कटनी के कोतवाली थाना पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, अभद्रता और मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब सामने आई जब एफआरव्ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रुपेश यादव पर हमला किया गया। 21 जून 2026 की देर रात करीब 2 बजे, आरक्षक रुपेश यादव को गांधी स्कूल के पीछे चाण्डक चौक क्षेत्र से एक इवेंट मिला, जहाँ कॉलर ने बताया कि गप्पू उर्फ पारस बर्मन और उसके साथियों ने गाली-गलौज कर उत्पात मचाया और भाग गए हैं। इवेंट से लौटते समय, आजाद चौक के पास आरक्षक ने स्कूटी पर सवार तीन संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए रोका। युवकों ने अपनी पहचान पारस उर्फ गप्पू बर्मन, अभिलाष उर्फ अब्बू सेन और गणेश उर्फ गन्नू रजक के रूप में बताई। घटना के संबंध में जानकारी लेने पर, इन तीनों ने आरक्षक के साथ अभद्रता की, उनके शासकीय कार्य में बाधा डाली और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान, एक आरोपी ने धारदार वस्तु से वार कर आरक्षक को घायल कर दिया, जिससे उनके पैर में चोट आई और खून बहने लगा। एफआरव्ही के पायलट द्वारा बीच-बचाव करने पर, आरोपी मौके से फरार हो गए। आरक्षक रुपेश यादव की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 679/2026 दर्ज कर जाँच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को बोहता बायपास क्षेत्र से धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से चाकू भी बरामद हुए, जिसके बाद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी जोड़ी गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक के साथ मारपीट कर कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की थी। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और उनके विरुद्ध अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
कटनी के कोतवाली थाना पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, अभद्रता और मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब सामने आई जब एफआरव्ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रुपेश यादव पर हमला किया गया। 21 जून 2026 की देर रात करीब 2 बजे, आरक्षक रुपेश यादव को गांधी स्कूल के पीछे चाण्डक चौक क्षेत्र से एक इवेंट मिला, जहाँ कॉलर ने बताया कि गप्पू उर्फ पारस बर्मन और उसके साथियों ने गाली-गलौज कर उत्पात मचाया और भाग गए हैं। इवेंट से लौटते समय, आजाद चौक के पास आरक्षक ने स्कूटी पर सवार तीन संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए रोका। युवकों ने अपनी पहचान पारस उर्फ गप्पू बर्मन, अभिलाष उर्फ अब्बू सेन और गणेश उर्फ गन्नू रजक के रूप में बताई। घटना के संबंध में जानकारी लेने पर, इन तीनों ने आरक्षक के साथ अभद्रता की, उनके शासकीय कार्य में बाधा डाली और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान, एक आरोपी ने धारदार वस्तु से वार कर आरक्षक को घायल कर दिया, जिससे उनके पैर में चोट आई और खून बहने लगा। एफआरव्ही के पायलट द्वारा बीच-बचाव करने पर, आरोपी मौके से फरार हो गए। आरक्षक रुपेश यादव की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 679/2026 दर्ज कर जाँच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को बोहता बायपास क्षेत्र से धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से चाकू भी बरामद हुए, जिसके बाद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी जोड़ी गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक के साथ मारपीट कर कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की थी। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और उनके विरुद्ध अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।
- कटनी नगर में स्थित खाटू श्याम बाबा को उनके भक्त 'हारे का सहारा' मानते हैं और विश्वास करते हैं कि वे उन पर अपनी कृपा बरसाते हैं। यह दृढ़ आस्था है कि जो भी व्यक्ति सच्चे मन से उनकी शरण में आता है, उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। बाबा को भक्तों का पालनहार और दीनों का उद्धारक बताया गया है, जो अपने भक्तों की हर इच्छा पूरी करते हैं।1
- कटनी के कोतवाली थाना पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा डालने, अभद्रता और मारपीट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह घटना तब सामने आई जब एफआरव्ही ड्यूटी पर तैनात आरक्षक रुपेश यादव पर हमला किया गया। 21 जून 2026 की देर रात करीब 2 बजे, आरक्षक रुपेश यादव को गांधी स्कूल के पीछे चाण्डक चौक क्षेत्र से एक इवेंट मिला, जहाँ कॉलर ने बताया कि गप्पू उर्फ पारस बर्मन और उसके साथियों ने गाली-गलौज कर उत्पात मचाया और भाग गए हैं। इवेंट से लौटते समय, आजाद चौक के पास आरक्षक ने स्कूटी पर सवार तीन संदिग्ध युवकों को पूछताछ के लिए रोका। युवकों ने अपनी पहचान पारस उर्फ गप्पू बर्मन, अभिलाष उर्फ अब्बू सेन और गणेश उर्फ गन्नू रजक के रूप में बताई। घटना के संबंध में जानकारी लेने पर, इन तीनों ने आरक्षक के साथ अभद्रता की, उनके शासकीय कार्य में बाधा डाली और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान, एक आरोपी ने धारदार वस्तु से वार कर आरक्षक को घायल कर दिया, जिससे उनके पैर में चोट आई और खून बहने लगा। एफआरव्ही के पायलट द्वारा बीच-बचाव करने पर, आरोपी मौके से फरार हो गए। आरक्षक रुपेश यादव की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 679/2026 दर्ज कर जाँच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर आरोपियों की तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने तीनों आरोपियों को बोहता बायपास क्षेत्र से धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से चाकू भी बरामद हुए, जिसके बाद प्रकरण में आर्म्स एक्ट की धारा 25 भी जोड़ी गई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों का पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक राखी पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक के साथ मारपीट कर कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की थी। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है और उनके विरुद्ध अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।1
- कटनी के थाना कोतवाली पुलिस ने ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस आरक्षक के साथ गाली-गलौज, मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से धारदार चाकू भी बरामद किए हैं, जिसके बाद मामले में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। इन सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। यह घटना 21 जून 2026 की रात लगभग 2 बजे की है, जब एफआरव्ही-05 में तैनात आरक्षक रूपेश यादव को गांधी स्कूल के पीछे चाण्डक चौक क्षेत्र में उपद्रव की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर उन्हें पता चला कि गप्पू उर्फ पारस बर्मन और उसके साथियों ने उत्पात मचाकर भाग गए हैं। इवेंट अटेंड कर लौटते समय आजाद चौक के पास आरक्षक रूपेश यादव ने स्कूटी पर सवार तीन संदिग्धों को रोककर पूछताछ की। युवकों ने अपना नाम पारस उर्फ गप्पू बर्मन, अभिलाष उर्फ अब्बू सेन और गणेश उर्फ गन्नू रजक बताया। घटना के बारे में पूछने पर तीनों आरोपी भड़क गए और एकराय होकर आरक्षक के साथ अभद्रता व मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने किसी नुकीली वस्तु से आरक्षक पर हमला कर दिया, जिससे उनके पैर में गंभीर चोट आई और खून बहने लगा। एफआरव्ही के पायलट द्वारा बीच-बचाव करने पर आरोपी मौके से भाग निकले थे। घायल आरक्षक रूपेश यादव की रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 679/2026 दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक (SP) श्री अभिनय विश्वकर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। मुखबिर की सटीक सूचना और साइबर सेल की मदद से पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को बोहता बायपास क्षेत्र से उस समय दबोच लिया, जब वे शहर से भागने की फिराक में थे। जामा तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से चाकू बरामद हुए, जिसके बाद केस में धारा 25 आर्म्स एक्ट का इजाफा किया गया। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए इन तीनों आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। थाना प्रभारी, कोतवाली, राखी पाण्डेय ने बताया कि आरोपियों ने ऑन-ड्यूटी पुलिस आरक्षक के साथ मारपीट कर कानून व्यवस्था को चुनौती देने की कोशिश की थी, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तीनों गिरफ्तार आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है और इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- आज एक जन्मदिन समारोह का आयोजन किया गया, जिसे अत्यंत सफल और 'एक नंबर' का बताया गया। इस खास अवसर पर एक इनाम भी प्राप्त हुआ। साथ ही, समारोह में उपलब्ध कराए गए खाने-पीने का प्रबंध भी काफी उत्तम और सराहनीय था।1
- कटनी के स्टेशन रोड स्थित ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स में नियमों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे एक अघोषित अहाते (बार) पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सीएसपी नेहा पच्चीसिया के नेतृत्व में रात करीब 8:15 बजे मारी गई इस अचानक रेड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग शराब पीते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्टेशन के सामने इस कॉम्प्लेक्स में अवैध रूप से अहाता संचालित हो रहा है। जाँच में सामने आया कि इस अघोषित अहाते को पूरी तरह से व्यावसायिक रूप दिया गया था। ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स में शराब दुकान के बगल में बाकायदा बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाकर 'यहाँ बैठकर शराब पीने की उत्तम व्यवस्था है' का विज्ञापन किया जा रहा था। स्वीकृत बार के नियमों से इतर, दूसरी जगह पर टेबल-कुर्सियां डालकर ग्राहकों को सरेआम शराब परोसी जा रही थी। पुलिस टीम ने जब मौके पर दबिश दी, तो सिर्फ कॉम्प्लेक्स के भीतर ही नहीं, बल्कि शराब दुकान के ठीक बाहर भी लोग खुलेआम जाम छलकाते नजर आए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में शराब और बैठक व्यवस्था का सामान जब्त किया है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों के खिलाफ जाकर अहाता चलाने वाले दुकान स्वामी (लाइसेंसी) से लेकर, वहाँ बैठकर अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे ग्राहकों तक को इस मामले में आरोपी बनाया जा सकता है। पुलिस इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके के सामने इस तरह के अघोषित बार के संचालन से सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हुए हैं। सीएसपी नेहा पच्चीसिया की इस त्वरित कार्रवाई के बाद शहर के अन्य शराब ठेकेदारों और अवैध रूप से अहाता चलाने वालों में खलबली मच गई है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि शहर के भीतर किसी भी सार्वजनिक स्थान या बिना अनुमति वाले परिसर में शराब पिलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और ऐसी अवैध गतिविधियों पर आगे भी सख्त एक्शन जारी रहेगा।2
- कटनी में पुलिस पर हमला करना हमलावरों को भारी पड़ा है। घटना के बाद, पुलिस ने हमला करने वालों से 'पुलिस हमारी बाप है...' जैसे नारे लगवाए। यह कार्रवाई पुलिस पर हुए हमले के गंभीर परिणाम के तौर पर सामने आई है, जिसमें पुलिस ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया।1
- कटनी में स्टेशन के ठीक सामने बिना किसी अनुमति के संचालित हो रहे एक अघोषित 'बार' पर CSP नेहा पच्चीसिया ने छापा मारा।1
- कटनी के स्टेशन रोड स्थित ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स में बिना अनुमति के चल रहे एक अघोषित अहाते (बार) पर पुलिस ने रात करीब 8.15 बजे बड़ी कार्रवाई की है। सीएसपी नेहा पच्चीसिया के नेतृत्व में मारी गई इस अचानक रेड से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया, जहाँ मौके पर बड़े पैमाने पर लोग शराब पीते हुए रंगे हाथों पकड़े गए। यह अघोषित अहाता पूरी तरह से व्यावसायिक रूप ले चुका था। ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स में शराब की दुकान के ठीक बगल में बाकायदा बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए थे, जिन पर साफ लिखा था कि यहाँ बैठकर शराब पीने की उत्तम व्यवस्था है। स्वीकृत बार और नियमों से इतर, दूसरी जगह पर टेबल-कुर्सियां डालकर ग्राहकों को सरेआम शराब परोसी जा रही थी। सीएसपी नेहा पच्चीसिया को मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्टेशन के सामने इस कॉम्प्लेक्स में अवैध रूप से अहाता संचालित कर नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पुलिस टीम की दबिश के दौरान न सिर्फ कॉम्प्लेक्स के भीतर, बल्कि शराब की दुकान के ठीक बाहर भी लोग खुलेआम जाम छलकाते हुए नजर आए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में शराब और बैठक व्यवस्था का सामान जब्त किया है, और फिलहाल इस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, और नियमों के खिलाफ अहाता चलाने वाले दुकान स्वामी (लाइसेंसी) से लेकर वहाँ बैठकर अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे ग्राहकों तक को आरोपी बनाया जा सकता है। स्टेशन जैसे व्यस्त और संवेदनशील इलाके के सामने इस तरह का अघोषित बार चलना सुरक्षा पर भी सवाल खड़े करता है। सीएसपी नेहा पच्चीसिया की इस त्वरित कार्रवाई के बाद से शहर के अन्य शराब ठेकेदारों और अवैध रूप से अहाता चलाने वालों में खलबली मची हुई है। पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि शहर के भीतर किसी भी सार्वजनिक स्थान या बिना अनुमति वाले परिसर में शराब पिलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी, और ऐसी अवैध गतिविधियों पर आगे भी सख्त एक्शन जारी रहेगा।1