आगरा के संजय पैलेस में वाल्मीकि समाज के दो सफाई कर्मचारी युवाओं के साथ हुई मारपीट के एक मामले में पुलिस द्वारा पीड़ितों पर ही मुकदमा दर्ज करने से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना के विरोध में, वाल्मीकि समाज के लोगों ने पुलिस के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल रखा था, जिसके चलते पिछले दो दिनों से संजय पैलेस मार्केट में सफाई का काम बंद कर हड़ताल की जा रही थी। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से आक्रोशित वाल्मीकि समाज के लोगों ने आज आगरा के एमजी रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि पार्क में एक विशाल पंचायत बुलाई। इस पंचायत में यह ऐलान किया गया कि यदि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो पूरे शहर में सफाई की हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। जब थाना हरी पर्वत प्रभारी को इसकी सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम को समाप्त करने का आश्वासन देते हुए तीन दिन का समय मांगा। इस भरोसे के बाद, वाल्मीकि समाज के लोगों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल को तीन दिनों के लिए टाल दिया। इस बैठक में वाल्मीकि महापंचायत के चौधरी गौरव वाल्मीकि, पूर्व महापौर इंद्रजीत आर्य, वाल्मीकि महापंचायत के सरपंच जालौर राम वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में समाज के युवा प्रमुख रूप से मौजूद थे।
आगरा के संजय पैलेस में वाल्मीकि समाज के दो सफाई कर्मचारी युवाओं के साथ हुई मारपीट के एक मामले में पुलिस द्वारा पीड़ितों पर ही मुकदमा दर्ज करने से समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है। इस घटना के विरोध में, वाल्मीकि समाज के लोगों ने पुलिस के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोल रखा था, जिसके चलते पिछले दो दिनों से संजय पैलेस मार्केट में सफाई का काम बंद कर हड़ताल की जा रही थी। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने से आक्रोशित वाल्मीकि समाज के लोगों ने आज आगरा के एमजी रोड स्थित महर्षि वाल्मीकि पार्क में एक विशाल पंचायत बुलाई। इस पंचायत में यह ऐलान किया गया कि यदि आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है, तो पूरे शहर में सफाई की हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। जब थाना हरी पर्वत प्रभारी को इसकी सूचना मिली, तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे घटनाक्रम को समाप्त करने का आश्वासन देते हुए तीन दिन का समय मांगा। इस भरोसे के बाद, वाल्मीकि समाज के लोगों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल को तीन दिनों के लिए टाल दिया। इस बैठक में वाल्मीकि महापंचायत के चौधरी गौरव वाल्मीकि, पूर्व महापौर इंद्रजीत आर्य, वाल्मीकि महापंचायत के सरपंच जालौर राम वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में समाज के युवा प्रमुख रूप से मौजूद थे।
- एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक शादी समारोह के बीच 'अश्लील वीडियो' से जुड़े एक 'खौफनाक खेल' ने सब कुछ तबाह कर दिया। इस घटना के सीधे परिणाम के तौर पर, विवाह संपन्न होने से पहले ही बारात को बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस पूरे घटनाक्रम के चलते, जिससे पीड़िता को गहरा सदमा पहुँचा, पीड़ित युवती ने आखिरकार एक आत्मघाती कदम उठा लिया।1
- रविवार रात करीब 10 बजे आगरा के ताजगंज थाना क्षेत्र में पुरानीमण्डी स्थित श्यामलाल मार्ग पर अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने एक महिला अधिवक्ता के भाई को गोली मार दी। यह गोलीकांड ताजमहल के पास हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। गोली लगने से घायल परचून दुकानदार युवक ने साहस दिखाते हुए भागते समय हमलावरों को पकड़ने का भी प्रयास किया। युवक की जांघ में गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना ताजमहल के पास जमीन के विवाद के चलते हुई है, जिसका पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद है। महिला अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि यदि पुलिस ने पहले सुनवाई की होती तो ऐसी नौबत नहीं आती। इस मामले में एसीपी ताज सुरक्षा यतेन्द्र सिंह नागर ने जानकारी दी कि डायल 112 पर मिली सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि दो बाइक से आए अज्ञात हमलावरों ने परचून दुकानदार को निशाना बनाया। हमलावरों की तलाश में कई पुलिस टीमें गठित की गई हैं, जो सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और लोकल इंटेलिजेंस के जरिए आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास कर रही हैं।1
- कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने एक सराहनीय कार्य करते हुए स्वरूप नगर पुलिस थाने को बड़ी सफलता दिलाई है। पुलिस ने एक शातिर टप्पेबाज को टप्पेबाजी की गई सोने की चेन के साथ धर-दबोचा है। यह घटना तब हुई जब उन्नाव निवासी एक महिला अपने पति के इलाज के लिए हैलेट अस्पताल आई थी। शातिर टप्पेबाज युवक ने महिला को अपने झांसे में लेकर लगभग दो लाख रुपये कीमत की उसकी सोने की चेन चुरा ली और मौके से फरार हो गया। हैलेट चौकी प्रभारी अजय कश्यप ने अपनी सहयोगी टीम, जिसमें अरविंद कुमार और राहुल सिंह शामिल थे, के साथ मिलकर 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' की मदद से तत्परता दिखाते हुए महज 8 घंटे के भीतर आरोपी को पीडब्ल्यूडी कॉलोनी, रावतपुर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी की गई चेन भी सकुशल बरामद कर ली है। गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान मो. ईशान पुत्र मो. आफताब निवासी मेडिकल कॉलेज कैंपस के रूप में हुई है। अपनी सोने की चेन वापस पाकर महिला ने चौकी प्रभारी हैलेट अजय कश्यप की टीम का धन्यवाद किया और कानपुर पुलिस के कार्य की सराहना की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद जेल भेज दिया है। इस गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली टीम में हैलेट चौकी प्रभारी अजय कश्यप, हे.का. अरविंद कुमार और राहुल सिंह की अहम भूमिका रही।1
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 22 जून 2026 को लखनऊ स्थित KGMU ट्रॉमा सेंटर का दौरा किया। इस दौरान, उन्होंने लखनऊ अग्निकांड में घायल हुए लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और घटना पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। यह जानकारी उपलब्ध आधिकारिक एवं विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पूर्णतः सत्य है।1
- आगरा की सदर तहसील में अधिवक्ता एवं दस्तावेज लेखक संग्रह समिति के बैनर तले अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों और स्टांप विक्रेताओं का ई-पंजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन आंदोलन और धरना प्रदर्शन लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। इस प्रदर्शन में सदर तहसील आगरा के परिसर में थाली और ताली बजाकर विरोध जताया गया। अधिवक्ताओं का कहना है कि अगर ई-पंजीकरण को निजी क्षेत्र में सौंप दिया जाता है, तो इससे देश में 8 से 10 करोड़ लोग बेरोजगार हो जाएंगे। तहसील महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती, तब तक यह प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में वे सरकार को वोट नहीं देंगे।3
- लायंस क्लब आगरा आकाश की अंतिम कार्यकारिणी बैठक में नए सत्र 2026-27 के लिए पदाधिकारियों की घोषणा की गई है। इस बैठक में मुकेश गोयल को अध्यक्ष, संजय अग्रवाल को सचिव और नितिन अग्रवाल को कोषाध्यक्ष चुना गया। पदाधिकारियों के चुनाव के साथ-साथ, बैठक में वर्षभर की गतिविधियों की समीक्षा भी की गई और आगामी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। क्लब ने समाजसेवा और जनहित के कार्यों को भविष्य में और अधिक प्रभावी ढंग से करने का संकल्प लिया है।1
- सुल्तानपुर के लंभुआ क्षेत्र में झाड़ियों में बड़ी संख्या में फॉर्म-6 फेंके जाने की सूचना मिलने के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। टीम ने सभी फॉर्म अपने साथ ले लिए हैं और मामले की जांच में जुट गई है। इस घटना पर मौके पर पहुंचे सपा नेताओं ने आरोप लगाया है कि झाड़ियों में फेंके गए अधिकांश फॉर्म अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों से संबंधित हैं। लंभुआ की उप जिलाधिकारी प्रीति जैन ने इस मामले पर बयान देते हुए कहा है कि इसकी जांच कराई जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।1
- लखनऊ में एक दर्दनाक अग्निकांड हुआ, जिसमें कुछ बच्चों की दुखद मृत्यु हो गई। इस हृदयविदारक खबर की सूचना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अलीगढ़ में एक कार्यक्रम के दौरान मिली। खबर सुनते ही उन्होंने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रोक दिया और तत्काल लखनऊ के लिए रवाना हो गए। मुख्यमंत्री ने इस दुखद घटना पर पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि इस अग्निकांड के दोषियों को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।1
- लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना इस बात पर सोचने को मजबूर करती है कि बच्चों को शिक्षा देने वाले संस्थान किसी भी संभावित हादसे से निपटने के लिए कितने तैयार हैं और उनकी सुरक्षा प्रणाली कितनी मजबूत है। नियमों के अनुसार, बहुमंजिला इमारतों में संचालित कोचिंग संस्थानों के लिए फायर एनओसी, पर्याप्त अग्निशमन यंत्र, इमरजेंसी एग्जिट, चौड़ी सीढ़ियां, धुआं निकालने की व्यवस्था, अलार्म सिस्टम और नियमित मॉक ड्रिल जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य होनी चाहिए। हालांकि, यह एक बड़ा प्रश्न है कि क्या इन सुरक्षा मानकों का पालन ज़मीनी स्तर पर हो रहा है। यदि सैकड़ों छात्र एक ही रास्ते से आते-जाते हैं, खिड़कियों पर लोहे की जालियां लगी हों, बिजली के तारों का जाल बिछा हो, और आग लगने की स्थिति में बाहर निकलने का कोई वैकल्पिक रास्ता न हो, तो ऐसी लापरवाही किसी भी दिन एक बड़े और भयावह हादसे का कारण बन सकती है। इस संबंध में, माता-पिता का भी यह कर्तव्य है कि वे बच्चों का दाखिला कराते समय संस्थान के पास फायर एनओसी है या नहीं, इमरजेंसी एग्जिट मौजूद है या नहीं और सुरक्षा उपकरण काम कर रहे हैं या नहीं, इसकी पूरी जांच करें। प्रशासन की जिम्मेदारी केवल किसी हादसे के बाद कार्रवाई करने तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे समय-समय पर निरीक्षण करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो रहा है। क्योंकि यदि शिक्षा के ये मंदिर सुरक्षा के मानकों से समझौता करते हैं, तो किताबों के बीच बैठा बच्चों का भविष्य किसी भी क्षण हादसों की आग में झुलस सकता है, और बच्चों की जान से यह खिलवाड़ अब और नहीं होना चाहिए।4