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गिरिडीह के सिकदारडीह करबला में मुहर्रम की 10वीं तारीख पर अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर महापौर प्रमिला मेहरा, उपमहापौर सुमित कुमार और सिकदारडीह पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि महताब मिर्ज़ा सहित कई गणमान्य लोगों ने करबला पहुँचकर अपनी हाजिरी दी।
Shivani Seth
गिरिडीह के सिकदारडीह करबला में मुहर्रम की 10वीं तारीख पर अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर महापौर प्रमिला मेहरा, उपमहापौर सुमित कुमार और सिकदारडीह पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि महताब मिर्ज़ा सहित कई गणमान्य लोगों ने करबला पहुँचकर अपनी हाजिरी दी।
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- गिरिडीह के सिकदारडीह करबला में मुहर्रम की 10वीं तारीख पर अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर महापौर प्रमिला मेहरा, उपमहापौर सुमित कुमार और सिकदारडीह पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि महताब मिर्ज़ा सहित कई गणमान्य लोगों ने करबला पहुँचकर अपनी हाजिरी दी।1
- गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र स्थित रेनीटांड़ मैदान में मोहर्रम के अवसर पर एक भव्य मेले का आयोजन किया गया। यह आयोजन इस क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम एकता की एक अनोखी मिसाल प्रस्तुत करता है, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग उपस्थित हुए। इस क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि विभिन्न स्थानों से ताजिया निकाले जाते हैं, और हिंदू तथा मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग वर्षों से मिलकर इन्हें उठाते आ रहे हैं। विशेष रूप से गोरटोली के हिंदू समाज के लोग भी कई सालों से इस परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं, जो सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है। पूरे कार्यक्रम के दौरान, प्रशासन की कड़ी निगरानी में मोहर्रम का यह पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- गिरिडीह जिले के हीरोडीह थाना क्षेत्र के जमखोखरो, पाण्डेयडीह और हीरोडीह गांवों में मुहर्रम का ताज़िया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस हिंदू और मुस्लिम समुदायों ने एक साथ मिलकर पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और इसके माध्यम से आपसी भाईचारे तथा सौहार्द का संदेश दिया।1
- गिरिडीह के डुमरी थाना क्षेत्र स्थित इसरी बाजार में ऋषिकेश चौधरी के घर के पीछे बनी पुलिया में एक तेंदुआ शावक देखे जाने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, ऋषिकेश चौधरी की पत्नी प्रीति चौधरी जब घर के पीछे गईं तो उन्हें एक अजीब सी आवाज सुनाई दी। चारों ओर देखने पर उन्होंने अरंडी के पेड़ के नीचे एक छोटे तेंदुए को बैठा पाया। इस घटना की सूचना तुरंत वन विभाग के अधिकारियों को दी गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुँची थी। रिहायशी इलाके में तेंदुआ शावक की उपस्थिति से आसपास के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और वे काफी परेशान हैं।2
- यह पोस्ट नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए उन्हें 'भ्रष्टाचारी मॉडल' से जोड़ती है। पोस्ट में बिना किसी अन्य विवरण या स्पष्टीकरण के सीधे तौर पर यही आरोप दोहराया गया है।1
- जामताड़ा ज़िले के करमाटांड़ पंचायत में डीडीसी ने अचानक दौरा कर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचायत की व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को इनमें सुधार करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।1
- कतरास के सिजुआ-तेतुलमारी मार्ग पर पांडेयडीह टोला के मनसा मंदिर के पास शुक्रवार रात करीब 11 बजे जमीन धंसने से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जमीन में लंबी दरारें आ जाने से आसपास रहने वाले लोगों में खलबली फैल गई, जिसके बाद अनहोनी की आशंका से लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है, जहाँ करीब 70 घरों में 400 से अधिक लोग रहते हैं। लोगों को आशंका है कि जमीन कभी भी पूरी तरह धंस सकती है, क्योंकि उनका मानना है कि जमीन अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी है। देर रात हुई इस घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने नयामोड़-तेतुलमारी सड़क को जाम कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी सड़क पर उतर आए और उन्होंने "प्रशासन हाय-हाय, कोयला चोरी बंद करो" जैसे नारे लगाकर अवैध उत्खनन को तत्काल बंद करने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला। बावजूद इसके, इलाके में जमीन के और धंसने की आशंका बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल कायम है।1
- गिरिडीह के डुमरी प्रखंड में हजरत इमाम हसन-हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाने वाला मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने धार्मिक स्थलों पर पर्व की परंपराओं का निर्वहन किया और इमाम हसन-हुसैन के बलिदान को याद किया। प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में अखाड़ा कमेटियों द्वारा आकर्षक तजिया और अखाड़ा जुलूस निकाले गए, जिसमें समिति के सदस्यों ने पारंपरिक कला का प्रदर्शन किया। डुमरी चौक में अखाड़ा जुलूस के दौरान युवकों ने अपने कौशल का भी प्रदर्शन किया। त्याग और बलिदान के इस पर्व में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। सभी सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थलों पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अनुमंडल कार्यालय में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया था, जहाँ प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी घंटे-दर-घंटे क्षेत्र की स्थिति की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेज रहे थे। प्रभारी एसडीओ संतोष गुप्ता, एसडीपीओ आबिद खान, सीओ शशिभूषण वर्मा, पुलिस इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद, डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत कुमार और निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार अपने दलबल के साथ क्षेत्र में भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते रहे। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग भी मोहर्रम को लेकर अलर्ट मोड पर था। समाचार लिखे जाने तक कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे डुमरी में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।4