*आपरेशन मनी ट्रेप के तहत राजगढ़ पुलिस की बड़ी कार्यवाही* *पैसे दोगुने करने का झांसा देकर ₹2 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का राजगढ़ पुलिस ने किया पर्दाफाश {श्याम रानोलिया राजगढ़ } 7049220386 🔹 *घटना का संक्षिप्त विवरण* दिनांक 24.07.2026 को फरियादी देवेन्द्र पिता कृपाशंकर पालीवाल, उम्र 46 वर्ष, निवासी ब्यावरा द्वारा थाना ब्यावरा शहर में रिपोर्ट की गई कि प्रफुल्ल गजभिये ने स्वयं को बड़ी कम्पनी से जुड़े लोगों का परिचित बताते हुए निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच दिया। उसके द्वारा अन्य आरोपियों से फरियादी की मुलाकात कराई गई तथा फर्जी ई-मेल एवं दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लिया गया। आरोपियों द्वारा फरियादी को ₹2 करोड़ निवेश करने पर अधिक राशि वापस मिलने का झांसा दिया गया। दिनांक 22.07.2026 को भोपाल में आरोपियों द्वारा फरियादी से ₹2 करोड़ नगद प्राप्त कर उसे हवाला/आंगड़िया के माध्यम से भेजने की बात कही गई तथा फर्जी भुगतान संदेश दिखाकर उसे भ्रमित किया गया। राशि वापस प्राप्त नहीं होने पर फरियादी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। फरियादी दो दिनों तक आरोपीगणों की तलाश भोपाल में करता रहा कोई जानकारी नहीं मिलने पर थाना ब्यावरा पुलिस को सूचित किया गया । ब्यावरा पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए अपराध पंजीकृत किया गया। 🔹 *अपराध पंजीबद्ध* प्रथम दृष्टया आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्रपूर्वक धोखाधड़ी कर राशि हड़पना पाए जाने पर थाना ब्यावरा शहर में 24/07/26 को अपराध क्रमांक 590/2026, धारा 318(4), 61(2), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजगढ़ द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी एवं ठगी की राशि की बरामदगी हेतु 10 विशेष टीमों का गठन किया जिसमें लगभग 50 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। आरोपियों के मूवमेंट एवं आपसी कनेक्शन की कड़ियां जोड़ने के लिए अलग-अलग राज्यों में करीब 3,000 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए। पुलिस टीमों ने लगभग 30,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए करीब 35 दिनों तक लगातार कार्रवाई कर, आरोपियों की तलाश में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा सहित 10 राज्यों में लगातार दबिश दी गई, और विभिन्न राज्यों से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 🔹 *गिरोह का Modus Operandi* इस गिरोह की कार्यप्रणाली कई स्तरों में बँटी हुई थी। पहला स्तर था— मालदार पर जरूरतमंद पीड़ित को चिन्हित करना। दूसरा स्तर था—परिचय कराना और पीड़ित का विश्वास जीतना। इसके लिए बड़ी कंपनी का नाम, महँगी गाड़ियाँ, होटल में बैठक और व्यवस्थित दस्तावेजों का सहारा लिया गया। तीसरा स्तर था—फर्जी ई-मेल, स्वीकृति-पत्र और भुगतान संदेश दिखाकर निवेश को वास्तविक सिद्ध करना। चौथा स्तर था—पीड़ित से अधिकतम नकद राशि प्राप्त करना, ताकि बैंकिंग माध्यम में तत्काल कोई रिकॉर्ड न बने। पाँचवाँ स्तर था—नकद राशि को हवाला अथवा आंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से अलग-अलग व्यक्तियों और शहरों तक पहुँचाना। अंतिम स्तर पर गिरोह के सदस्य राशि को आपस में बाँटकर अपने ठिकाने, मोबाइल नंबर और शहर बदल देते थे। विशेष बात यह है कि हर लिंक पर आरोपी अपना नाम छुपा कर ट्रेड नाम रखते हैं एवं एक व्यक्ति अपने से ऊपर की लिंक और नीचे की लिंक से ही जुड़ा है द्वितीय लिंक के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं होती है 🔹 *आरोपियों की भूमिका* *गिरोह के सदस्यों की भूमिका एवं घटना का क्रम* जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फरियादी को कंपनी में निवेश के नाम पर विश्वास में लेकर ₹2 करोड़ की राशि देने के लिए तैयार किया। माधव असोरे, जो कंपनी कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहा था, तथा सुजीत टेम्बेकर एवं साहिल नीसवाडे ने फरियादी की तलाश एवं पहचान कर उसे गिरोह के संपर्क में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद प्रफुल्ल गजभिये एवं सचित कामले ने कंपनी के एजेंट के रूप में, दिनेश वीरानी ने कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में तथा वासुदेव गाडेकर ने कंपनी के डायरेक्टर के रूप में स्वयं को प्रस्तुत कर फरियादी से मुलाकात की। इन आरोपियों ने कंपनी एवं निवेश योजना को वास्तविक एवं विश्वसनीय बताते हुए फरियादी का विश्वास हासिल किया तथा उसे ₹2 करोड़ की राशि देने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फरियादी को विश्वास में लेने के लिए भोपाल एवं ब्यावरा स्थित होटल प्रेसिडेंट एवं होटल रेडिएंट में आरोपियों द्वारा मुलाकात एवं बातचीत की गई। इन बैठकों में कंपनी, निवेश योजना एवं राशि के संबंध में चर्चा कर फरियादी को निवेश के लिए आश्वस्त किया गया। इसके बाद गिरोह द्वारा फरियादी से ₹2 करोड़ की राशि प्राप्त करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बाबूलाल कांतीलाल कोरियर ऑफिस पर फरियादी से ₹2 करोड़ की नकद राशि प्राप्त की गई। जांच में सामने आया कि अंगड़िया हेड आरिफ हुसैन के कहने पर सन्नी उर्फ शमीम मंडल एवं मुस्कीम मंडल राशि लेने के लिए जहांगीराबाद, भोपाल पहुंचे थे। दोनों ने फरियादी से ₹2 करोड़ की नकद राशि प्राप्त की और इसके बाद फरियादी को विश्वास में रखने के लिए ₹4 करोड़ के RTGS का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर वहां से फरार हो गए। राशि प्राप्त होने के बाद गिरोह के सदस्यों द्वारा रकम को अलग-अलग स्थानों एवं व्यक्तियों के माध्यम से स्थानांतरित करने, बांटने एवं खपाने का कार्य किया गया। जांच में आरिफ हुसैन, नवीन जैन, कांतीलाल उर्फ कमल, अशोक चौधरी एवं बोनी यामीन की भूमिका राशि को महाराष्ट्र से अलग-अलग व्यक्तियों एवं स्थानों तक पहुंचाने, बांटने तथा खपाने में सामने आई है। 🔹 *गिरफ्तार आरोपी एवं उनसे जप्त मशरूका* 1. आरिफ पिता साजोद्दीन हुसैन, उम्र 36 वर्ष, निवासी ओवला, ठाणे वेस्ट, महाराष्ट्र — ₹46,00,000/- नगद, 03 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹4,10,000/- तथा 02 Toyota Fortuner वाहन, प्रत्येक कीमत ₹40,00,000/- जप्त। 2. अशोक पिता मांगीलाल चौधरी, उम्र 32 वर्ष, निवासी एनएचसी कॉलोनी, बोरीवली वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र — ₹42,00,000/- नगद, Baleno कार कीमत ₹8,00,000/- एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹30,000/- जप्त। 3. नवीन पिता चेतनप्रकाश जैन, उम्र 45 वर्ष, निवासी सी-497, सरस्वती नगर, जोधपुर, राजस्थान — ₹30,00,000/- नगद एवं 02 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹60,000/- जप्त। 4. सन्नी उर्फ शमीम मंडल पिता मो. अजीजुल मंडल, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम रघुनाथपुर, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल — ₹25,00,000/- नगद, Scorpio-N वाहन क्रमांक UP 66 AJ 7432 कीमत ₹24,00,000/- एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹30,000/- जप्त। 5. मुस्कीम मंडल पिता नस्रुद्दीन मंडल, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम रघुनाथपुर, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल — ₹4,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 6. कांतीलाल उर्फ कमल पिता नारायण लाल माली, उम्र 40 वर्ष, निवासी 15-2-275, गोलीगुड़ा, हैदराबाद — ₹3,00,000/- नगद एवं 02 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹45,000/- जप्त। 7. बोनी यामीन पिता मोनीरुज्जुमान मंडल, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम सकुआ, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल — ₹2,50,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 8. वासुदेव पिता गंगाधर गाडेकर, उम्र 59 वर्ष, निवासी ग्राम किवले, पुणे, महाराष्ट्र — ₹2,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 9. दिनेश पिता अशोक वीरानी, उम्र 52 वर्ष, निवासी जरीपटका एरिया, नागपुर, महाराष्ट्र — ₹1,50,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 10. प्रफुल्ल पिता अम्बादास गजभिये, उम्र 42 वर्ष, निवासी वाठोडा ले आउट, नागपुर, महाराष्ट्र — ₹1,50,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹25,000/- जप्त। 11. सचित पिता मारकंड कामले, उम्र 46 वर्ष, निवासी शताब्दी चौक, नागपुर — ₹1,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹10,000/- जप्त। 12. सुजीत पिता रामाजी टेंबेकर, उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम पिनकेपार डकरम सुकड़ी, जिला गोंदिया, महाराष्ट्र — ₹1,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 13. माधव पिता पूरारजी असोरे, उम्र 46 वर्ष, निवासी 87 मालेगांव रोड, दयासागर नगर, तारोडा खुर्द, जिला नांदेड, महाराष्ट्र — ₹1,00,000/- नगद एवं 02 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹45,000/- जप्त। 14. साहिल पिता रमेश नीसवाडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी प्लाट नं. 124, जय गुरुदेव नगर, मानेवाडा-बैसा रोड, नागपुर, महाराष्ट्र — ₹1,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 🔹 *कुल जप्त मशरूका* नगद राशि — ₹1,73,16,000/- 04 चार पहिया वाहन — ₹1,12,00,000/- 19 एंड्रॉयड मोबाइल फोन — ₹7,75,000/- कुल जप्त मशरूका — ₹2,92,91,000/- 🔹*विवेचना जारी* गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों, फर्जी कम्पनी/ई-मेल संचालन, हवाला/आंगड़िया नेटवर्क, बैंक खातों एवं ठगी की राशि के लेन-देन के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है। जप्त मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच जारी है। उक्त प्रकरण में विवेचना के दौरान पाया गया कि आरोपी गणों द्वारा इंदौर में भी इसी प्रकार धोखाधड़ी करने का प्लान बनाया था परंतु राजगढ़ पुलिस द्वारा आरोपीगणों की गिरफ्तारी की जाने से उक्त प्लान फेल हो गया आरोपी गणों द्वारा इसके पूर्व में पश्चिम बंगाल में 50 लाख एवं दिल्ली पुलिस के अधिकारी के साथ भी 50 लाख की धोखाधड़ी की है साथ ही यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि आरोपी गणों के ऑफिस उदयपुर बंगाल इंदौर भोपाल दिल्ली मुंबई में भी है *सराहनीय भूमिका* उक्त संपूर्ण कार्रवाई में जिला राजगढ़ पुलिस की विशेष टीम के साथ-साथ मुंबई, नांदेड़,लातुर,भदौही,पुणे, हैदराबाद,केरल, तेलंगाना,भोपाल, की सिटी पुलिस ने सभी आरोपीगणों की गिरफ्तारी एवं ठगी गई राशि की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी
*आपरेशन मनी ट्रेप के तहत राजगढ़ पुलिस की बड़ी कार्यवाही* *पैसे दोगुने करने का झांसा देकर ₹2 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का राजगढ़ पुलिस ने किया पर्दाफाश {श्याम रानोलिया राजगढ़ } 7049220386 🔹 *घटना का संक्षिप्त विवरण* दिनांक 24.07.2026 को फरियादी देवेन्द्र पिता कृपाशंकर पालीवाल, उम्र 46 वर्ष, निवासी ब्यावरा द्वारा थाना ब्यावरा शहर में रिपोर्ट की गई कि प्रफुल्ल गजभिये ने स्वयं को बड़ी कम्पनी से जुड़े लोगों का परिचित बताते हुए निवेश की रकम दोगुनी करने का लालच दिया। उसके द्वारा अन्य आरोपियों से फरियादी की मुलाकात कराई गई तथा फर्जी ई-मेल एवं दस्तावेज दिखाकर विश्वास में लिया गया। आरोपियों द्वारा फरियादी को ₹2 करोड़ निवेश करने पर अधिक राशि वापस मिलने का झांसा दिया गया। दिनांक 22.07.2026 को भोपाल में आरोपियों द्वारा फरियादी से ₹2 करोड़ नगद प्राप्त कर उसे हवाला/आंगड़िया के माध्यम से भेजने की बात कही गई तथा फर्जी भुगतान संदेश दिखाकर उसे भ्रमित किया गया। राशि वापस प्राप्त नहीं होने पर फरियादी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। फरियादी दो दिनों तक आरोपीगणों की तलाश भोपाल में करता रहा कोई जानकारी नहीं मिलने पर थाना ब्यावरा पुलिस को सूचित किया गया । ब्यावरा पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए अपराध पंजीकृत किया गया। 🔹 *अपराध पंजीबद्ध* प्रथम दृष्टया आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्रपूर्वक धोखाधड़ी कर राशि हड़पना पाए जाने पर थाना ब्यावरा शहर में 24/07/26 को अपराध क्रमांक 590/2026, धारा 318(4), 61(2), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजगढ़ द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी एवं ठगी की राशि की बरामदगी हेतु 10 विशेष टीमों का गठन किया जिसमें लगभग 50 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। आरोपियों के मूवमेंट एवं आपसी कनेक्शन की कड़ियां जोड़ने के लिए अलग-अलग राज्यों में करीब 3,000 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले गए। पुलिस टीमों ने लगभग 30,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए करीब 35 दिनों तक लगातार कार्रवाई कर, आरोपियों की तलाश में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा सहित 10 राज्यों में लगातार दबिश दी गई, और विभिन्न राज्यों से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। 🔹 *गिरोह का Modus Operandi* इस गिरोह की
कार्यप्रणाली कई स्तरों में बँटी हुई थी। पहला स्तर था— मालदार पर जरूरतमंद पीड़ित को चिन्हित करना। दूसरा स्तर था—परिचय कराना और पीड़ित का विश्वास जीतना। इसके लिए बड़ी कंपनी का नाम, महँगी गाड़ियाँ, होटल में बैठक और व्यवस्थित दस्तावेजों का सहारा लिया गया। तीसरा स्तर था—फर्जी ई-मेल, स्वीकृति-पत्र और भुगतान संदेश दिखाकर निवेश को वास्तविक सिद्ध करना। चौथा स्तर था—पीड़ित से अधिकतम नकद राशि प्राप्त करना, ताकि बैंकिंग माध्यम में तत्काल कोई रिकॉर्ड न बने। पाँचवाँ स्तर था—नकद राशि को हवाला अथवा आंगड़िया नेटवर्क के माध्यम से अलग-अलग व्यक्तियों और शहरों तक पहुँचाना। अंतिम स्तर पर गिरोह के सदस्य राशि को आपस में बाँटकर अपने ठिकाने, मोबाइल नंबर और शहर बदल देते थे। विशेष बात यह है कि हर लिंक पर आरोपी अपना नाम छुपा कर ट्रेड नाम रखते हैं एवं एक व्यक्ति अपने से ऊपर की लिंक और नीचे की लिंक से ही जुड़ा है द्वितीय लिंक के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं होती है 🔹 *आरोपियों की भूमिका* *गिरोह के सदस्यों की भूमिका एवं घटना का क्रम* जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फरियादी को कंपनी में निवेश के नाम पर विश्वास में लेकर ₹2 करोड़ की राशि देने के लिए तैयार किया। माधव असोरे, जो कंपनी कर्मचारी के रूप में कार्य कर रहा था, तथा सुजीत टेम्बेकर एवं साहिल नीसवाडे ने फरियादी की तलाश एवं पहचान कर उसे गिरोह के संपर्क में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद प्रफुल्ल गजभिये एवं सचित कामले ने कंपनी के एजेंट के रूप में, दिनेश वीरानी ने कंपनी के चार्टर्ड अकाउंटेंट के रूप में तथा वासुदेव गाडेकर ने कंपनी के डायरेक्टर के रूप में स्वयं को प्रस्तुत कर फरियादी से मुलाकात की। इन आरोपियों ने कंपनी एवं निवेश योजना को वास्तविक एवं विश्वसनीय बताते हुए फरियादी का विश्वास हासिल किया तथा उसे ₹2 करोड़ की राशि देने के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फरियादी को विश्वास में लेने के लिए भोपाल एवं ब्यावरा स्थित होटल प्रेसिडेंट एवं होटल रेडिएंट में आरोपियों द्वारा मुलाकात एवं बातचीत की गई। इन बैठकों में कंपनी, निवेश योजना एवं राशि के संबंध में चर्चा कर फरियादी को निवेश के लिए आश्वस्त किया गया। इसके बाद गिरोह द्वारा फरियादी से ₹2
करोड़ की राशि प्राप्त करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बाबूलाल कांतीलाल कोरियर ऑफिस पर फरियादी से ₹2 करोड़ की नकद राशि प्राप्त की गई। जांच में सामने आया कि अंगड़िया हेड आरिफ हुसैन के कहने पर सन्नी उर्फ शमीम मंडल एवं मुस्कीम मंडल राशि लेने के लिए जहांगीराबाद, भोपाल पहुंचे थे। दोनों ने फरियादी से ₹2 करोड़ की नकद राशि प्राप्त की और इसके बाद फरियादी को विश्वास में रखने के लिए ₹4 करोड़ के RTGS का फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर वहां से फरार हो गए। राशि प्राप्त होने के बाद गिरोह के सदस्यों द्वारा रकम को अलग-अलग स्थानों एवं व्यक्तियों के माध्यम से स्थानांतरित करने, बांटने एवं खपाने का कार्य किया गया। जांच में आरिफ हुसैन, नवीन जैन, कांतीलाल उर्फ कमल, अशोक चौधरी एवं बोनी यामीन की भूमिका राशि को महाराष्ट्र से अलग-अलग व्यक्तियों एवं स्थानों तक पहुंचाने, बांटने तथा खपाने में सामने आई है। 🔹 *गिरफ्तार आरोपी एवं उनसे जप्त मशरूका* 1. आरिफ पिता साजोद्दीन हुसैन, उम्र 36 वर्ष, निवासी ओवला, ठाणे वेस्ट, महाराष्ट्र — ₹46,00,000/- नगद, 03 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹4,10,000/- तथा 02 Toyota Fortuner वाहन, प्रत्येक कीमत ₹40,00,000/- जप्त। 2. अशोक पिता मांगीलाल चौधरी, उम्र 32 वर्ष, निवासी एनएचसी कॉलोनी, बोरीवली वेस्ट, मुंबई, महाराष्ट्र — ₹42,00,000/- नगद, Baleno कार कीमत ₹8,00,000/- एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹30,000/- जप्त। 3. नवीन पिता चेतनप्रकाश जैन, उम्र 45 वर्ष, निवासी सी-497, सरस्वती नगर, जोधपुर, राजस्थान — ₹30,00,000/- नगद एवं 02 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹60,000/- जप्त। 4. सन्नी उर्फ शमीम मंडल पिता मो. अजीजुल मंडल, उम्र 35 वर्ष, निवासी ग्राम रघुनाथपुर, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल — ₹25,00,000/- नगद, Scorpio-N वाहन क्रमांक UP 66 AJ 7432 कीमत ₹24,00,000/- एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹30,000/- जप्त। 5. मुस्कीम मंडल पिता नस्रुद्दीन मंडल, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम रघुनाथपुर, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल — ₹4,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 6. कांतीलाल उर्फ कमल पिता नारायण लाल माली, उम्र 40 वर्ष, निवासी 15-2-275, गोलीगुड़ा, हैदराबाद — ₹3,00,000/- नगद एवं 02 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹45,000/- जप्त। 7. बोनी यामीन पिता मोनीरुज्जुमान मंडल, उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम सकुआ, मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल — ₹2,50,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 8. वासुदेव पिता गंगाधर गाडेकर, उम्र
59 वर्ष, निवासी ग्राम किवले, पुणे, महाराष्ट्र — ₹2,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 9. दिनेश पिता अशोक वीरानी, उम्र 52 वर्ष, निवासी जरीपटका एरिया, नागपुर, महाराष्ट्र — ₹1,50,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 10. प्रफुल्ल पिता अम्बादास गजभिये, उम्र 42 वर्ष, निवासी वाठोडा ले आउट, नागपुर, महाराष्ट्र — ₹1,50,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹25,000/- जप्त। 11. सचित पिता मारकंड कामले, उम्र 46 वर्ष, निवासी शताब्दी चौक, नागपुर — ₹1,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹10,000/- जप्त। 12. सुजीत पिता रामाजी टेंबेकर, उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम पिनकेपार डकरम सुकड़ी, जिला गोंदिया, महाराष्ट्र — ₹1,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 13. माधव पिता पूरारजी असोरे, उम्र 46 वर्ष, निवासी 87 मालेगांव रोड, दयासागर नगर, तारोडा खुर्द, जिला नांदेड, महाराष्ट्र — ₹1,00,000/- नगद एवं 02 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹45,000/- जप्त। 14. साहिल पिता रमेश नीसवाडे, उम्र 25 वर्ष, निवासी प्लाट नं. 124, जय गुरुदेव नगर, मानेवाडा-बैसा रोड, नागपुर, महाराष्ट्र — ₹1,00,000/- नगद एवं 01 एंड्रॉयड मोबाइल कीमत ₹20,000/- जप्त। 🔹 *कुल जप्त मशरूका* नगद राशि — ₹1,73,16,000/- 04 चार पहिया वाहन — ₹1,12,00,000/- 19 एंड्रॉयड मोबाइल फोन — ₹7,75,000/- कुल जप्त मशरूका — ₹2,92,91,000/- 🔹*विवेचना जारी* गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों, फर्जी कम्पनी/ई-मेल संचालन, हवाला/आंगड़िया नेटवर्क, बैंक खातों एवं ठगी की राशि के लेन-देन के संबंध में जानकारी एकत्रित की जा रही है। जप्त मोबाइल एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की तकनीकी जांच जारी है। उक्त प्रकरण में विवेचना के दौरान पाया गया कि आरोपी गणों द्वारा इंदौर में भी इसी प्रकार धोखाधड़ी करने का प्लान बनाया था परंतु राजगढ़ पुलिस द्वारा आरोपीगणों की गिरफ्तारी की जाने से उक्त प्लान फेल हो गया आरोपी गणों द्वारा इसके पूर्व में पश्चिम बंगाल में 50 लाख एवं दिल्ली पुलिस के अधिकारी के साथ भी 50 लाख की धोखाधड़ी की है साथ ही यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि आरोपी गणों के ऑफिस उदयपुर बंगाल इंदौर भोपाल दिल्ली मुंबई में भी है *सराहनीय भूमिका* उक्त संपूर्ण कार्रवाई में जिला राजगढ़ पुलिस की विशेष टीम के साथ-साथ मुंबई, नांदेड़,लातुर,भदौही,पुणे, हैदराबाद,केरल, तेलंगाना,भोपाल, की सिटी पुलिस ने सभी आरोपीगणों की गिरफ्तारी एवं ठगी गई राशि की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी
- *ईद मिलादुन्नबी पर बाबा बदख्शानी दरगाह कमेटी सदर हाफिज मोहम्मद इलियास.ने कंबल.बाटे. {श्याम रानोलिया राजगढ़ } 7049220386 ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर राजगढ़ स्थित बाबा बदख्शानी दरगाह परिसर में विशेष इबादत का आयोजन किया गया। इबादत केौ बाद दरगाह कमेटी की ओर से मानव सेवा का अनुकरणीय संदेश देते हुए जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए गए। सर्वधर्म के गरीब, बेसहारा, विधवा महिलाओं सहित सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को ठंड से राहत पहुंचाने के उद्देश्य से कंबल प्रदान किए गए। सेवा कार्य के दौरान दरगाह परिसर में लोगों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठजनों का शाल एवं साफा पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर समाज के जिला सदर, जिला अंजुमन सदर सहित दरगाह कमेटी के पूर्व सदर, समाजसेवी, वरिष्ठ समाजजन एवं मुस्लिम समाज के युवा मौजूद रहे। दरगाह कमेटी के सदर हाफिज इलियास मोहम्मद के नेतृत्व में आयोजित इस सेवा कार्य में पदाधिकारियों और समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।4
- *सहारा शिक्षा समूह के एस.डी. स्कॉलर्स एकेडमी की बेटियों ने रचा इतिहास,राज्य स्तरीय हॉकी प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक।* *संदीप गेहलोत* *कालापीपल समाचार* *मो.9098869175*1
- महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, शक्कर के बढ़ते दामों से लेकर रसोई के बढ़ते खर्च तक उठाई आवाज मधुसूदनगढ़ में1
- “विकास में लापरवाही नहीं चलेगी! शाजापुर की ‘दिशा’ बैठक में सांसद सोलंकी के सख्त निर्देश”1
- दतिया:ईद-ए-मिलादुन्नबी पर दतिया में गूंजा भाईचारे का पैगाम, मुस्लिम समाज ने शहर में निकाला जुलूस। दतिया:ईद-ए-मिलादुन्नबी पर दतिया में गूंजा भाईचारे का पैगाम, मुस्लिम समाज ने शहर में निकाला जुलूस। दतिया। पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की योमे पैदाइश यानी ईद-ए-मिलादुन्नबी के अवसर पर दतिया में मुस्लिम समाज की ओर से जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के लोग शामिल हुए और पैगंबर साहब की शिक्षाओं को याद करते हुए आपसी भाईचारे, प्रेम, सद्भाव और इंसानियत का संदेश दिया। जुलूस के दौरान मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद-ए-मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी। जुलूस में शामिल लोगों ने पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनके संदेशों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी इंसानियत को प्रेम, शांति, भाईचारे और जरूरतमंदों की मदद का रास्ता दिखाया। समाजजनों ने कहा कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं में पड़ोसी के हक को भी विशेष महत्व दिया गया है। पड़ोसी किसी भी धर्म या समुदाय का हो, उसके सुख-दुख में साथ खड़ा होना और जरूरत के समय उसकी मदद करना इंसानियत का तकाजा है। यही संदेश समाज में आपसी सद्भाव और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करता है। जुलूस के दौरान लोगों ने शहर में अमन, शांति और भाईचारे की दुआ की। समाजजनों ने कहा कि ईद-ए-मिलादुन्नबी का संदेश सिर्फ एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेम और सद्भाव का संदेश है। जुलूस में मुस्लिम समाज के वरिष्ठजन, युवा और बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। आयोजन के दौरान प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में व्यवस्थाएं संभाली गईं और जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ा।1
- आगर: शासकीय महाविद्यालयों की दुर्दशा पर अभाविप का प्रदेशव्यापी 'विद्यार्थी हुंकार अभियान' शुरू, सौपा ज्ञापन मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन आगर। शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा आज “विद्यार्थी हुंकार अभियान” के अंतर्गत प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया गया। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभाविप के कार्यकर्ताओं एवं विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और शासकीय महाविद्यालयों में व्याप्त मूलभूत समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। उसी क्रम में आज आगर जिले में भी सैकड़ों की संख्या में विद्यार्थियों ने मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा । अभाविप ने कहा कि प्रदेश के अनेक शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थी स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त एवं स्वच्छ शौचालय, व्यवस्थित कक्षाओं, पर्याप्त फर्नीचर, बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशालाओं, खेल सुविधाओं, छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाओं, इंटरनेट, पार्किंग, सुरक्षा एवं प्राथमिक उपचार जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना कर रहे हैं। विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए इन समस्याओं का तत्काल समाधान आवश्यक है। अभाविप ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि सरकार प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का तत्काल सर्वे कराते हुए ठोस आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे एवं उन व्यवस्थाओं को सुचारू किया जाए तथा जिन कार्यों के लिए बजट की आवश्यकता है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक बजट उपलब्ध कराया जाए। मालवा प्रान्त मंत्री श्री दर्शन ने कहा कि -महाविद्यालय शिक्षा का मंदिर हैं लेकिन वहां की स्थिति दयनीय हैं विद्यार्थियों को मिलने वाली मुलभुत सुविधा भी नहीं मिल पा रही विद्यार्थी हुंकार के माध्यम से सरकार को अवगत कराना चाहते हैं गुणवत्ता युक्त शिक्षा एवं स्वस्थ परिषर के लिए सरकार ध्यान दे एवं विद्यार्थियों की मुलभुत सुविधाए त्वरितता से उपलब्ध कराए | अभाविप के आगार जिला संयोजक श्री हुसैन दरबार ने कहा है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का यह विद्यार्थी हुंकार अभियान इस प्रदर्शन से प्रारंभ हुआ है । आने वाले समय में विभिन्न रचनात्मक एवं आंदोलनात्मक माध्यमों से मांगों के पूर्ण होने तक अभाविप का यह अभियान जारी रहेगा ।2
- "मुस्लिम त्यौहार.कमेटी, और अंजुमन कमेटी के नेतृत्व, मे.ईद मिलादुन्नबी पर राजगढ़ में निकला जलसा,, फूल बरसा कर किया स्वागत. {श्याम रानोलिया राजगढ़ } 7049220386 ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर राजगढ़ शहर में मुस्लिम समाज द्वारा पारंपरिक जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला मुस्लिम त्योहार कमेटीऔरअंजुमन कमेटी के नेतृत्व में, जलसे की शुरुआत राजमहल प्रांगण स्थित सैयद शहीद साहब की मजार पर चादरपोशी के बाद निर्धारित मार्ग से शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दरगाह शरीफ पहुंचा नगर में जगह-जगह जलसा में शामिल यात्रियों का फूलों स्वलपहार. जलपान.से स्वागत किया जुलूस राजमहल प्रांगण से किला मोहल्ला, गांधी चौक, बढ़ चौक, तिल्ली चौक, गणेश चौक, अकल चबूतरा रोड, पारायण चौक, जयस्तंभ और नाका नंबर-3 होते हुए दरगाह शरीफ पहुंचा नगर में जगह-जगह नागरिकों द्वारासुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे जुलूस का समापन दरगाह शरीफ पर किया जलसे में, नगर के, सभी,मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए मुस्लिम त्यौहार कमेटी और. अंजुमन कमेटी ने जुलूस के दौरान शांति, सद्भाव और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन को पूरा सहयोग किया वहीं कानून व्यवस्था बरकरार रह इसका भी ध्यान रखा गया4
- महंगाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन मधुसूदनगढ़ में1
- शुजालपुर शाही सवारी में फंसी एंबुलेंस 😱 भक्तों ने सेकंडों में बनाया रास्ता1