कानपुर देहात के मुंगिसपुर में एक पीड़ित महिला, रचना देवी, न्याय न मिलने से आहत होकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए BSNL के एक ऊँचे टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि गाँव के दबंगों ने उसके और उसके पति के साथ मारपीट की, लूटपाट की, और उसके कपड़े फाड़कर उसकी अस्मत पर हाथ डालने की कोशिश की थी। रचना देवी के अनुसार, इस घटना के बाद वह घायल अवस्था में मंगलपुर थाने पहुँची, लेकिन पुलिस ने न तो उसकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने आरोपियों का पक्ष लिया और मामले को दबाने का प्रयास किया, जिसके कारण उसे न्याय नहीं मिल पाया। न्याय न मिलने से परेशान होकर ही महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) संजय गुप्ता और एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँच गया है और महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई की गई होती, तो उसे इस तरह अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ती। यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है, कि आखिर पीड़ितों को न्याय पाने के लिए अपनी जान दाँव पर क्यों लगानी पड़ रही है।
कानपुर देहात के मुंगिसपुर में एक पीड़ित महिला, रचना देवी, न्याय न मिलने से आहत होकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए BSNL के एक ऊँचे टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि गाँव के दबंगों ने उसके और उसके पति के साथ मारपीट की, लूटपाट की, और उसके कपड़े फाड़कर उसकी अस्मत पर हाथ डालने की कोशिश की थी। रचना देवी
के अनुसार, इस घटना के बाद वह घायल अवस्था में मंगलपुर थाने पहुँची, लेकिन पुलिस ने न तो उसकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने आरोपियों का पक्ष लिया और मामले को दबाने का प्रयास किया, जिसके कारण उसे न्याय नहीं मिल पाया। न्याय न मिलने से परेशान होकर ही
महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) संजय गुप्ता और एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँच गया है और महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश
देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई की गई होती, तो उसे इस तरह अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ती। यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है, कि आखिर पीड़ितों को न्याय पाने के लिए अपनी जान दाँव पर क्यों लगानी पड़ रही है।
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में सबलपुर और मडौली गांव के बीच शुक्रवार को एक युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने शव देखा और तत्काल परिजनों को सूचित किया, जिसके बाद परिवार में मातम छा गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची, शव को कब्जे में लिया और फॉरेंसिक टीम की मदद से घटना की जाँच शुरू कर दी। मृतक की पहचान मडौली गांव निवासी 22 वर्षीय विशाल यादव के रूप में हुई है, जो गुड़गांव की एक निजी कंपनी में सेल्समैन के पद पर कार्यरत थे। विशाल लगभग 15 दिन पहले ही अपने घर आए थे। शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे वह मंगलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। दिन के समय वह अपने एक मित्र के साथ रहे और वहीं भोजन भी किया। दोपहर लगभग 2:30 बजे उनका मित्र विशाल को मोटरसाइकिल से गांव के बाहर तक छोड़कर वापस लौट गया था। इसके बाद विशाल गांव से करीब 800 मीटर दूर खेतों के बीच स्थित चकरोड किनारे आम के पेड़ों के पास पहुँचे। कुछ समय बाद सिकहिला गांव की ओर जा रहे ग्रामीणों की नज़र पेड़ से लटके युवक पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्काल मडौली गांव में सूचना दी, जिसके बाद विशाल के पिता इंद्रपाल यादव मौके पर पहुँचे। अपने जवान बेटे का शव देखकर वह बदहवास हो गए, जबकि भाई हीरू और राजू सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों की सूचना पर पहुँचे एसआई सूरजपाल सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया, जिसने मौके से आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए। हल्का इंचार्ज सूरजपाल सिंह ने शुक्रवार शाम पांच बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जाँच कर रही है।1
- कानपुर देहात के मुंगिसपुर में एक पीड़ित महिला, रचना देवी, न्याय न मिलने से आहत होकर अपनी जान जोखिम में डालते हुए BSNL के एक ऊँचे टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि गाँव के दबंगों ने उसके और उसके पति के साथ मारपीट की, लूटपाट की, और उसके कपड़े फाड़कर उसकी अस्मत पर हाथ डालने की कोशिश की थी। रचना देवी के अनुसार, इस घटना के बाद वह घायल अवस्था में मंगलपुर थाने पहुँची, लेकिन पुलिस ने न तो उसकी प्राथमिकी (FIR) दर्ज की और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया। पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उन्होंने आरोपियों का पक्ष लिया और मामले को दबाने का प्रयास किया, जिसके कारण उसे न्याय नहीं मिल पाया। न्याय न मिलने से परेशान होकर ही महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और प्रशासन में अफरा-तफरी फैल गई। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (CO) संजय गुप्ता और एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुँच गया है और महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई की गई होती, तो उसे इस तरह अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ती। यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है, कि आखिर पीड़ितों को न्याय पाने के लिए अपनी जान दाँव पर क्यों लगानी पड़ रही है।4
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली से नाराज रचना चौहान नाम की एक महिला बीएसएनएल मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप है कि पुलिस उसकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और न ही उसकी सुनवाई कर रही है। उसने यह कदम आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम न उठाए जाने और न्याय की गुहार लगाने के लिए उठाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त महिला और उसके पति के साथ कुछ दबंगों ने मारपीट की थी, जिसकी शिकायत उन्होंने स्थानीय पुलिस को दी थी। हालांकि, पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न होने पर आक्रोशित होकर वह टावर पर चढ़ गई। घटना की सूचना मिलते ही डेरापुर और मंगलपुर थानों की पुलिस के साथ-साथ डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंची। पुलिस और अधिकारियों ने महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। इस वायरल वीडियो के बाद क्षेत्रीय ग्रामीण खाकी वर्दी को लेकर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं।1
- कानपुर देहात के मुंगीसापुर स्थित BSNL टावर पर एक पीड़ित महिला, जिसकी पहचान रचना देवी के रूप में हुई है, ने अपनी जान जोखिम में डालकर विरोध प्रदर्शन किया है। यह कदम उसने पुलिस की कथित संवेदनहीनता और न्याय न मिलने से आहत होकर उठाया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रचना देवी का आरोप है कि गांव के दबंगों ने उसके और उसके पति के साथ मारपीट की, लूटपाट की और उसके कपड़े फाड़कर उसकी अस्मत पर हाथ डालने की कोशिश की। महिला का कहना है कि घायल अवस्था में मंगलपुर थाने पहुंचने के बावजूद, पुलिस ने न तो उसकी FIR दर्ज की और न ही उसका मेडिकल परीक्षण कराया, बल्कि आरोपियों का पक्ष लेते हुए मामले को दबाने का प्रयास किया। न्याय न मिलने से परेशान होकर ही महिला ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। सूचना मिलते ही प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई और क्षेत्राधिकारी (CO) संजय गुप्ता, एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। फिलहाल, महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास जारी हैं। स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश है, उनका कहना है कि यदि पीड़िता की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो उसे इस तरह अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी पड़ती। यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है कि आखिर पीड़ितों को न्याय पाने के लिए अपनी जान दांव पर क्यों लगानी पड़ रही है।4
- कानपुर देहात के डेरापुर थाना क्षेत्र के मुंगीसापुर कस्बे में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला कथित रूप से अपने साथ हुई मारपीट और पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वह आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर रही थी और करीब तीन घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उसे समझाने में जुटे रहे। महिला बार-बार आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए आत्महत्या की चेतावनी देती रही, शाम करीब चार बजे उसने रोते हुए कहा कि पुलिस के पास पर्याप्त बल है और आरोपितों को गिरफ्तार कर टावर के पास लाया जाए तथा उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए, अन्यथा वह टावर से कूदकर जान दे देगी। महिला के पति ने बताया कि उनके ताऊ का धारा 151 के तहत चालान किया गया था और वह पत्नी के साथ उन्हें खाना देने गए थे। आरोप है कि वापस लौटते समय खेत के पास पहले से घात लगाए बैठे 10 से 15 लोगों ने, जिनमें से कई को वह पहचानते हैं, उन्हें रोक लिया और मारपीट शुरू कर दी। पति का आरोप है कि हमलावरों ने उनकी पत्नी का मंगलसूत्र और तीन हजार रुपये छीन लिए तथा उसके कपड़े फाड़ दिए। पीड़ित पति का कहना है कि वे आठ जून से लगातार पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल माती में मेडिकल कराने पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद ही मेडिकल परीक्षण कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता की हालत भी गंभीर है और चिकित्सकों ने उन्हें झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जांच के बाद आगे के इलाज के लिए निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी थी। पति के अनुसार, लगातार भागदौड़ और पुलिस कार्रवाई न होने से परेशान होकर ही उनकी पत्नी ने यह कदम उठा लिया। वहीं, प्रभारी निरीक्षक मंगलपुर महेश दुबे ने शुक्रवार शाम साढ़े छः बजे बताया कि महिला ने आठ जून को रवि सिंह, नीरज सिंह, भूपेंद्र सिंह, धीरज सिंह, सोनू, सतीश सिंह, कमलेश सिंह, बृजेश सिंह सहित छह-सात अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दी थी। दोनों पक्षों के बीच विवाद के मामले में पुलिस ने एनसीआर दर्ज करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की थी। उन्होंने आगे बताया कि महिला जिन गंभीर आरोपों का उल्लेख कर रही है, वह घटना नौ जून की बताई जा रही है। पुलिस ने कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और आरोपों की सत्यता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, पुलिस महिला को सुरक्षित नीचे उतारने और पूरे प्रकरण की जांच में जुटी हुई है।1
- प्रत्येक नागरिक का अधिकार है कि वह देश की अर्थव्यवस्था का वास्तविक हाल जाने। वर्तमान में देश पर लाखों करोड़ रुपये का कर्ज है, और यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर इस भारी-भरकम कर्ज का पैसा कहाँ खर्च किया जा रहा है और आम जनता को इसका कितना लाभ मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में जब युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं, किसान अपनी फसलों का उचित मूल्य पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, और महंगाई लगातार आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ा रही है, तब जनता का यह प्रश्न करना पूरी तरह से जायज है कि बढ़ते कर्ज के बावजूद उनकी जीवन-शैली में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिख रहा है। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना देशहित में माना जाता है, न कि देशविरोध में। यह जानना आवश्यक है कि देश कितने कर्ज में है, लेकिन इससे भी अधिक महत्वपूर्ण यह है कि इस कर्ज का वास्तविक लाभ किसे मिल रहा है। एक मजबूत लोकतंत्र की पहचान उसकी जवाबदेही और पारदर्शिता से होती है, और यह सवाल उठता है कि क्या सरकार वास्तव में इतने बड़े कर्ज के बोझ तले दबी हुई है।1
- कानपुर देहात में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग बाबूराम नहर में डूबकर लापता हो गए हैं। इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। घटना के बाद, परिजनों ने बचाव कार्य में हुई देरी से नाराज़ होकर सड़क जाम कर दिया। हालांकि, बाद में इस जाम को खुलवा दिया गया। एसडीआरएफ की टीम द्वारा पिछले तीन घंटे से लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अभी तक बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र में सबलपुर और मडौली गांव के बीच शुक्रवार को एक युवक का शव आम के पेड़ से लटका मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने जब शव को देखा तो इसकी सूचना तत्काल परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और फॉरेंसिक टीम की सहायता से मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान मडौली गांव निवासी 22 वर्षीय विशाल यादव के रूप में हुई है, जो गुड़गांव में एक निजी कंपनी में सेल्समैन के तौर पर कार्यरत थे। विशाल करीब 15 दिन पहले ही अपने घर आए थे। शुक्रवार सुबह लगभग आठ बजे वह मंगलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। बताया जाता है कि दिन में उन्होंने अपने एक मित्र के साथ समय बिताया और उसके साथ भोजन भी किया। दोपहर करीब 2:30 बजे उनके मित्र ने उन्हें मोटरसाइकिल से गांव के बाहर तक छोड़ा और वापस लौट गया। इसके बाद विशाल गांव से लगभग 800 मीटर दूर खेतों के बीच चकरोड किनारे स्थित आम के पेड़ों के पास पहुंचे। कुछ समय बाद सिकहिला गांव की ओर जा रहे ग्रामीणों की नजर पेड़ से लटके हुए युवक पर पड़ी। ग्रामीणों द्वारा तुरंत मडौली गांव में सूचना दी गई, जिसके बाद पिता इंद्रपाल यादव मौके पर पहुंचे। जवान बेटे का शव देखकर वह बदहवास हो गए, जबकि भाई हीरू और राजू सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों की सूचना पर पहुंचे एसआई सूरजपाल सिंह ने घटनास्थल का मुआयना किया और फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। हल्का इंचार्ज सूरजपाल सिंह ने शुक्रवार शाम पांच बजे बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।1