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अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय की हालत सामने आई है। इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा के लिए बने इस सरकारी शौचालय की स्थिति को दर्शाया गया है।
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अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय की हालत सामने आई है। इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा के लिए बने इस सरकारी शौचालय की स्थिति को दर्शाया गया है।
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- उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भाजपा के वरिष्ठ नेता और गोसाईगंज विधानसभा से भावी प्रत्याशी डॉ. सर्वेश वर्मा ने सपा सांसद अवधेश प्रसाद पर तीखा हमला बोला है। डॉ. सर्वेश वर्मा ने अवधेश प्रसाद को एक 'एक्सीडेंटल सांसद' करार दिया और आरोप लगाया कि उन्होंने झूठ फैलाकर चुनाव जीता है। उन्होंने दावा किया कि अगर आज चुनाव हो जाएं, तो अवधेश प्रसाद 2 लाख वोटों से हार जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने सांसद को अयोध्या का सबसे बड़ा अहंकारी राजा बताते हुए कहा कि उनका जनता से कोई लेना-देना नहीं है। राम मंदिर के मुद्दे पर सांसद को घेरते हुए भाजपा नेता ने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो गई लेकिन सांसद सोते रहे। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा और कहा कि सपा सिर्फ अपनी जेब भरती है और पोस्टरबॉय बनाकर राजा दिखाती है। उन्होंने दावा किया कि साल 2027 में जनता इस झांसे में बिल्कुल नहीं आएगी।2
- अयोध्या के बीकापुर तहसील क्षेत्र के खिदिरपुर चौरे बाजार में कोटेदार की मनमानी और दबंगई का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ के सरकारी राशन की दुकान के कोटेदार भागचंद पर आरोप है कि उसने एक लाभार्थी का अंगूठा लगवाने के बावजूद उसे राशन देने से साफ इनकार कर दिया। इस अन्याय का विरोध करने और मौके पर खबर की कवरेज करने पहुंचे स्थानीय पत्रकार भानु प्रताप प्रजापति के साथ कोटेदार ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दे डाली। कोटेदार की इस हरकत से ग्रामीणों और मीडियाकर्मियों में भारी रोष है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के दर्जनों पत्रकारों ने एकजुट होकर उपजिलाधिकारी बीकापुर संतोष कुमार को एक लिखित प्रार्थना पत्र सौंपा है। पत्रकारों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोष सिद्ध होने पर कोटेदार का लाइसेंस निरस्त करने और पत्रकार को धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे। वहीं, एसडीएम ने इस गंभीर मामले की जांच कराकर न्याय करने का आश्वासन दिया है।1
- अयोध्या में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। पूर्व राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में एकजुट हुए प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक 15 सूत्रीय ज्ञापन अयोध्या के जिलाधिकारी के प्रतिनिधि अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को सौंपा और अपनी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए घनश्याम वर्मा ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों के हित में बिल्कुल नहीं है। यदि अमेरिकी कृषि उपज और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजारों में बिकेंगे, तो इससे भारतीय किसानों की कमर टूट जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी उत्पादों पर भारत सरकार द्वारा कोई टैक्स नहीं लिया जाएगा, जिससे सरकार को भी कोई आर्थिक फायदा नहीं होगा और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। किसानों ने इस डील को रद्द करने के साथ-साथ सभी फसलों पर एमएसपी लागू करने, गन्ना मूल्य ₹500 प्रति कुंतल घोषित करने, स्मार्ट मीटर न लगाने और निजीकरण वापस लेने जैसी अपनी 15 प्रमुख मांगें रखीं। इस प्रदर्शन में सूर्यनाथ वर्मा, राम गणेश मौर्य, फरीद अहमद, रविंद्र मौर्य, संतोष वर्मा एडवोकेट, जितेंद्र कुमार, सुनील पाल, मस्तराम वर्मा, राजेंद्र वर्मा और बजरंगी मौर्य सहित कई दर्जन कार्यकर्ता शामिल रहे।3
- भारतीय किसान यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को अयोध्या में भाकियू कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के प्रतिनिधि अपर जिलाधिकारी प्रशासन को प्रधानमंत्री को संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए घनश्याम वर्मा ने चेतावनी दी कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील देश के किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका के कृषि उपज और डेयरी उत्पाद भारतीय बाजारों में बिना टैक्स के बिकने लगे तो भारत के किसानों की कमर टूट जाएगी और इससे सरकार को भी कोई फायदा नहीं होगा, इसलिए इस डील को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से भाकियू ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें सभी फसलों पर एमएसपी कानून लागू करने, गन्ना मूल्य ₹500 प्रति कुंतल घोषित करने, स्मार्ट मीटर न लगाने व बिजली का निजीकरण वापस लेने और सभी किसान विरोधी नीतियों को तुरंत वापस लेने की मांग की गई है। घनश्याम वर्मा ने दोटूक शब्दों में कहा कि सरकार को किसानों की इन मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, अन्यथा इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से सूर्यनाथ वर्मा, राम गणेश मौर्य, फरीद अहमद, रविंद्र मौर्य, संतोष वर्मा एडवोकेट, जितेंद्र कुमार, सुनील पाल, मस्तराम वर्मा, राजेंद्र वर्मा और बजरंगी मौर्य सहित कई दर्जन कार्यकर्ता शामिल रहे।2
- अवाम के साथ मौके पर मौजूद रहने वाले संवेदनशील पत्रकार अभिनव पाण्डेय ने जो कुछ भी देखा और महसूस किया है, उसे ध्यान से सुना जाना चाहिए। उनका यह अनुभव हर उस संवेदनशील और जनता के साथ मौके पर खड़े रहने वाले असल पत्रकार का तज़ुर्बा है। हम सब उस इतिहास के साक्षी रहे हैं, जिसमें हमने सत्ता का दमन और जेन ज़ी का अनुशासन दोनों देखा है। इस सबके बीच अब उम्मीद की किरण दिखाई देने लगी है।1
- अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित नगर निगम के सार्वजनिक शौचालय की हालत सामने आई है। इस मार्ग पर श्रद्धालुओं और आम लोगों की सुविधा के लिए बने इस सरकारी शौचालय की स्थिति को दर्शाया गया है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर ब्लॉक के अंतर्गत वहीउद्दीनपुर गांव में अधिवक्ता और पत्रकार अरुण कुमार मिश्र के नलकूप के सामने स्थित नीम के पेड़ के नीचे सुबह शिव बाबा की प्रतिमा रखी हुई मिली। नीम के पेड़ के नीचे शिवजी की प्रतिमा रखे होने की खबर जैसे ही फैली, उसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अरुण कुमार मिश्र ने बताया कि यह प्रतिमा रात के समय किसने और किस उद्देश्य से यहां रखी, यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है। वहीं, खबर सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर अपनी जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।1
- अयोध्या के सरदार पटेल नगर वार्ड आशापुर में बहराइच-फैजाबाद-आजमगढ़ के 122.00 से तिलैया संपर्क मार्ग की हालत सालों से खस्ताहाल है। मुख्यमंत्री पोर्टल (आईजीआरएस) पर वर्षों से शिकायत किए जाने और लगातार आश्वासन मिलने के बावजूद न तो इस 'जादुई रोड' की मरम्मत हुई और न ही इसे नया बनाया गया। इस घोर उपेक्षा को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जिसने मुख्यमंत्री पोर्टल को भी कटघरे में खड़ा कर दिया है। इस सड़क पर आम जनता के कार्यों को नजरअंदाज कर प्राइवेट कामों को तरजीह दी जा रही है। इसी मार्ग पर एक प्राइवेट कंपनी ने अपना अवैध ओवरब्रिज बना लिया है, जिसे संबंधित अधिकारी खुद अवैध मानते हैं लेकिन उनका कहना है कि वे इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। इतना ही नहीं, बिजली विभाग ने बिना पीडब्ल्यूडी विभाग की अनुमति के एक प्राइवेट होटल की लाइन बिछाने के लिए इस खराब सड़क को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया, फिर भी पीडब्ल्यूडी मूकदर्शक बना रहा। विभाग के कई जेई इस सड़क का सर्वे कर अपनी आख्या रिपोर्ट में इसकी दयनीय हालत और मरम्मत की जरूरत को स्वीकार कर चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि तीन साल बाद तो विभाग इस सड़क का सही नाम जान पाया है, लेकिन सुधार के नाम पर कुछ नहीं हुआ। इस मार्ग से रोजाना कई स्कूलों के हजारों बच्चों का सुबह-शाम आवागमन होता है और सड़क खराब होने की वजह से कई बच्चे चोटिल भी हो रहे हैं। ऐसा लगता है कि पीडब्ल्यूडी विभाग किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहा है। लोगों का आक्रोश है कि चूंकि जनता कमीशन नहीं देती, इसलिए सड़क का भाग्य नहीं जागा; यदि कमीशन मिलता तो शायद सड़क अब तक बन गई होती।1