बैंगलोर से लापता हुआ चिपरैल का 29 वर्षीय युवक! परिवार चिंतित,तलाश में जुटे परिजन, महानगर में युवक को ढूंढना बड़ी चुनौती बैंगलोर से लापता हुआ चिपरैल का 29 वर्षीय युवक! परिवार चिंतित… तलाश में जुटे परिजन, महानगर में युवक को ढूंढना बड़ी चुनौती! 🔴 बाहर कमाने जाने से पहले सावधान… कहीं अपनों से दूर होकर मुसीबत में न फंस जाएं! फरसगांव ब्लॉक के ग्राम पलना की तीन युवतियां कुछ समय पहले रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गई थीं, जहां वे लापता हो गई थीं। पुलिस और प्रशासन के प्रयासों से तीनों युवतियां सकुशल अपने परिवार के पास लौट आईं। लेकिन दूसरे प्रदेशों में रोजगार की तलाश में जाने और वहां मुसीबत में फंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब केशकाल क्षेत्र के ग्राम चिपरैल का एक 29 वर्षीय युवक पुरुषोत्तम मरकाम बैंगलोर से लापता हो गया है। 🔹 9 सितंबर को तीन युवक गए थे बैंगलोर बताया जा रहा है कि चिपरैल के तीन युवक 9 सितंबर को बोरवेल गाड़ी में काम करने के लिए बैंगलोर रवाना हुए थे। वहां पहुंचकर तीनों ने बोरवेल के काम में हाथ बंटाना शुरू किया ही था कि कुछ ही दिनों बाद एक युवक पुरुषोत्तम मरकाम की मानसिक और शारीरिक स्थिति ठीक नहीं रहने लगी। उसकी हालत को देखते हुए बोरवेल संचालक ने 12 सितंबर, शनिवार को उसे एक अन्य साथी युवक के साथ वापस गांव भेजने का निर्णय लिया। रेलवे स्टेशन के बाहर अचानक गायब हुआ युवक बताया गया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे की ट्रेन पकड़ने के लिए बोरवेल संचालक दोनों युवकों को बैंगलोर रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा था। लेकिन स्टेशन के बाहर पहुंचते ही पुरुषोत्तम अचानक उनके बीच से भाग गया। संचालक ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन पुरुषोत्तम का कोई पता नहीं चल सका। उसका साथी युवक बस से वापस गांव लौट आया। पुरुषोत्तम मरकाम स्टेशन के बाहर से आखिर कहां चला गया? वह किस हालत में है? इस सवाल ने परिवार और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। तलाश के लिए तीन लोग बैंगलोर रवाना 14 सितंबर को पुरुषोत्तम मरकाम की तलाश करने के लिए तीन लोग बैंगलोर रवाना हुए हैं। लेकिन बैंगलोर जैसे विशाल महानगर में बिना पर्याप्त जानकारी और संसाधनों के किसी लापता युवक को ढूंढना परिजनों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। परिवारों से अपील—बाहर जाने से पहले सावधानी बरतें! गांव-घर और परिवार से दूर दूसरे प्रदेशों में अधिक कमाई की उम्मीद लेकर जाने वाले युवक-युवतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजगार की तलाश में बाहर जाना गलत नहीं है, लेकिन अपरिचित शहर, अनजान लोग और बिना सुरक्षा के काम करना कई बार गंभीर संकट का कारण बन सकता है। कई बार युवक-युवतियां—🔸 अपरिचित लोगों के बीच फंस जाते हैं। 🔸 मजदूरी नहीं मिलने की समस्या झेलते हैं। 🔸 शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना का शिकार होते हैं। 🔸 दुर्घटनाओं या अन्य विपरीत परिस्थितियों में अपनों से दूर हो जाते हैं। 🔸 लापता होने के बाद परिवारों को उनकी तलाश में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बस्तर संभाग में समय-समय पर दूर प्रदेशों में लापता होने, मजदूरी नहीं मिलने, दुर्घटनाओं और प्रताड़ना से संबंधित शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ⚠️ बार-बार समझाइश के बावजूद ग्राम पंचायत में जानकारी दर्ज कराए बिना दूसरे प्रदेशों में पलायन करने का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। 👉 रोजगार के लिए बाहर जाने से पहले ग्राम पंचायत को जानकारी दें। 👉 परिवार के पास काम और ठिकाने की पूरी जानकारी रखें। 👉 अपने साथियों और नियोक्ता का मोबाइल नंबर सुरक्षित रखें। 👉 नियमित रूप से परिवार से संपर्क में रहें। 👉 किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत पुलिस और प्रशासन से सहायता लें। कमाई जरूरी है, लेकिन अपनों की सुरक्षा और जान से बढ़कर कुछ भी नहीं। यदि किसी को पुरुषोत्तम मरकाम के संबंध में कोई जानकारी मिले, तो कृपया उनके परिवार को मो. न.6265860196पर या संबंधित पुलिस थाने को तत्काल सूचित करें
बैंगलोर से लापता हुआ चिपरैल का 29 वर्षीय युवक! परिवार चिंतित,तलाश में जुटे परिजन, महानगर में युवक को ढूंढना बड़ी चुनौती बैंगलोर से लापता हुआ चिपरैल का 29 वर्षीय युवक! परिवार चिंतित… तलाश में जुटे परिजन, महानगर में युवक को ढूंढना बड़ी चुनौती! 🔴 बाहर कमाने जाने से पहले सावधान… कहीं अपनों से दूर होकर मुसीबत में न फंस जाएं! फरसगांव ब्लॉक के ग्राम पलना की तीन युवतियां कुछ समय पहले रोजगार की तलाश में तमिलनाडु गई थीं, जहां वे लापता हो गई थीं। पुलिस और प्रशासन के प्रयासों से तीनों युवतियां सकुशल अपने परिवार के पास लौट आईं। लेकिन दूसरे प्रदेशों में रोजगार की तलाश में जाने और वहां मुसीबत में फंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब केशकाल क्षेत्र के ग्राम चिपरैल का एक 29 वर्षीय युवक पुरुषोत्तम मरकाम बैंगलोर से लापता हो गया है। 🔹 9 सितंबर को तीन युवक गए थे बैंगलोर बताया जा रहा है कि चिपरैल के तीन युवक 9 सितंबर को बोरवेल गाड़ी में काम करने के लिए बैंगलोर रवाना हुए थे। वहां पहुंचकर तीनों ने बोरवेल के काम में हाथ बंटाना शुरू किया ही था कि कुछ ही दिनों बाद एक युवक पुरुषोत्तम मरकाम की मानसिक और शारीरिक स्थिति ठीक नहीं रहने लगी। उसकी हालत को देखते हुए बोरवेल संचालक
ने 12 सितंबर, शनिवार को उसे एक अन्य साथी युवक के साथ वापस गांव भेजने का निर्णय लिया। रेलवे स्टेशन के बाहर अचानक गायब हुआ युवक बताया गया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे की ट्रेन पकड़ने के लिए बोरवेल संचालक दोनों युवकों को बैंगलोर रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा था। लेकिन स्टेशन के बाहर पहुंचते ही पुरुषोत्तम अचानक उनके बीच से भाग गया। संचालक ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन पुरुषोत्तम का कोई पता नहीं चल सका। उसका साथी युवक बस से वापस गांव लौट आया। पुरुषोत्तम मरकाम स्टेशन के बाहर से आखिर कहां चला गया? वह किस हालत में है? इस सवाल ने परिवार और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। तलाश के लिए तीन लोग बैंगलोर रवाना 14 सितंबर को पुरुषोत्तम मरकाम की तलाश करने के लिए तीन लोग बैंगलोर रवाना हुए हैं। लेकिन बैंगलोर जैसे विशाल महानगर में बिना पर्याप्त जानकारी और संसाधनों के किसी लापता युवक को ढूंढना परिजनों के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण है। परिवारों से अपील—बाहर जाने से पहले सावधानी बरतें! गांव-घर और परिवार से दूर दूसरे प्रदेशों में अधिक कमाई की उम्मीद लेकर जाने वाले युवक-युवतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजगार की तलाश में बाहर जाना गलत नहीं है, लेकिन अपरिचित शहर, अनजान लोग और बिना सुरक्षा के काम करना कई बार गंभीर संकट का कारण
बन सकता है। कई बार युवक-युवतियां—🔸 अपरिचित लोगों के बीच फंस जाते हैं। 🔸 मजदूरी नहीं मिलने की समस्या झेलते हैं। 🔸 शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना का शिकार होते हैं। 🔸 दुर्घटनाओं या अन्य विपरीत परिस्थितियों में अपनों से दूर हो जाते हैं। 🔸 लापता होने के बाद परिवारों को उनकी तलाश में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बस्तर संभाग में समय-समय पर दूर प्रदेशों में लापता होने, मजदूरी नहीं मिलने, दुर्घटनाओं और प्रताड़ना से संबंधित शिकायतें सामने आती रहती हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। ⚠️ बार-बार समझाइश के बावजूद ग्राम पंचायत में जानकारी दर्ज कराए बिना दूसरे प्रदेशों में पलायन करने का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। 👉 रोजगार के लिए बाहर जाने से पहले ग्राम पंचायत को जानकारी दें। 👉 परिवार के पास काम और ठिकाने की पूरी जानकारी रखें। 👉 अपने साथियों और नियोक्ता का मोबाइल नंबर सुरक्षित रखें। 👉 नियमित रूप से परिवार से संपर्क में रहें। 👉 किसी भी परेशानी की स्थिति में तुरंत पुलिस और प्रशासन से सहायता लें। कमाई जरूरी है, लेकिन अपनों की सुरक्षा और जान से बढ़कर कुछ भी नहीं। यदि किसी को पुरुषोत्तम मरकाम के संबंध में कोई जानकारी मिले, तो कृपया उनके परिवार को मो. न.6265860196पर या संबंधित पुलिस थाने को तत्काल सूचित करें
- कोंडागांव: हड़ेली-बेचा मार्ग निर्माण में देरी पर AAP ने उठाए सवाल, गुणवत्ता जांच की मांग कोंडागांव में हड़ेली-बेचा मार्ग के निर्माण में हो रही देरी और सड़क की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाए हैं। AAP विधानसभा क्षेत्र नारायणपुर के विधानसभा अध्यक्ष मानसिंग नेताम ने 17.50 किलोमीटर लंबे सड़क निर्माण की उच्चस्तरीय तकनीकी एवं गुणवत्ता जांच की मांग की है। सड़क की स्वीकृत लागत 817.39 लाख रुपये बताई गई है। AAP ने अधूरे पुल-पुलियों का निर्माण जल्द पूरा कराने और अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- घोटुल निर्माण की स्वीकृति पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों ने विधायक नीलकंठ टेकाम को दी बधाई *घोटुल निर्माण की स्वीकृति पर जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों ने विधायक नीलकंठ टेकाम को दी बधाई* *15 सितंबर, सोमवार* विधायक नीलकंठ टेकाम के प्रयासों से कलेपाल में घोटुल भवन निर्माण की स्वीकृति मिलने पर धनोरा मंडल के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणजनों ने केशकाल कार्यालय पहुंचकर विधायक टेकाम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। * *इस अवसर पर कलेपाल पंचायत के पूर्व सरपंच सुदराम गावड़े जी, कानागांव* *सरपंच प्रतिनिधि चमरा राम बिझे, सरपंच बादराय पोटाई, धनोरा मंडल अध्यक्ष संतोष सिन्हा, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रमेश यादव, झाड़ीराम सलाम* *सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे। साथ ही तीनों ग्रामों के गायता, पटेल एवं पुजारी भी मौजूद रहे।* *इस दौरान कलेपाल एवं बुईकीजुगानार के बीच पुल निर्माण की मांग भी ग्रामीणजनों द्वारा रखी गई।*1
- फरसगांव नगर में जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता भगवान गणेश, विधिविधान से हो रही है पुजा फरसगांव नगर में जगह जगह विराजे विघ्नहर्ता भगवान गणेश, विधिविधान से हो रही है पुजा फरसगांव :- आज गणेश चतुर्थी पर्व में नगर फरसगांव के मुख्य चौक-चौराहों के साथ नगर हर गली मुहल्लो में गणपति बप्पा छोटे-बड़े आकार में विराजमान हुए । गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर गली-गली में लोगों के मन में भारी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है, साथ ही नगर भक्तिमय होता जा रहा है सुबह से ही लोग पुजा अर्चना में व्यस्त हैं। इसी तरह नगर में जगह जगह छोटे बड़े पंडालों, घरों में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना की गई। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नगर के गांधी चौक, जनपद स्कूल मैदान और बाजपाई कॉलोनी में गणेशोत्सव समितियो ने बड़े आकार के भगवान गणेश की मूर्ति का स्थापना किया गया है । इसी तरह राँधना रोड पर गप्पू बाफना के द्वारा दुकान में गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई है। सीटीओ कॉलोनी में कॉलोनी वासियों के द्वारा के साथ नगर के कई घरों में भगवान गणेश की मूर्ती छोटे बड़े आकारों में स्थापना कि गई है । अलग अलग गणेशोत्सव समिति के सदस्यों ने बताया की 11 दिनों तक प्रतिदिन विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जैसे रामायण, डीजे डांस कम्पिटिशन, छत्तीसगढ़ी नाच, ओर्केस्ट्रा, जगराता, झांकी , बच्चों एवं महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिता के साथ साथ अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जायेगा ।2
- पखांजूर थाना अंतर्गत 8लीटर अवैध महुआ शराब के साथ पुलिस ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार 15 सितंबर शाम साढ़े 5 बजे पुलिस से मिली जानकारी अनुसार,ऑपरेशन उजियारा के तहत,पखांजूर पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए, 8 लीटर हाथभट्ठी निर्मित महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मुखबिर की सूचना पर,पीव्ही 8 चाणक्यपुरी से पीव्ही 31 मार्ग के पास,घेराबंदी कर सुकुमार मल्लिक उम्र 30 वर्ष पिता स्वर्गीय खोखन मल्लिक निवासी पीव्ही 60 यशवंतनगर,थाना पखांजूर को पकड़ा गया। तलाशी में उसके कब्जे से करीब 8 लीटर महुआ शराब बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ धारा 34(2) आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक तेज कुमार वर्मा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक पीपल राज कंवर, सउनि पुरुषोत्तम ठाकुर,आरक्षक बशीर, व बस्तर फाइटर आरक्षक सरोजित और पवन सोन शामिल रहें1
- गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर निर्जला व्रत, सोलह शृंगार और तीज गीतों से सजा अंचल गौर-गौरी विसर्जन के साथ हरितालिका तीज का समापन, दुर्गूकोंदल से लेकर गांवों तक दिखी आस्था और उल्लास की तस्वीर कांकेर। सोलह शृंगार में सजी महिलाएं, हाथों में रची मेहंदी, तीज के पारंपरिक गीत और शिव-पार्वती के जयकारे... हरितालिका तीज पर दुर्गूकोंदल अंचल का माहौल आस्था और उल्लास से सराबोर रहा। पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। पूजा-अर्चना और रातभर चले भजन-कीर्तन के बाद दूसरे दिन गौर-गौरी विसर्जन के साथ पर्व का पारंपरिक समापन हुआ। दुर्गूकोंदल सहित हाटकोंदल, कोदापाखा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तीज को लेकर कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई थीं। महिलाओं ने रेत और मिट्टी से शिवलिंग के साथ गौर-गौरी की प्रतीक प्रतिमाएं तैयार कीं। पूजा स्थलों को सजाया गया और दीप प्रज्वलित कर भगवान शिव एवं माता पार्वती की विधिवत पूजा की गई। फल और पारंपरिक व्यंजनों का भोग अर्पित कर परिवार की खुशहाली की कामना की गई। कड़ू भात के बाद शुरू हुआ निर्जला व्रत छत्तीसगढ़ में हरितालिका तीज को आम बोलचाल में ‘तीजा’ कहा जाता है। पर्व की शुरुआत व्रत से पहले कड़ू भात खाने की परंपरा से होती है। इसके बाद महिलाएं अन्न-जल त्यागकर शिव-पार्वती की आराधना में लीन हो जाती हैं। दुर्गूकोंदल क्षेत्र में खासकर नवविवाहित महिलाओं में तीज को लेकर खासा उत्साह रहा। सखी-सहेलियों के साथ महिलाओं ने मिलकर तैयारियां कीं। सोलह शृंगार कर पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। कई जगह रातभर भजन-कीर्तन और तीज के पारंपरिक गीतों का दौर चलता रहा। भोर होते ही शुरू हुआ विसर्जन तीजा के दूसरे दिन सुबह करीब 5 बजे से फुलेरा विसर्जन और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। अनुष्ठान पूरा होने के बाद महिलाओं ने व्रत का पारण किया। इसके बाद गौर-गौरी की प्रतिमाएं और पूजा सामग्री लेकर महिलाएं नदी एवं तालाबों के किनारे पहुंचीं। विसर्जन के दौरान तीज गीतों और शिव-पार्वती के जयकारों से घाट गूंज उठे। नदी-तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ और पारंपरिक रीति-रिवाजों ने पर्व के माहौल को और खास बना दिया। नवविवाहित महिलाओं में अपने पहले तीज व्रत को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। धार्मिक मान्यता के अनुसार सुहागिन महिलाएं अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना से यह व्रत रखती हैं, जबकि अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की कामना करती हैं। सुरक्षा के बीच शांतिपूर्ण रहा विसर्जन गौर-गौरी विसर्जन को लेकर पुलिस और प्रशासन ने नदी-तालाब क्षेत्रों में सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम किए थे। श्रद्धालुओं की आवाजाही और विसर्जन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। हरितालिका तीज ने एक बार फिर अंचल में आस्था, लोकपरंपरा, पारिवारिक जुड़ाव और छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश की।1
- नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल नया रंग लिया दुर्गूकोंदल का टीना शेट सरपंच चुनाव हारने के बाद मेरी छवि धूमिल करने में लगा है महंतम दुग्गा------ शकुंतला नरेटी सरपंच दुर्गूकोंदल1
- त्योहारी सीजन में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस-व्यापारी बैठक बाजारों में बढ़ते यातायात दबाव और पार्किंग पर चर्चा, पुलिस ने किया पैदल पेट्रोलिंग धमतरी। आगामी त्योहारी सीजन में शहर की यातायात व्यवस्था सुगम एवं व्यवस्थित रखने पुलिस और व्यापारी संघ की बैठक हुई। एसपी भावना पांडेय के निर्देश पर एएसपी डीसी पटेल एवं डीएसपी साइबर भानू प्रताप चंद्राकर ने व्यापारियों से यातायात व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए। बाजार क्षेत्रों में बढ़ने वाली भीड़, पार्किंग, प्रमुख चौक-चौराहों और आमजन की सुविधा पर चर्चा हुई। पुलिस एवं व्यापारियों ने आपसी समन्वय से व्यवस्था बनाए रखने पर सहमति जताई। बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मकई चौक से सदर बाजार होते हुए इतवारी बाजार तक पैदल पेट्रोलिंग की। इस दौरान यातायात दबाव वाले स्थानों का जायजा लेकर आवश्यक व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने त्योहारी दिनों में बाजार क्षेत्रों में विशेष निगरानी, आवश्यकतानुसार पुलिस बल की तैनाती और यातायात नियंत्रण की व्यवस्था प्रभावी करने की बात कही। व्यापारियों से दुकानों के सामने अनावश्यक वाहन खड़े नहीं करने और यातायात व्यवस्था में सहयोग की अपील की गई। बैठक में व्यापारी संघ के पदाधिकारी एवं पुलिस अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।1
- बड़ेराजपुर: ग्राम कोपरा में 11 दिवसीय गणेशोत्सव का शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल ग्राम कोपरा, बड़ेराजपुर में 11 दिवसीय गणेश चतुर्थी उत्सव का श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में शुभारंभ हुआ। भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद आरती एवं पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की गई। पूरे 11 दिनों तक बाल मंडली समिति द्वारा सुबह-शाम पूजा एवं आरती के साथ विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गणेशोत्सव को लेकर ग्रामवासियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।1