बिजावर ब्लॉक के शाहगढ़ बजना रेंज वन क्षेत्र अंतर्गत शाहगढ़ गांव में घुसा हिरण जिसको गांव के आवारा कुत्ते बनाना चाहा रहे थे शिकार शाहगंढ के वन कर्मियों को सूचना मिलते ही बन पशु हिरण की बचाई गई जान जिसमें डिप्टी रेंजर गेहरू एवं वनरक्षक मनीष पटेल की रही महत्वपूर्ण भूमिका गांव के कुछ बच्चों का भी रहा भरपूण योगदान राज जोशी छतरपुर क्योंकि सुबह का वक्त था ग्रामीण एरिया है कि किसी की फसल कट रही है किसी का भूसा उठा रहा है किसी का अनाज उठ रहा है और धूप भी ज्यादा होने लगी है इस कारण लोग जल्दी अपने खेतों पर निकल जाते हैं जब वन आमले ने वन पशु हिरण को अपने सुपरत किया उसके बाद उन्होंने अपने वरिष्ठता वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और सारी घटना अपने वरिष्ठ जनों को बताई ग्राम पंचायत शाहगढ़ में दिनांक 18 तारीख सुबह 7:00 बजे एक हिरण जो कुत्तों के शिकार से बचते हुए गांव में दाखिल हुआ जिसकी सूचना फोन से वन विभाग को दी सूचना वन विभाग जानकारी मिलते ही तकरीबन 1 से 2 मिनट में तत्काल मौके पर आया ग्राम शाहगंढ के बच्चे पहले से ही उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे और फिर वन विभाग और बच्चों के सहयोग से वन पशु को कड़ी कोशिशें के बाद व्यवस्थित रूप से जंगल में पहुंचाया गया समाजसेवी राजू जोशी द्वारा बताया गया वन पशु की गतिविधि जंगल में नजर नहीं आई क्योंकि जंगल की दूरी लगभग 1 किलोमीटर दूर थी इसी अवस्था को देखते हुए हिरण देखरेख हेतु बीट गार्ड बच्चों की दर अपनी नजर बनाए रखें हुए थे वन विभाग एवं ग्रामीण बच्चों के सहयोग से बन पशु हिरण की जान बच सकी इसका एक कारण और भी है यदि देखा जाए वन पशु रिहाई सी इलाकों में क्यों आ रहे हैं क्योंकि कुछ जमीन के लालची वनों की अवैध कटाई कर वनों में निवास करते हैं ऐसा नहीं है उनके पास जमीन नहीं है उनके बाप दादाओ के पास जमीन थी और है लेकिन किसी किसी लोगों ने 10000 से लेकर 25000 में गिरवी रखकर वन भूमि पर या फिर जमीन राजस्व की हो लेकिन उसमें बन अधिक लगा है और इलाका भी वन उपज पर निर्भर है उसकी परवाह न करते हुए खुद ग्रामीण लोग ही वनों को झाड़ने में लगे हुए हैं जिसका परिणाम शायद भविष्य बताएगा क्योंकि यह पूरा क्षेत्र जंगली क्षेत्र है और वन उपज पर निर्भर है तेंदूपत्ता महुआ और भी निम्न प्रकार की जड़ी बूटी उपलब्ध है लेकिन कुछ लालची नहीं कह सकते किसी के बहकावे में आकर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं लेकिन कुछ चाटुकार लोगों ने इसमें अपना फायदा देखते हुए बगैर तत्वों की खबर को प्रकाशित किया सूत्रों के मुताबिक उन चाटुकारों पर जो विभाग की छवि को धुल मिलकर रहे हैं बिना एविडेंस के बहुत जल्दी कार्रवाई की जाएगी इनका कहना है तकरीबन 7:30 मुझे जानकारी मिली शाहगंढ डिप्टी के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई तो मैंने उन्हें तत्काल प्रभाव से निदेशक किया स्पोर्ट पर जाकर वास्तु घटना देखकर उचित कार्रवाई करें श्री रजत तोमर रेंजर बजाना
बिजावर ब्लॉक के शाहगढ़ बजना रेंज वन क्षेत्र अंतर्गत शाहगढ़ गांव में घुसा हिरण जिसको गांव के आवारा कुत्ते बनाना चाहा रहे थे शिकार शाहगंढ के वन कर्मियों को सूचना मिलते ही बन पशु हिरण की बचाई गई जान जिसमें डिप्टी रेंजर गेहरू एवं वनरक्षक मनीष पटेल की रही महत्वपूर्ण भूमिका गांव के कुछ बच्चों का भी रहा भरपूण योगदान राज जोशी छतरपुर क्योंकि सुबह का वक्त था ग्रामीण एरिया है कि किसी की फसल कट रही है किसी का भूसा उठा रहा है किसी का अनाज उठ रहा है और धूप भी ज्यादा होने लगी है इस कारण लोग जल्दी अपने खेतों पर निकल जाते हैं जब वन आमले ने वन पशु हिरण को अपने सुपरत किया उसके बाद उन्होंने अपने वरिष्ठता वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और सारी घटना अपने वरिष्ठ जनों को बताई ग्राम पंचायत शाहगढ़ में दिनांक 18 तारीख सुबह 7:00 बजे एक हिरण जो कुत्तों के शिकार से बचते हुए गांव में दाखिल हुआ जिसकी सूचना फोन से वन विभाग को दी सूचना वन विभाग जानकारी मिलते ही तकरीबन 1 से 2 मिनट में तत्काल मौके पर आया ग्राम शाहगंढ के बच्चे पहले से ही उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे और फिर वन विभाग और बच्चों के सहयोग से वन पशु को कड़ी कोशिशें के बाद व्यवस्थित रूप से जंगल में पहुंचाया गया समाजसेवी राजू जोशी द्वारा बताया गया वन पशु की गतिविधि जंगल में नजर नहीं आई क्योंकि जंगल की दूरी लगभग 1 किलोमीटर दूर थी इसी अवस्था को देखते हुए
हिरण देखरेख हेतु बीट गार्ड बच्चों की दर अपनी नजर बनाए रखें हुए थे वन विभाग एवं ग्रामीण बच्चों के सहयोग से बन पशु हिरण की जान बच सकी इसका एक कारण और भी है यदि देखा जाए वन पशु रिहाई सी इलाकों में क्यों आ रहे हैं क्योंकि कुछ जमीन के लालची वनों की अवैध कटाई कर वनों में निवास करते हैं ऐसा नहीं है उनके पास जमीन नहीं है उनके बाप दादाओ के पास जमीन थी और है लेकिन किसी किसी लोगों ने 10000 से लेकर 25000 में गिरवी रखकर वन भूमि पर या फिर जमीन राजस्व की हो लेकिन उसमें बन अधिक लगा है और इलाका भी वन उपज पर निर्भर है उसकी परवाह न करते हुए खुद ग्रामीण लोग ही वनों को झाड़ने में लगे हुए हैं जिसका परिणाम शायद भविष्य बताएगा क्योंकि यह पूरा क्षेत्र जंगली क्षेत्र है और वन उपज पर निर्भर है तेंदूपत्ता महुआ और भी निम्न प्रकार की जड़ी बूटी उपलब्ध है लेकिन कुछ लालची नहीं कह सकते किसी के बहकावे में आकर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं लेकिन कुछ चाटुकार लोगों ने इसमें अपना फायदा देखते हुए बगैर तत्वों की खबर को प्रकाशित किया सूत्रों के मुताबिक उन चाटुकारों पर जो विभाग की छवि को धुल मिलकर रहे हैं बिना एविडेंस के बहुत जल्दी कार्रवाई की जाएगी इनका कहना है तकरीबन 7:30 मुझे जानकारी मिली शाहगंढ डिप्टी के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई तो मैंने उन्हें तत्काल प्रभाव से निदेशक किया स्पोर्ट पर जाकर वास्तु घटना देखकर उचित कार्रवाई करें श्री रजत तोमर रेंजर बजाना
- शाहगंढ के वन कर्मियों को सूचना मिलते ही बन पशु हिरण की बचाई गई जान जिसमें डिप्टी रेंजर गेहरू एवं वनरक्षक मनीष पटेल की रही महत्वपूर्ण भूमिका गांव के कुछ बच्चों का भी रहा भरपूण योगदान राज जोशी छतरपुर क्योंकि सुबह का वक्त था ग्रामीण एरिया है कि किसी की फसल कट रही है किसी का भूसा उठा रहा है किसी का अनाज उठ रहा है और धूप भी ज्यादा होने लगी है इस कारण लोग जल्दी अपने खेतों पर निकल जाते हैं जब वन आमले ने वन पशु हिरण को अपने सुपरत किया उसके बाद उन्होंने अपने वरिष्ठता वरिष्ठ अधिकारियों से बात की और सारी घटना अपने वरिष्ठ जनों को बताई ग्राम पंचायत शाहगढ़ में दिनांक 18 तारीख सुबह 7:00 बजे एक हिरण जो कुत्तों के शिकार से बचते हुए गांव में दाखिल हुआ जिसकी सूचना फोन से वन विभाग को दी सूचना वन विभाग जानकारी मिलते ही तकरीबन 1 से 2 मिनट में तत्काल मौके पर आया ग्राम शाहगंढ के बच्चे पहले से ही उसे बचाने की कोशिश कर रहे थे और फिर वन विभाग और बच्चों के सहयोग से वन पशु को कड़ी कोशिशें के बाद व्यवस्थित रूप से जंगल में पहुंचाया गया समाजसेवी राजू जोशी द्वारा बताया गया वन पशु की गतिविधि जंगल में नजर नहीं आई क्योंकि जंगल की दूरी लगभग 1 किलोमीटर दूर थी इसी अवस्था को देखते हुए हिरण देखरेख हेतु बीट गार्ड बच्चों की दर अपनी नजर बनाए रखें हुए थे वन विभाग एवं ग्रामीण बच्चों के सहयोग से बन पशु हिरण की जान बच सकी इसका एक कारण और भी है यदि देखा जाए वन पशु रिहाई सी इलाकों में क्यों आ रहे हैं क्योंकि कुछ जमीन के लालची वनों की अवैध कटाई कर वनों में निवास करते हैं ऐसा नहीं है उनके पास जमीन नहीं है उनके बाप दादाओ के पास जमीन थी और है लेकिन किसी किसी लोगों ने 10000 से लेकर 25000 में गिरवी रखकर वन भूमि पर या फिर जमीन राजस्व की हो लेकिन उसमें बन अधिक लगा है और इलाका भी वन उपज पर निर्भर है उसकी परवाह न करते हुए खुद ग्रामीण लोग ही वनों को झाड़ने में लगे हुए हैं जिसका परिणाम शायद भविष्य बताएगा क्योंकि यह पूरा क्षेत्र जंगली क्षेत्र है और वन उपज पर निर्भर है तेंदूपत्ता महुआ और भी निम्न प्रकार की जड़ी बूटी उपलब्ध है लेकिन कुछ लालची नहीं कह सकते किसी के बहकावे में आकर अपने ही पैर पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं लेकिन कुछ चाटुकार लोगों ने इसमें अपना फायदा देखते हुए बगैर तत्वों की खबर को प्रकाशित किया सूत्रों के मुताबिक उन चाटुकारों पर जो विभाग की छवि को धुल मिलकर रहे हैं बिना एविडेंस के बहुत जल्दी कार्रवाई की जाएगी इनका कहना है तकरीबन 7:30 मुझे जानकारी मिली शाहगंढ डिप्टी के माध्यम से जानकारी प्राप्त हुई तो मैंने उन्हें तत्काल प्रभाव से निदेशक किया स्पोर्ट पर जाकर वास्तु घटना देखकर उचित कार्रवाई करें श्री रजत तोमर रेंजर बजाना2
- Post by Jatin Rai1
- छतरपुर में चुरहट विधानसभा से विधायक और मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल भैया का भव्य स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम कांग्रेस नेता शिव सिंह यादव द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। राहुल भैया के इस दौरे को लेकर छतरपुर में सियासी माहौल भी गरमा गया है। इस वीडियो में देखिए पूरा कार्यक्रम, स्वागत और राहुल भैया की खास बातें। वीडियो को लाइक करें, शेयर करें और चैनल Ankit Speaks को सब्सक्राइब करना न भूलें।1
- गरीब आदिवासी महिला सगुनती आदिवासी से मुआवजे के नाम पर घूस मांगना पटवारी को भारी पड़ गया। नेगुवा के पटवारी राहुल अग्रवाल को लोकायुक्त सागर टीम ने 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। 👉 पीड़िता के अनुसार, पटवारी ने 12 लाख 50 हजार के मुआवजे में से 1 लाख 60 हजार “इनाम” मांगा 👉 धमकी दी – पैसे नहीं दिए तो मुआवजा वापस चला जाएगा हिम्मत दिखाते हुए महिला ने लोकायुक्त में शिकायत की, जिसके बाद यह बड़ी कार्रवाई हुई। 💬 यह मामला बताता है कि जागरूकता और साहस से भ्रष्टाचार के खिलाफ जीत संभव है।1
- छतरपुर जिले के युवक अंकित गुप्ता की नोएडा में सड़क दुर्घटना के बाद हुई मौत के मामले में परिजनों ने न्याय की मांग तेज कर दी है। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने नोएडा प्रशासन और पुलिस के समक्ष कई बार आवेदन दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम राजापुर पोस्ट पंचमपुर निवासी अंकित गुप्ता 2 जनवरी 2026 को सेक्टर-50 नोएडा में ड्यूटी पर जाते समय अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गए थे। उन्हें पहले जिला अस्पताल सेक्टर-30, फिर ESIC अस्पताल सेक्टर-24 और बाद में फेलिक्स अस्पताल सेक्टर-137 में भर्ती कराया गया, जहां 6 जनवरी को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद पुलिस ने तत्काल FIR दर्ज नहीं की। काफी प्रयासों के बाद 14 फरवरी 2026 को मामला दर्ज किया गया, वह भी सामान्य सड़क दुर्घटना के रूप में। इसके अलावा, ESIC अस्पताल द्वारा इलाज से संबंधित पूर्ण दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृत्यु का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। मामले को लेकर परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, IGRS पोर्टल सहित नोएडा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतें दी हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी वाहन चालक की पहचान कर गिरफ्तारी की जाए, इलाज में संभावित लापरवाही की जांच हो तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।1
- Post by गणेश यादव1
- छतरपुर (एमपी) में दो बहनों ने प्यार के लिए बड़ा फैसला लिया. धर्म परिवर्तन कर दोनों ने अपने प्रेमियों से शादी की और अब सुरक्षा की मांग को लेकर पतियों के साथ नौगांव थाने पहुंचीं. पुलिस ने बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. #Chhatarpur #MPNews #ATreel1
- छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत मुआवजे को लेकर आदिवासी और किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। आम आदमी पार्टी के नेता अमित भटनागर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया गया और उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए था। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। 📍 स्थान: छतरपुर, मध्य प्रदेश1