शाहजहाँपुर पुलिस ने अपहरण, हत्या और शव छिपाने के एक मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। प्रेम प्रसंग के चलते इस घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें मृतक की पत्नी भी शामिल है। पुलिस ने मृतक ओमकार का शव भी बरामद कर लिया है। यह मामला तब सामने आया जब ओमकार, जो मानपुर मलिकापुर का निवासी था, 23 फरवरी 2026 को तिलहर न्यायालय में तारीख पर जाने के लिए घर से निकला और वापस नहीं लौटा। उसके भाई सत्यवीर सिंह ने 6 मार्च 2026 को सेहरामऊ दक्षिणी थाने में गुमशुदगी (क्रमांक-06/2026) दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर 4 जून 2026 को सत्यवीर सिंह ने अपने भाई ओमकार के अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए नन्हे पुत्र विजय सिंह (लिनथरा) और ओमकार की पत्नी ओमा भारती (मानपुर मलिकापुर) के खिलाफ थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0-0158/2026 धारा 140(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कराया। सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस ने त्वरित विवेचना करते हुए अभियुक्तों से गहन पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अभियुक्ता ओमा भारती और अभियुक्त नन्हे के बीच प्रेम प्रसंग था, और ओमकार उनके संबंधों में बाधक बन रहा था। इसी कारण अभियुक्तों ने योजनाबद्ध तरीके से ओमकार को शराब पिलाई, उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को अभियुक्त नन्हे की बगीया, ग्राम लिनथरा में केले के पेड़ के समीप गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। 5 जून 2026 को अभियुक्तों की निशानदेही पर अपहृत/मृतक ओमकार का शव बरामद कर लिया गया। जांच में यह भी पता चला कि ओमा भारती का मायका दिवैयापुर का है, और उनकी बड़ी बहन बिट्टन की शादी लगभग 25 वर्ष पहले लिनथरा में हुई थी। इसी वजह से ओमा भारती का लिनथरा आना-जाना लगा रहता था, जहां उनका संपर्क नन्हे से हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इस संबंध की जानकारी होने पर ओमकार ने अपनी पत्नी ओमा भारती के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद ओमा भारती अपने पति को छोड़कर नन्हे के साथ लिनथरा में रहने लगी थी। अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें आशंका थी कि ओमकार उनके संबंधों के कारण उन्हें नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए उन्होंने यह सुनियोजित हत्या की। थाना पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही संपादित की जा रही है। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर उपरोक्त मुकदमे में धारा 103(1)/238/3(5)/61(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है। अभियुक्त नन्हे और ओमा भारती को 5 जून 2026 को सुबह करीब 09:20 बजे ग्राम लिनथरा स्थित नन्हे की बगीया से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ओमकार सिंह की मृत्यु के कारणों का अवलोकन कर विवेचना में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जायेगी। शाहजहाँपुर पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ दीक्षित के कुशल निर्देशन में यह सफल कार्रवाई की गई।
शाहजहाँपुर पुलिस ने अपहरण, हत्या और शव छिपाने के एक मामले का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। प्रेम प्रसंग के चलते इस घटना को अंजाम देने वाले दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें मृतक की पत्नी भी शामिल है। पुलिस ने मृतक ओमकार का शव भी बरामद कर लिया है। यह मामला तब सामने आया जब ओमकार, जो मानपुर मलिकापुर का निवासी था, 23 फरवरी 2026 को तिलहर न्यायालय में तारीख पर जाने के लिए घर से निकला और वापस नहीं लौटा। उसके भाई सत्यवीर सिंह ने 6 मार्च 2026 को सेहरामऊ दक्षिणी थाने में गुमशुदगी (क्रमांक-06/2026) दर्ज कराई थी। पुलिस जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर 4 जून 2026 को सत्यवीर सिंह ने अपने भाई ओमकार के अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए नन्हे पुत्र विजय सिंह (लिनथरा) और ओमकार की पत्नी ओमा भारती (मानपुर मलिकापुर) के खिलाफ थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0-0158/2026 धारा 140(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कराया। सेहरामऊ दक्षिणी
पुलिस ने त्वरित विवेचना करते हुए अभियुक्तों से गहन पूछताछ की और साक्ष्य जुटाए। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि अभियुक्ता ओमा भारती और अभियुक्त नन्हे के बीच प्रेम प्रसंग था, और ओमकार उनके संबंधों में बाधक बन रहा था। इसी कारण अभियुक्तों ने योजनाबद्ध तरीके से ओमकार को शराब पिलाई, उसकी हत्या कर दी और साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को अभियुक्त नन्हे की बगीया, ग्राम लिनथरा में केले के पेड़ के समीप गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। 5 जून 2026 को अभियुक्तों की निशानदेही पर अपहृत/मृतक ओमकार का शव बरामद कर लिया गया। जांच में यह भी पता चला कि ओमा भारती का मायका दिवैयापुर का है, और उनकी बड़ी बहन बिट्टन की शादी लगभग 25 वर्ष पहले लिनथरा में हुई थी। इसी वजह से ओमा भारती का लिनथरा आना-जाना लगा रहता था, जहां उनका संपर्क नन्हे से हुआ और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इस संबंध की जानकारी होने पर ओमकार ने अपनी
पत्नी ओमा भारती के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद ओमा भारती अपने पति को छोड़कर नन्हे के साथ लिनथरा में रहने लगी थी। अभियुक्तों ने बताया कि उन्हें आशंका थी कि ओमकार उनके संबंधों के कारण उन्हें नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए उन्होंने यह सुनियोजित हत्या की। थाना पुलिस द्वारा शव का पंचायतनामा एवं अन्य आवश्यक विधिक कार्यवाही संपादित की जा रही है। विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर उपरोक्त मुकदमे में धारा 103(1)/238/3(5)/61(2) बीएनएस की वृद्धि की गई है। अभियुक्त नन्हे और ओमा भारती को 5 जून 2026 को सुबह करीब 09:20 बजे ग्राम लिनथरा स्थित नन्हे की बगीया से गिरफ्तार किया गया। आवश्यक विधिक कार्यवाही उपरांत उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है, तथा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर ओमकार सिंह की मृत्यु के कारणों का अवलोकन कर विवेचना में अग्रिम विधिक कार्यवाही की जायेगी। शाहजहाँपुर पुलिस अधीक्षक श्री सौरभ दीक्षित के कुशल निर्देशन में यह सफल कार्रवाई की गई।
- थाना टड़ियावां पुलिस ने मु0अ0स0 270/2026 और धारा 318(4) बी0एन0एस0 से संबंधित एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।1
- भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान हरिद्वार में किसानों की समस्याओं पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें हरदोई जनपद की टीम ने किसानों के हितों को लेकर सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, किसानों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, बढ़ती खेती लागत, बेरोजगारी और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई। सभी प्रतिभागियों ने किसानों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने और उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। इस चिंतन शिविर में भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के जिला महासचिव सहित हरदोई की टीम उपस्थित रही। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाता रहेगा। उनका मानना है कि किसानों की खुशहाली ही देश की समृद्धि का वास्तविक आधार है, और इसी बड़े उद्देश्य को लेकर संगठन निरंतर संघर्षरत है।2
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरदोई के शहीद स्मारक पार्क (कंपनी गार्डन) में "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण किया गया। इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने जनपद के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर पौधे लगाए, जिसमें अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी मौजूद रहे। इस पहल के माध्यम से सभी से अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए एक पेड़ लगाने का आह्वान किया गया है।1
- शाहजहाँपुर के कलान क्षेत्र के रुकनपुर और जखिया गाँवों में जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएँ सुनीं और उनके समाधान के निर्देश दिए। रुकनपुर में एसडीएम अभिषेक प्रताप सिंह ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं, जबकि जखिया में तहसीलदार सृजित कुमार ने जन चौपाल की अध्यक्षता की। रुकनपुर के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पेयजल, सफाई और राजस्व से संबंधित मुद्दे उठाए। उन्होंने निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक को लेकर भी शिकायतें दर्ज कराईं। इस पर एसडीएम ने संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। चौपाल के बीच उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सालय का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का भी जायजा लिया। उधर, जखिया में तहसीलदार सृजित कुमार की अध्यक्षता में आयोजित जन चौपाल में लगभग दो दर्जन शिकायतें सामने आईं। इनमें से खतौनी (भूमि रिकॉर्ड) से जुड़ी एक शिकायत का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेज दिया गया। इस जन चौपाल में राजस्व, पुलिस, जल निगम, ग्राम विकास और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रशासन का दावा है कि जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का गाँव स्तर पर ही समाधान किया जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद शिकायतों का निस्तारण कितनी तेज़ी से और प्रभावी ढंग से होता है।1
- फर्रुखाबाद में 32 वर्षीय विजय उर्फ विमल कश्यप की ट्रेन से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम होतेपुर के पास रेलवे ट्रैक किनारे मिला। मृतक के परिजनों, जिनमें उनकी मां रेखा और पत्नी रानी शामिल हैं, ने विजय के साथ यात्रा कर रहे दो दोस्तों शीलू उर्फ विक्रम और आशू पंडित पर ट्रेन से धक्का देकर उसकी हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। बताया गया कि विजय अपने दोस्तों के साथ आइसक्रीम बेचने के लिए ट्रेन से कासगंज जा रहे थे। बुधवार सुबह रेलवे ट्रैक के पास मिले उनके शव के सिर में गंभीर चोटें पाई गईं। युवक के पास मिले एक झोले में दोस्त विक्रम के दस्तावेज और मोबाइल फोन होने के कारण अस्पताल के रिकॉर्ड में मृतक का नाम गलत दर्ज हो गया था, जिससे कुछ समय तक भ्रम की स्थिति बनी रही। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद, आक्रोशित परिजन फतेहगढ़ कोतवाली के मुख्य गेट पर पहुँच गए और सड़क जाम करने की कोशिश की, जिन्हें पुलिस ने समझा-बुझाकर वहाँ से हटाया। इसके बाद परिजन कथित आरोपियों के घर पहुँचे, जहाँ उन्होंने जमकर हंगामा किया और तत्काल कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुँची पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले में लगाए गए आरोपों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी है कि जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- शाहजहाँपुर जनपद की थाना सेहरामऊ दक्षिणी पुलिस ने दिनांक 05.06.2026 को एक सराहनीय कार्य करते हुए अपहरण के बाद हत्या कर शव छिपाने की घटना का सफल अनावरण किया है। यह घटना प्रेम प्रसंग के चलते घटित हुई थी, जिसमें पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इस कार्यवाही के दौरान मृतक का शव भी बरामद कर लिया गया है। इस सफल अनावरण और शव बरामदगी के संबंध में श्रीमान अपर पुलिस अधीक्षक नगर, शाहजहाँपुर महोदय द्वारा एक बाइट (बयान) भी दी गई है।1
- थाना टड़ियावां पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिस पर ₹25,000 का इनाम घोषित था। यह गिरफ्तारी मु0अ0सं0 001/2026 की धारा 3(1) गिरोहबंद समाज विरोधी क्रियाकलाप एक्ट से संबंधित मामले में की गई है।1
- हरदोई जिले के टड़ियावां थाना पुलिस ने धोखाधड़ी से संबंधित एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मु0अ0सं0 270/2026, धारा 318(4) बीएनएस से जुड़े मामले के तहत की गई है। पुलिस के अनुसार, अभियुक्त की गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, और मामले की जांच के साथ-साथ अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं नियमानुसार जारी हैं। थाना टड़ियावां पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।1
- शाहजहाँपुर के रामचन्द्र मिशन थाना पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक नगर और क्षेत्राधिकारी नगर के निर्देशन व पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक रामचन्द्र मिशन के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में, एक चार वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में उसके पिता अखिलेश और दादा सुरेंद्र को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 03 जून 2026 को थाना रामचन्द्र मिशन में दर्ज एक तहरीर से जुड़ा है, जिसमें श्रीमती दिव्यांशी ने बताया कि उन्होंने करीब चार माह पहले अपने पहले पति से विवाह विच्छेद के बाद अखिलेश पुत्र सुरेंद्र से मंदिर में शादी की थी। विवाह के बाद वे पंजाब में रह रहे थे, जहाँ अखिलेश द्वारा दिव्यांशी और उनकी पुत्री के साथ मारपीट की जाती थी। दिव्यांशी के अनुसार, 04 मई 2026 को शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच अखिलेश ने उनकी लगभग चार वर्षीय पुत्री प्रिया के साथ मारपीट की, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। विरोध करने पर दिव्यांशी के साथ भी मारपीट की गई। इसके बाद, इलाज के बहाने दिव्यांशी और मृतका को एक चार पहिया वाहन से ग्राम मानपुर, थाना कांट लाया गया। यहाँ अखिलेश ने अपने पिता सुरेंद्र और माता तारा को बुलाकर रात करीब 1 बजे मृतका को अपने खेत में दफना दिया। घटना के बाद, दिव्यांशी को पहले कायमगंज, फर्रुखाबाद स्थित अपनी बहन रजनी के घर ले जाया गया, और फिर अम्बाला ले जाया गया। 27 मई 2026 को दिव्यांशी ने अखिलेश के फोन से अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर दिव्यांशी के पिता ने अपने चचेरे भाई सुनील को उन्हें लाने के लिए भेजा, जिसके बाद 28 मई 2026 को दिव्यांशी रोहतक, हरियाणा में अपने पिता के पास पहुंचीं और 29 मई 2026 को अपने गाँव गोबरसंडा लौट आईं। इन आरोपों के आधार पर थाना रामचन्द्र मिशन में मु0अ0सं0 115/26 धारा 103(1), 238, 115(2) बीएनएस के तहत अखिलेश, उनके ससुर सुरेंद्र, सास तारा, जेठ मुन्ना, जेठानी रीता, देवर सुमित, अमित, ननद रजनी और ननदोई अनुज सहित कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, रामचन्द्र मिशन पुलिस टीम ने 04 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए हरदोई चौराहा से बरेली जाने वाले मार्ग से अभियुक्त अखिलेश पुत्र सुरेंद्र और सुरेंद्र पुत्र स्वर्गीय श्रीराम को दोपहर करीब 3:15 बजे गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया।1