नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र के छोटी पाली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हुई खूनी झड़प में मामा-भांजा सहित दो युवकों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद काशिफ और 17 वर्षीय मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है, जो आपस में मामा-भांजा बताए जा रहे हैं। वहीं, मोहम्मद आतिफ, मोहम्मद आमिर और दूसरे पक्ष की नाजरी प्रवीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को पहले नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच चुनावी विवाद को लेकर लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इस मामले में पहले से ही दोनों पक्षों की ओर से केस दर्ज थे। बताया जाता है कि एक पक्ष को जमानत मिल चुकी थी, जबकि दूसरा पक्ष न्यायालय में सरेंडर करने गया था, जहां उन्हें जमानत नहीं मिली। इसी बात को लेकर विवाद और अधिक बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर छुड़ा से हमला कर दिया, जिससे दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान, रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार और नरहट थानाध्यक्ष गौतम कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और गांव में भारी तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र के छोटी पाली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हुई खूनी झड़प में मामा-भांजा सहित दो युवकों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल व्याप्त है। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद काशिफ और 17 वर्षीय मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है, जो आपस में मामा-भांजा बताए जा रहे हैं। वहीं, मोहम्मद आतिफ, मोहम्मद आमिर और दूसरे पक्ष की नाजरी प्रवीण गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को पहले नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच चुनावी विवाद को लेकर लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इस मामले में पहले से ही दोनों पक्षों की ओर से केस दर्ज थे। बताया जाता है कि एक पक्ष को जमानत मिल चुकी थी, जबकि दूसरा पक्ष न्यायालय में सरेंडर करने गया था, जहां उन्हें जमानत नहीं मिली। इसी बात को लेकर विवाद और अधिक बढ़ गया। आरोप है कि इसी दौरान एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर छुड़ा से हमला कर दिया, जिससे दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नवादा पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान, रजौली एसडीपीओ गुलशन कुमार और नरहट थानाध्यक्ष गौतम कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि यह घटना पुरानी रंजिश का परिणाम है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है और गांव में भारी तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
- नवादा जिले में चुनावी रंजिश के चलते हुए दोहरे हत्याकांड से पूरे इलाके में दहशत और सनसनी फैल गई है। इस भीषण घटना के बाद मृतकों के परिजनों में गहरा कोहराम मचा हुआ है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुरानी चुनावी दुश्मनी को लेकर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया है। परिजनों ने बताया कि उन्हें पहले से ही धमकियाँ मिल रही थीं, लेकिन प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उनका दावा है कि चुनाव के बाद से ही विवाद बढ़ गया था और वे लगातार डर के माहौल में जी रहे थे। अब उनके परिवार के दो सदस्यों की हत्या कर दी गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी के साथ-साथ कड़ी सजा की मांग करते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और सभी आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस दोहरे हत्याकांड के बाद से पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।1
- पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस बढ़ती महंगाई के कारण अब लोगों का सफर करना भी काफी महंगा हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आम लोग लगातार सरकार से महंगाई से राहत देने की मांग कर रहे हैं। जनता के बीच यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर उन्हें बढ़ती महंगाई से कब राहत मिलेगी।1
- बिहार के नवादा जिले के नरहट थाना क्षेत्र के छोटी पाली गांव में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच हुई चाकूबाजी की घटना में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतकों की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद काशिफ और 17 वर्षीय मोहम्मद अहमद के रूप में हुई है, जो रिश्ते में मामा-भांजा थे। इस हमले में मोहम्मद आतिफ और मोहम्मद आमिर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, वहीं दूसरे पक्ष से नाजरी प्रवीण नामक महिला भी घायल हुई है। सभी घायलों को नवादा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बताया गया है कि दोनों परिवारों के बीच चुनाव को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा था, जिसके संबंध में दोनों पक्षों द्वारा केस-मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। एक पक्ष के लोगों को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी, जबकि दूसरा पक्ष न्यायालय में सरेंडर करने गया था, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली। इसी बात की जानकारी मिलने पर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया। आरोप है कि चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दो लोगों की हत्या कर दी गई और तीन को घायल कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची। थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि यह वारदात पुरानी रंजिश के कारण हुई है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। हालांकि, फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। दो युवकों की मौत के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और गांव में तनाव का माहौल है, जिस पर पुलिस नजर बनाए हुए है।4
- खबरों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव-2025 के दौरान पक्ष-विपक्ष को लेकर उपजे विवाद ने रंजिश का रूप ले लिया है। इसी रंजिश के चलते नवादा जिले के छोटी पाली गांव में दो युवकों की हत्या कर दी गई है। वहीं, इस घटना में एक अन्य युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।1
- बढ़े हुए रेत के दामों के कारण काकोलत वीरान हो गया है। पहले लोगों में यहाँ जाने के लिए काफी उत्साह था, लेकिन अब वहाँ पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थिति ऐसी हो गई है कि अब काकोलत जाने के बारे में सोचा भी नहीं जा सकता।1
- बिहार के गोविंदपुर प्रखंड स्थित प्रसिद्ध ककोलत जलप्रपात में प्रवेश और पार्किंग शुल्क में भारी बढ़ोतरी के कारण सैलानियों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। “बिहार का छोटा कश्मीर” कहे जाने वाले इस पर्यटन स्थल पर वन प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा 21 मई 2026 से नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने यह कदम बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया है, लेकिन अब इसका सीधा असर पर्यटन और स्थानीय व्यवसाय पर दिखाई देने लगा है। नई व्यवस्था के तहत, ककोलत जलप्रपात में प्रवेश शुल्क 10 रुपये से बढ़ाकर सीधा 100 रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही, पार्किंग शुल्क में भी भारी इजाफा हुआ है, जिसमें दोपहिया वाहनों के लिए 100 रुपये, तीनपहिया वाहनों के लिए 150 रुपये और चारपहिया वाहनों के लिए 200 रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस अचानक और अत्यधिक वृद्धि से खासकर बाहर से आने वाले पर्यटकों में असंतोष बढ़ गया है। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे स्थानीय दुकानदारों दिलीप कुमार, महेश कुमार, संजय चौधरी और रमेशरी देवी ने बताया कि शुल्क बढ़ने के बाद ककोलत आने वाले सैलानियों की संख्या में काफी गिरावट आई है। पहले जहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग घूमने आते थे, वहीं अब पर्यटकों की संख्या घटने से छोटे दुकानदारों, होटल संचालकों और स्थानीय लोगों के रोजगार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। दुकानदारों ने चिंता व्यक्त की कि गर्मी का मौसम उनके लिए मुख्य आय का स्रोत होता है, लेकिन वर्तमान स्थिति से उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पटना से आए घनश्याम सिंह, गया से सुरेश प्रसाद, और अन्य पर्यटक सुधीर कुमार व मुकेश कुमार सहित दर्जनों सैलानियों ने भी सोमवार को बढ़े हुए शुल्क पर अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शुल्क में दस गुना बढ़ोतरी करने से यह पर्यटन स्थल आम लोगों की पहुँच से दूर हो जाएगा। सैलानियों ने सरकार और प्रशासन से इस शुल्क वृद्धि पर पुनर्विचार करने की मांग की, ताकि शुल्क कम होने पर अधिक पर्यटक ककोलत पहुँच सकें, जिससे स्थानीय व्यवसाय और पर्यटन दोनों को लाभ मिल सके।1
- एक पत्रकार द्वारा गलत खबर प्रकाशित किए जाने के बाद लोगों ने इसका कड़ा विरोध किया। इस घटनाक्रम के बाद, दैनिक भास्कर से जुड़े पत्रकार ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी भी मांगी।1
- नवादा नगर थाना क्षेत्र के गढ़ पर निवासी नीतीश कुमार की Yamaha MT-15 बाइक उनके घर के बाहर से चोरी हो गई है। यह घटना 24 मई 2026 की रात को हुई, जब बाइक घर के बाहर खड़ी थी। पीड़ित के अनुसार, 25 मई की सुबह करीब 6 बजे जब वह घर से बाहर निकले, तो उन्हें अपनी बाइक BR-01 AR-3903 गायब मिली, जबकि देर रात तक सब कुछ सामान्य था। नीतीश कुमार ने अपनी बाइक चोरी होने की शिकायत नगर थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में बताया गया है कि घटना के समय वह अपने घर में सो रहे थे और सुबह जागने पर बाइक नहीं मिली। उन्होंने आसपास के लोगों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई। आवेदन में बाइक का चेसिस नंबर और इंजन नंबर भी दर्ज कराया गया है, जिससे पुलिस को जांच में आसानी हो सके। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने पर तीन युवक बाइक ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच चर्चा का माहौल है, और लगातार हो रही बाइक चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोग भी चिंतित नजर आ रहे हैं। पीड़ित नीतीश कुमार ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द मामले की जांच कर बाइक बरामद करने और चोरी में शामिल युवकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।1