चित्रकूट में बड़ा जमीन घोटाला – “ए.के इंफ्रा ड्रीम सिटी” पर गंभीर आरोप! जनपद चित्रकूट के तहसील कर्वी (ग्राम अशोह) एवं तहसील मऊ (ग्राम देउधा पहाड़ी क्षेत्र) में “ए.के इंफ्रा ड्रीम सिटी” द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले की आशंका ने सनसनी फैला दी है। सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप सामने आ रहे हैं। 🔴 घोटाले के चौंकाने वाले तथ्य: ❌ फर्जी लेआउट: कम जमीन दिखाकर ज्यादा प्लॉट बेचना ❌ बिना अनुमति कॉलोनी: न RERA रजिस्ट्रेशन, न किसी सक्षम प्राधिकरण से नक्शा पास ❌ जमीन में हेरफेर: वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक कागजी खेल ❌ डबल रजिस्ट्री: एक ही प्लॉट कई लोगों को बेचने के गंभीर आरोप ⚠️ यह सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई पर सीधा हमला है! 📢 जनता के लिए चेतावनी: अगर आप इस प्रोजेक्ट या ऐसे किसी भी प्लॉटिंग में निवेश कर रहे हैं, तो सावधान रहें— ✔️ RERA रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर जांचें ✔️ स्वीकृत नक्शा (जिला पंचायत/सक्षम प्राधिकरण) देखें ✔️ कृषि से आवासीय (धारा 80) की वैध अनुमति सुनिश्चित करें 📣 प्रशासन से सख्त मांग: इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच (High-Level Inquiry) कराई जाए, दोषियों पर FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला और भी बड़े स्तर पर फैल सकत
चित्रकूट में बड़ा जमीन घोटाला – “ए.के इंफ्रा ड्रीम सिटी” पर गंभीर आरोप! जनपद चित्रकूट के तहसील कर्वी (ग्राम अशोह) एवं तहसील मऊ (ग्राम देउधा पहाड़ी क्षेत्र) में “ए.के इंफ्रा ड्रीम सिटी” द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन घोटाले की आशंका ने सनसनी फैला दी है। सैकड़ों निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोप सामने आ रहे हैं। 🔴 घोटाले के चौंकाने वाले तथ्य: ❌ फर्जी लेआउट: कम जमीन दिखाकर ज्यादा प्लॉट बेचना ❌ बिना अनुमति कॉलोनी: न RERA रजिस्ट्रेशन, न किसी सक्षम प्राधिकरण से नक्शा पास ❌ जमीन में हेरफेर: वास्तविक क्षेत्रफल से अधिक कागजी खेल ❌ डबल रजिस्ट्री: एक ही प्लॉट कई लोगों को बेचने के गंभीर आरोप ⚠️ यह सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई पर सीधा हमला है! 📢 जनता के लिए चेतावनी: अगर आप इस प्रोजेक्ट या ऐसे किसी भी प्लॉटिंग में निवेश कर रहे हैं, तो सावधान रहें— ✔️ RERA रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर जांचें ✔️ स्वीकृत नक्शा (जिला पंचायत/सक्षम प्राधिकरण) देखें ✔️ कृषि से आवासीय (धारा 80) की वैध अनुमति सुनिश्चित करें 📣 प्रशासन से सख्त मांग: इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच (High-Level Inquiry) कराई जाए, दोषियों पर FIR दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो और पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह घोटाला और भी बड़े स्तर पर फैल सकत
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी चुनार,मीरजापुर की बाइट दिनांकः18.04.2026 को समय करीब-20.00 बजे जरिये पीआरवी सूचना प्राप्त हुई कि थाना मड़िहान क्षेत्रांतर्गत ग्राम रामपुर में एक सड़क दुर्घटना हो गयी है । इस सूचना पर तत्काल मड़िहान पुलिस द्वारा मौके पर मौके पर पहुंचकर इसकी जांच की गयी तो पाया गया कि एक मोटरसाइकिल संख्याःUP64 V 9174 पर 03 व्यक्ति -1. वीरेंद्र कुमार पुत्र अर्जुन प्रसाद, उम्र करीब-35 वर्ष 2. विजय कुमार पुत्र गुलाब दास, उम्र करीब- 38 वर्ष व 3. राजेश पुत्र जवाहरलाल,उम्र करीब-41 वर्ष सवार होकर मीरजापुर से मड़िहान की तरफ जा रहे थे कि विपरीत दिशा से आ रही एक ट्रक संख्याःUP70 CT 3832 ने उन्हे टक्कर मार दी जिसमें मोटरसाइकिल सवार तीनों व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गये । घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया,जहां पर डॉक्टरों द्वारा तीनों व्यक्तियों को मृत घोषित कर दिया गया । इस घटना के सम्बन्ध में वादी से तहरीर प्राप्त कर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर विवेचनात्मक कार्वयाही की जा रही है, मृतको के शव को पोस्टमार्टम हेतु भिजवाया गया है, मौकै पर शांति व्यवस्था की स्थिति सामान्य है ।1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- वन विभाग की सांठगांठ से चितौरी, खटगिया व सुजौना में कट गये सैकड़ों हरे सागौन आम महुआ पीपल जसरा, प्रयागराज सरकार एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है और करोड़ों रुपये वृक्षारोपण पर खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जसरा क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने इन दावों की पोल खोल दी है। ताजा मामला चितौरी गांव का है, जहां आम, महुआ, गूलर, नीम और पीपल जैसे दर्जनों हरे पेड़ों को काट दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हुआ और नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कटान कराया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वन विभाग के बीट प्रभारी चंद्र प्रकाश मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वैध अनुमति के ठेकेदारों से सांठगांठ कर पैसे लेकर पेड़ों की कटाई कराई। ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम मशीनों से पेड़ गिराए गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। खटगिया गांव में भी एक पीपल का पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। वहीं, करीब 15 दिन पहले सुजौना गांव में लगभग 70 हरे सागौन के पेड़ों की कटाई भी इसी तरह कराए जाने का आरोप है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कटान पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाते हैं या फिर पर्यावरण संरक्षण के दावे यूं ही कागजों तक सीमित रहेंगे।4
- Post by Raju Yadav1
- Chhattisgarh dabra road Raat 2:00 gadi breakdown kuchh Badmash log diesel nikal liye aur uske bad paise bhi chhin liye Gaya1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1