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13 अप्रैल को लखनऊ में होगा पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन,सम्मेलन में शामिल होंगे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद
Pankaj gupta
13 अप्रैल को लखनऊ में होगा पिछड़ा वर्ग अधिकार सम्मेलन,सम्मेलन में शामिल होंगे भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद
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- पीलीभीत के कंझा हरैया गजरौला मार्ग पर स्थित शनि धाम मंदिर के पास देसी शराब की भट्टी लगाए जाने को लेकर ग्रामीणों, खासकर महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। महिलाओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि गांव और मंदिर के पास शराब की भट्टी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामला कंझा हरैया गांव का है, जहां शनि धाम मंदिर के किनारे देसी शराब भट्टी लगाए जाने की खबर से गांव में विरोध तेज हो गया है। बड़ी संख्या में महिलाएं एकजुट होकर इसका विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि मंदिर के पास इस तरह की गतिविधि से धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी और गांव का माहौल भी खराब होगा। वहीं ग्राम प्रधान नीतू मित्रा ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई पूर्व जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि गांव की प्रधान होने के नाते उन्हें इस तरह के निर्णयों की जानकारी मिलनी चाहिए थी। इधर प्रशासन का तर्क है कि शराब बिक्री से होने वाली आमदनी का उपयोग सरकार द्वारा गरीब परिवारों को राशन उपलब्ध कराने में किया जाता है। इस पर ग्राम प्रधान नीतू मित्रा ने तंज कसते हुए कहा कि अगर शराब बेचकर ही राशन दिया जा रहा है तो फिर सीधे शराब ही बांट देनी चाहिए। वहीं क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि वे कानून को हाथ में नहीं लेना चाहते, बल्कि इस मुद्दे को शासन-प्रशासन के सामने उठाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीण महिलाएं1
- बढ़ते बिजली बिल और लगातार हो रही कटौती से परेशान उपभोक्ता अब सोलर ऊर्जा की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। घर हो या दुकान, लोग सोलर पैनल लगवाकर बिजली खर्च कम करने की योजना बना रहे हैं। लेकिन सोलर पैनल लगवाने से पहले कुछ अहम बातों की जानकारी होना बेहद जरूरी है, नहीं तो फायदा होने की बजाय नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर पैनल लगवाते समय उसकी गुणवत्ता, सही दिशा में इंस्टॉलेशन और भरोसेमंद कंपनी का चयन बेहद महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी योजनाओं की सही जानकारी भी होना जरूरी है। कई मामलों में देखा गया है कि गलत जानकारी या फर्जी कंपनियों के झांसे में आकर लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत है। सोलर पैनल लगवाने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं और विशेषज्ञों की सलाह लेकर ही निर्णय लें, ताकि लंबे समय तक इसका लाभ मिल सके।1
- हरि की पैड़ी हरिद्वार के प्रातः कालीन दर्शन करें और दिन को सफल बनायें।1
- मार सके न कोय दुश्मन दु:ख नहीं दें सके जो अपराधी होय (षड्यंत्र)1
- Post by समाचार Crime News1
- Post by Pankaj gupta1
- बड़ी खबर: पीलीभीत में अंबेडकर अपमान मामले में नया मोड़, युवक ने हाथ जोड़कर मांगी माफी पीलीभीत। संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक पोस्ट के कारण उपजा विवाद अब सुलझता नजर आ रहा है। आरोपी युवक ने सार्वजनिक रूप से सामने आकर अपनी गलती स्वीकार कर ली है और समाज से माफी मांग ली है। क्या था पूरा मामला? हाल ही में इंस्टाग्राम पर डॉ. अंबेडकर के विरुद्ध एक विवादित पोस्ट साझा की गई थी, जिससे स्थानीय लोगों और विशेषकर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं में भारी रोष व्याप्त हो गया था। भीम आर्मी ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। वीडियो संदेश के जरिए मांगी माफी मामले के तूल पकड़ते ही संबंधित युवक ने एक वीडियो जारी किया। वीडियो में युवक ने निम्नलिखित बातें कहीं: अनजाने में हुई चूक: युवक का कहना है कि यह पोस्ट उससे "गलती से" साझा हो गई थी। इरादा साफ: उसने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी की भावनाओं या किसी विशेष समाज को आहत करना नहीं था। भविष्य का संकल्प: युवक ने हाथ जोड़कर भरोसा दिलाया कि वह भविष्य में सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी गतिविधि नहीं दोहराएगा। बदल रहा है माहौल: नरमी की मांग युवक द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी भूल स्वीकार करने के बाद, अब इस मामले में मानवीय पहलू हावी हो गया है। प्रशासन से अपील: स्थानीय नागरिकों और कई सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि युवक ने अपनी गलती मान ली है और वह पछतावा कर रहा है, इसलिए उसके प्रति कठोर कार्रवाई न की जाए। शांति की अपील: लोगों का मानना है कि गलती सुधारने वाले को एक मौका दिया जाना चाहिए ताकि समाज में वैमनस्य न फैले। सोशल मीडिया पर सतर्कता जरूरी इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय अत्यधिक जिम्मेदारी की आवश्यकता है। जहाँ एक ओर अपमानजनक टिप्पणियां कानूनन अपराध हैं, वहीं दूसरी ओर पीलीभीत का यह मामला दिखाता है कि आपसी संवाद और माफी से बड़े विवादों को भी टाला जा सकता है। "गलती मान लेना ही सुधार की पहली सीढ़ी है। प्रशासन को अब शांति और सद्भाव को प्राथमिकता देते हुए उचित निर्णय लेना चाहिए।" — स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता1
- धान और गेहूं के खरीद के दौरान सरकारी कर्मचारी और काश्तकारों में जो टकराव होता है उसे कैसे रोका जा सकता है1