जींद जिले के उचाना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को एक महिला पटवारी नीलम और उसके पति सतीश को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बिजली बोर्ड के रिटायर्ड एसडीओ रामकुमार ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उन्हें अपनी 15 एकड़ जमीन का तकसीम और इंतकाल करवाना था, जिसके लिए वे महिला पटवारी नीलम से मिले। पटवारी नीलम ने इस काम के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा आठ हजार रुपये में तय हुआ। निरीक्षक प्रमिला के नेतृत्व में गठित एसीबी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उचाना तहसील के सामने एक निजी दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, रामकुमार ने महिला पटवारी के पति सतीश को आठ हजार रुपये दिए, जिसके बाद एसीबी ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उस समय महिला पटवारी नीलम मौके पर मौजूद नहीं थी, लेकिन बाद में उन्हें बुलाया गया। निरीक्षक प्रमिला के अनुसार, महिला पटवारी के कहने पर ही उनके पति रिश्वत की राशि लेने गए थे। एसीबी की टीम महिला पटवारी नीलम और उनके पति सतीश से भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ कर रही है।
जींद जिले के उचाना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को एक महिला पटवारी नीलम और उसके पति सतीश को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बिजली बोर्ड के रिटायर्ड एसडीओ रामकुमार ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उन्हें अपनी 15 एकड़ जमीन का तकसीम और इंतकाल करवाना था, जिसके लिए वे महिला पटवारी नीलम से मिले। पटवारी नीलम ने इस काम के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा आठ हजार रुपये में तय हुआ। निरीक्षक प्रमिला के नेतृत्व में गठित एसीबी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उचाना तहसील के सामने एक निजी दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, रामकुमार ने महिला पटवारी के पति सतीश को आठ हजार रुपये दिए, जिसके बाद एसीबी ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उस समय महिला पटवारी नीलम मौके पर मौजूद नहीं थी, लेकिन बाद में उन्हें बुलाया गया। निरीक्षक प्रमिला के अनुसार, महिला पटवारी के कहने पर ही उनके पति रिश्वत की राशि लेने गए थे। एसीबी की टीम महिला पटवारी नीलम और उनके पति सतीश से भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ कर रही है।
- जींद जिले के उचाना में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने बुधवार को एक महिला पटवारी नीलम और उसके पति सतीश को आठ हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एसीबी ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बिजली बोर्ड के रिटायर्ड एसडीओ रामकुमार ने एसीबी को शिकायत दी थी कि उन्हें अपनी 15 एकड़ जमीन का तकसीम और इंतकाल करवाना था, जिसके लिए वे महिला पटवारी नीलम से मिले। पटवारी नीलम ने इस काम के लिए 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी, लेकिन बाद में सौदा आठ हजार रुपये में तय हुआ। निरीक्षक प्रमिला के नेतृत्व में गठित एसीबी की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उचाना तहसील के सामने एक निजी दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान, रामकुमार ने महिला पटवारी के पति सतीश को आठ हजार रुपये दिए, जिसके बाद एसीबी ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया। उस समय महिला पटवारी नीलम मौके पर मौजूद नहीं थी, लेकिन बाद में उन्हें बुलाया गया। निरीक्षक प्रमिला के अनुसार, महिला पटवारी के कहने पर ही उनके पति रिश्वत की राशि लेने गए थे। एसीबी की टीम महिला पटवारी नीलम और उनके पति सतीश से भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ कर रही है।1
- हिसार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपराध व अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उकलाना पुलिस ने चोरी के तीन मामलों का खुलासा करते हुए एक किशोर सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई नकदी, सोने और चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू पुत्र बलवान निवासी प्रभुवाला (एक किशोर सहित) के रूप में हुई है। थाना प्रभारी उकलाना, PSI कुलदीप ने बताया कि गांव प्रभुवाला निवासी अशोक कुमार पुत्र किशोरी लाल की शिकायत पर 13 मार्च 2026 को उनके घर से नकदी, 2 पाजेब (16 तोला), 1 पाजेब (5 तोला), 1 कड़ा (3 तोला), जूड़े की सूइयां (5 तोला), साड़ी की तागड़ी (10 तोला), 2 जोड़ी चुटकी और 4 मासे सोने की बालियां चोरी होने का मामला भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था। इसी तरह, राजकुमार पुत्र रामस्वरूप निवासी प्रभुवाला की शिकायत पर 15 जून 2026 को उनके घर से दो सोने की अंगूठी, एक चांदी की पाजेब और एक चांदी का सिक्का चोरी होने तथा मनोज पुत्र बलवीर निवासी प्रभुवाला की शिकायत पर 5 जून से 12 जून के बीच उनके घर से गुल्लक तोड़कर पैसे और एक पाजेब चोरी होने के मामले भी विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किए गए थे। मामलों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस द्वारा विशेष टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज का गहन विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर किशोर सहित दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरीशुदा नकदी और तीनों चोरी के मामलों से संबंधित आभूषण बरामद कर लिए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 4 लाख रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे गहन पूछताछ कर चोरी की अन्य वारदातों और संबंधित मामलों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके। हिसार पुलिस अधीक्षक ने मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि जिला पुलिस अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। आमजन की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।1
- राजाखेड़ा कस्बे में जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) का कंट्रोल रूम नंबर कई सालों से बंद पड़ा है, जिससे बिजली संबंधी शिकायतों के त्वरित निपटारे में आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तार टूटने, बिजली के खंभों (पोल) में करंट आने या अन्य बिजली दुर्घटनाओं की सूचना देने का कोई व्यवस्थित माध्यम न होने से हादसों का खतरा काफी बढ़ गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले जीएसएस का एक स्थायी संपर्क नंबर उपलब्ध था, जिस पर सूचना मिलते ही बिजली कर्मचारी जीएसएस से बिजली काट देते थे, जिससे जान-माल की हानि को रोका जा सकता था। हालांकि, अब यह नंबर बंद होने के कारण शिकायत दर्ज कराने और बिजली आपूर्ति बाधित होने में काफी देरी होती है। लोगों का कहना है कि खासकर बरसात के मौसम में तार टूटने और पोल में करंट आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, और सूचना न पहुंचने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई निवासियों को तो अपने क्षेत्रीय लाइनमैन की जानकारी भी नहीं है, जिससे वैकल्पिक माध्यम से भी सूचना बिजली घर तक नहीं पहुंच पाती। राजाखेड़ा के निवासियों ने संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों से तत्काल कंट्रोल रूम का नंबर चालू कराने और क्षेत्र के लाइनमैन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि बिजली संबंधी छोटी-मोटी घटनाओं पर भी त्वरित कार्रवाई हो सके और संभावित हादसों को टाला जा सके। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अभी तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में, जेवीवीएनएल धौलपुर के अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा ने कहा है कि अगर ऐसी स्थिति है तो नंबर को शीघ्र ही चालू कराया जाएगा।1
- हरियाणा के भिवानी को 31 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चौधरी बंसीलाल एयरोड्रोम में इन परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उद्घाटन की गई सुविधाओं में हैंगर, एटीसी भवन, सुरक्षा चौकी और कैंटीन शामिल हैं, जो अब शुरू हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री सैनी ने इस दौरान जायरोकॉप्टर का भी जायजा लिया।1
- हरियाणा के भिवानी-लोहारू रेल लाइन परियोजना को लेकर सांसद धर्मबीर सिंह ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह रेल लाइन "नहीं बनेगी", जिससे लाखों लोगों की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। सांसद के इस बयान से प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है और एक नई राजनीतिक जंग छिड़ गई है। यह परियोजना लाखों लोगों के लिए एक सपने जैसी थी, लेकिन सांसद के ऐलान ने उन सपनों पर ब्रेक लगा दिया है। इस घोषणा के बाद से लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह परियोजना फिर से शुरू होनी चाहिए या नहीं।1
- ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा ने 'सरकार की पोल खोलो' नामक एक अभियान शुरू करने की घोषणा की है। इस अभियान का समापन 30 अगस्त को रोहतक में एक 'न्याय महापंचायत' के साथ होगा। ओबीसी ब्रिगेड हरियाणा के प्रदेश संगठन प्रमुख राम कुमार प्रजापति ने बताया कि इस महापंचायत में सर्व समाज और सभी संगठनों को आमंत्रित किया जाएगा।1
- गिरिराज जी की तलहटी परिक्रमा मार्ग #राधे राधे #राधे गोविंद1
- भिवानी में सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक जनकल्याण शिविर सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का उद्देश्य सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के बारे में आम जनता को जानकारी देना था।1