नरसिंहपुर जिले के करेली विकासखंड की घूरपुर ग्राम पंचायत के ग्राम झामर में अवैध अतिक्रमण के कारण ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को दिए गए एक आवेदन में शिकायत की है कि गाँव के ही कुछ लोगों ने सड़क की पुलिया को अवैध रूप से बंद कर दिया है, जिससे जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, मुन्नालाल पिता गिल्ली धानक और हेमराज पिता मलखान धानक ने गाँव की पुलिया को अवैध तरीके से बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, गाँव का गंदा पानी निकल नहीं पा रहा और सीधे सड़क पर जमा हो रहा है, जहाँ करीब दो फीट तक पानी भरा रहता है। इस जलभराव के चलते सड़क पर भीषण गंदगी और बदबू का माहौल है, जिससे स्कूल और आंगनवाड़ी जाने वाले छोटे बच्चों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका भी जताई है, साथ ही अतिक्रमणकारियों द्वारा मौके पर कचरा फेंके जाने की बात भी कही गई है। इस गंभीर समस्या से त्रस्त होकर, ग्राम झामर के निवासियों ने 29 जून 2026 को जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई करके अतिक्रमण नहीं हटाया गया और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे मजबूरन अनशन जैसा कदम उठाने को विवश होंगे।
नरसिंहपुर जिले के करेली विकासखंड की घूरपुर ग्राम पंचायत के ग्राम झामर में अवैध अतिक्रमण के कारण ग्रामीणों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को दिए गए एक आवेदन में शिकायत की है कि गाँव के ही कुछ लोगों ने सड़क की पुलिया को अवैध रूप से बंद कर दिया है, जिससे जलभराव और गंदगी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, मुन्नालाल पिता गिल्ली धानक और हेमराज पिता मलखान
धानक ने गाँव की पुलिया को अवैध तरीके से बंद कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप, गाँव का गंदा पानी निकल नहीं पा रहा और सीधे सड़क पर जमा हो रहा है, जहाँ करीब दो फीट तक पानी भरा रहता है। इस जलभराव के चलते सड़क पर भीषण गंदगी और बदबू का माहौल है, जिससे स्कूल और आंगनवाड़ी जाने वाले छोटे बच्चों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने गंभीर बीमारियों के फैलने
की आशंका भी जताई है, साथ ही अतिक्रमणकारियों द्वारा मौके पर कचरा फेंके जाने की बात भी कही गई है। इस गंभीर समस्या से त्रस्त होकर, ग्राम झामर के निवासियों ने 29 जून 2026 को जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तत्काल कार्रवाई करके अतिक्रमण नहीं हटाया गया और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे मजबूरन अनशन जैसा कदम उठाने को विवश होंगे।
- मध्य प्रदेश राज्य के 6 शहरों में कुल 582 हाईटेक पीएम-ई बसों का संचालन जल्द ही शुरू होगा। यह खबर लोगों में उत्सुकता जगा रही है कि क्या उनका शहर भी उन चयनित शहरों में से एक है जहाँ इन अत्याधुनिक बसों की सुविधा उपलब्ध होगी।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र के ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। उन्होंने वहाँ एक सामाजिक तत्व के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई और संबंधित व्यक्ति को जिले से जिला बदर करने की मांग की।1
- मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के करकबेल वितरण केंद्र में पदस्थ एक सहायक लाइनमैन पर ड्यूटी के दौरान एक किसान ने हमला कर दिया है। नरसिंहपुर जिले के करकबेल/गोटेगांव में हुई इस घटना से विद्युत विभाग के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। मिली जानकारी के अनुसार, सहायक लाइनमैन बसंत लोधी अपने अधिकारी और दो साथियों के साथ ग्राम खापा में विद्युत संबंधी कार्यों के सिलसिले में मौजूद थे। उन्हें कई दिनों से कुछ किसानों द्वारा अवैध रूप से बिजली चोरी की जानकारी मिल रही थी, जिसकी जांच के लिए वे पहुंचे थे। ग्राम के खेत में, एक मूलचंद नामक व्यक्ति के यहां अवैध रूप से पंप और घर में बिजली चलती पाई गई। जब कार्य बही के दौरान किसान से कनेक्शन होने पर बिजली बिल दिखाने को कहा गया, तो वह भड़क उठा। किसान ने लाठी उठाकर सहायक लाइनमैन बसंत पर लगातार दो बार वार किए, जिससे उन्हें चोटें आईं और वे घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद घायल लाइनमैन को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस को सूचित कर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए गए। पुलिस ने आरोपी किसान के विरुद्ध प्राणघातक हमले सहित अनेक धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने इस घटना के बाद फील्ड में कार्यरत कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। विभागीय कर्मचारियों का मानना है कि विद्युत कर्मियों पर लगातार बढ़ रहे हमलों की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है तथा घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।1
- युवक कांग्रेस ने उज्जैन में सामने आए जमीन घोटाले के विरोध में प्रदर्शन किया है।1
- नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले तेंदूखेड़ा नगर परिषद के निवासी विनीत विश्वकर्मा द्वारा गोविंद पटेल टेकापार पर किए गए हमले और क्षेत्र में विनीत विश्वकर्मा द्वारा बार-बार हमला करने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। इन लगातार हमलों से सुरक्षित महसूस करने की मांग के साथ, तेंदूखेड़ा क्षेत्र से लगभग 100 से 200 लोग नरसिंहपुर स्थित एसपी कार्यालय में जनसुनवाई के लिए पहुंचे। उन्होंने एसपी साहब को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि विनीत विश्वकर्मा पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी महोदय ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस संबंध में 5 दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।1
- Post by Jya yadav Naresh1
- नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एक महिला ने नगरपालिका परिषद के राजस्व निरीक्षक पर नामांतरण प्रक्रिया पूरी करने के लिए ₹15,000 की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। आवेदिका मंजू शर्मा ने इस संबंध में जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराते हुए उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। मंजू शर्मा ने अपने आवेदन में बताया कि उनके स्वर्गीय पिता सुदामा प्रसाद शर्मा के नाम पर गाडरवारा के कामथ वार्ड में 1410 वर्गफुट की संपत्ति दर्ज है। 1 मार्च 2021 को पिता के निधन के बाद, मंजू शर्मा और उनकी बहन पुष्पा तिवारी ही उनकी कानूनी वारिस हैं। आवेदिका का आरोप है कि उनके चचेरे भाई का नामांतरण नगरपालिका के अभिलेखों में पहले ही हो चुका है, जबकि उनका और उनकी बहन का नामांतरण जानबूझकर रोका जा रहा है। पीड़ित महिला ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच, अपनी वैध संपत्ति का नामांतरण कराने और रिश्वत मांगने वाले कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है।2
- नरसिंहपुर के कलेक्टर कार्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि एक भतीजा नगर पालिका के राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया को पूरा नहीं होने दे रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले की साईखेड़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत निमावर में संचालित एक गौशाला पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासी देवी सिंह पटेल ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर गौशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिसंबर 2024 से 2026 के बीच गौशाला संचालन के लिए लगभग ₹22,50,000 की राशि प्राप्त हुई थी, जबकि 'पंचायत दर्पण पोर्टल' पर केवल ₹17.50 लाख का खर्च दिखाया गया है। अभिलेखों और पोर्टल के इन आंकड़ों में बड़े अंतर ने वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, गौशाला में पशुओं के चारे, पानी और उपचार की व्यवस्था को बेहद खराब बताया गया है, जिसके कारण कई पशुओं की मौत भी हुई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे गए मूल बिल, वाउचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध लगती है। जो दस्तावेज दिए गए, उनमें भी जीएसटी नंबर, विक्रेता का पता और व्यावसायिक पहचान जैसे अनिवार्य विवरणों का अभाव पाया गया है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया जाए। उन्होंने गौशाला को मिली और खर्च की गई समस्त राशि का विशेष ऑडिट कराने, गौशाला में पशुओं की वास्तविक संख्या और मृत पशुओं की संख्या का भौतिक सत्यापन करने, तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की भी मांग की है। गौवंश संरक्षण के नाम पर सरकारी धन के इस संभावित दुरुपयोग से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।1