logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

शहडोल: ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, यात्रियों की सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक ​शहडोल: दिनांक 12 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में यातायात थाना परिसर में ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ऑटो संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ऑटो चालक उपस्थित रहे। ​कार्यक्रम के मुख्य बिंदु एवं निर्देश: ​अनिवार्य पंजीयन और पहचान पत्र: कार्यक्रम के दौरान ऑटो चालकों को थाना यातायात में अनिवार्य रूप से पंजीयन करवाकर थाना यातायात द्वारा जारी ऑटो क्रमांक प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। शहरी एवं ग्रामीण ऑटो के लिए पृथक-पृथक मोनो जारी किया जाएगा और ऑटो चालकों हेतु पहचान पत्र भी जारी किया जाएगा। थाना यातायात में ऑटो का पंजीयन अनिवार्य है, अन्यथा की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ​पार्किंग और दस्तावेज: शहर में निर्धारित स्थानों पर ऑटो पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी ऑटो चालकों को निर्देशित किया गया कि वे ऑटो के सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण एवं वैध रखें तथा यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। ​यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग: यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित नियमों के अनुरूप वाहन चलाने एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। ​सुरक्षा एवं संदिग्ध गतिविधियों की सूचना: ऑटो चालकों को यह भी निर्देश दिए गए कि किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित पुलिस अधिकारी अथवा थाने को सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक पुलिस कार्रवाई की जा सके। ​समस्याओं का निराकरण: ऑटो चालकों द्वारा दस्तावेज संबंधी समस्याओं से अवगत कराने पर यातायात पुलिस द्वारा आश्वस्त किया गया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से चर्चा कर आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा। ​अंत में, यातायात पुलिस द्वारा ऑटो संघ एवं चालकों से यातायात नियमों का पालन करते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की विशेष अपील की गई।

13 hrs ago
user_Policewala news
Policewala news
सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

शहडोल: ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, यात्रियों की सुरक्षा के प्रति किया गया जागरूक ​शहडोल: दिनांक 12 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शहडोल डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में यातायात थाना परिसर में ऑटो चालकों के लिए यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ऑटो संघ के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में ऑटो चालक उपस्थित रहे। ​कार्यक्रम के मुख्य बिंदु एवं निर्देश: ​अनिवार्य पंजीयन और पहचान पत्र: कार्यक्रम के दौरान ऑटो चालकों को थाना यातायात में अनिवार्य रूप से पंजीयन करवाकर थाना यातायात द्वारा जारी ऑटो क्रमांक प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। शहरी एवं ग्रामीण ऑटो के लिए पृथक-पृथक मोनो जारी किया जाएगा और ऑटो चालकों हेतु पहचान पत्र भी जारी किया जाएगा। थाना यातायात में ऑटो का पंजीयन अनिवार्य है, अन्यथा की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ​पार्किंग और दस्तावेज: शहर में निर्धारित स्थानों पर ऑटो पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। सभी ऑटो चालकों को निर्देशित किया गया कि वे ऑटो के सभी आवश्यक दस्तावेज पूर्ण एवं वैध रखें तथा यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें। ​यात्रियों की सुरक्षा और सहयोग: यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए निर्धारित नियमों के अनुरूप वाहन चलाने एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की गई। ​सुरक्षा एवं संदिग्ध गतिविधियों की सूचना: ऑटो चालकों को यह भी निर्देश दिए गए कि किसी संदिग्ध व्यक्ति अथवा गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित पुलिस अधिकारी अथवा थाने को सूचना दें, जिससे समय रहते आवश्यक पुलिस कार्रवाई की जा सके। ​समस्याओं का निराकरण: ऑटो चालकों द्वारा दस्तावेज संबंधी समस्याओं से अवगत कराने पर यातायात पुलिस द्वारा आश्वस्त किया गया कि उनकी समस्याओं के निराकरण के लिए कलेक्टर एवं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से चर्चा कर आवश्यकतानुसार शिविर आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा। ​अंत में, यातायात पुलिस द्वारा ऑटो संघ एवं चालकों से यातायात नियमों का पालन करते हुए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने की विशेष अपील की गई।

More news from Shahdol and nearby areas
  • थाना चचाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता - 03 किलो गांजा के साथ 01 आरोपी गिरफ्तार अनूपपुर। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना चचाई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दिनांक 10/09/2026 को थाना चचाई को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि रेलवे लाइन के किनारे सब एरिया स्कूल के पीछे बने शिव मंदिर के पास एक व्यक्ति नीले रंग की शर्ट पहने, काले रंग का पिट्ठू बैग लिए बैठा है, जो अपने बैग में अवैध गांजा रखे हुए है और किसी का इंतजार कर रहा है। सूचना की विश्वसनीयता पर थाना प्रभारी चचाई निरीक्षक श्रीमती फूलवती अहिरवार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में उप निरीक्षक डी. एस. बागरी, सउनि लालमणि चौधरी, सउनि नागेश सिंह, प्रआर 164 विकास दहायत, प्रआर 62 सुखसेन कोल शामिल रहे। पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर संदेही को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम जेम्स विलियम पिता पीटल पाल उम्र 36 साल निवासी लक्ष्मीबाई वार्ड बिलहरी, जिला जबलपुर बताया। संदेही के काले रंग के पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर उसके अंदर खाकी रंग की प्लास्टिक पन्नी में लिपटे 03 पैकेट मिले। पुलिस स्टाफ की मदद से तीनों पैकेटों को खोलकर तौल किया गया तो कुल 03 किलो 16 ग्राम गांजा, कीमती 45,000/- रुपये पाया गया। बरामद मादक पदार्थ को जप्त कर सफेद काटन कपड़े में सिलाई कर थाना चचाई की पीतल सील से सील बंद किया गया। आरोपी को धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत दण्डनीय पाये जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी को माननीय न्यायालय अनूपपुर के समक्ष पेश कर जिला जेल अनूपपुर में दाखिल किया गया है। उक्त कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्री नवीन कुमार तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी चचाई निरीक्षक फूलवती अहिरवार के नेतृत्व में उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, सउनि नागेश सिंह, सउनि लालमणि चौधरी, प्रआर सुखसेन, प्रआर विकास दहायत, आरक्षक संतोष यादव, शिव प्रसाद, प्रकाश निनामा की सराहनीय भूमिका रही।
    2
    थाना चचाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता - 03 किलो गांजा के साथ 01 आरोपी गिरफ्तार
अनूपपुर। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब (IPS) के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना चचाई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है।
दिनांक 10/09/2026 को थाना चचाई को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि रेलवे लाइन के किनारे सब एरिया स्कूल के पीछे बने शिव मंदिर के पास एक व्यक्ति नीले रंग की शर्ट पहने, काले रंग का पिट्ठू बैग लिए बैठा है, जो अपने बैग में अवैध गांजा रखे हुए है और किसी का इंतजार कर रहा है।
सूचना की विश्वसनीयता पर थाना प्रभारी चचाई निरीक्षक श्रीमती फूलवती अहिरवार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम में उप निरीक्षक डी. एस. बागरी, सउनि लालमणि चौधरी, सउनि नागेश सिंह, प्रआर 164 विकास दहायत, प्रआर 62 सुखसेन कोल शामिल रहे।
पुलिस टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर संदेही को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम जेम्स विलियम पिता पीटल पाल उम्र 36 साल निवासी लक्ष्मीबाई वार्ड बिलहरी, जिला जबलपुर बताया।
संदेही के काले रंग के पिट्ठू बैग की तलाशी लेने पर उसके अंदर खाकी रंग की प्लास्टिक पन्नी में लिपटे 03 पैकेट मिले। पुलिस स्टाफ की मदद से तीनों पैकेटों को खोलकर तौल किया गया तो कुल 03 किलो 16 ग्राम गांजा, कीमती 45,000/- रुपये पाया गया।
बरामद मादक पदार्थ को जप्त कर सफेद काटन कपड़े में सिलाई कर थाना चचाई की पीतल सील से सील बंद किया गया।
आरोपी को धारा 8/20 NDPS एक्ट के तहत दण्डनीय पाये जाने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपी को माननीय न्यायालय अनूपपुर के समक्ष पेश कर जिला जेल अनूपपुर में दाखिल किया गया है।
उक्त कार्यवाही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी कोतमा श्री नवीन कुमार तिवारी के निर्देशन में थाना प्रभारी चचाई निरीक्षक फूलवती अहिरवार के नेतृत्व में उप निरीक्षक डी.एस. बागरी, सउनि नागेश सिंह, सउनि लालमणि चौधरी, प्रआर सुखसेन, प्रआर विकास दहायत, आरक्षक संतोष यादव, शिव प्रसाद, प्रकाश निनामा की सराहनीय भूमिका रही।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    18 hrs ago
  • अवैध उत्खनन खनिज विभाग को शिकायत मिलने के बाद भी नहीं होती करवाई अवैध मुरूम खनन का खेल, पोकलेन से चल रहा था उत्खनन, खनिज विभाग सोया रहा बिरसिंहपुर --पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बरबसुर में पोकलेन मशीन से मुरूम का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा था। खनिज माफिया बेखौफ होकर रात-दिन मुरूम निकालकर खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अवैध खनन को कहीं न कहीं विभागीय संरक्षण मिल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरबसुर के ग्रामीणों ने शनिवार को पोकलेन मशीन से हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन की सूचना जिला माइनिंग अधिकारी एवं माइनिंग क्षेत्र अधिकारी को फोन पर दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को दिखवाया जाएगा और जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल तब खुल गई, जब फोन लगाने के 8 से 10 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई अमला या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले इतने बेखौफ हैं कि दिन-दहाड़े पोकलेन मशीन लगाकर मुरूम का उत्खनन करते हैं। खनन स्थल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों हाईवा के माध्यम से मुरूम का परिवहन भी निरंतर जारी है। अवैध खनन से गांव के आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, खनन के कारण गांव की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत करने की सोची, लेकिन खनन माफियाओं के दबदबे के चलते लोग सामने आने से डरते हैं। उल्लेखनीय है कि मुरूम खनन के लिए शासन से खनन पट्टा या अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के मुरूम निकालना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई से कतराते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब शिकायत के घंटों बाद तक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो आखिर कब पहुंचेगा? क्या विभाग अवैध खननकर्ताओं को खुली छूट दे रहा है? ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि पोकलेन जैसी बड़ी मशीन से घंटों खनन होता रहा, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह अपने आप में संदेहास्पद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। इधर, इस संबंध में जब जिला माइनिंग अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन तो पहले भी मिला था, पर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर को शिकायत करने को बाध्य होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध मुरूम खनन से न केवल शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन भी पैदा होता है। खनन के बाद गड्ढे खुले छोड़ दिए जाते हैं, जिससे बारिश के मौसम में जान-माल का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाए।
    1
    अवैध उत्खनन खनिज विभाग को शिकायत मिलने के बाद भी नहीं होती करवाई
अवैध मुरूम खनन का खेल, पोकलेन से चल रहा था उत्खनन, खनिज विभाग सोया रहा
बिरसिंहपुर --पाली जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम बरबसुर में पोकलेन मशीन से मुरूम का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा था। खनिज माफिया बेखौफ होकर रात-दिन मुरूम निकालकर खनिज संपदा का दोहन कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग के अधिकारी शिकायत के बावजूद मौके पर पहुंचने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अवैध खनन को कहीं न कहीं विभागीय संरक्षण मिल रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बरबसुर के ग्रामीणों ने शनिवार को पोकलेन मशीन से हो रहे अवैध मुरूम उत्खनन की सूचना जिला माइनिंग अधिकारी एवं माइनिंग क्षेत्र अधिकारी को फोन पर दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को दिखवाया जाएगा और जल्द कार्रवाई होगी। लेकिन अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल तब खुल गई, जब फोन लगाने के 8 से 10 घंटे बीत जाने के बाद भी विभाग का कोई अमला या अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन करने वाले इतने बेखौफ हैं कि दिन-दहाड़े पोकलेन मशीन लगाकर मुरूम का उत्खनन करते हैं। खनन स्थल से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों हाईवा के माध्यम से मुरूम का परिवहन भी निरंतर जारी है। अवैध खनन से गांव के आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। वहीं, खनन के कारण गांव की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार इस संबंध में शिकायत करने की सोची, लेकिन खनन माफियाओं के दबदबे के चलते लोग सामने आने से डरते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुरूम खनन के लिए शासन से खनन पट्टा या अनुज्ञप्ति लेना अनिवार्य है। बिना अनुमति के मुरूम निकालना खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद विभाग के अधिकारी शिकायत मिलने पर भी कार्रवाई से कतराते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब शिकायत के घंटों बाद तक विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो आखिर कब पहुंचेगा? क्या विभाग अवैध खननकर्ताओं को खुली छूट दे रहा है?
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर अवैध खनन संभव ही नहीं है। उनका कहना है कि पोकलेन जैसी बड़ी मशीन से घंटों खनन होता रहा, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी, यह अपने आप में संदेहास्पद है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध खनन में संलिप्त लोगों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
इधर, इस संबंध में जब जिला माइनिंग अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने मामले को दिखवाने की बात कही। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन तो पहले भी मिला था, पर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हुआ। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला कलेक्टर को शिकायत करने को बाध्य होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध मुरूम खनन से न केवल शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि पर्यावरणीय असंतुलन भी पैदा होता है। खनन के बाद गड्ढे खुले छोड़ दिए जाते हैं, जिससे बारिश के मौसम में जान-माल का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में जरूरत है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाए।
    user_Shambhu nath Soni
    Shambhu nath Soni
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • NH 43 जो उमरिया से शहडोल जोड़ है इस समय लोगो के लिए बान मुसीबत NH43 का विकास रेल लाइन मे जो ओबर ब्रिज का काम कछुया की चल से चल रहा इस ब्रिज के चलते काई लोगो की जान चली गईं क्यों की सड़क बनी तो है लेकिन जहाँ जहाँ ब्रिज बनाना है वहां छोड़ी गई इस लेकिन सड़क मौत का कुआं बन गया आए दिन कोई ना कोई हद से होते रहते हैं नेता सरकारी अमला आप 9 10 सालों में कितनी बार वहां से निकले होंगे लेकिन अब तो जनता को भी लगने लगा है की कमीशन का खेल चल रहा है इन 10 सालों में तीन ओवर ब्रिज बने थे जो 9 10 सालों में पूरे नहीं हुए अब तो सड़क भी अपना दम तोड़ रही है जब तक ब्रिज बनेगा तब तक तू रोड ही नहीं रहेगी
    4
    NH 43 जो उमरिया से शहडोल जोड़ है इस समय लोगो के लिए बान मुसीबत 
NH43 का विकास रेल लाइन मे जो ओबर ब्रिज का काम कछुया की चल से चल रहा इस ब्रिज के चलते काई लोगो की जान चली गईं क्यों की सड़क बनी तो है लेकिन जहाँ जहाँ ब्रिज बनाना है वहां छोड़ी गई इस लेकिन सड़क मौत का कुआं बन गया आए दिन कोई ना कोई हद से होते रहते हैं नेता सरकारी अमला आप 9 10  सालों में कितनी बार वहां से निकले होंगे लेकिन अब तो जनता को भी लगने लगा है की कमीशन का खेल चल रहा है इन 10 सालों में तीन ओवर ब्रिज बने थे जो 9 10 सालों में पूरे नहीं हुए अब तो सड़क भी अपना दम तोड़ रही है जब तक ब्रिज बनेगा तब तक तू रोड ही नहीं रहेगी
    user_Chandu Yadav
    Chandu Yadav
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • उमरिया में नेशनल लोक अदालत का आयोजन 11 खंडपीठों में मामलों का हुआ निराकरण राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार “न्याय आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय प्रियदर्शन शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। 📍 स्थान: उमरिया, मध्य प्रदेश 📺 NEWS 24 PUBLIC TV सच की आवाज
    1
    उमरिया में नेशनल लोक अदालत का आयोजन
11 खंडपीठों में मामलों का हुआ निराकरण
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार “न्याय आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष माननीय प्रियदर्शन शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
📍 स्थान: उमरिया, मध्य प्रदेश
📺 NEWS 24 PUBLIC TV
सच की आवाज
    user_NEWS 24 PUBLIC TV
    NEWS 24 PUBLIC TV
    Media company बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर === कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा === शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
    1
    धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर
===
कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा
===
शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    14 hrs ago
  • कलेक्टर ने ब्लैक सुगंधित चावल उत्पादक किसान से किया संवाद ... शहडोल 11 सितंबर 2026: विधायक श्री जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ निवासी किसान श्री सुनील मिश्रा से ब्लैक सुगंधित चावल के उत्पादन के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर श्री जायसवाल ने किसान से चावल के उत्पादन के साथ-साथ मिलिंग एवं पैकिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की। किसान श्री सुनील मिश्रा ने बताया कि वे दो से तीन एकड़ भूमि में जैविक खाद का प्रयोग कर ब्लैक सुगंधित चावल का उत्पादन कर रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने ब्लैक सुगंधित चावल उत्पादक किसान से किया संवाद ... शहडोल 11 सितंबर 2026: विधायक श्री जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ निवासी किसान श्री सुनील मिश्रा से ब्लैक सुगंधित चावल के उत्पादन के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर श्री जायसवाल ने किसान से चावल के उत्पादन के साथ-साथ मिलिंग एवं पैकिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की। किसान श्री सुनील मिश्रा ने बताया कि वे दो से तीन एकड़ भूमि में जैविक खाद का प्रयोग कर ब्लैक सुगंधित चावल का उत्पादन कर रहे हैं। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
    1
    कलेक्टर ने ब्लैक सुगंधित चावल उत्पादक किसान से किया संवाद
...
शहडोल 11 सितंबर 2026: विधायक श्री जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ निवासी किसान श्री सुनील मिश्रा से ब्लैक सुगंधित चावल के उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।
कलेक्टर श्री जायसवाल ने किसान से चावल के उत्पादन के साथ-साथ मिलिंग एवं पैकिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की।
किसान श्री सुनील मिश्रा ने बताया कि वे दो से तीन एकड़ भूमि में जैविक खाद का प्रयोग कर ब्लैक सुगंधित चावल का उत्पादन कर रहे हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने ब्लैक सुगंधित चावल उत्पादक किसान से किया संवाद
...
शहडोल 11 सितंबर 2026: विधायक श्री जयसिंह मरावी एवं कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने जनपद पंचायत बुढार के ग्राम बहगढ़ निवासी किसान श्री सुनील मिश्रा से ब्लैक सुगंधित चावल के उत्पादन के संबंध में जानकारी ली।
कलेक्टर श्री जायसवाल ने किसान से चावल के उत्पादन के साथ-साथ मिलिंग एवं पैकिंग की प्रक्रिया की भी जानकारी प्राप्त की।
किसान श्री सुनील मिश्रा ने बताया कि वे दो से तीन एकड़ भूमि में जैविक खाद का प्रयोग कर ब्लैक सुगंधित चावल का उत्पादन कर रहे हैं।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मांडवी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सभी किसानों।अपनी, फसल देखभान, बीमारी दबाई,छिड़काव chitraw ke। पास बसा किसानों सूचित किया जाता हैं कि खेती किसानों को पूरी जिम्मेदारी रोगों हो, दबाई छिड़काव किया, जयग्रामपोस्t, बाशा
    2
    सभी किसानों।अपनी, फसल देखभान, बीमारी दबाई,छिड़काव
chitraw ke। पास बसा किसानों सूचित किया जाता हैं कि खेती किसानों को पूरी जिम्मेदारी रोगों हो, दबाई छिड़काव किया, जयग्रामपोस्t, बाशा
    user_Durgesh Ashirwar
    Durgesh Ashirwar
    Singer Jaisinghnagar, Shahdol•
    15 hrs ago
  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से की मुलाकात l उमरिया से मुकेश कुमार के संवाददाता की खास रिपोर्ट l
    1
    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह से की मुलाकात l
उमरिया से मुकेश कुमार के संवाददाता की खास रिपोर्ट l
    user_मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    मुकेश कुमार दुबे (MJ *CC)
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सागर की जहरीली शराब त्रासदी ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के आठ गांवों में मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंच चुका है और डेढ़ सौ से अधिक लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। एक ओर मुख्यमंत्री ने जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में बंद कराई गई सात शराब दुकानों को दोबारा खोलने का आदेश भी चर्चा में है। इन खबरों के बीच उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली गांव और शहर में पैकारी के जरिए अवैध शराब बेचे जाने के आरोपों ने नया सवाल खड़ा कर दिया है। बिरसिंहपुर पाली में क्या हैं आरोप? स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों के आरोप हैं कि बिरसिंहपुर पाली में लाइसेंसी ठेकेदार के जरिए पैकारी कर गांव-गांव में अवैध शराब बेचवाई जा रही है। आरोप है कि दुकानों के अलावा गुप्त ठिकानों से शराब की सप्लाई की जा रही है और इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा। सागर की जहरीली शराब त्रासदी ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के आठ गांवों में मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंच चुका है और डेढ़ सौ से अधिक लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। एक ओर मुख्यमंत्री ने जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में बंद कराई गई सात शराब दुकानों को दोबारा खोलने का आदेश भी चर्चा में है। इन खबरों के बीच उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली गांव और शहर में पैकारी के जरिए अवैध शराब बेचे जाने के आरोपों ने नया सवाल खड़ा कर दिया है। बिरसिंहपुर पाली में क्या हैं आरोप? स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों के आरोप हैं कि बिरसिंहपुर पाली में लाइसेंसी ठेकेदार के जरिए पैकारी कर गांव-गांव में अवैध शराब बेचवाई जा रही है। आरोप है कि दुकानों के अलावा गुप्त ठिकानों से शराब की सप्लाई की जा रही है और इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि सागर जैसे हादसे का इंतजार है पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि ये आरोप स्थानीय स्तर के दावों पर आधारित हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की जांच के बाद ही संभव होगी। क्या लग सकता है प्रतिबंध? नियमों के मुताबिक शराब ठेका क्षेत्र में अवैध बिक्री पर जिला आबकारी अधिकारी और कलेक्टर को कार्रवाई के अधिकार प्राप्त हैं। आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर छापेमारी, जब्ती, जुर्माना और आपराधिक मुकदमे का प्रावधान है। यदि आरोपों में सच्चाई मिलती है तो ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने का नियम है और संबंधित क्षेत्र में शराब की बिक्री पर अस्थायी या स्थायी प्रतिबंध भी संभव है। सागर कांड के बाद राज्य भर में आबकारी विभाग अलर्ट पर है, ऐसे में उमरिया प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है। प्रशासन की चुनौती सबसे बड़ी चुनौती आरोपों की सत्यता की जांच है। पैकारी नेटवर्क अक्सर रात के अंधेरे में और गुप्त ठिकानों से चलता है, जिसे पकड़ना आसान नहीं होता। साथ ही स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगते रहे हैं। सागर मामले में कांग्रेस ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की संलिप्तता का आरोप लगाया था, जिससे शराब माफिया और सत्ता के गठजोड़ की बहस तेज हुई है। उमरिया में भी इसी तरह के संदेहों से इनकार नहीं किया जा सकता। आगे क्या? अब गेंद उमरिया जिला प्रशासन के पाले में है। ग्रामीणों की मांग है कि बिरसिंहपुर पाली में विशेष छापेमार अभियान चलाया जाए, ठेकेदार के लेन-देन की जांच हो और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सागर की 28 मौतें इस बात की गवाही हैं कि अवैध शराब पर नरमी कितनी भारी पड़ सकती है। सवाल यह है कि क्या उमरिया प्रशासन इन आरोपों को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करेगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। समय रहते कदम उठाए गए तो एक बड़ी त्रासदी टल सकती है।
    4
    सागर की जहरीली शराब त्रासदी ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के आठ गांवों में मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंच चुका है और डेढ़ सौ से अधिक लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। एक ओर मुख्यमंत्री ने जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में बंद कराई गई सात शराब दुकानों को दोबारा खोलने का आदेश भी चर्चा में है। इन खबरों के बीच उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली गांव और शहर में पैकारी के जरिए अवैध शराब बेचे जाने के आरोपों ने नया सवाल खड़ा कर दिया है।
बिरसिंहपुर पाली में क्या हैं आरोप?
स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों के आरोप हैं कि बिरसिंहपुर पाली में लाइसेंसी ठेकेदार के जरिए पैकारी कर गांव-गांव में अवैध शराब बेचवाई जा रही है। आरोप है कि दुकानों के अलावा गुप्त ठिकानों से शराब की सप्लाई की जा रही है और इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा। 
सागर की जहरीली शराब त्रासदी ने पूरे मध्य प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र के आठ गांवों में मौतों का आंकड़ा 28 तक पहुंच चुका है और डेढ़ सौ से अधिक लोग अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। एक ओर मुख्यमंत्री ने जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में बंद कराई गई सात शराब दुकानों को दोबारा खोलने का आदेश भी चर्चा में है। इन खबरों के बीच उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली गांव और शहर में पैकारी के जरिए अवैध शराब बेचे जाने के आरोपों ने नया सवाल खड़ा कर दिया है।
बिरसिंहपुर पाली में क्या हैं आरोप?
स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों के आरोप हैं कि बिरसिंहपुर पाली में लाइसेंसी ठेकेदार के जरिए पैकारी कर गांव-गांव में अवैध शराब बेचवाई जा रही है। आरोप है कि दुकानों के अलावा गुप्त ठिकानों से शराब की सप्लाई की जा रही है और इस अवैध नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि सागर जैसे हादसे का इंतजार है पुनरावृत्ति को रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। हालांकि ये आरोप स्थानीय स्तर के दावों पर आधारित हैं, जिनकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासन की जांच के बाद ही संभव होगी।
क्या लग सकता है प्रतिबंध?
नियमों के मुताबिक शराब ठेका क्षेत्र में अवैध बिक्री पर जिला आबकारी अधिकारी और कलेक्टर को कार्रवाई के अधिकार प्राप्त हैं। आबकारी अधिनियम के तहत अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर छापेमारी, जब्ती, जुर्माना और आपराधिक मुकदमे का प्रावधान है। यदि आरोपों में सच्चाई मिलती है तो ठेकेदार का लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने का नियम है और संबंधित क्षेत्र में शराब की बिक्री पर अस्थायी या स्थायी प्रतिबंध भी संभव है। सागर कांड के बाद राज्य भर में आबकारी विभाग अलर्ट पर है, ऐसे में उमरिया प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया है।
प्रशासन की चुनौती
सबसे बड़ी चुनौती आरोपों की सत्यता की जांच है। पैकारी नेटवर्क अक्सर रात के अंधेरे में और गुप्त ठिकानों से चलता है, जिसे पकड़ना आसान नहीं होता। साथ ही स्थानीय स्तर पर राजनीतिक संरक्षण के आरोप भी लगते रहे हैं। सागर मामले में कांग्रेस ने भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की संलिप्तता का आरोप लगाया था, जिससे शराब माफिया और सत्ता के गठजोड़ की बहस तेज हुई है। उमरिया में भी इसी तरह के संदेहों से इनकार नहीं किया जा सकता।
आगे क्या?
अब गेंद उमरिया जिला प्रशासन के पाले में है। ग्रामीणों की मांग है कि बिरसिंहपुर पाली में विशेष छापेमार अभियान चलाया जाए, ठेकेदार के लेन-देन की जांच हो और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सागर की 28 मौतें इस बात की गवाही हैं कि अवैध शराब पर नरमी कितनी भारी पड़ सकती है। सवाल यह है कि क्या उमरिया प्रशासन इन आरोपों को गंभीरता से लेकर ठोस कार्रवाई करेगा, या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। समय रहते कदम उठाए गए तो एक बड़ी त्रासदी टल सकती है।
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.