई इस सड़क का सर्वे कर अपनी आख्या रिपोर्ट में इसकी दयनीय हालत और मरम्मत की जरूरत को स्वीकार कर चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि तीन साल बाद तो विभाग इस सड़क का सही नाम जान पाया है, लेकिन सुधार के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इस मार्ग से रोजाना कई स्कूलों के हजारों बच्चों का सुबह-शाम आवागमन होता है और सड़क खराब होने की वजह से कई बच्चे चोटिल भी हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि पीडब्ल्यूडी विभाग किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहा है। लोगों का आक्रोश है कि चूंकि जनता कमीशन नहीं देती, इसलिए सड़क का भाग्य नहीं जागा; यदि कमीशन मिलता तो शायद सड़क अब तक बन गई होती।1
- लाठीचार्ज की घटना के बाद डिंपल यादव घायल छात्रों से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल में उन्होंने घायल छात्रों से मिलकर उनका हालचाल जाना। इस दौरान डिंपल यादव ने पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और पुलिस एक्शन पर जमकर बरसीं।1