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अयोध्या के सदर तहसील में भारतीय किसान यूनियन का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। जिला अध्यक्ष सुमन पांडे के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने सदर तहसील पर एस डी एम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और कुछ लेखपालों की मिलीभगत से किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। संगठन ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने पर 21 जुलाई को जिला अधिकारी कार्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इसके साथ ही मांगें पूरी न होने पर जेल भरो आंदोलन करने की बात भी कही गई है। इस धरने में श्रीराम वर्मा, अनीता, निशा, शिवकुमारी, मालती, फूलचंद यादव सहित कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
Vipin pandey Ayodhya
अयोध्या के सदर तहसील में भारतीय किसान यूनियन का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। जिला अध्यक्ष सुमन पांडे के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने सदर तहसील पर एस डी एम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और कुछ लेखपालों की मिलीभगत से किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। संगठन ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने पर 21 जुलाई को जिला अधिकारी कार्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इसके साथ ही मांगें पूरी न होने पर जेल भरो आंदोलन करने की बात भी कही गई है। इस धरने में श्रीराम वर्मा, अनीता, निशा, शिवकुमारी, मालती, फूलचंद यादव सहित कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।
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- अयोध्या के सदर तहसील में भारतीय किसान यूनियन का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। जिला अध्यक्ष सुमन पांडे के नेतृत्व में दर्जनों महिलाओं ने सदर तहसील पर एस डी एम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का सीधा आरोप है कि राजस्व विभाग की लापरवाही और कुछ लेखपालों की मिलीभगत से किसानों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। संगठन ने अपनी 22 सूत्रीय मांगों पर 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। चेतावनी दी गई है कि मांगें पूरी न होने पर 21 जुलाई को जिला अधिकारी कार्यालय पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इसके साथ ही मांगें पूरी न होने पर जेल भरो आंदोलन करने की बात भी कही गई है। इस धरने में श्रीराम वर्मा, अनीता, निशा, शिवकुमारी, मालती, फूलचंद यादव सहित कई पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे।2
- NEET 2026 के रिजल्ट के बाद छात्रों की भारी खुशी के बीच मशहूर शिक्षक खान सर का एक अनोखा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आमतौर पर अपने गंभीर और पढ़ाई-केंद्रित अंदाज़ के लिए पहचाने जाने वाले खान सर इस वीडियो में NEET 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले अपने छात्रों के साथ सफलता का जश्न मनाते और डांस करते नजर आ रहे हैं। इस खास मौके पर संगीत और तालियों की गूंज के बीच छात्रों ने भी अपने शिक्षक के साथ इस पल का भरपूर आनंद लिया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। इंटरनेट यूजर्स इसे एक ऐसे समर्पित शिक्षक की खुशी बता रहे हैं जो अपने छात्रों की सफलता को अपनी खुद की सफलता मानता है। वहीं, छात्र भी इस पल को हमेशा के लिए यादगार बताते हुए इस वीडियो को लगातार शेयर कर रहे हैं।1
- अयोध्या के बीकापुर तहसील अंतर्गत ग्राम सभा खिदिरपुर में एक कोटेदार पर गरीबों के हक पर डाका डालने और नियमों को खुलेआम चुनौती देने का आरोप लगा है। उत्तर प्रदेश सरकार की सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता के दावों के विपरीत, यहाँ कोटेदार लाभार्थियों से ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाकर राशन जारी दिखा देता है, लेकिन मौके पर राशन नहीं देता। इसके बाद गरीब उपभोक्ताओं को राशन के लिए दो से चार दिन बाद आने को मजबूर किया जाता है और उन्हें बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह मामला तब बेहद गरमा गया जब एक पत्रकार ने दो दिन पहले अंगूठा लगाने के बावजूद राशन न मिलने पर इस व्यवस्था का विरोध किया। आरोप है कि इस पर भड़के कोटेदार और उसके सहयोगियों ने पत्रकार के साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्रता की। दबंग कोटेदार ने पत्रकार को हाथ-पैर तोड़ने, जान से मारने और मिट्टी में मिला देने की धमकी भी दे डाली। इस घटना को गरीबों के अधिकार और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधे हमले के रूप में देखा जा रहा है। इस घटना के सामने आने के बाद चौरे बाजार बीकापुर क्षेत्र के पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया है। सभी ने जिला प्रशासन, खाद्य एवं रसद विभाग तथा पुलिस से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठनों ने दोषी कोटेदार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है ताकि गरीबों के हक और पत्रकारों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को सख्त संदेश मिल सके।1
- अयोध्या जिले के रुदौली स्थित भेलसर चौराहे पर हल्की बरसात के बाद एनएच-27 की दोनों सर्विस रोड पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे यह हाईवे किसी टापू या 'मिनी समंदर' में तब्दील हो गया है। बिना हेलमेट चलने वालों का चालान काटने वाले जिम्मेदार विभाग और प्रशासन से जनता तीखा सवाल पूछ रही है कि क्या सड़क की इस जानलेवा दुर्दशा को झेलने के लिए ही लोग टोल टैक्स भरते हैं? हल्की सी बारिश होते ही पूरी सर्विस रोड तालाब और स्विमिंग पूल जैसी नजर आने लगती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। इस बदहाली का मुख्य कारण सड़क किनारे बने नालों का आज तक अधूरा पड़े रहना है। निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सीधे सड़क पर जमा हो जाता है। इस जलभराव के चलते दोपहिया वाहन चालक पानी के बीच से धीरे-धीरे निकलने को मजबूर हैं, वहीं चारपहिया वाहन चालक पानी की गहराई का अंदाजा लगाते हुए किसी तरह रास्ता पार कर रहे हैं। सबसे बुरा हाल पैदल चलने वालों का है, जिन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन एनएचएआई (NHAI) और प्रशासन कई बार शिकायतें मिलने के बाद भी केवल कोरा आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है। अधूरे पड़े नालों का निर्माण आज तक पूरा नहीं कराया गया। नाराज स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अधूरे नालों का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो, सर्विस रोड से पानी निकालने के लिए पंपिंग की व्यवस्था की जाए और बरसात से पहले नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक दावों की पोल खोलती इस व्यवस्था को नहीं सुधारा गया, तो यह जलभराव किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।1
- अयोध्या निवासी और भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के अध्यक्ष विकास वर्मा ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर युवा प्रदर्शन और संसद मार्च में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके द्वारा चलाए जा रहे आमरण-अनशन का पुरजोर समर्थन किया और देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विकास वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। इसके कारण देश के छात्रों और नौजवानों का परिश्रम, धन और समय पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। नौकरियां न मिलने की वजह से देश का युवा हताश है और लगातार आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके इस अड़ियल रुख के कारण देश के नौजवानों में भारी आक्रोश है। विकास वर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत सरकार के इशारे पर दिल्ली सरकार अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक, छात्रों और नौजवानों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और गाली-गलौज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बर्बरतापूर्ण रवैये का आने वाले समय में बहुत मजबूती से जवाब दिया जाएगा।1
- अयोध्या के कोतवाली अयोध्या अंतर्गत रानोपाली चौकी क्षेत्र से एक संदिग्ध मामला सामने आया है। यहां पहले लड़कियों को पुलिस द्वारा हटवाया गया और फिर महिला कल्याण समिति का छापा डलवाकर क्लीन चिट दे दी गई। इस मामले में रानोपाली चौकी का एक सिपाही संलिप्त बताया जा रहा है, जहां छापे के बाद सब कुछ ठीक बताते हुए क्लीन चिट थमा दी गई। पुलिस की इस संदिग्ध कार्रवाई और कार्यशैली पर तीखे सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर यह वीडियो किसका है और कब का है? इसके साथ ही तंज कसते हुए पूछा जा रहा है कि क्या यही अयोध्या पुलिस की 'स्मार्ट पुलिस' है?1
- नई दिल्ली में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और विभिन्न मांगों को लेकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं, जिनमें सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है। मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की बात को सुना और उनका ज्ञापन प्राप्त किया। सौरव दास के मुताबिक, जेपी नड्डा ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है, हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई ठोस निर्णय या आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी इन प्रमुख मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।1
- लाठीचार्ज की घटना के बाद डिंपल यादव घायल छात्रों से मुलाकात करने अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल में उन्होंने घायल छात्रों से मिलकर उनका हालचाल जाना। इस दौरान डिंपल यादव ने पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और पुलिस एक्शन पर जमकर बरसीं।1