बीना रिपोर्टर राजेश बबेले सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण"* लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *पुलिस कंट्रोल रूम सागर" डायल-112 की तत्परता से बिछड़ी मासूम बच्ची सुरक्षित*परिवार से मिली – सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण"* सागर जिले में पुलिस अधीक्षक श्री विकाश कुमार शाहवाल के एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में संचालित डायल-112 सेवा द्वारा एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। दिनांक …26/03/26…… को राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सागर कंट्रोल रूम को इवेंट नंबर 26032601146 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक छोटी बच्ची सागर रेलवे स्टेशन पर अकेली उतर गई है, जबकि उसके परिजन ट्रेन में सोए होने के कारण आगे निकल गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एफआरबी 05 गोपालगंज को समझाइश देकर स्टेशन के लिए रवाना किया गया। एफआरबी टीम ने मौके पर पहुंचकर जीआरपी सागर के सहयोग से त्वरित सर्चिंग अभियान चलाया और कुछ ही समय में मासूम बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया। इसके बाद बच्ची को सुरक्षा के साथ पुलिस कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहां से परिजनों से फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें तत्काल बुलाया गया। पूछताछ में परिजनों द्वारा बताया गया कि वे मैहर क्षेत्र के समीपस्थ गांव से खुरई में खेतों की कटाई का कार्य करने आए थे और वापसी के दौरान ट्रेन में सभी को नींद लग गई। सागर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान बच्ची को लगा कि सभी उतर गए हैं, जिस कारण वह अपना छोटा बैग लेकर प्लेटफॉर्म पर उतर गई। आगे जाकर जब परिजनों को बच्ची के साथ न होने का अहसास हुआ तो वे घबरा गए। इसी दौरान ट्रेन में मौजूद एक जागरूक महिला द्वारा डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया गया। सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित बरामद कर कुछ ही समय में परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने सागर पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस कंट्रोल रूम सागर से उप निरीक्षक आरकेएस चौहान एवं उनकी टीम, तथा एफआरबी गोपालगंज से प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा एवं पायलट विक्रांत सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। जोर जोर से रोती हुई मासूम बच्ची को सकुशल और मुस्कुराते हुए देखकर पुलिस कर्मियों को भी अत्यंत संतोष एवं खुशी का अनुभव हुआ। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सागर पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आमजन की सेवा में भी सदैव तत्पर है।
बीना रिपोर्टर राजेश बबेले सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण"* लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *पुलिस कंट्रोल रूम सागर" डायल-112 की तत्परता से बिछड़ी मासूम बच्ची सुरक्षित*परिवार से मिली – सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण"* सागर जिले में पुलिस अधीक्षक श्री विकाश कुमार शाहवाल के एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में संचालित डायल-112 सेवा द्वारा एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। दिनांक …26/03/26…… को राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सागर कंट्रोल रूम को इवेंट नंबर 26032601146 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक छोटी बच्ची सागर रेलवे स्टेशन पर अकेली उतर गई है, जबकि उसके परिजन ट्रेन में सोए होने के कारण आगे निकल गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एफआरबी 05 गोपालगंज को समझाइश देकर स्टेशन के लिए रवाना किया गया। एफआरबी टीम ने मौके पर पहुंचकर जीआरपी सागर के सहयोग से त्वरित सर्चिंग अभियान चलाया और कुछ ही समय में मासूम बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया। इसके बाद बच्ची को सुरक्षा के साथ पुलिस कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहां से परिजनों से फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें तत्काल बुलाया गया। पूछताछ में परिजनों द्वारा बताया गया कि वे मैहर क्षेत्र के समीपस्थ गांव से खुरई में खेतों की कटाई का कार्य करने आए थे और वापसी के दौरान ट्रेन में सभी को नींद लग गई। सागर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान बच्ची को लगा कि सभी उतर गए हैं, जिस कारण वह अपना छोटा बैग लेकर प्लेटफॉर्म पर उतर गई। आगे जाकर जब परिजनों को बच्ची के साथ न होने का अहसास हुआ तो वे घबरा गए। इसी दौरान ट्रेन में मौजूद एक जागरूक महिला द्वारा डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया गया। सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित बरामद कर कुछ ही समय में परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने सागर पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस कंट्रोल रूम सागर से उप निरीक्षक आरकेएस चौहान एवं उनकी टीम, तथा एफआरबी गोपालगंज से प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा एवं पायलट विक्रांत सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। जोर जोर से रोती हुई मासूम बच्ची को सकुशल और मुस्कुराते हुए देखकर पुलिस कर्मियों को भी अत्यंत संतोष एवं खुशी का अनुभव हुआ। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सागर पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आमजन की सेवा में भी सदैव तत्पर है।
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले *पुलिस कंट्रोल रूम सागर" डायल-112 की तत्परता से बिछड़ी मासूम बच्ची सुरक्षित*परिवार से मिली – सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण"* सागर जिले में पुलिस अधीक्षक श्री विकाश कुमार शाहवाल के एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में संचालित डायल-112 सेवा द्वारा एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। दिनांक …26/03/26…… को राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सागर कंट्रोल रूम को इवेंट नंबर 26032601146 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक छोटी बच्ची सागर रेलवे स्टेशन पर अकेली उतर गई है, जबकि उसके परिजन ट्रेन में सोए होने के कारण आगे निकल गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एफआरबी 05 गोपालगंज को समझाइश देकर स्टेशन के लिए रवाना किया गया। एफआरबी टीम ने मौके पर पहुंचकर जीआरपी सागर के सहयोग से त्वरित सर्चिंग अभियान चलाया और कुछ ही समय में मासूम बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया। इसके बाद बच्ची को सुरक्षा के साथ पुलिस कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहां से परिजनों से फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें तत्काल बुलाया गया। पूछताछ में परिजनों द्वारा बताया गया कि वे मैहर क्षेत्र के समीपस्थ गांव से खुरई में खेतों की कटाई का कार्य करने आए थे और वापसी के दौरान ट्रेन में सभी को नींद लग गई। सागर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान बच्ची को लगा कि सभी उतर गए हैं, जिस कारण वह अपना छोटा बैग लेकर प्लेटफॉर्म पर उतर गई। आगे जाकर जब परिजनों को बच्ची के साथ न होने का अहसास हुआ तो वे घबरा गए। इसी दौरान ट्रेन में मौजूद एक जागरूक महिला द्वारा डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया गया। सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित बरामद कर कुछ ही समय में परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने सागर पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस कंट्रोल रूम सागर से उप निरीक्षक आरकेएस चौहान एवं उनकी टीम, तथा एफआरबी गोपालगंज से प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा एवं पायलट विक्रांत सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। जोर जोर से रोती हुई मासूम बच्ची को सकुशल और मुस्कुराते हुए देखकर पुलिस कर्मियों को भी अत्यंत संतोष एवं खुशी का अनुभव हुआ। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सागर पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आमजन की सेवा में भी सदैव तत्पर है।1
- सागर पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 की तत्परता से बिछड़ी मासूम बच्ची सुरक्षित परिवार से मिली सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण सागर जिले में पुलिस अधीक्षक विकाश कुमार शाहवाल के एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में संचालित डायल-112 सेवा द्वारा एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सागर कंट्रोल रूम को इवेंट नंबर 26032601146 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक छोटी बच्ची सागर रेलवे स्टेशन पर अकेली उतर गई है, जबकि उसके परिजन ट्रेन में सोए होने के कारण आगे निकल गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एफआरबी 05 गोपालगंज को समझाइश देकर स्टेशन के लिए रवाना किया गया। एफआरबी टीम ने मौके पर पहुंचकर जीआरपी सागर के सहयोग से त्वरित सर्चिंग अभियान चलाया और कुछ ही समय में मासूम बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया। इसके बाद बच्ची को सुरक्षा के साथ पुलिस कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहां से परिजनों से फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें तत्काल बुलाया गया। पूछताछ में परिजनों द्वारा बताया गया कि वे मैहर क्षेत्र के समीपस्थ गांव से खुरई में खेतों की कटाई का कार्य करने आए थे और वापसी के दौरान ट्रेन में सभी को नींद लग गई। सागर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान बच्ची को लगा कि सभी उतर गए हैं, जिस कारण वह अपना छोटा बैग लेकर प्लेटफॉर्म पर उतर गई। आगे जाकर जब परिजनों को बच्ची के साथ न होने का अहसास हुआ तो वे घबरा गए। इसी दौरान ट्रेन में मौजूद एक जागरूक महिला द्वारा डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया गया। सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित बरामद कर कुछ ही समय में परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने सागर पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस कंट्रोल रूम सागर से उप निरीक्षक आर के एस चौहान एवं उनकी टीम, तथा एफआरबी गोपालगंज से प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा एवं पायलट विक्रांत सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। जोर जोर से रोती हुई मासूम बच्ची को सकुशल और मुस्कुराते हुए देखकर पुलिस कर्मियों को भी अत्यंत संतोष एवं खुशी का अनुभव हुआ। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सागर पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आमजन की सेवा में भी सदैव तत्पर है।2
- पुलिस कंट्रोल रूम सागर" डायल-112 की तत्परता से बिछड़ी मासूम बच्ची सुरक्षित*परिवार से मिली – सागर पुलिस की संवेदनशीलता और मुस्तैदी का सराहनीय उदाहरण" सागर जिले में पुलिस अधीक्षक श्री विकाश कुमार शाहवाल के एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सागर श्री लोकेश कुमार सिन्हा के निर्देशन में संचालित डायल-112 सेवा द्वारा एक बार फिर मानवीय संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया। दिनांक …26/03/26…… को राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम भोपाल से सागर कंट्रोल रूम को इवेंट नंबर 26032601146 के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि एक छोटी बच्ची सागर रेलवे स्टेशन पर अकेली उतर गई है, जबकि उसके परिजन ट्रेन में सोए होने के कारण आगे निकल गए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस कंट्रोल रूम सागर में पदस्थ उप निरीक्षक आरकेएस चौहान द्वारा मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल एफआरबी 05 गोपालगंज को समझाइश देकर स्टेशन के लिए रवाना किया गया। एफआरबी टीम ने मौके पर पहुंचकर जीआरपी सागर के सहयोग से त्वरित सर्चिंग अभियान चलाया और कुछ ही समय में मासूम बच्ची को सकुशल ढूंढ लिया। इसके बाद बच्ची को सुरक्षा के साथ पुलिस कंट्रोल रूम सागर लाया गया, जहां से परिजनों से फोन के माध्यम से संपर्क स्थापित कर उन्हें तत्काल बुलाया गया। पूछताछ में परिजनों द्वारा बताया गया कि वे मैहर क्षेत्र के समीपस्थ गांव से खुरई में खेतों की कटाई का कार्य करने आए थे और वापसी के दौरान ट्रेन में सभी को नींद लग गई। सागर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के दौरान बच्ची को लगा कि सभी उतर गए हैं, जिस कारण वह अपना छोटा बैग लेकर प्लेटफॉर्म पर उतर गई। आगे जाकर जब परिजनों को बच्ची के साथ न होने का अहसास हुआ तो वे घबरा गए। इसी दौरान ट्रेन में मौजूद एक जागरूक महिला द्वारा डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस को अवगत कराया गया। सागर पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते बच्ची को सुरक्षित बरामद कर कुछ ही समय में परिजनों के सुपुर्द किया गया। अपनी बच्ची को सकुशल पाकर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने सागर पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस कंट्रोल रूम सागर से उप निरीक्षक आरकेएस चौहान एवं उनकी टीम, तथा एफआरबी गोपालगंज से प्रधान आरक्षक कमलेश मिश्रा एवं पायलट विक्रांत सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। जोर जोर से रोती हुई मासूम बच्ची को सकुशल और मुस्कुराते हुए देखकर पुलिस कर्मियों को भी अत्यंत संतोष एवं खुशी का अनुभव हुआ। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सागर पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ आमजन की सेवा में भी सदैव तत्पर है।2
- सागर में मौत का कहर: 4 घंटे में दो हादसे, 5 युवकों की जान गई1
- *WAR UPDATE 🚨* *जिसका डर था, वही हुआ...* इजराइल के पलटवार से दहल गया ईरान... ईरान द्वारा इजराइल के न्यूक्लियर हब पर हमले से बौखलाये इजराइल ने ईरान के तेहरान पर ऐसा हमला किया, जिसकी ईरान ने कल्पना भी नहीं की होगी... 🔥 *सैकड़ों किलोमीटर तक...* *चारों तरफ सिर्फ धुआँ ही धुआं और आग ही आग...*1
- गौरझामर में भक्ति का महासंगम, 5 घंटे तक चला अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ 🔥 जब 5 घंटे तक नहीं थमे “जय माता दी” के जयकारे… भक्ति में डूबा पूरा गौरझामर! 🟨 समाचार (देवरी/गौरझामर): मध्यप्रदेश के सागर जिले के देवरी ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम गौरझामर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। 25 मार्च 2026, दिन बुधवार को मां गुरुवर की असीम कृपा से यहां 5 घंटे का अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन ने पूरे गांव को भक्ति के रंग में रंग दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते पूरा स्थल भक्तों से खचाखच भर गया। हर उम्र के लोग—महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा—सभी इस पुण्य आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचे। अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच माता रानी का आवाहन किया गया, जिसके बाद लगातार 5 घंटे तक श्रद्धालु एक स्वर में दुर्गा चालीसा का पाठ करते रहे। इस दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला। “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारों से पूरा गौरझामर गांव गूंज उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हर कोना माता रानी की भक्ति में डूब गया हो। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया था—फूलों की मालाएं, रंग-बिरंगी लाइट्स और धार्मिक झंडों से सजा परिसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। कहीं भजन-कीर्तन चल रहा था तो कहीं लोग ध्यान लगाकर माता रानी की आराधना कर रहे थे। महिलाओं की विशेष भागीदारी भी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ चालीसा पाठ में शामिल हुईं। वहीं युवाओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने व्यवस्था संभालने से लेकर श्रद्धालुओं के स्वागत तक हर कार्य को जिम्मेदारी के साथ निभाया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत और ढोल-नगाड़ों की धुनों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। श्रद्धालु झूम-झूमकर माता रानी के भजनों पर नाचते नजर आए। यह दृश्य किसी धार्मिक उत्सव से कम नहीं था। अखंड पाठ के दौरान अनुशासन और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। आयोजन समिति द्वारा बैठने, जलपान और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। करीब 5 घंटे तक चले इस अखंड पाठ के समापन पर विधिवत आरती की गई। आरती के समय पूरा वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो गया। सभी श्रद्धालु एक साथ दीप जलाकर माता रानी की आराधना में लीन हो गए। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रसाद ग्रहण कर लोगों ने अपने आप को धन्य महसूस किया और माता रानी से सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि गांव की एकता, सामूहिकता और आस्था का प्रतीक भी बनकर सामने आया। इसने यह संदेश दिया कि जब लोग एक साथ मिलकर श्रद्धा और भक्ति के मार्ग पर चलते हैं, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गौरझामर में आयोजित यह अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ निश्चित रूप से क्षेत्र के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक आयोजन बन गया है। आने वाले समय में भी ऐसे आयोजन लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते रहेंगे। 📢 निष्कर्ष: गौरझामर का यह आयोजन यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी धर्म और आस्था की जड़ें कितनी गहरी हैं। चैत्र नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता को भी मजबूत करते हैं। आवाज मध्यप्रदेश न्यूज़ 241
- पेट्रोल पंपों पर इन दिनों भारी भीड़ देखने को मिल रही है। डीजल और पेट्रोल की कमी की खबरों ने लोगों के बीच पैनिक की स्थिति पैदा कर दी है। जैसे ही सप्लाई प्रभावित होने की सूचना फैली, वैसे ही लोग अपने वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए बड़ी संख्या में पंपों पर पहुंचने लगे।1
- लोकेशन बीना रिपोर्टर राजेश बबेले ग्राम गढोली में आग का तांडव: किसानों की सजगता और पुलिस की तत्परता से टला बड़ा हादसा डायल 112 चालक राजेश्वर यादव और पुलिस आरक्षक मलखान पाल की ग्रामीणों ने की काफी सराहना राजेश बबेले बीना।खिमलासा थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत गढोली जवाहर में दर्जनों किसानों के खेतों में अचानक आग लग गई। आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। गढोली गांव के लोगों ने तत्काल एकजुट होकर खिमलासा पुलिस को सूचना दी और खुद के पानी के टैंकर और बाल्टियों से आग बुझाने का प्रयास किया। खिमलासा डायल 112 पुलिस के मौके पर पहुंचते ही आरक्षक मलखान पाल ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने में जमकर मेहनत की। ग्रामीणों ने डायल 112 के आरक्षक को धन्यवाद देते हुए उनके बच्चों को सदैव खुश रहने का आशीर्वाद दिया। हालांकि, आगजनी से एक किसान की सरसों और धनिये की फसल जलकर राख हो गई और दर्जनों किसानों के खेतों की नरवाई जल गई, जिनकी हारबेस्टिंग हो चुकी थी। *डायल 112 चालक राजेश्वर यादव और पुलिस आरक्षक मलखान पाल की सराहना की गई* आग पर काबू पाने के बाद जब बीना, इटावा और मालथौन से अग्निशमन वाहन मौके पर पहुंचे, तब तक ग्रामीणों और पुलिस ने मिलकर आग बुझा ली थी। इस देरी के लिए अग्निशमन वाहनों की निंदा की गई, जबकि डायल 112 चालक राजेश्वर यादव और पुलिस आरक्षक मलखान पाल की सराहना की गई।4