शर्मा गांव में रंगदारी नहीं दी तो 30 बीघा खेत में जहर डाला शर्मा गांव में रंगदारी नहीं दी तो 30 बीघा खेत में जहर डाला तेतरहाट थाना क्षेत्र के शर्मा गांव में रंगदारी नहीं देने पर किसान की खेती बर्बाद करने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान रामाश्रय चौधरी ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंगों ने 2.50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर पहले खेती नहीं करने देने की धमकी दी गई और अब 30 बीघा खेत में रोपाई के लिए तैयार धान के बिचड़े में जहर डालकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में उन्होंने 16 जुलाई को ही तेतरहाट थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों का मनोबल बढ़ गया और उन्होंने फसल को नुकसान पहुंचा दिया। आवेदन में चंदन कुमार, राजीव कुमार, सोनू कुमार, शंभू चौधरी और मुरारी चौधरी को नामजद किया गया है। किसान का कहना है कि धान का बिचड़ा नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
शर्मा गांव में रंगदारी नहीं दी तो 30 बीघा खेत में जहर डाला शर्मा गांव में रंगदारी नहीं दी तो 30 बीघा खेत में जहर डाला तेतरहाट थाना क्षेत्र के शर्मा गांव में रंगदारी नहीं देने पर किसान की खेती बर्बाद करने का मामला सामने आया है। पीड़ित किसान रामाश्रय चौधरी ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ दबंगों ने 2.50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। रकम नहीं देने पर पहले खेती नहीं करने देने की धमकी दी गई और अब 30 बीघा खेत में रोपाई के लिए तैयार धान के बिचड़े में जहर डालकर उसे पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। पीड़ित ने बताया कि इस मामले में उन्होंने 16 जुलाई को ही तेतरहाट थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों का मनोबल बढ़ गया और उन्होंने फसल को नुकसान पहुंचा दिया। आवेदन में चंदन कुमार, राजीव कुमार, सोनू कुमार, शंभू चौधरी और मुरारी चौधरी को नामजद किया गया है। किसान का कहना है कि धान का बिचड़ा नष्ट होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
- श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन डीएम शेखर आनंद ने कुसेढ़ी और गिरिहिंडा पहाड़ का किया निरीक्षण श्रावणी मेले की तैयारियों को लेकर अलर्ट मोड में प्रशासन डीएम शेखर आनंद ने कुसेढ़ी और गिरिहिंडा पहाड़ का किया निरीक्षण शेखपुरा - पवित्र श्रावणी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। आज, 30 जुलाई 2026 को जिला पदाधिकारी श्री शेखर आनंद ने बरबीघा प्रखंड अंतर्गत प्रसिद्ध कुसेढ़ी पंचवदन स्थान तथा शेखपुरा स्थित ऐतिहासिक गिरिहिंडा पहाड़ पर विराजमान बाबा कामेश्वर नाथ मंदिर का विस्तृत स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने श्रावणी मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां ससमय और दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि श्रावणी मेले के अवसर पर बड़ी संख्या में शिवभक्त और श्रद्धालु जल चढ़ाने एवं दर्शन-पूजन के लिए यहाँ पहुँचते हैं। श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की कठिनाई न हो, इसके लिए अधिकारियों को निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। मेले में आने वाले भक्तों के लिए शुद्ध पेयजल और साफ-सुथरे शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था। पूरे मंदिर प्रांगण व पहुँच मार्गों पर पर्याप्त लाईट (प्रकाश व्यवस्था) और भीड़ नियंत्रण के लिए जगह-जगह ड्रॉप गेट का निर्माण करने। वाहनों के सुचारू आवागमन और जाम से निपटने के लिए व्यवस्थित पार्किंग स्थल का निर्धारण कर ले। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला पदाधिकारी महोदय ने बताया कि अनुमंडल अधिकारी के स्तर से मेले के लिए दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर दी गई है। पर्यटन व बच्चों के मनोरंजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी महोदय ने गिरिहिंडा पहाड़ स्थित पार्क का विशेष जायजा लिया। उन्होंने नगर कार्यपालक पदाधिकारी, शेखपुरा को निर्देशित किया कि पार्क को और अधिक सुंदर व आकर्षक बनाया जाए। साथ ही बच्चों के खेलने के लिए नए झूले और खेल-कूद के सामान लगाने का भी निर्देश दिया, ताकि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ बच्चे भी इसका आनंद ले सकें। निरीक्षण के इस अवसर पर जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी शेखपुरा एवं बरबीघा आदि उपस्थित थें। नगर कार्यपालक पदाधिकारी, शेखपुरा प्रशासनिक टीम ने आश्वस्त किया है कि श्रद्धालुओं की भक्ति यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए सभी तैयारियाँ समय से पूरी कर ली जाएँगी। *डी॰पी॰आर॰ओ॰,* *शेखपुरा।*4
- घाटकुशुभा क्षेत्र में आगामी बाढ़ एवं संभावित सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। घाटकुशुभा क्षेत्र में आगामी बाढ़ एवं संभावित सुखाड़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद ने घाटकुसुंभा प्रखंड के कई अति-संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर विभागीय तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने सहरा, बटौरा, सुजावलपुर, पानापुर, कोयला, हरिरामचक, प्राणपुर एवं आलापुर गांवों का दौरा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि हरोहर नदी का जलस्तर बढ़ने पर इन क्षेत्रों में भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे मुख्य सड़कें एवं संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग तथा बाढ़ नियंत्रण एवं जल निस्सरण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने, संवेदनशील सड़कों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र मरम्मत की व्यवस्था करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को बाढ़ अथवा सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 60 पानी के टैंकर तैयार रखने का निर्देश दिया। वहीं स्वास्थ्य विभाग को सभी उप स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, पर्याप्त बेड, ओआरएस, ब्लीचिंग पाउडर तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने का आदेश दिया।इसके अलावा जिला पशुपालन पदाधिकारी को मवेशियों के लिए चारा, पशु दवाओं एवं चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अंचल एवं आपदा प्रबंधन विभाग को राहत सामग्री, पॉलीथिन शीट, नावों का समय पर पंजीकरण, सामुदायिक किचन की तैयारी तथा गोताखोरों को अलर्ट रखने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता, प्रभारी पदाधिकारी (आपदा प्रबंधन), पीएचईडी एवं ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला पशुपालन पदाधिकारी, घाटकुसुंभा के प्रखंड विकास पदाधिकारी सहित कई जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि आपदा प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी विभाग समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से कार्य करें। निरीक्षण कार्यक्रम बुधवार को दोपहर 1:00 बजे संपन्न हुआ।1
- Yehe drama ka Bhagat or mahanadi gave me frot karate,pajama gaya Badi Khabar1
- गुरु पूर्णिमा पर झाझा के गायत्री ज्ञान मंदिर में 12 घंटे का अखंड मंत्र जप, 9 कुंडीय महायज्ञ संपन्न, गुरु पूजन, विचार गोष्ठी और महायज्ञ में उमड़े श्रद्धालु, विश्व शांति व मानव कल्याण की हुई कामना.... जमुई जिले के झाझा रेलवे कॉलोनी स्थित गायत्री ज्ञान मंदिर में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 12 घंटे का अखंड गायत्री मंत्र जप और 9 कुंडीय महायज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान गुरु पूजन, वैदिक अनुष्ठान और विचार गोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल अखंड गायत्री मंत्र जप से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने 9 कुंडीय महायज्ञ में आहुति अर्पित कर विश्व शांति, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए ज्ञान प्रकाश ने गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व आत्मचिंतन, आत्मपरिष्कार और आत्मनिर्माण का संदेश देता है। उन्होंने युगऋषि पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के संकल्प "हम बदलेंगे-युग बदलेगा" को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार आध्यात्मिक साधना के साथ-साथ नशा मुक्ति, नारी जागरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वावलंबन और समाज निर्माण जैसे अभियानों के माध्यम से जनजागरण का कार्य कर रहा है। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने गुरु के आदर्शों को अपनाने और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर रामलखन बरनवाल, बमशंकर, रवि कुमार साव सहित गायत्री परिवार के अनेक कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। जमुई और बिहार की हर बड़ी खबर सबसे पहले देखने के लिए हमारे चैनल को Subscribe, वीडियो को Like, Share और Comment करें।1
- "यह लौकी प्राकृतिक विधि से उगाई गई है। पौधा घना, हरा-भरा और स्वस्थ है, जिसे मचान (करेकट) की सहायता से ऊपर चढ़ाया गया है।" "यह लौकी प्राकृतिक विधि से उगाई गई है। पौधा घना, हरा-भरा और स्वस्थ है, जिसे मचान (करेकट) की सहायता से ऊपर चढ़ाया गया है।"1
- गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर धर्मसंग पीठ परिषद आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी द्वारा सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं गुरु पूजन का भव्य आयोजन गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर धर्मसंग पीठ परिषद आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी द्वारा सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ एवं गुरु पूजन का भव्य आयोजन पटना, 29 जुलाई। गुरु पूर्णिमा महोत्सव के पावन अवसर पर धर्मसंग पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी, बिहार प्रदेश द्वारा प्रांतीय कार्यालय मिर्चइया बाबा मंदिर, बुद्ध मार्ग, पटना में श्रद्धा, भक्ति एवं उत्साह के साथ गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और सभी ने अपने पूज्य गुरुदेव भगवान के श्रीचरणों में श्रद्धा एवं कृतज्ञता अर्पित की। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से आदित्य वाहिनी, बिहार प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष श्री अनुज कुमार सिंह, मुजफ्फरपुर के संयोजक श्री लोकेश जी, श्री हरिओम जी,पटना से श्री संजय जी ,अमूल्य रामकृष्ण , मातृ शक्ति सुधा चौधरी, शशि मां , मुजफ्फरपुर जिला से पुजारी जी,मीडिया प्रभारी श्री तरुण जी , प्रांतीय कार्यालय प्रभारी महंत श्री श्याम सुंदर दास जी (पुजारी जी) तथा आनंद वाहिनी की मातृशक्ति की अनेक सदस्याएँ एवं संगठन के अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ गुरुदेव भगवान के श्रीचरणों में धूप, दीप, अगरबत्ती एवं पुष्प अर्पित कर गुरु पूजन से किया गया। इसके उपरांत सभी श्रद्धालुओं एवं कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में सात बार सामूहिक श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। संपूर्ण वातावरण भक्तिमय जयघोष एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो उठा। कार्यक्रम के समापन से पूर्व सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक आरती में भाग लिया। तत्पश्चात राष्ट्र, धर्म एवं सनातन संस्कृति के प्रति अपने संकल्प को दोहराते हुए सभी ने "हम भारत भव्य बनाएंगे, हम हिंदू राष्ट्र बनाएंगे", "हर हिंदू सेना हो, हर हिंदू सनातनी हो" जैसे प्रेरणादायी जयघोष लगाए। अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। गुरु पूर्णिमा महोत्सव का यह आयोजन गुरु भक्ति, सनातन संस्कृति, संगठनात्मक एकता एवं राष्ट्र समर्पण की भावना का प्रेरणादायी उदाहरण बना। धर्मसंग पीठ परिषद, आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी, बिहार प्रदेश ने सभी श्रद्धालुओं को गुरु पूर्णिमा महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए गुरु परंपरा के आदर्शों पर चलकर राष्ट्र एवं समाज की सेवा का संकल्प दोहराया। निवेदक धर्म संघ पीठ परिषद आदित्य वाहिनी एवं आनंद वाहिनी, बिहार प्रदेश प्रांतीय कार्यालय – मिर्चइया बाबा मंदिर, बुद्ध मार्ग, पटना4
- शेखपुरा - 32वें स्थापना दिवस पर ज़िला अधिकारी ने ज़िला वासियों को किया है आमंत्रित.1
- बुधवार को जिले की सभी पंचायतों में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का संबंधित पदाधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया गया। बुधवार को जिले की सभी पंचायतों में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों का संबंधित पदाधिकारियों द्वारा भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य आमजन को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, नियमितता एवं प्रभावशीलता का आकलन करना था। यह निरीक्षण बुधवार दोपहर करीब 3:00 बजे संपन्न हुआ।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रोगी पंजी एवं रोगी यात्रा रजिस्टर, Bhavya Lite पोर्टल पर स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन प्रविष्टि, दवा वितरण व्यवस्था, पैथोलॉजिकल जांच की उपलब्धता, निःशुल्क औषधि वाहन की सेवाओं, गैर-संचारी रोग (एनसीडी) से संबंधित उपचार एवं जांच सुविधाओं तथा स्वास्थ्य प्रणाली के डिजिटलीकरण की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही यह भी देखा गया कि मरीजों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं या नहीं।अधिकारियों ने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति तथा विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का भी जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और सेवा गुणवत्ता का भी आकलन किया गया।जहां कहीं भी कमियां या सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, वहां संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों एवं प्रभारी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने तथा आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इस प्रकार के निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे। जिला प्रशासन का उद्देश्य स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाना है।1
- कुश (कुशा) पवित्र पौधा है, जो पूजा, यज्ञ, श्राद्ध और आयुर्वेद में उपयोगी है, इसलिए इसका संरक्षण आवश्यक है। कुश (कुशा) पवित्र पौधा है, जो पूजा, यज्ञ, श्राद्ध और आयुर्वेद में उपयोगी है, इसलिए इसका संरक्षण आवश्यक है।1