भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान हरिद्वार में किसानों की समस्याओं पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें हरदोई जनपद की टीम ने किसानों के हितों को लेकर सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, किसानों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, बढ़ती खेती लागत, बेरोजगारी और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई। सभी प्रतिभागियों ने किसानों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने और उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। इस चिंतन शिविर में भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के जिला महासचिव सहित हरदोई की टीम उपस्थित रही। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाता रहेगा। उनका मानना है कि किसानों की खुशहाली ही देश की समृद्धि का वास्तविक आधार है, और इसी बड़े उद्देश्य को लेकर संगठन निरंतर संघर्षरत है।
भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान हरिद्वार में किसानों की समस्याओं पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें हरदोई जनपद की टीम ने किसानों के हितों को लेकर सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, किसानों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, बढ़ती खेती लागत, बेरोजगारी और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई। सभी
प्रतिभागियों ने किसानों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने और उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। इस चिंतन शिविर में भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के जिला महासचिव सहित हरदोई की टीम उपस्थित रही। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाता रहेगा। उनका मानना है कि किसानों की खुशहाली ही देश की समृद्धि का वास्तविक आधार है, और इसी बड़े उद्देश्य को लेकर संगठन निरंतर संघर्षरत है।
- भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के राष्ट्रीय चिंतन शिविर में, जो हरिद्वार के अलकनंदा घाट पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित किया गया था, हरदोई जिला टीम ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस कार्यक्रम में हरदोई के युवा किसान नेता राहुल दीक्षित ने अपने ओजस्वी भाषण से किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया, जिससे सभी उपस्थित लोगों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ। अपने संबोधन के दौरान, राहुल दीक्षित ने किसानों की बदहाल स्थिति, फसलों के उचित मूल्य, सिंचाई की कमी, बिजली से संबंधित मुद्दे, रोजगार की चुनौतियाँ और ग्रामीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर दृढ़ता से प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान और मजदूर देश की रीढ़ हैं, फिर भी उन्हें अपनी मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। राहुल दीक्षित के जोशीले भाषण की उपस्थित किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं ने काफी सराहना की। शिविर में किसानों की विभिन्न मांगों पर गहन चर्चा हुई, और संगठन ने किसान हितों के लिए अपनी लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया। हरदोई जिला टीम ने एक साथ मिलकर किसानों के अधिकारों के लिए आवाज़ बुलंद की, यह स्पष्ट संदेश देते हुए कि किसान-मजदूरों के सम्मान और हक की लड़ाई निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम का समापन "न किसान झुकेगा, न मजदूर रुकेगा, हक और सम्मान की लड़ाई में हर कदम आगे बढ़ेगा" के उद्घोष के साथ हुआ, जिसमें किसान नेताओं ने दोहराया कि संगठन किसानों की समस्याओं के समाधान हेतु सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक अपना संघर्ष जारी रखेगा।2
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरदोई में "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत शहीद स्मारक पार्क (कंपनी गार्डन) में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी अनुनय झा और पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने जनपद के जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। जिलाधिकारी अनुनय झा ने वृक्षों को मानव जीवन का आधार बताते हुए पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में उनकी भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान किया। पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ एक दिन का कार्य नहीं है, बल्कि इसे जनभागीदारी से जुड़ा एक निरंतर अभियान बनाना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से कम से कम एक पौधा लगाकर उसके वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करने की अपील की। इस विशेष अवसर पर, जनपद के सभी थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी अपने-अपने थाना परिसरों तथा अन्य चिन्हित स्थलों पर वृक्षारोपण किया। इसके साथ ही, आमजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और हरित विकास के प्रति जागरूक करते हुए पौधों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया गया।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हरदोई जिले में "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में श्रीमान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक महोदय ने जनपद के जनप्रतिनिधिगणों के साथ शहीद स्मारक पार्क (कंपनी गार्डन) में पौधरोपण किया। इस अवसर पर अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे। इस विशेष अभियान का उद्देश्य माँ के स्नेह, त्याग और संरक्षण की भावना को प्रकृति से जोड़कर पर्यावरण संरक्षण को एक भावनात्मक आधार प्रदान करना है। सभी से आग्रह किया गया कि वे एक पेड़ लगाकर अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।1
- अमेरिका में भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। लोगों का कहना है कि अमेरिकियों ने भारत की शान, जान और ईमान माने जाने वाले तिरंगे का घोर अपमान किया है, जिस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और अपमान करने वाले युवक से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई जानी चाहिए। यह अपमान पूरे भारत का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं। लोगों ने पूछा है कि जो मोदी जी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से गले मिलते हैं और विभिन्न मौकों पर उनसे बात करते हैं, वे अब कहां हैं? यह कहा गया कि मोदी जी को अब अनिवार्य रूप से कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि भारत का मान अपमानित हुआ है और इसे सहा नहीं जा सकता। चेतावनी दी गई है कि यदि मोदी सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती या ट्रम्प से बात नहीं करती, तो आम जनता सड़कों पर अमेरिकी झंडे लगाएगी और उन पर शौच कर उनका अपमान करेगी। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देश के भीतर हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे भले ही चल जाएं, लेकिन भारत के गौरव का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पर मोदी जी को तुरंत आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि भारत किसी का गुलाम नहीं है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद, हरदोई जनपद के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला फिर से सुर्खियों में है। रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई और उसका परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। दलेलनगर, जगदीशपुर, शिरोमणि नगर सहित आसपास के कई गांवों में यह अवैध गतिविधियां कई महीनों से लगातार जारी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह "मिट्टी का काला कारोबार" संगठित रूप से संचालित हो रहा है। शिकायतें मिलने के बावजूद खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खुलकर बोलने से डरते हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री की मंशा और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को दर्शाती है। अवैध खनन से गांवों की सड़कें जर्जर हो रही हैं, धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है, तथा खेती योग्य भूमि भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा असंतोष है, उनका कहना है कि भारी वाहनों के संचालन से संपर्क मार्ग खराब हो रहे हैं, लेकिन मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं है। लाखों रुपये के राजस्व नुकसान और पर्यावरणीय क्षति के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित दिख रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है। क्षेत्र के नागरिक पूछ रहे हैं कि यदि अवैध खनन प्रशासन की नजर में नहीं है, तो इतनी बड़ी संख्या में मशीनें और वाहन रातभर कैसे संचालित होते हैं? और यदि जानकारी है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? हरदोई की जनता अब इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रही है, क्योंकि वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम देखना चाहती है।2
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, शाहजहाँपुर के विकास खंड ददरौल स्थित संविलयन विद्यालय में जनपद प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने एक वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने स्वयं एक ‘हरिशंकरी’ का पौधा रोपकर इस अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत जनपद में आज 8.64 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जा रहा है। इस दौरान प्रभारी मंत्री ने पर्यावरण संतुलन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि उन पौधों का संरक्षण भी बेहद आवश्यक है। उन्होंने वर्ष 2026 के लिए एक महा-लक्ष्य की घोषणा करते हुए बताया कि तब तक कुल 44 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मंत्री कश्यप ने जनता से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील भी की। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया और उन्हें फलदार पौधे वितरित किए गए।1
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जनपद में एक विशाल वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया। विकासखंड ददरौल के संविलयन विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जनपद के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने हरिशंकरी पौधा रोपित कर अभियान की शुरुआत की। उन्होंने इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण विषयक चित्रकला और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं में विजयी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इसके साथ ही उन्होंने स्कूली बच्चों और आमजन को फलदार पौधे भी वितरित किए। उन्होंने प्रधानमंत्री के आह्वान पर चलाए जा रहे 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में जनता से अधिक से अधिक भागीदारी करने की अपील की, और यह भी कहा कि वृक्षारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। प्रभारी मंत्री ने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस पर शाहजहांपुर जनपद में एक साथ 8 लाख से अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं, जबकि वर्ष 2026 के लिए जिले को 44 लाख से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश भर में एक ही दिन में 5 करोड़ पौधे रोपे जाने और पूरे वर्ष के लिए 37 करोड़ से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित होने की जानकारी भी दी। ददरौल विधायक अरविंद कुमार सिंह ने वृक्षारोपण को पर्यावरण संरक्षण का सबसे प्रभावी तरीका बताया और नागरिकों से अपने जन्मदिन तथा अन्य विशेष अवसरों पर पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि जनपद में कुल 8 लाख 64 हजार पौधों का रोपण किया जा रहा है। उन्होंने पिछले साल विकसित किए गए सहजन वन की सफलता का जिक्र करते हुए इस साल 'बजरंग वन' विकसित करने की योजना भी बताई। जिलाधिकारी ने बच्चों और युवाओं से हरित भविष्य के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष केसी मिश्रा, जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष डीपीएस राठौर, महानगर अध्यक्ष शिल्पी गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी उत्कर्ष द्विवेदी, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी सचिन कुमार सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला परियोजना अधिकारी डॉ. विनय कुमार सक्सेना ने किया। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की गूंज के साथ शाहजहांपुर में विश्व पर्यावरण दिवस पर 8 लाख से अधिक पौधों का यह महाअभियान शुरू हुआ।1
- भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के राष्ट्रीय चिंतन शिविर के दौरान हरिद्वार में किसानों की समस्याओं पर एक महत्वपूर्ण चर्चा आयोजित की गई, जिसमें हरदोई जनपद की टीम ने किसानों के हितों को लेकर सक्रिय भागीदारी निभाई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों ने कृषि क्षेत्र की चुनौतियों, किसानों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में किसानों को फसलों का उचित मूल्य दिलाने, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, बढ़ती खेती लागत, बेरोजगारी और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई। सभी प्रतिभागियों ने किसानों की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने और उनकी समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए मिलकर प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की। इस चिंतन शिविर में भारतीय किसान यूनियन श्रम जनशक्ति के जिला महासचिव सहित हरदोई की टीम उपस्थित रही। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि संगठन किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ाता रहेगा। उनका मानना है कि किसानों की खुशहाली ही देश की समृद्धि का वास्तविक आधार है, और इसी बड़े उद्देश्य को लेकर संगठन निरंतर संघर्षरत है।2