logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा भव्य सिंदूर खेला का आयोजन हजारीबाग। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा आज दिनांक 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे से अग्रसेन भवन परिसर, हजारीबाग में पारंपरिक एवं भव्य सिंदूर खेला कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में मारवाड़ी समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपसी प्रेम, सौहार्द, एकता एवं सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर परिचय दिया। सिंदूर खेला का यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति महिलाओं की आस्था और समर्पण का प्रतीक रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव में भाग लिया तथा एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, सौभाग्य, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामजनाएं दीं। पूरे परिसर में उत्सवमय वातावरण बना रहा और महिलाओं के उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक मंच पर एकत्रित करना, आपसी मेल-मिलाप को बढ़ावा देना तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना था। कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता और महिला सहभागिता की भावना को भी सशक्त किया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा एवं सम्मेलन के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। सभी सदस्यों के सहयोग, समर्पण एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। नारी शक्ति शाखा ने इस आयोजन के माध्यम से समाज की महिलाओं के बीच प्रेम, सौहार्द, सहयोग एवं सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने इस आयोजन का आनंद लिया और भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की भावना व्यक्त की। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन समाज की एकता, महिला सशक्तीकरण एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

5 hrs ago
user_Abhay Kumar Singh
Abhay Kumar Singh
पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
5 hrs ago

हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा भव्य सिंदूर खेला का आयोजन हजारीबाग। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा आज दिनांक 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे से अग्रसेन भवन परिसर, हजारीबाग में पारंपरिक एवं भव्य सिंदूर खेला कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में मारवाड़ी समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपसी प्रेम, सौहार्द, एकता एवं सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर परिचय दिया। सिंदूर खेला का यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति महिलाओं की आस्था और समर्पण का प्रतीक रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव में भाग लिया तथा एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, सौभाग्य, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामजनाएं दीं। पूरे परिसर में उत्सवमय वातावरण बना रहा और महिलाओं के उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक मंच पर एकत्रित करना, आपसी मेल-मिलाप को बढ़ावा देना तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना था। कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता और महिला सहभागिता की भावना को भी सशक्त किया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा एवं सम्मेलन के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। सभी सदस्यों के सहयोग, समर्पण एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। नारी शक्ति शाखा ने इस आयोजन के माध्यम से समाज की महिलाओं के बीच प्रेम, सौहार्द, सहयोग एवं सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने इस आयोजन का आनंद लिया और भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की भावना व्यक्त की। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन समाज की एकता, महिला सशक्तीकरण एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।

More news from झारखंड and nearby areas
  • हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा भव्य सिंदूर खेला का आयोजन हजारीबाग। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा आज दिनांक 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे से अग्रसेन भवन परिसर, हजारीबाग में पारंपरिक एवं भव्य सिंदूर खेला कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में मारवाड़ी समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपसी प्रेम, सौहार्द, एकता एवं सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर परिचय दिया। सिंदूर खेला का यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति महिलाओं की आस्था और समर्पण का प्रतीक रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव में भाग लिया तथा एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, सौभाग्य, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामजनाएं दीं। पूरे परिसर में उत्सवमय वातावरण बना रहा और महिलाओं के उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक मंच पर एकत्रित करना, आपसी मेल-मिलाप को बढ़ावा देना तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना था। कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता और महिला सहभागिता की भावना को भी सशक्त किया। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा एवं सम्मेलन के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। सभी सदस्यों के सहयोग, समर्पण एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। नारी शक्ति शाखा ने इस आयोजन के माध्यम से समाज की महिलाओं के बीच प्रेम, सौहार्द, सहयोग एवं सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने इस आयोजन का आनंद लिया और भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की भावना व्यक्त की। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन समाज की एकता, महिला सशक्तीकरण एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
    1
    हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा भव्य सिंदूर खेला का आयोजन
हजारीबाग। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा द्वारा आज दिनांक 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2:00 बजे से अग्रसेन भवन परिसर, हजारीबाग में पारंपरिक एवं भव्य सिंदूर खेला कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम में मारवाड़ी समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आपसी प्रेम, सौहार्द, एकता एवं सांस्कृतिक परंपराओं का सुंदर परिचय दिया।
सिंदूर खेला का यह आयोजन भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति महिलाओं की आस्था और समर्पण का प्रतीक रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उत्सव में भाग लिया तथा एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख, सौभाग्य, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामजनाएं दीं। पूरे परिसर में उत्सवमय वातावरण बना रहा और महिलाओं के उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष रूप से आकर्षक बना दिया।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज की महिलाओं को एक मंच पर एकत्रित करना, आपसी मेल-मिलाप को बढ़ावा देना तथा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों को संरक्षित रखना था। कार्यक्रम ने सामाजिक एकजुटता और महिला सहभागिता की भावना को भी सशक्त किया।
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा एवं सम्मेलन के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। सभी सदस्यों के सहयोग, समर्पण एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
नारी शक्ति शाखा ने इस आयोजन के माध्यम से समाज की महिलाओं के बीच प्रेम, सौहार्द, सहयोग एवं सांस्कृतिक चेतना का संदेश दिया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी महिलाओं ने इस आयोजन का आनंद लिया और भविष्य में भी ऐसे सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन की भावना व्यक्त की।
हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन समाज की एकता, महिला सशक्तीकरण एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
    user_Abhay Kumar Singh
    Abhay Kumar Singh
    पत्रकार हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    5 hrs ago
  • शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, पुलिस परिवार ने वीर सपूतों के बलिदान को किया याद पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर हजारीबाग पुलिस लाइन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान हजारीबाग रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा और एसपी अमन कुमार ने शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा और शांति के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। डीआईजी अंजनी कुमार झा ने कहा कि झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लंबी लड़ाई के दौरान कई जवान शहीद हुए हैं। पूरा पुलिस परिवार शहीद जवानों के परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है। वहीं, एसपी अमन कुमार ने कहा कि हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस संस्मरण दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। यह दिन कर्तव्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है।
    3
    शहीद जवानों को श्रद्धांजलि, पुलिस परिवार ने वीर सपूतों के बलिदान को किया याद
पुलिस संस्मरण दिवस के अवसर पर हजारीबाग पुलिस लाइन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान हजारीबाग रेंज के डीआईजी अंजनी कुमार झा और एसपी अमन कुमार ने शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा और शांति के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले जवानों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
डीआईजी अंजनी कुमार झा ने कहा कि झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ लंबी लड़ाई के दौरान कई जवान शहीद हुए हैं। पूरा पुलिस परिवार शहीद जवानों के परिजनों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि शहीद परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता उपलब्ध कराना जरूरी है।
वहीं, एसपी अमन कुमार ने कहा कि हर वर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस संस्मरण दिवस मनाया जाता है। वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों की स्मृति में यह दिवस मनाया जाता है। यह दिन कर्तव्य, साहस और सर्वोच्च बलिदान की याद दिलाता है।
    user_News nation
    News nation
    Barkagaon हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    5 hrs ago
  • 🙏 हजारीबाग में सेवा भारती ने 308 कन्याओं का किया पूजन, चार स्थानों पर दिखी श्रद्धा और सेवा की मिसाल 🌺 बच्चियों के पैर धोकर लगाया तिलक, ओढ़ाई चुनरी और उपहार देकर किया सम्मानित; नवरात्र में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम 📍 हजारीबाग | शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सेवा भारती, हजारीबाग की ओर से जिले के चार स्थानों पर कन्या पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 308 कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और संस्था से जुड़े सहयोगियों ने श्रद्धा के साथ भाग लिया। 🌸 चार स्थानों पर हुआ कन्या पूजन सेवा भारती की ओर से हर वर्ष नवरात्र के दौरान अलग-अलग सेवा बस्तियों में कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चार स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। 📊 कन्या पूजन की पूरी जानकारी 🔹 हरिनगर सेवा बस्ती: बाल संस्कार केंद्र में 75 कन्याओं का पूजन हुआ। 🔹 ग्राम सिंघानी: यहां 81 कन्याओं का पूजन किया गया। 🔹 ग्राम अमनारी: इस गांव में 51 कन्याओं को पूजकर सम्मानित किया गया। 🔹 हनुमान मंदिर, लालपुर चौक: यहां सबसे अधिक 101 कन्याओं का पूजन संपन्न हुआ। इस तरह चारों स्थानों पर कुल 308 कन्याओं का पूजन किया गया। 🙏 पारंपरिक तरीके से किया गया सम्मान कार्यक्रम के दौरान बच्चियों के पैर धोए गए और उन्हें साफ कपड़े से पोंछा गया। इसके बाद उनके पैरों में आल्ता लगाया गया, माथे पर तिलक किया गया और चुनरी ओढ़ाई गई। सहयोगियों ने बच्चियों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया तथा उन्हें प्रसाद खिलाया। इसके बाद उपहार देकर सम्मानित किया गया। सेवा भारती के अनुसार, इस धार्मिक परंपरा में छोटी कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा और भक्ति से भरा रहा। 🤝 स्थानीय लोगों ने भी लिया हिस्सा इस अवसर पर पूनम कसेरा, दिविता चौरसिया, रिंकी राज, सत्यभामा, नमिता, राजकुमार मौर्य, अजीत राज, गौरव, आयुष, ईशान, रामप्रसाद कुशवाहा, सहोदरी, सुधीर महतो और अंजु सहित कई लोग मौजूद रहे। 🌺 सहयोगियों के प्रति जताया आभार सेवा भारती न्यास, हजारीबाग के सचिव मनोज कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिन सहयोगियों ने अपनी क्षमता के अनुसार इस पावन आयोजन में योगदान दिया, वे सभी धन्यवाद के पात्र हैं। नवरात्र के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक आस्था, सेवा और बच्चियों के सम्मान का संदेश दिया गया। 📌 मुख्य आकर्षण: चार स्थान | 308 कन्याएं | नवरात्र में पूजन और सम्मान
    1
    🙏 हजारीबाग में सेवा भारती ने 308 कन्याओं का किया पूजन, चार स्थानों पर दिखी श्रद्धा और सेवा की मिसाल
🌺 बच्चियों के पैर धोकर लगाया तिलक, ओढ़ाई चुनरी और उपहार देकर किया सम्मानित; नवरात्र में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
📍 हजारीबाग | शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सेवा भारती, हजारीबाग की ओर से जिले के चार स्थानों पर कन्या पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कुल 308 कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों और संस्था से जुड़े सहयोगियों ने श्रद्धा के साथ भाग लिया।
🌸 चार स्थानों पर हुआ कन्या पूजन
सेवा भारती की ओर से हर वर्ष नवरात्र के दौरान अलग-अलग सेवा बस्तियों में कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चार स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए।
📊 कन्या पूजन की पूरी जानकारी
🔹 हरिनगर सेवा बस्ती: बाल संस्कार केंद्र में 75 कन्याओं का पूजन हुआ।
🔹 ग्राम सिंघानी: यहां 81 कन्याओं का पूजन किया गया।
🔹 ग्राम अमनारी: इस गांव में 51 कन्याओं को पूजकर सम्मानित किया गया।
🔹 हनुमान मंदिर, लालपुर चौक: यहां सबसे अधिक 101 कन्याओं का पूजन संपन्न हुआ।
इस तरह चारों स्थानों पर कुल 308 कन्याओं का पूजन किया गया।
🙏 पारंपरिक तरीके से किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान बच्चियों के पैर धोए गए और उन्हें साफ कपड़े से पोंछा गया। इसके बाद उनके पैरों में आल्ता लगाया गया, माथे पर तिलक किया गया और चुनरी ओढ़ाई गई। सहयोगियों ने बच्चियों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया तथा उन्हें प्रसाद खिलाया। इसके बाद उपहार देकर सम्मानित किया गया।
सेवा भारती के अनुसार, इस धार्मिक परंपरा में छोटी कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा और भक्ति से भरा रहा।
🤝 स्थानीय लोगों ने भी लिया हिस्सा
इस अवसर पर पूनम कसेरा, दिविता चौरसिया, रिंकी राज, सत्यभामा, नमिता, राजकुमार मौर्य, अजीत राज, गौरव, आयुष, ईशान, रामप्रसाद कुशवाहा, सहोदरी, सुधीर महतो और अंजु सहित कई लोग मौजूद रहे।
🌺 सहयोगियों के प्रति जताया आभार
सेवा भारती न्यास, हजारीबाग के सचिव मनोज कुमार गुप्ता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि जिन सहयोगियों ने अपनी क्षमता के अनुसार इस पावन आयोजन में योगदान दिया, वे सभी धन्यवाद के पात्र हैं।
नवरात्र के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से धार्मिक आस्था, सेवा और बच्चियों के सम्मान का संदेश दिया गया।
📌 मुख्य आकर्षण: चार स्थान | 308 कन्याएं | नवरात्र में पूजन और सम्मान
    user_Kashif Adib
    Kashif Adib
    Local News Reporter हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    6 hrs ago
  • विजयी दशमी के शुभ अवसर पर रावण दहन
    1
    विजयी दशमी के शुभ अवसर पर रावण दहन
    user_चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    चितरंजन प्रसाद गुप्ता आर टीआई सक्रिय कार्यकर्ता हजारीबाग
    Voice of people हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    7 hrs ago
  • ग्रामीण क्षेत्र में 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, हजारों की संख्या में जुटे लोग विजयादशमी के अवसर पर हजारीबाग के ईचाक प्रखंड के महावीर स्थान मंगूरा स्थित थान टांड मैदान में पारंपरिक रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 50 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मेला परिसर पहुंचे। मंगूरा, मोक्तमा, करियातपुर, फुरूका, जमुआरी और कन्नौदी गांव के युवाओं ने मिलकर इस पुतले का निर्माण किया था। वहीं, मंगूरा के युवाओं अरविंद कुमार, उज्ज्वल कुमार, अंशु कुमार और प्रतीक कुमार द्वारा बनाया गया 15 फीट ऊंचा रावण का पुतला भी आकर्षण का केंद्र रहा। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष कैलाश प्रसाद मेहता ने अग्निबाण चलाकर रावण दहन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। देखते ही देखते रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा। लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया। इस दौरान लोगों ने संदेश दिया कि रावण दहन तभी सार्थक होगा, जब मनुष्य अपने भीतर छिपे काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह जैसी बुराइयों का अंत करेगा।
    1
    ग्रामीण क्षेत्र में 50 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन, हजारों की संख्या में जुटे लोग
विजयादशमी के अवसर पर हजारीबाग के ईचाक प्रखंड के महावीर स्थान मंगूरा स्थित थान टांड मैदान में पारंपरिक रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 50 फीट ऊंचे विशाल रावण के पुतले को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग मेला परिसर पहुंचे। मंगूरा, मोक्तमा, करियातपुर, फुरूका, जमुआरी और कन्नौदी गांव के युवाओं ने मिलकर इस पुतले का निर्माण किया था। वहीं, मंगूरा के युवाओं अरविंद कुमार, उज्ज्वल कुमार, अंशु कुमार और प्रतीक कुमार द्वारा बनाया गया 15 फीट ऊंचा रावण का पुतला भी आकर्षण का केंद्र रहा। सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष कैलाश प्रसाद मेहता ने अग्निबाण चलाकर रावण दहन कार्यक्रम का शुभारंभ किया। देखते ही देखते रावण का पुतला धू-धू कर जल उठा। लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद किया। इस दौरान लोगों ने संदेश दिया कि रावण दहन तभी सार्थक होगा, जब मनुष्य अपने भीतर छिपे काम, क्रोध, मद, लोभ और मोह जैसी बुराइयों का अंत करेगा।
    user_Nitu kumari
    Nitu kumari
    After-school programme हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    9 hrs ago
  • *विजयादशमी पर मारवाड़ी नारी शक्ति शाखा ने आयोजित किया भव्य सिंदूर खेला, दिया एकता और महिला सशक्तिकरण का संदेश* हजारीबाग। विजयादशमी के पावन अवसर पर हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा की ओर से अग्रसेन भवन, मालवीय मार्ग में भव्य सिंदूर खेला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों सहित मारवाड़ी समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक लाल बॉर्डर वाली साड़ियों में सजी महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरा वातावरण उल्लास, प्रेम, सौहार्द और अपनत्व से सराबोर रहा। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस सांस्कृतिक आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में शाखा की उपाध्यक्ष ने सिंदूर खेला की सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, इनके माध्यम से महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, विचार साझा करने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर मिलता है। अध्यक्ष शोभा मुनका ने सामाजिक एकता और सर्वधर्म समभाव पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सभी धर्मों और समुदायों को एक मंच पर लाना, आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करना तथा सभी को साथ लेकर चलना ही ऐसे आयोजनों का उद्देश्य है। महिलाओं की एकजुटता परिवार, समाज और नई पीढ़ी तक सकारात्मक संदेश पहुंचाती है। सिंदूर खेला का यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से आगे बढ़कर नारी शक्ति, सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए समाज के सभी वर्गों के बीच प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना आवश्यक है। हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा का यह आयोजन महिला सहभागिता बढ़ाने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और समाज को एकता के सूत्र में बांधने की दिशा में सराहनीय पहल रहा। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों, शाखा की पदाधिकारियों और सभी उपस्थित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पदाधिकारियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    4
    *विजयादशमी पर मारवाड़ी नारी शक्ति शाखा ने आयोजित किया भव्य सिंदूर खेला, दिया एकता और महिला सशक्तिकरण का संदेश*
हजारीबाग।
विजयादशमी के पावन अवसर पर हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा की ओर से अग्रसेन भवन, मालवीय मार्ग में भव्य सिंदूर खेला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों सहित मारवाड़ी समाज की बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पारंपरिक लाल बॉर्डर वाली साड़ियों में सजी महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूरा वातावरण उल्लास, प्रेम, सौहार्द और अपनत्व से सराबोर रहा। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ इस सांस्कृतिक आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में शाखा की उपाध्यक्ष ने सिंदूर खेला की सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही, इनके माध्यम से महिलाओं को एक-दूसरे से जुड़ने, विचार साझा करने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर मिलता है।
अध्यक्ष शोभा मुनका ने सामाजिक एकता और सर्वधर्म समभाव पर जोर देते हुए कहा कि समाज के सभी धर्मों और समुदायों को एक मंच पर लाना, आपसी प्रेम एवं भाईचारे को मजबूत करना तथा सभी को साथ लेकर चलना ही ऐसे आयोजनों का उद्देश्य है। महिलाओं की एकजुटता परिवार, समाज और नई पीढ़ी तक सकारात्मक संदेश पहुंचाती है।
सिंदूर खेला का यह आयोजन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से आगे बढ़कर नारी शक्ति, सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और एकजुटता का प्रतीक बनकर सामने आया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अपनी संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए समाज के सभी वर्गों के बीच प्रेम, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करना आवश्यक है।
हजारीबाग जिला मारवाड़ी सम्मेलन की नारी शक्ति शाखा का यह आयोजन महिला सहभागिता बढ़ाने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और समाज को एकता के सूत्र में बांधने की दिशा में सराहनीय पहल रहा।
कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय मारवाड़ी सम्मेलन के पदाधिकारियों, शाखा की पदाधिकारियों और सभी उपस्थित महिलाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। पदाधिकारियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    user_Public News JH
    Public News JH
    Local News Reporter Chisti Nagar, Hazaribagh•
    18 hrs ago
  • दक्षिण कोरिया में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार मेहता सम्मानित, सिंदूर पंचायत ने बढ़ाया गौरव -- आईआईटी रुड़की से पीएचडी हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया हजारीबाग और झारखंड का मान हजारीबाग। दक्षिण कोरिया के एडवांस इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में वरिष्ठ वैज्ञानिक (सीनियर साइंटिस्ट) के पद पर कार्यरत डॉ. मनीष कुमार मेहता की उल्लेखनीय उपलब्धि पर सिंदूर पंचायत सचिवालय में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष कुमार मेहता एवं उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। डॉ. मेहता हजारीबाग सदर प्रखंड अंतर्गत सिंदूर पंचायत के निवासी हैं। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है। डॉ. मनीष कुमार मेहता ने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की उपाधि हासिल की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे दक्षिण कोरिया गए, जहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि को हजारीबाग सहित पूरे झारखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया गया। मुखिया सरोज देवी ने कहा—डॉ. मनीष की उपलब्धि से पंचायत का मान बढ़ा सिंदूर पंचायत की मुखिया सरोज देवी ने डॉ. मनीष कुमार मेहता की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे पंचायत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि गांव और पंचायत के युवा शिक्षा एवं मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। डॉ. मनीष कुमार मेहता की सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पंचायत के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। मुखिया प्रतिनिधि कृष्णा प्रसाद उर्फ पंडित जी ने बताया युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत मुखिया प्रतिनिधि कृष्णा प्रसाद उर्फ पंडित जी ने कहा कि डॉ. मनीष कुमार मेहता ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन से हजारीबाग तथा झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने डॉ. मेहता को बधाई देते हुए उनके परिवार के योगदान की भी सराहना की। गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ सम्मान समारोह सम्मान समारोह में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, झारखंड आंदोलनकारी एवं झामुमो के वरिष्ठ नेता आरके मेहता, मेहता विकास मंच के पूर्व अध्यक्ष जय नारायण प्रसाद मेहता तथा मेहता विकास मंच के उपाध्यक्ष प्रकाश मेहता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा बद्री प्रसाद मेहता, डॉ. मनीष मेहता के पिता अशोक कुमार मेहता, उनके भाई डॉ. अनीश मेहता, माता मीना देवी, विनोद मेहता, सनी मेहता, विपिन मेहता एवं कंचन देवी सहित अनेक समाजसेवी और परिवारजन समारोह में शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने डॉ. मनीष कुमार मेहता की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। डॉ. मनीष कुमार मेहता ने साझा किया अपना शैक्षणिक सफर इस अवसर पर डॉ. मनीष कुमार मेहता ने अपनी शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी हासिल करने के बाद उन्होंने दक्षिण कोरिया में अपने वैज्ञानिक करियर की शुरुआत की। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि सिंदूर पंचायत, हजारीबाग और पूरे झारखंड का मान बढ़ाया है। समारोह के माध्यम से वक्ताओं ने संदेश दिया कि शिक्षा, मेहनत और लगन के बल पर युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। डॉ. मनीष कुमार मेहता की उपलब्धि क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। झारखंड के होनहार युवा की अंतरराष्ट्रीय उड़ान: IIT रुड़की से दक्षिण कोरिया के प्रतिष्ठित KAIST तक पहुँचे डॉ. मनीष कुमार मेहता हजारीबाग के सिंदूर गाँव के युवा वैज्ञानिक ने बढ़ाया झारखंड का मान, अमेरिका और जापान में शोध प्रस्तुत करने के बाद अब दक्षिण कोरिया में करेंगे वैज्ञानिक अनुसंधान हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के सिंदूर गाँव के प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार मेहता ने अपनी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। IIT रुड़की से पीएचडी पूरी करने के बाद उनका चयन दक्षिण कोरिया के प्रतिष्ठित Korea Advanced Institute of Science and Technology (KAIST) में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता के रूप में हुआ है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे हजारीबाग और झारखंड के लिए गर्व का विषय है। डॉ. मेहता ने अपने शोध कार्यों के माध्यम से अमेरिका और जापान जैसे देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अब वे दक्षिण कोरिया में रेलवे तकनीक, स्मार्ट स्ट्रक्चर्स और सेंसर-आधारित प्रणालियों से जुड़े शोध के माध्यम से वैज्ञानिक नवाचार को आगे बढ़ाएँगे। BIT सिंदरी से IIT रुड़की तक का सफर डॉ. मनीष कुमार मेहता ने वर्ष 2020 में BIT सिंदरी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्रथम श्रेणी एवं विशिष्ट योग्यता के साथ प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने टाटा स्टील, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और IIT रुड़की में इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान एवं शोध का अनुभव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर स्थित अमलगम स्टील प्राइवेट लिमिटेड में मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में कार्य किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने GATE परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए IIT रुड़की के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया। इस दौरान उन्हें भारत सरकार के तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) के अंतर्गत फेलोशिप भी मिली। IIT रुड़की में प्रोफेसर डॉ. धनश्री के मार्गदर्शन में उन्होंने साढ़े चार वर्षों में पीएचडी पूरी की। उनके शोधपत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय Q1 श्रेणी की वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए, जो उनकी शोध क्षमता और अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं। अमेरिका और जापान में प्रस्तुत किया शोध डॉ. मेहता ने अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित Stanford University में शोध प्रतिनिधि के रूप में भाग लेते हुए International Workshop on Structural Health Monitoring (IWSHM) में अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। Stanford University विश्व के अग्रणी शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों में शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने जापान में आयोजित INTER-NOISE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी अपना शोध प्रस्तुत किया। इन सम्मेलनों में भागीदारी ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय के बीच अपने शोध कार्यों को प्रस्तुत करने और वैश्विक शोधकर्ताओं से संवाद करने का अवसर प्रदान किया। एयरोस्पेस अनुसंधान में भी दिया योगदान डॉ. मनीष कुमार मेहता ने बेंगलुरु स्थित National Aerospace Laboratories (NAL) के साथ शोध सहयोग के तहत भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने एयरोस्पेस क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली तकनीकी खामियों और दोषों से संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में शोध किया। उनका शोध कार्य संरचनाओं की स्थिति की निगरानी, तकनीकी दोषों की पहचान और आधुनिक इंजीनियरिंग प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़ा रहा है। दक्षिण कोरिया के प्रतिष्ठित KAIST में करेंगे शोध दक्षिण कोरिया सरकार के प्रतिष्ठित InnoCORE कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. मनीष कुमार मेहता का चयन KAIST में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता के रूप में हुआ है। KAIST विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी संस्थानों में गिना जाता है। यहाँ वे प्रोफेसर डॉ. Hoon Sohn के मार्गदर्शन में Smart Structures and Sensors Lab में Structural Health Monitoring (SHM) के क्षेत्र में शोध करेंगे। उनके आगामी शोध का प्रमुख उद्देश्य रेलवे प्रणालियों के आधुनिकीकरण, स्मार्ट स्ट्रक्चर्स और सेंसर-आधारित तकनीकों के विकास के माध्यम से रेल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है। परिवार और गाँव के लिए गौरव का क्षण डॉ. मनीष कुमार मेहता के पिता श्री अशोक कुमार मेहता झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे हैं और खेती-किसानी करते हैं। उनकी माता श्रीमती मीना देवी गृहिणी हैं। उनके दादा स्वर्गीय छत्रधारी मेहता तथा दादी स्वर्गीय बिंदा देवी थीं। उनके बड़े भाई इंजीनियर अनीश मेहता अमेरिका के अटलांटा शहर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं। साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत तक पहुँचना डॉ. मनीष कुमार मेहता की मेहनत, दृढ़ संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम, ज्ञान तथा लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है। डॉ. मेहता के शोधपत्रों एवं शैक्षणिक उपलब्धियों का विवरण उनके Google Scholar प्रोफाइल पर उपलब्ध है।
    1
    दक्षिण कोरिया में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार मेहता सम्मानित, सिंदूर पंचायत ने बढ़ाया गौरव
--
आईआईटी रुड़की से पीएचडी हासिल कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया हजारीबाग और झारखंड का मान
हजारीबाग। दक्षिण कोरिया के एडवांस इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में वरिष्ठ वैज्ञानिक (सीनियर साइंटिस्ट) के पद पर कार्यरत डॉ. मनीष कुमार मेहता की उल्लेखनीय उपलब्धि पर सिंदूर पंचायत सचिवालय में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर डॉ. मनीष कुमार मेहता एवं उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित कर उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। डॉ. मेहता हजारीबाग सदर प्रखंड अंतर्गत सिंदूर पंचायत के निवासी हैं। उनकी सफलता से पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का माहौल है।
डॉ. मनीष कुमार मेहता ने आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की उपाधि हासिल की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे दक्षिण कोरिया गए, जहां विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि को हजारीबाग सहित पूरे झारखंड के लिए गौरवपूर्ण बताया गया।
मुखिया सरोज देवी ने कहा—डॉ. मनीष की उपलब्धि से पंचायत का मान बढ़ा
सिंदूर पंचायत की मुखिया सरोज देवी ने डॉ. मनीष कुमार मेहता की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पूरे पंचायत के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि गांव और पंचायत के युवा शिक्षा एवं मेहनत के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। डॉ. मनीष कुमार मेहता की सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी उपलब्धि से पंचायत के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
मुखिया प्रतिनिधि कृष्णा प्रसाद उर्फ पंडित जी ने बताया युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
मुखिया प्रतिनिधि कृष्णा प्रसाद उर्फ पंडित जी ने कहा कि डॉ. मनीष कुमार मेहता ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और लगन से हजारीबाग तथा झारखंड का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान बना सकते हैं। उन्होंने डॉ. मेहता को बधाई देते हुए उनके परिवार के योगदान की भी सराहना की।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति में हुआ सम्मान समारोह
सम्मान समारोह में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच के अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता, झारखंड आंदोलनकारी एवं झामुमो के वरिष्ठ नेता आरके मेहता, मेहता विकास मंच के पूर्व अध्यक्ष जय नारायण प्रसाद मेहता तथा मेहता विकास मंच के उपाध्यक्ष प्रकाश मेहता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा बद्री प्रसाद मेहता, डॉ. मनीष मेहता के पिता अशोक कुमार मेहता, उनके भाई डॉ. अनीश मेहता, माता मीना देवी, विनोद मेहता, सनी मेहता, विपिन मेहता एवं कंचन देवी सहित अनेक समाजसेवी और परिवारजन समारोह में शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने डॉ. मनीष कुमार मेहता की उपलब्धि की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
डॉ. मनीष कुमार मेहता ने साझा किया अपना शैक्षणिक सफर
इस अवसर पर डॉ. मनीष कुमार मेहता ने अपनी शैक्षणिक यात्रा और उपलब्धियों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी हासिल करने के बाद उन्होंने दक्षिण कोरिया में अपने वैज्ञानिक करियर की शुरुआत की। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार, बल्कि सिंदूर पंचायत, हजारीबाग और पूरे झारखंड का मान बढ़ाया है।
समारोह के माध्यम से वक्ताओं ने संदेश दिया कि शिक्षा, मेहनत और लगन के बल पर युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। डॉ. मनीष कुमार मेहता की उपलब्धि क्षेत्र के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
झारखंड के होनहार युवा की अंतरराष्ट्रीय उड़ान: IIT रुड़की से दक्षिण कोरिया के प्रतिष्ठित KAIST तक पहुँचे डॉ. मनीष कुमार मेहता
हजारीबाग के सिंदूर गाँव के युवा वैज्ञानिक ने बढ़ाया झारखंड का मान, अमेरिका और जापान में शोध प्रस्तुत करने के बाद अब दक्षिण कोरिया में करेंगे वैज्ञानिक अनुसंधान
हजारीबाग। झारखंड के हजारीबाग जिले के सिंदूर गाँव के प्रतिभाशाली युवा वैज्ञानिक डॉ. मनीष कुमार मेहता ने अपनी मेहनत, लगन और वैज्ञानिक प्रतिभा के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान बनाई है। IIT रुड़की से पीएचडी पूरी करने के बाद उनका चयन दक्षिण कोरिया के प्रतिष्ठित Korea Advanced Institute of Science and Technology (KAIST) में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता के रूप में हुआ है। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे हजारीबाग और झारखंड के लिए गर्व का विषय है।
डॉ. मेहता ने अपने शोध कार्यों के माध्यम से अमेरिका और जापान जैसे देशों में आयोजित अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सम्मेलनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अब वे दक्षिण कोरिया में रेलवे तकनीक, स्मार्ट स्ट्रक्चर्स और सेंसर-आधारित प्रणालियों से जुड़े शोध के माध्यम से वैज्ञानिक नवाचार को आगे बढ़ाएँगे।
BIT सिंदरी से IIT रुड़की तक का सफर
डॉ. मनीष कुमार मेहता ने वर्ष 2020 में BIT सिंदरी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री प्रथम श्रेणी एवं विशिष्ट योग्यता के साथ प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने टाटा स्टील, स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) और IIT रुड़की में इंटर्नशिप के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान एवं शोध का अनुभव हासिल किया।
इसके बाद उन्होंने जमशेदपुर स्थित अमलगम स्टील प्राइवेट लिमिटेड में मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में कार्य किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने GATE परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए IIT रुड़की के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया। इस दौरान उन्हें भारत सरकार के तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) के अंतर्गत फेलोशिप भी मिली।
IIT रुड़की में प्रोफेसर डॉ. धनश्री के मार्गदर्शन में उन्होंने साढ़े चार वर्षों में पीएचडी पूरी की। उनके शोधपत्र प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय Q1 श्रेणी की वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए, जो उनकी शोध क्षमता और अकादमिक उत्कृष्टता को दर्शाते हैं।
अमेरिका और जापान में प्रस्तुत किया शोध
डॉ. मेहता ने अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित Stanford University में शोध प्रतिनिधि के रूप में भाग लेते हुए International Workshop on Structural Health Monitoring (IWSHM) में अपना शोधपत्र प्रस्तुत किया। Stanford University विश्व के अग्रणी शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों में शामिल है।
इसके अलावा, उन्होंने जापान में आयोजित INTER-NOISE अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भी अपना शोध प्रस्तुत किया। इन सम्मेलनों में भागीदारी ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक समुदाय के बीच अपने शोध कार्यों को प्रस्तुत करने और वैश्विक शोधकर्ताओं से संवाद करने का अवसर प्रदान किया।
एयरोस्पेस अनुसंधान में भी दिया योगदान
डॉ. मनीष कुमार मेहता ने बेंगलुरु स्थित National Aerospace Laboratories (NAL) के साथ शोध सहयोग के तहत भी कार्य किया। इस दौरान उन्होंने एयरोस्पेस क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली तकनीकी खामियों और दोषों से संबंधित समस्याओं के समाधान की दिशा में शोध किया।
उनका शोध कार्य संरचनाओं की स्थिति की निगरानी, तकनीकी दोषों की पहचान और आधुनिक इंजीनियरिंग प्रणालियों को अधिक प्रभावी बनाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों से जुड़ा रहा है।
दक्षिण कोरिया के प्रतिष्ठित KAIST में करेंगे शोध
दक्षिण कोरिया सरकार के प्रतिष्ठित InnoCORE कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. मनीष कुमार मेहता का चयन KAIST में पोस्टडॉक्टोरल शोधकर्ता के रूप में हुआ है। KAIST विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी संस्थानों में गिना जाता है।
यहाँ वे प्रोफेसर डॉ. Hoon Sohn के मार्गदर्शन में Smart Structures and Sensors Lab में Structural Health Monitoring (SHM) के क्षेत्र में शोध करेंगे। उनके आगामी शोध का प्रमुख उद्देश्य रेलवे प्रणालियों के आधुनिकीकरण, स्मार्ट स्ट्रक्चर्स और सेंसर-आधारित तकनीकों के विकास के माध्यम से रेल क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है।
परिवार और गाँव के लिए गौरव का क्षण
डॉ. मनीष कुमार मेहता के पिता श्री अशोक कुमार मेहता झारखंड आंदोलन से जुड़े रहे हैं और खेती-किसानी करते हैं। उनकी माता श्रीमती मीना देवी गृहिणी हैं। उनके दादा स्वर्गीय छत्रधारी मेहता तथा दादी स्वर्गीय बिंदा देवी थीं। उनके बड़े भाई इंजीनियर अनीश मेहता अमेरिका के अटलांटा शहर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं।
साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जगत तक पहुँचना डॉ. मनीष कुमार मेहता की मेहनत, दृढ़ संकल्प और शिक्षा के प्रति समर्पण का उदाहरण है। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत है और यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम, ज्ञान तथा लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई जा सकती है।
डॉ. मेहता के शोधपत्रों एवं शैक्षणिक उपलब्धियों का विवरण उनके Google Scholar प्रोफाइल पर उपलब्ध है।
    user_Ejaj Alam
    Ejaj Alam
    Press हजारीबाग, हजारीबाग, झारखंड•
    21 hrs ago
  • रांची के मोरहाबादी मैदान में रावण दहन का भव्य नजारा! 🔥🙏 अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक — विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🚩 #मोराबादी #राजधानी #रांची #रावणदहन #बुराईपरअच्छाईकीजीत #दशहरा #विजयादशमी #जयश्रीराम #Ranchi #RawanDahan
    1
    रांची के मोरहाबादी मैदान में रावण दहन का भव्य नजारा! 🔥🙏

अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक — विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं! 🚩

#मोराबादी #राजधानी #रांची #रावणदहन #बुराईपरअच्छाईकीजीत #दशहरा #विजयादशमी #जयश्रीराम #Ranchi #RawanDahan
    user_खबर आप तक
    खबर आप तक
    Local News Reporter Hazaribag, Hazaribagh•
    21 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.