नवादा के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, 30 मई को शनिवार के लिए ओपीडी एवं आपातकालीन सेवाओं का विस्तृत रोस्टर जारी किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने सुबह से लेकर रात तक विभिन्न शिफ्टों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की है, ताकि मरीजों को किसी भी समय इलाज के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। सदर अस्पताल प्रतिदिन बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आने वाले मरीजों का इलाज करता है, जिसके लिए डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जारी रोस्टर के अनुसार, सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलने वाली ओपीडी सेवा में डॉ अमित कुमार, डॉ विक्रम कुमार एवं डॉ अबू नोमान मरीजों का इलाज करेंगे, जहाँ सामान्य रोगों की जांच, परामर्श और दवाइयों का वितरण किया जाएगा। वहीं, आपातकालीन सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। दोपहर 2:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक इमरजेंसी सेवा में डॉ मुकेश कुमार एवं डॉ संतोष कुमार ड्यूटी पर रहेंगे, जो सड़क दुर्घटनाओं, अचानक तबीयत बिगड़ने या गंभीर बीमारियों में तत्काल इलाज प्रदान करेंगे। रात्रि 8:00 बजे से अगले दिन सुबह 8:00 बजे तक इमरजेंसी सेवा की जिम्मेदारी डॉ मनोज कुमार संभालेंगे, ताकि रात में भी आपात स्वास्थ्य समस्या होने पर सहायता उपलब्ध रहे। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि आपातकालीन सेवाओं के 24 घंटे सुचारू संचालन के लिए डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भी तैनाती की गई है। सामान्य चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त, विभिन्न विशेषज्ञ विभागों में भी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। शिशु रोग विभाग में डॉ शंबूक बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज करेंगे, जिसमें नवजात शिशुओं से लेकर किशोरों तक के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध होगा। दंत रोग विभाग में डॉ ललन कुमार दांतों की सड़न, मसूड़ों की बीमारी और मुंह संबंधी अन्य समस्याओं से पीड़ित मरीजों का इलाज करेंगे, जिससे गरीब एवं जरूरतमंदों को काफी राहत मिलेगी। ऑक्यूपेशनल विभाग में डॉ विश्वजीत सुमन अपनी सेवाएं देंगे, जहाँ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्रदान किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। नवादा सदर अस्पताल को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं दवा लेने या झोलाछाप चिकित्सकों के चक्कर में न पड़ें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है और इसी उद्देश्य से सदर अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। जिलेवासियों ने भी डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि इससे मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेने की आवश्यकता कम पड़ेगी।
नवादा के सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य संस्थान सदर अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, 30 मई को शनिवार के लिए ओपीडी एवं आपातकालीन सेवाओं का विस्तृत रोस्टर जारी किया गया है। अस्पताल प्रशासन ने सुबह से लेकर रात तक विभिन्न शिफ्टों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की है, ताकि मरीजों को किसी भी समय इलाज के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े। सदर अस्पताल प्रतिदिन बड़ी संख्या में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आने वाले मरीजों का इलाज करता है, जिसके लिए डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। जारी रोस्टर के अनुसार, सुबह 8:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक चलने वाली ओपीडी सेवा में डॉ अमित कुमार, डॉ विक्रम कुमार एवं डॉ अबू नोमान मरीजों का इलाज करेंगे, जहाँ सामान्य रोगों की जांच, परामर्श और दवाइयों का वितरण किया जाएगा। वहीं, आपातकालीन सेवाओं को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया है। दोपहर 2:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक इमरजेंसी सेवा में डॉ मुकेश कुमार एवं डॉ संतोष कुमार ड्यूटी पर रहेंगे, जो सड़क दुर्घटनाओं, अचानक तबीयत बिगड़ने या गंभीर बीमारियों में तत्काल इलाज प्रदान करेंगे। रात्रि 8:00 बजे से अगले दिन सुबह 8:00 बजे तक इमरजेंसी सेवा की जिम्मेदारी डॉ मनोज कुमार संभालेंगे, ताकि रात में भी आपात स्वास्थ्य समस्या होने पर सहायता उपलब्ध रहे। अस्पताल प्रशासन ने बताया है कि आपातकालीन सेवाओं के 24 घंटे सुचारू संचालन के लिए डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भी तैनाती की गई है। सामान्य चिकित्सा सेवाओं के अतिरिक्त, विभिन्न विशेषज्ञ विभागों में भी चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है। शिशु रोग विभाग में डॉ शंबूक बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का इलाज करेंगे, जिसमें नवजात शिशुओं से लेकर किशोरों तक के लिए विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध होगा। दंत रोग विभाग में डॉ ललन कुमार दांतों की सड़न, मसूड़ों की बीमारी और मुंह संबंधी अन्य समस्याओं से पीड़ित मरीजों का इलाज करेंगे, जिससे गरीब एवं जरूरतमंदों को काफी राहत मिलेगी। ऑक्यूपेशनल विभाग में डॉ विश्वजीत सुमन अपनी सेवाएं देंगे, जहाँ आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्रदान किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। नवादा सदर अस्पताल को जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माना जाता है, जहाँ प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में समय पर अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वयं दवा लेने या झोलाछाप चिकित्सकों के चक्कर में न पड़ें। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना है और इसी उद्देश्य से सदर अस्पताल में नियमित रूप से डॉक्टरों की तैनाती और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी की जा रही है। जिलेवासियों ने भी डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि इससे मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेने की आवश्यकता कम पड़ेगी।
- शनिवार, 30 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) नवादा जिला इकाई के जिला अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नवादा शहर स्थित 3 नंबर बस स्टैंड के समीप मोर्या गार्डन में एक महत्वपूर्ण बैठक और चुनाव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से पार्टी के क्रियाशील सदस्य, पंचायत अध्यक्ष, प्रखंड अध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे जिला अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन के दौरान केवल विनय कुशवाहा का नाम सामने आया और किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। परिणामस्वरूप, चुनाव पदाधिकारियों ने विनय कुशवाहा को निर्विरोध जिला अध्यक्ष घोषित कर दिया। उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई, और उपस्थित लोगों ने तालियों तथा नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। नव-निर्वाचित जिला अध्यक्ष विनय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि वे पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों के अनुरूप पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सौंपी गई जिम्मेदारी पर खरा उतरने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की देखरेख जिला संयोजक राजेन्द्र कुशवाहा ने की। इस महत्वपूर्ण आयोजन में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, पंचायत एवं प्रखंड स्तर के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विनय कुशवाहा के निर्विरोध जिला अध्यक्ष चुने जाने पर उनके समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- ककोलत जलप्रपात पर लगने वाले शुल्क को कम करने की माँग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की है।1
- पूरे देश में प्रतिष्ठित NEET परीक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि क्या यह सिर्फ एक 'व्यावसायिक धंधा' बनकर रह गई है।1
- लहेरी थाना पुलिस ने फोर व्हीलर और टू व्हीलर चुराने वाले अंतरराष्ट्रीय शातिर चोरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में छह चोरों को गिरफ्तार किया है। इन चोरों के पास से दो चोरी की गाड़ियां भी बरामद की गई हैं। सदर एसडीपीओ संकेत कुमार ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की।3
- बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को 'सैटेलाइट टाउनशिप' और 'ग्रीन फील्ड' के नाम पर बंद करके तथा अब अंचल की भूमिका शामिल करके इसे और अधिक जटिल बना रही है, जिससे यह 'घूस का घोंसला' बन जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने पहले राज्य के दर्जनों जिलों के सैकड़ों गांवों और नगर निकाय के वार्डों में जमीन रजिस्ट्री को एक साल के लिए रोक दिया था, और अब संपूर्ण बिहार में रजिस्ट्री विभाग के साथ-साथ अंचल को भी जमीन रजिस्ट्रीकरण पद्धति में शामिल करके बिहारवासियों को बड़े संकट में डाल दिया है। नेताओं के अनुसार, 'ग्रीन लैंड सैटेलाइट टाउनशिप' के अंतर्गत आने वाले गांवों और वार्डों के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई या गंभीर बीमारियों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए जमीन बेचने में असमर्थ होने के कारण परेशान थे। अब रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ अंचल अधिकारी और उनके कार्यालय को जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में शामिल करने और उनसे रिपोर्ट लेने की पद्धति से लोगों को और अधिक संकट, देरी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम किसान-मजदूरों और आमजनों को परेशान करने वाला है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीन रजिस्ट्री, जिसे 'विक्रय मनोबंध पत्र' कहा जाता है, वह जमीन का 'हकियत' (वास्तविक मालिकाना हक) नहीं है, न ही अंचल या म्युनिसिपल रसीदें हकियत दर्शाती हैं। ये सभी केवल रजिस्ट्रेशन और टैक्स संबंधी कागज़ात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कागज़ातों का 'हौआ' बनाकर किसान-मजदूरों और आमजनों को तंग और तबाह करना चाहती है। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और जटिल बनाने के बजाय उसे आसान किया जाए, ताकि आम जनता को जमीन रजिस्ट्री के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और पहले की तरह आसानी से कार्य संपन्न हो सकें। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार जल्द से जल्द जमीन खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर लगी रोक को हटाती नहीं है और अंचल की भूमिका समाप्त नहीं करती है, तो पार्टी बाध्य होकर जिला रजिस्ट्रार (जिलाधिकारी कार्यालय) और उप-रजिस्ट्रार (रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय) का घेराव करेगी। यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, और मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने कही।1
- नालंदा जिले के बेंन थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 12 से यह शिकायत दर्ज की गई है कि वृद्धा पेंशन का भुगतान हर महीने नहीं किया जा रहा है। लाभार्थियों को यह पेंशन 2 से 3 महीने के अंतराल पर मिलती है, जिसके कारण उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि वृद्धा पेंशन का भुगतान मासिक आधार पर सुनिश्चित किया जाए।1
- बिहार की सियासत में 'पावर सेंटर' माने जाने वाले पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी बंगले को लेकर लालू-राबड़ी परिवार और सम्राट चौधरी सरकार के बीच सीधी जंग छिड़ गई है। भवन निर्माण विभाग द्वारा तीसरी बार बंगला खाली करने का अल्टीमेटम मिलने के बाद, दिल्ली से पटना लौटीं पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के तेवर बेहद उग्र नजर आए। इस नोटिस के कारण राज्य की राजनीति गरमा गई है, जिससे एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।1