वन विभाग की सांठगांठ से चितौरी, खटगिया व सुजौना में कट गये सैकड़ों हरे सागौन आम महुआ पीपल वन विभाग की सांठगांठ से चितौरी, खटगिया व सुजौना में कट गये सैकड़ों हरे सागौन आम महुआ पीपल जसरा, प्रयागराज सरकार एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है और करोड़ों रुपये वृक्षारोपण पर खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जसरा क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने इन दावों की पोल खोल दी है। ताजा मामला चितौरी गांव का है, जहां आम, महुआ, गूलर, नीम और पीपल जैसे दर्जनों हरे पेड़ों को काट दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हुआ और नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कटान कराया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वन विभाग के बीट प्रभारी चंद्र प्रकाश मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वैध अनुमति के ठेकेदारों से सांठगांठ कर पैसे लेकर पेड़ों की कटाई कराई। ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम मशीनों से पेड़ गिराए गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। खटगिया गांव में भी एक पीपल का पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। वहीं, करीब 15 दिन पहले सुजौना गांव में लगभग 70 हरे सागौन के पेड़ों की कटाई भी इसी तरह कराए जाने का आरोप है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कटान पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाते हैं या फिर पर्यावरण संरक्षण के दावे यूं ही कागजों तक सीमित रहेंगे।
वन विभाग की सांठगांठ से चितौरी, खटगिया व सुजौना में कट गये सैकड़ों हरे सागौन आम महुआ पीपल वन विभाग की सांठगांठ से चितौरी, खटगिया व सुजौना में कट गये सैकड़ों हरे सागौन आम महुआ पीपल जसरा, प्रयागराज सरकार एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है और करोड़ों रुपये वृक्षारोपण पर खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जसरा क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने
इन दावों की पोल खोल दी है। ताजा मामला चितौरी गांव का है, जहां आम, महुआ, गूलर, नीम और पीपल जैसे दर्जनों हरे पेड़ों को काट दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हुआ और नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कटान कराया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वन विभाग के बीट प्रभारी चंद्र प्रकाश मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वैध अनुमति के ठेकेदारों से सांठगांठ कर पैसे लेकर पेड़ों
की कटाई कराई। ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम मशीनों से पेड़ गिराए गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। खटगिया गांव में भी एक पीपल का पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। वहीं, करीब 15 दिन पहले सुजौना गांव में लगभग 70 हरे सागौन के पेड़ों की कटाई भी इसी तरह कराए जाने का आरोप है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े
कर दिए हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कटान पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाते हैं या फिर पर्यावरण संरक्षण के दावे यूं ही कागजों तक सीमित रहेंगे।
- वन विभाग की सांठगांठ से चितौरी, खटगिया व सुजौना में कट गये सैकड़ों हरे सागौन आम महुआ पीपल जसरा, प्रयागराज सरकार एक ओर “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियानों के जरिए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है और करोड़ों रुपये वृक्षारोपण पर खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जसरा क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई ने इन दावों की पोल खोल दी है। ताजा मामला चितौरी गांव का है, जहां आम, महुआ, गूलर, नीम और पीपल जैसे दर्जनों हरे पेड़ों को काट दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब वन विभाग की मिलीभगत से हुआ और नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से कटान कराया गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वन विभाग के बीट प्रभारी चंद्र प्रकाश मिश्रा पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वैध अनुमति के ठेकेदारों से सांठगांठ कर पैसे लेकर पेड़ों की कटाई कराई। ग्रामीणों का कहना है कि खुलेआम मशीनों से पेड़ गिराए गए, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। मामला यहीं तक सीमित नहीं है। खटगिया गांव में भी एक पीपल का पेड़ काटे जाने की बात सामने आई है। वहीं, करीब 15 दिन पहले सुजौना गांव में लगभग 70 हरे सागौन के पेड़ों की कटाई भी इसी तरह कराए जाने का आरोप है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध कटान पर रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाते हैं या फिर पर्यावरण संरक्षण के दावे यूं ही कागजों तक सीमित रहेंगे।4
- Post by Sona Rohit1
- Post by Pari Mathur1
- Post by चंद्र दीप सिंह1
- जय औंता महावीर हनुमान जी महाराज दिनांक 18/04/2026 दिन शनिवार तिथि प्रतिपदा, वैशाख मासे, शुक्ल पक्ष को कीजिए आराध्य श्री हनुमान जी महाराज का दिव्य दर्शन हनुमान जी आप सभी भक्त जनों का कल्याण करें1
- Post by Ptrkar deepak Shukla meja1
- Post by दैनिक राष्ट्रीय जगत न्यूज संपा1
- प्रयागराज पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के आदेश पर नगर जोन की कोतवाली पुलिस को मिली बड़ी सफलता। चोरी करने वाले गैंग के तीन बदमाशों को पुलिस ने किया गिरफ्तार। कब्जे से सोने चांदी के जेवरात, नगद कैश, कई इ रिक्शा बरामद। DCP मनीष कुमार शांडिल्य ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी।2