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नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले तेंदूखेड़ा नगर परिषद के निवासी विनीत विश्वकर्मा द्वारा गोविंद पटेल टेकापार पर किए गए हमले और क्षेत्र में विनीत विश्वकर्मा द्वारा बार-बार हमला करने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। इन लगातार हमलों से सुरक्षित महसूस करने की मांग के साथ, तेंदूखेड़ा क्षेत्र से लगभग 100 से 200 लोग नरसिंहपुर स्थित एसपी कार्यालय में जनसुनवाई के लिए पहुंचे। उन्होंने एसपी साहब को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि विनीत विश्वकर्मा पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी महोदय ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस संबंध में 5 दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
NewsTendukheda Mithlesh patel
नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले तेंदूखेड़ा नगर परिषद के निवासी विनीत विश्वकर्मा द्वारा गोविंद पटेल टेकापार पर किए गए हमले और क्षेत्र में विनीत विश्वकर्मा द्वारा बार-बार हमला करने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। इन लगातार हमलों से सुरक्षित महसूस करने की मांग के साथ, तेंदूखेड़ा क्षेत्र से लगभग 100 से 200 लोग नरसिंहपुर स्थित एसपी कार्यालय में जनसुनवाई के लिए पहुंचे। उन्होंने एसपी साहब को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि विनीत विश्वकर्मा पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी महोदय ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस संबंध में 5 दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
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- तेंदूखेड़ा में विनीत नाम के एक युवक की बढ़ती गुंडागर्दी से परेशान होकर स्थानीय महिलाओं ने एसडीओपी कार्यालय पहुँचकर ज्ञापन सौंपा है। यह स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि महिलाओं को प्रशासन से हस्तक्षेप की गुहार लगानी पड़ी है। महिलाओं ने अपने ज्ञापन में स्पष्ट रूप से मांग की है कि इस युवक का जिलाबदल किया जाए, ताकि क्षेत्र के सभी लोग सुरक्षित रह सकें। उनकी इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता, खासकर महिलाएं, ऐसे तत्वों की हरकतों से सुरक्षित रह सकें।1
- मध्य प्रदेश राज्य के 6 शहरों में कुल 582 हाईटेक पीएम-ई बसों का संचालन जल्द ही शुरू होगा। यह खबर लोगों में उत्सुकता जगा रही है कि क्या उनका शहर भी उन चयनित शहरों में से एक है जहाँ इन अत्याधुनिक बसों की सुविधा उपलब्ध होगी।1
- नरसिंहपुर जिले के बरमान से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ सागर जिले के शाहगढ़ के पत्रकार नितिन जैन का शव बरमान के जंगलों में संदिग्ध परिस्थितियों में एक पेड़ से लटका हुआ मिला है। इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक नितिन जैन, देवरी की नवागत ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. पूजा परमार के पति थे। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। तेंदुखेड़ा नरसिंहपुर के एसडीओपी अभिनव मिश्रा ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बरमान चौकी पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।3
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र के ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। उन्होंने वहाँ एक सामाजिक तत्व के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई और संबंधित व्यक्ति को जिले से जिला बदर करने की मांग की।1
- रायसेन के सिलवानी में एक नया विवाद सामने आया है, जहाँ शिकायतकर्ता किसान केशव अहिरवार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर शिकायतों और कथित कॉल रिकॉर्डिंग के बीच दर्ज की गई है, जिससे पूरा मामला सवालों के घेरे में आ गया है। दरअसल, सिलवानी के किसानों ने निजी ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्होंने डीपी-पोल के नाम पर किसानों से 60 हजार रुपये लिए हैं, साथ ही धमकी दी और अभद्रता भी की। इस नई एफआईआर के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह न्याय की गुहार थी या एफआईआर के माध्यम से किया गया वार।1
- सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत गौरझामर के वार्ड 15 के निवासियों ने एक मार्मिक खुलासा किया है, जिसके अनुसार उनके क्षेत्र में साफ-सफाई का काम तभी संभव हो पाता है जब कोई बीमारी दस्तक देने लगती है। निवासियों ने मौजूदा साफ-सफाई व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि नियमित सफाई के अभाव में उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, और यह स्थिति तभी बदलती है जब बीमारी का प्रकोप बढ़ने लगता है।1
- नरसिंहपुर के कलेक्टर कार्यालय में एक शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि एक भतीजा नगर पालिका के राजस्व अभिलेखों में नामांतरण की प्रक्रिया को पूरा नहीं होने दे रहा है।1
- नरसिंहपुर जिले की साईखेड़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम पंचायत निमावर में संचालित एक गौशाला पर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासी देवी सिंह पटेल ने जिला कलेक्टर को शिकायत सौंपकर गौशाला प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता के अनुसार, दिसंबर 2024 से 2026 के बीच गौशाला संचालन के लिए लगभग ₹22,50,000 की राशि प्राप्त हुई थी, जबकि 'पंचायत दर्पण पोर्टल' पर केवल ₹17.50 लाख का खर्च दिखाया गया है। अभिलेखों और पोर्टल के इन आंकड़ों में बड़े अंतर ने वित्तीय लेनदेन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, गौशाला में पशुओं के चारे, पानी और उपचार की व्यवस्था को बेहद खराब बताया गया है, जिसके कारण कई पशुओं की मौत भी हुई है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगे गए मूल बिल, वाउचर और अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए, जिससे पूरी प्रक्रिया संदिग्ध लगती है। जो दस्तावेज दिए गए, उनमें भी जीएसटी नंबर, विक्रेता का पता और व्यावसायिक पहचान जैसे अनिवार्य विवरणों का अभाव पाया गया है। शिकायतकर्ता ने कलेक्टर से मांग की है कि राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और पशुपालन विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया जाए। उन्होंने गौशाला को मिली और खर्च की गई समस्त राशि का विशेष ऑडिट कराने, गौशाला में पशुओं की वास्तविक संख्या और मृत पशुओं की संख्या का भौतिक सत्यापन करने, तथा अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने की भी मांग की है। गौवंश संरक्षण के नाम पर सरकारी धन के इस संभावित दुरुपयोग से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है, और अब सभी की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्यवाही पर टिकी हैं।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में, भगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुजारा बांध के सोरखी घाट पर रेत माफिया द्वारा खुलेआम अवैध रेत खनन किया जा रहा है। यहां बिना किसी वैध दस्तावेज के और स्वीकृत नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखकर, चार से पांच भारी जेसीबी मशीनें जलस्रोत के सीने को छलनी कर गहरी खुदाई में जुटी हुई हैं, जिससे बड़े पैमाने पर पर्यावरण का विनाश हो रहा है। इस संगठित लूट में कानून का डर इस कदर गायब है कि रेत माफिया के गुर्गे बेखौफ होकर मशीनों के ऊपर खड़े होकर 'रील' बना रहे हैं। यह कोई छिटपुट चोरी नहीं, बल्कि कतार में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मिलकर सरकारी राजस्व की संगठित रूप से की जा रही खुली डकैती है। क्षेत्र की जीवनदायिनी सुजारा बांध के डूब क्षेत्र में चल रहा यह अवैध खेल प्रशासनिक अनदेखी और मौन की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जो बांध के अस्तित्व के लिए एक गंभीर पर्यावरणीय संकट को जन्म दे रहा है।1