शाहजहांपुर, 27 जुलाई 2026। मथुरा के पूज्य गुरुदेव एवं राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत शर्मा और प्रदेश महामंत्री एडवोकेट राजेश अवस्थी की अपील पर आज जनपद शाहजहांपुर में गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं सुरक्षा को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया गया। खिरनी बाग रामलीला मैदान में सैकड़ों की संख्या में गौभक्त और सनातन प्रेमी एकजुट हुए। महिलाओं से लेकर हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एकजुट होकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय, प्रधानमंत्री महोदय, मुख्यमंत्री महोदय एवं राज्यपाल महोदय के नाम भी प्रेषित किया गया। ज्ञापन में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि 'यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समस्त गौभक्तों और सनातन समाज की आवाज है। गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।' इसी बीच प्रदेश महामंत्री राजेश अवस्थी, मंडल उपाध्यक्ष अमर सिंह, जिला महामंत्री अनुज द्विवेदी, जिला सचिव अखिलेश मिश्रा, नगर अध्यक्ष कृष्ण गंगवार, नगर उपाध्यक्ष ठाकुर अभिजीत प्रताप सिंह, गौ सेवक अंकित अवस्थी सहित सैकड़ों लोग गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए सहयोग कर रहे हैं।
शाहजहांपुर, 27 जुलाई 2026। मथुरा के पूज्य गुरुदेव एवं राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत शर्मा और प्रदेश महामंत्री एडवोकेट राजेश अवस्थी की अपील पर आज जनपद शाहजहांपुर में गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं सुरक्षा को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया गया। खिरनी बाग रामलीला मैदान में सैकड़ों की संख्या में गौभक्त और सनातन प्रेमी एकजुट हुए। महिलाओं से लेकर हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एकजुट होकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय, प्रधानमंत्री महोदय, मुख्यमंत्री महोदय एवं राज्यपाल महोदय के नाम भी प्रेषित किया गया। ज्ञापन में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि 'यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समस्त गौभक्तों और सनातन समाज की आवाज है। गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।' इसी बीच प्रदेश महामंत्री राजेश अवस्थी, मंडल उपाध्यक्ष अमर सिंह, जिला महामंत्री अनुज द्विवेदी, जिला सचिव अखिलेश मिश्रा, नगर अध्यक्ष कृष्ण गंगवार, नगर उपाध्यक्ष ठाकुर अभिजीत प्रताप सिंह, गौ सेवक अंकित अवस्थी सहित सैकड़ों लोग गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए सहयोग कर रहे हैं।
- शाहजहाँपुर जिले में अनुभवी पत्रकारों की आवाजाही का सिलसिला जारी है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कई वरिष्ठ पत्रकारों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इस आवाजाही का कारण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन माना जा रहा है कि यह स्थानीय मीडिया उद्योग में चल रही उथल-पुथल का हिस्सा हो सकता है। इस घटना ने जिले के पत्रकारिता जगत में खलबली मचा दी है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- शाहजहांपुर में कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की सुरक्षा, सुविधा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करना सभी विभागों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र ने बताया कि कांवड़ यात्रा क्षेत्र को 6 जोन और 17 सेक्टर में विभाजित किया गया है। सभी क्षेत्रों में जोनल, सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती कर दी गई है, ताकि व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी हो सके। जिलाधिकारी ने नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाया जाए। सड़क के सभी गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, ढीले बिजली के तार ठीक किए जाएं, खुले ट्रांसफार्मरों को सुरक्षित किया जाए तथा बिजली के पोलों पर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि श्रावण मास में शिवभक्तों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। डीएम ने साफ निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर संचालित सभी मांस की दुकानें शत-प्रतिशत बंद रहेंगी। साथ ही सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समय सीमा में सभी व्यवस्थाएं पूरी करें। उन्होंने निर्देशित किया कि अल्लागंज, जलालाबाद, कांट, बरेली मोड़, हथौड़ा और जरियनपुर में कांवड़ सेवा शिविर स्थापित किए जाएं। इन शिविरों में स्वास्थ्य सेवाएं, श्रद्धालुओं के बैठने और विश्राम की व्यवस्था के साथ आवश्यक कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने यात्रा मार्ग पर नियमित साफ-सफाई, पर्याप्त पेयजल और प्रत्येक 7 से 8 किलोमीटर की दूरी पर रैन बसेरा, शौचालय, स्नानघर तथा चेंजिंग रूम की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। ढाई घाट सहित प्रमुख स्थलों पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि यात्रा मार्ग पर आयुर्वेदिक और एलोपैथिक चिकित्सा शिविर लगाए जाएं तथा जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस तैनात रखने के भी निर्देश दिए गए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके। खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि यात्रा मार्ग पर संचालित सभी होटल, ढाबों और खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। प्रत्येक दुकान पर नाम और रेट सूची प्रदर्शित हो, दुकानदार पहचान पत्र धारण करें तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। लोक निर्माण विभाग को सड़क किनारे पेड़ों की आवश्यक छंटाई कर मार्ग को बाधारहित बनाने तथा प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा-2026 के सफल, सुरक्षित और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। बैठक में पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) रजनीश कुमार मिश्र, अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) देवेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं संभ्रांत नागरिक उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक निलंबित सीडीपीओ पर कार्यालय में बैठकर काम करने का आरोप लगा है। इस मामले में एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसने हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में कथित तौर पर निलंबित सीडीपीओ को कार्यालय में काम करते देखा जा सकता है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद से प्रशासन में खलबली मच गई है और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के आदेश दिए हैं। वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और निलंबित सीडीपीओ से भी पूछताछ की जाएगी। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और लोगों में नाराजगी फैल गई है।1
- शाहजहांपुर, 27 जुलाई 2026। मथुरा के पूज्य गुरुदेव एवं राष्ट्रीय गौ रक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित अजीत शर्मा और प्रदेश महामंत्री एडवोकेट राजेश अवस्थी की अपील पर आज जनपद शाहजहांपुर में गौ माता के सम्मान, संरक्षण एवं सुरक्षा को लेकर एक विशाल प्रदर्शन किया गया। खिरनी बाग रामलीला मैदान में सैकड़ों की संख्या में गौभक्त और सनातन प्रेमी एकजुट हुए। महिलाओं से लेकर हर वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी ने एकजुट होकर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन राष्ट्रपति महोदय, प्रधानमंत्री महोदय, मुख्यमंत्री महोदय एवं राज्यपाल महोदय के नाम भी प्रेषित किया गया। ज्ञापन में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई। कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि 'यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि समस्त गौभक्तों और सनातन समाज की आवाज है। गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए यह संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।' इसी बीच प्रदेश महामंत्री राजेश अवस्थी, मंडल उपाध्यक्ष अमर सिंह, जिला महामंत्री अनुज द्विवेदी, जिला सचिव अखिलेश मिश्रा, नगर अध्यक्ष कृष्ण गंगवार, नगर उपाध्यक्ष ठाकुर अभिजीत प्रताप सिंह, गौ सेवक अंकित अवस्थी सहित सैकड़ों लोग गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए सहयोग कर रहे हैं।1
- शाहजहांपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 34 मक्कू बजरिया में भुईयार बाबा मंदिर गली के निवासियों ने नाली पर अवैध निर्माण की शिकायत की है। निवासियों का आरोप है कि गलीवासियों द्वारा नाली पर अवैध निर्माण कर नालियों को बंद कर दिया गया है, जिससे गली के पानी की निकासी नहीं हो पाती है। बरसात के दिनों में पानी गली में भर जाता है। इस समस्या के समाधान के लिए गली वासियों ने नगर निगम से मांग की है कि अतिक्रमण हटाकर नाली को खुलवाया जाए। निवासियों का कहना है कि नाली खुलवाने से गली में पानी की निकासी की समस्या का समाधान हो जाएगा।1
- लिवर के घरेलू उपचार से संबंधित वीडियो को लेकर दर्शकों से इसे लाइक, शेयर और फॉलो करने की अपील की गई है।1
- बरेली के फरीदपुर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम खजुरिया शिवपुरी का एक किसान परिवार पिछले दो वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अपनी आवंटित भूमि पर कब्जा पाने के लिए परेशान है। पीड़ित परिवार ने जिलाधिकारी को प्रार्थना-पत्र सौंपकर गाटा संख्या 541 व 542 पर कब्जा दिलाने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि चकबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद उन्हें आवंटित भूमि का वास्तविक कब्जा नहीं दिया गया, जबकि संबंधित व्यक्ति को अन्य स्थान पर चक आवंटित किया जा चुका है। इस वजह से वे पिछले करीब दो वर्षों से अपनी जमीन पर खेती नहीं कर पा रहे हैं। इसी बीच पीड़ित परिवार अपनी समस्या लेकर चकबंदी कार्यालय पहुंचा, जहां अधिकारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। परिवार का दावा है कि लेखपाल सुमित भारती सहित अन्य अधिकारियों ने उनकी बात शांतिपूर्वक सुनने और समाधान करने के बजाय बदसलूकी व मनमानी की और उन्हें कार्यालय से धक्का देकर बाहर निकालने का प्रयास किया। पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने तथा राजस्व एवं आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता से आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की है। हालांकि, लेखपाल सुमित भारती एवं अन्य अधिकारियों पर लगाए गए अभद्र व्यवहार और धक्का-मुक्की के ये आरोप पीड़ित परिवार के हैं। इस संबंध में संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है और प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- शाहजहांपुर में जिलाधिकारी धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी संचालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित बिस्मिल सभागार में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि 1 अगस्त से ई-ऑफिस संचालन में किसी भी प्रकार की गलती या लापरवाही पर संबंधित अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जाएगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य जनपद के सभी कार्यालयों में ई-ऑफिस प्रणाली का शत-प्रतिशत एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना था। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस के माध्यम से पत्रावलियों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है, इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी नियमानुसार ई-ऑफिस पर ही कार्य करें। डीएम ने कहा कि वर्तमान में जनपद में ई-ऑफिस के माध्यम से पत्रावलियों का संचालन अपेक्षित गति से नहीं हो रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण के लिए ई-ऑफिस प्रणाली बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ई-ऑफिस प्रणाली के तहत ऑनलाइन पत्रावलियां प्राप्त करने, उनका समयबद्ध निस्तारण करने, डिजिटल माध्यम से अग्रसारित करने तथा अन्य प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ई-ऑफिस के प्रभावी संचालन और उसके व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और संबंधित कार्मिकों को निर्देशित किया कि ई-ऑफिस शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने दो टूक कहा कि कार्यालयी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी त्रुटि को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्यालयों को पूर्ण रूप से ई-ऑफिस प्रणाली पर कार्य करना होगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अरविंद कुमार, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) मोहम्मद अवेश सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।1