मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'अकल्पनीय संवेदनहीनता' का एक और उदाहरण सामने आया है, जो उनके ही विभाग की 'भीषण आपराधिक हरकत' के चलते लखनऊ अग्निकांड में अपने बच्चे को खो चुकी एक मां के प्रति भी दिखी है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार, बल्कि यह 'असली' योगी आदित्यनाथ का स्वभाव बताया गया है। ऐसी ही एक घटना अप्रैल 2018 की है, जब कुशीनगर में एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद स्थानीय लोग भड़के हुए थे और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और 13 बच्चों की मौत से उपजे जन आक्रोश को देखते हुए, उन्होंने लोगों पर त्योरियां चढ़ाते हुए कहा, "ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।" यह प्रतिक्रिया कथित तौर पर 'असली' योगी आदित्यनाथ को दर्शाती है, जिन्हें 'जाहिल' बताया गया है, और 'भाषण मत दो' कहने के पीछे की यही असली वजह मानी गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'अकल्पनीय संवेदनहीनता' का एक और उदाहरण सामने आया है, जो उनके ही विभाग की 'भीषण आपराधिक हरकत' के चलते लखनऊ अग्निकांड में अपने बच्चे को खो चुकी एक मां के प्रति भी दिखी है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार, बल्कि यह 'असली' योगी आदित्यनाथ का स्वभाव बताया गया है। ऐसी ही एक घटना अप्रैल 2018 की है, जब कुशीनगर में एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद स्थानीय लोग भड़के हुए थे और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और 13 बच्चों की मौत से उपजे जन आक्रोश को देखते हुए, उन्होंने लोगों पर त्योरियां चढ़ाते हुए कहा, "ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।" यह प्रतिक्रिया कथित तौर पर 'असली' योगी आदित्यनाथ को दर्शाती है, जिन्हें 'जाहिल' बताया गया है, और 'भाषण मत दो' कहने के पीछे की यही असली वजह मानी गई है।
- पूर्व पार्षद अशोक दुबे से मिली जानकारी और सोशल मीडिया पर प्राप्त एक वीडियो के अनुसार, कानपुर देहात के सांसद माननीय देवेंद्र सिंह ने काकादेव स्थित अपने आवास पर पहली बार जनता दरबार की शुरुआत की है। इस जनता दरबार के माध्यम से सैकड़ों लोगों की समस्याओं का निस्तारण किया जाता था।1
- लखनऊ में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें कानपुर के दो बच्चों समेत कई छात्रों की जान चली गई। भारतीय जनता पार्टी के विधायक सुरेंद्र मैथानी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद पीड़ादायक बताया है। विधायक सुरेंद्र मैथानी ने स्पष्ट किया है कि इस हादसे के लिए जो भी अधिकारी, संचालक या जिम्मेदार व्यक्ति दोषी पाए जाएंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार और प्रशासन मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मैथानी ने प्रारंभिक जानकारी का हवाला देते हुए बताया कि बच्चों की मौत आग से जलने के कारण नहीं, बल्कि जहरीली गैस और धुएं से दम घुटने की वजह से हुई है। उन्होंने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस संदर्भ में, उन्होंने मांग की है कि सभी बेसमेंट, बंद हॉल, कोचिंग सेंटर, स्कूल और व्यावसायिक भवनों में आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम, स्मोक अलार्म और इमरजेंसी एग्जिट अनिवार्य किए जाएं। इसके साथ ही, भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचने के लिए समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट भी कराया जाए। फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहा है।1
- राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर छिड़ी बहस के बीच अब उत्तर प्रदेश अग्निशमन विभाग की खरीद प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। फिरोजाबाद से लखनऊ अग्निकांड स्थल पर पहुंचे फायरमैन जितेंद्र राठौर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने अग्निशमन विभाग पर बुलेट मोटरसाइकिल की खरीद में बड़ी वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है। राठौर ने दावा किया कि जिस बुलेट मोटरसाइकिल की बाजार कीमत लगभग ₹3 लाख है, उसे विभाग ने करीब ₹11 लाख में खरीदा है, जिससे प्रति मोटरसाइकिल लगभग ₹8 लाख की वित्तीय अनियमितता हुई है। जितेंद्र राठौर ने विभागीय खरीद प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा है कि यदि ये आरोप सही साबित होते हैं तो यह जनता के टैक्स के पैसे के साथ बड़ा खिलवाड़ होगा। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और लोग पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं। हाल ही में हुए लखनऊ अग्निकांड के दौरान भी अग्निशमन विभाग की तैयारियों और संसाधनों पर सवाल उठे थे, जिसमें उपकरणों की कमी और बचाव कार्य में चुनौतियों का जिक्र था। हालांकि, बुलेट खरीद से जुड़े इन आरोपों पर अग्निशमन विभाग या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है, जिसकी सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- उन्नाव में वर्षों से बंद पड़ा मॉडल रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य अब तेज़ी से चल रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि उन्नाव रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने का काम, जो लगभग कई सालों से जारी है, अब गति पकड़ चुका है। जल्द ही यह उन्नाव मॉडल रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो जाएगा और लोगों के सामने एक आधुनिक रूप में खड़ा होगा। इस कार्य ने गति पकड़ ली है और यह जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।3
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'अकल्पनीय संवेदनहीनता' का एक और उदाहरण सामने आया है, जो उनके ही विभाग की 'भीषण आपराधिक हरकत' के चलते लखनऊ अग्निकांड में अपने बच्चे को खो चुकी एक मां के प्रति भी दिखी है। यह कोई पहली बार नहीं हुआ है और न ही आखिरी बार, बल्कि यह 'असली' योगी आदित्यनाथ का स्वभाव बताया गया है। ऐसी ही एक घटना अप्रैल 2018 की है, जब कुशीनगर में एक मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई थी। इस भयावह हादसे के बाद स्थानीय लोग भड़के हुए थे और प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और 13 बच्चों की मौत से उपजे जन आक्रोश को देखते हुए, उन्होंने लोगों पर त्योरियां चढ़ाते हुए कहा, "ये नारेबाजी बंद करो, नौटंकी बंद करो।" यह प्रतिक्रिया कथित तौर पर 'असली' योगी आदित्यनाथ को दर्शाती है, जिन्हें 'जाहिल' बताया गया है, और 'भाषण मत दो' कहने के पीछे की यही असली वजह मानी गई है।1
- हरिद्वार के सप्त ऋषि घाट पर हाथियों का एक झुंड घूम रहा था, तभी पंजाब से आए कुछ पर्यटकों ने उनके सामने 'हीरोगिरी' दिखाते हुए सेल्फी लेने की कोशिश की। पर्यटकों की इस हरकत से भड़के हाथियों ने उन्हें दौड़ा लिया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि पर्यटक हाथियों से सुरक्षित दूरी पर थे, जिसके चलते वे अपनी जान बचाकर भाग निकलने में कामयाब रहे।1
- जौनपुर जिले के बक्सा ब्लॉक के भुतहा गांव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति नई बनी सड़क पर खड़े होकर व्यंग्यात्मक ढंग से कह रहा है कि "2 घंटे में सड़क बन गई" और "चीन का रिकॉर्ड टूट गया"। वीडियो में यह स्पष्ट रूप से सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल्दबाजी में किए गए कार्य पर कटाक्ष है, जिसमें कथित अनियमितताओं को उजागर करने का प्रयास किया गया है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोग निर्माण कार्य की जांच कराने और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगने की मांग कर रहे हैं। हालांकि, वीडियो में लगाए गए आरोपों की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। मामले की सच्चाई पूरी तरह से जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- कानपुर के किदवई नगर थाना क्षेत्र में रेलवे मैदान के सामने पैसे के विवाद को लेकर एक फूड डिलीवरी मैन पर हेलमेट से हमला कर दिया गया। आरोप है कि 'था फूड चेरियट' (Tha Food Chariot) कंपनी के स्टाफ ने इस डिलीवरी मैन के साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हमले में घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और इस घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी है।1