राजस्थान के नागौर जिले के रियां बड़ी क्षेत्र के पालियास गांव में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। डेगाना से लामपोलाई की ओर जा रहा एक ट्रेलर हाईवे पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा फंसा। गनीमत रही कि ट्रेलर नाले में ही रुक गया, अन्यथा वह सामने स्थित रिहायशी मकानों में घुस सकता था, जिससे बड़े नुकसान और जनहानि की गंभीर आशंका थी। घटना के तुरंत बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह जब ट्रेलर पालियास गांव के पास पहुंचा, तो चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और वाहन सीधे नाले में उतर गया। ग्रामीणों का कहना है कि नाले ने ही ट्रेलर की गति को प्रभावी ढंग से रोक दिया, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यदि ट्रेलर आगे बढ़ जाता, तो सामने बने मकानों को भारी क्षति पहुंच सकती थी। नाले में फंसे ट्रेलर को बाहर निकालने का कार्य कई घंटों तक चलता रहा, जिसके लिए तीन क्रेन और दो जेसीबी मशीनों की सहायता लेनी पड़ी। बचाव एवं निकासी अभियान के दौरान, सुरक्षा कारणों से हाईवे पर यातायात को पूरी तरह से बंद करना पड़ा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के लिए हाईवे निर्माण और चौड़ीकरण कार्य में बरती गई लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पालियास गांव के पास सड़क पर अत्यधिक गोलाई (मोड़) होने की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी अनदेखी के कारण इस स्थान पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने सड़क विभाग से तत्काल मांग की है कि पालियास गांव के पास स्थित इस खतरनाक मोड़ का शीघ्र सर्वे करवाकर तकनीकी सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह घटना सड़क सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
राजस्थान के नागौर जिले के रियां बड़ी क्षेत्र के पालियास गांव में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। डेगाना से लामपोलाई की ओर जा रहा एक ट्रेलर हाईवे पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा फंसा। गनीमत रही कि ट्रेलर नाले में ही रुक गया, अन्यथा वह सामने स्थित रिहायशी मकानों में घुस सकता था, जिससे बड़े नुकसान और जनहानि की गंभीर आशंका थी। घटना के तुरंत बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह जब ट्रेलर पालियास गांव के पास पहुंचा, तो चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और वाहन सीधे नाले में उतर गया। ग्रामीणों का कहना है कि नाले ने ही ट्रेलर की गति को प्रभावी ढंग से रोक दिया, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यदि ट्रेलर आगे बढ़ जाता, तो सामने बने मकानों को भारी क्षति पहुंच सकती थी। नाले में फंसे ट्रेलर को बाहर निकालने का कार्य कई घंटों तक चलता रहा, जिसके लिए तीन क्रेन और दो जेसीबी मशीनों की सहायता लेनी पड़ी। बचाव एवं निकासी अभियान के दौरान, सुरक्षा कारणों से हाईवे पर यातायात को पूरी तरह से बंद करना पड़ा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के लिए हाईवे निर्माण और चौड़ीकरण कार्य में बरती गई लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पालियास गांव के पास सड़क पर अत्यधिक गोलाई (मोड़) होने की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी अनदेखी के कारण इस स्थान पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने सड़क विभाग से तत्काल मांग की है कि पालियास गांव के पास स्थित इस खतरनाक मोड़ का शीघ्र सर्वे करवाकर तकनीकी सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह घटना सड़क सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
- राजस्थान के नागौर जिले के रियां बड़ी क्षेत्र के पालियास गांव में गुरुवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। डेगाना से लामपोलाई की ओर जा रहा एक ट्रेलर हाईवे पर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने नाले में जा फंसा। गनीमत रही कि ट्रेलर नाले में ही रुक गया, अन्यथा वह सामने स्थित रिहायशी मकानों में घुस सकता था, जिससे बड़े नुकसान और जनहानि की गंभीर आशंका थी। घटना के तुरंत बाद मौके पर ग्रामीणों और राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह जब ट्रेलर पालियास गांव के पास पहुंचा, तो चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और वाहन सीधे नाले में उतर गया। ग्रामीणों का कहना है कि नाले ने ही ट्रेलर की गति को प्रभावी ढंग से रोक दिया, जिसके कारण एक बड़ा हादसा टल गया। यदि ट्रेलर आगे बढ़ जाता, तो सामने बने मकानों को भारी क्षति पहुंच सकती थी। नाले में फंसे ट्रेलर को बाहर निकालने का कार्य कई घंटों तक चलता रहा, जिसके लिए तीन क्रेन और दो जेसीबी मशीनों की सहायता लेनी पड़ी। बचाव एवं निकासी अभियान के दौरान, सुरक्षा कारणों से हाईवे पर यातायात को पूरी तरह से बंद करना पड़ा, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों तथा वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने इस दुर्घटना के लिए हाईवे निर्माण और चौड़ीकरण कार्य में बरती गई लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि पालियास गांव के पास सड़क पर अत्यधिक गोलाई (मोड़) होने की समस्या को लेकर संबंधित विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी अनदेखी के कारण इस स्थान पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। ग्रामीणों ने सड़क विभाग से तत्काल मांग की है कि पालियास गांव के पास स्थित इस खतरनाक मोड़ का शीघ्र सर्वे करवाकर तकनीकी सुधार किए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी बड़े हादसे की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। यह घटना सड़क सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।1
- नागौर जिले की रियान बड़ी पुलिस चौकी में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से एक विशेष शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में डेगाना डिप्टी अजीत पाल, थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा, पुलिस विभाग के अधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए, डिप्टी अजीत पाल ने इस बात पर जोर दिया कि मोहर्रम सहित सभी धार्मिक पर्व आपसी भाईचारे, प्रेम और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं। उन्होंने सभी समुदायों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की, साथ ही नागरिकों से अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया। थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि मोहर्रम के जुलूसों और धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क रहेगा। शर्मा ने सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा न करने की भी अपील की। बैठक में उपस्थित नागरिकों ने भी मोहर्रम पर्व को शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाने का विश्वास दिलाया, और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।1
- पीसांगन पुलिस ने जमीन के जाली दस्तावेज बनाकर धोखाधड़ी करने के मामले में चार वर्ष से फरार चल रहे एक आरोपी को बाड़मेर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। 27 वर्षीय यह मास्टरमाइंड आरोपी किशनाराम मेघवाल दो हजार रुपये का इनामी था, जिसे पुलिस कल न्यायालय में पेश करेगी। यह मामला 22 अक्टूबर 2021 को वैशाली नगर, अजमेर निवासी परिवादी विजेंद्रसिंह की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया था। परिवादी ने आरोप लगाया था कि उसकी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी रजिस्ट्री करवा ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, थानाधिकारी सरोज चौधरी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित की गई। इस टीम में एएसआई गणेशराम सामरिया, फुलसिंह गुर्जर, कांस्टेबल सुखाराम सेवदा, भोमाराम चोयल, प्रधान जाट और जोराराम जाट शामिल थे। टीम ने मुखबिर की सूचना और अपने सूचना तंत्र को मजबूत करते हुए जांच-पड़ताल शुरू की। इसी के आधार पर, प्रकरण में वांछित आरोपी किशनाराम मेघवाल, निवासी चारणों की ढाणी, बालेवा, पुलिस थाना गिराब, जिला बाड़मेर को हिरासत में लेकर थाने लाया गया। पूछताछ के दौरान, आरोपी किशनाराम मेघवाल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।1
- राजस्थान में सुबह लगभग 7:30 बजे के आसपास डेढ़ घंटे तक हुई बारिश के बाद, दोपहर 3:00 बजे तक सूर्य निकल आया है और बादल धीरे-धीरे कम हो रहे हैं, साथ ही हल्की-हल्की हवा भी चल रही है। मौसम विभाग से प्राप्त नई जानकारी के अनुसार, यह संभावना है कि आज रात को या कल राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज बारिश, मध्यम बारिश या कहीं हल्की बूंदाबांदी के साथ हवाओं का दौर जारी रहेगा। नई अपडेट प्राप्त होने पर इसकी जानकारी पुनः साझा की जाएगी।1
- नगरफोर्ट में कीर समाज द्वारा आयोजित चतुर्थ सामूहिक विवाह सम्मेलन में कुल 11 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। यह पूरा कार्यक्रम कीर समाज के नेता रमेश के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें नवविवाहित जोड़ों को समिति की ओर से हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी गईं। समिति ने ईश्वर से उनके खुशहाल जीवन की प्रार्थना की। इस शुभ अवसर पर युवा नेता जितेंद्र धींवर, जो टोंक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार जिला संगठन के उप सचिव भी हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहे।1
- ब्यावर में मोहर्रम का ऐतिहासिक ताजिया जुलूस पूरी शानो-शौकत और शांतिपूर्ण माहौल में निकाला जा रहा है। मुस्लिम समुदाय के पप्पू भाई पहलवान ने एक विशेष इंटरव्यू में इस भव्य आयोजन से जुड़ी एक्सक्लूसिव जानकारी साझा की है। पप्पू भाई पहलवान ने ताजिए की ऊंचाई, तैयारियों और जुलूस के पूरे रूट मैप के बारे में विस्तार से बताया। इस अवसर पर प्रशासन द्वारा भी चाक-चौबंद व्यवस्थाएं की गई हैं और रूट डायवर्जन की पूरी रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई है। प्रशासन की इन व्यवस्थाओं और रूट डायवर्जन की विस्तृत जानकारी के लिए दर्शकों से वीडियो को अंत तक देखने की अपील की गई है।1
- रियां बड़ी में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में, डेगाना डिप्टी अजीत पाल और पादुकला थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा के नेतृत्व में पुलिस बल ने रियां बड़ी कस्बे और नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान पुलिस ने प्रमुख बाजारों, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों का दौरा कर आमजन को सुरक्षा का संदेश दिया। इस फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखना, नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना और मोहर्रम पर्व को शांति, सद्भाव तथा भाईचारे के माहौल में मनाने के लिए लोगों को जागरूक करना था। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और युवाओं से बातचीत कर त्योहार के दौरान प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। डेगाना डिप्टी अजीत पाल ने सभी समुदायों से आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने का आह्वान किया। उन्होंने लोगों को किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना पर ध्यान न देने की सलाह देते हुए सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने पर जोर दिया। डिप्टी पाल ने कहा कि बिना सत्यापन के कोई भी जानकारी, फोटो, वीडियो या संदेश साझा न करें। पादुकला थाना अधिकारी उमाशंकर शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने, अफवाह फैलाने या शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस प्रशासन को देने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मोहर्रम के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपेक्षा करते हुए कहा कि सभी लोग मिलकर त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराएं, ताकि क्षेत्र की सामाजिक एकता और सद्भाव बना रहे।1
- लक्ष्मणगढ़ में आयोजित भागवत कथा के दौरान अचानक बवाल मच गया। इस घटना में लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिसमें कुल 16 श्रद्धालु घायल हो गए।1