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रायसेन के सिलवानी में एक नया विवाद सामने आया है, जहाँ शिकायतकर्ता किसान केशव अहिरवार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर शिकायतों और कथित कॉल रिकॉर्डिंग के बीच दर्ज की गई है, जिससे पूरा मामला सवालों के घेरे में आ गया है। दरअसल, सिलवानी के किसानों ने निजी ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्होंने डीपी-पोल के नाम पर किसानों से 60 हजार रुपये लिए हैं, साथ ही धमकी दी और अभद्रता भी की। इस नई एफआईआर के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह न्याय की गुहार थी या एफआईआर के माध्यम से किया गया वार।
KHABAR WITH KK
रायसेन के सिलवानी में एक नया विवाद सामने आया है, जहाँ शिकायतकर्ता किसान केशव अहिरवार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर शिकायतों और कथित कॉल रिकॉर्डिंग के बीच दर्ज की गई है, जिससे पूरा मामला सवालों के घेरे में आ गया है। दरअसल, सिलवानी के किसानों ने निजी ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्होंने डीपी-पोल के नाम पर किसानों से 60 हजार रुपये लिए हैं, साथ ही धमकी दी और अभद्रता भी की। इस नई एफआईआर के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह न्याय की गुहार थी या एफआईआर के माध्यम से किया गया वार।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- रायसेन के सिलवानी में एक नया विवाद सामने आया है, जहाँ शिकायतकर्ता किसान केशव अहिरवार पर ही एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर शिकायतों और कथित कॉल रिकॉर्डिंग के बीच दर्ज की गई है, जिससे पूरा मामला सवालों के घेरे में आ गया है। दरअसल, सिलवानी के किसानों ने निजी ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए थे कि उन्होंने डीपी-पोल के नाम पर किसानों से 60 हजार रुपये लिए हैं, साथ ही धमकी दी और अभद्रता भी की। इस नई एफआईआर के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह न्याय की गुहार थी या एफआईआर के माध्यम से किया गया वार।1
- नरसिंहपुर जिले के तेंदूखेड़ा में एक आदतन अपराधी के आतंक से स्थानीय ग्रामीण अत्यधिक परेशान हैं। इस समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें अपराधी के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है।1
- नरसिंहपुर जिले की तेंदूखेड़ा तहसील के अंतर्गत आने वाले तेंदूखेड़ा नगर परिषद के निवासी विनीत विश्वकर्मा द्वारा गोविंद पटेल टेकापार पर किए गए हमले और क्षेत्र में विनीत विश्वकर्मा द्वारा बार-बार हमला करने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। इन लगातार हमलों से सुरक्षित महसूस करने की मांग के साथ, तेंदूखेड़ा क्षेत्र से लगभग 100 से 200 लोग नरसिंहपुर स्थित एसपी कार्यालय में जनसुनवाई के लिए पहुंचे। उन्होंने एसपी साहब को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया गया कि विनीत विश्वकर्मा पर पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। लोगों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कोई व्यवस्था करने की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, एसपी महोदय ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस संबंध में 5 दिनों के भीतर आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।1
- Post by Jya yadav Naresh1
- सीएसपी सागर श्री ललित कश्यप जी ने नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव, सतर्कता बरतने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने सभी से आह्वान किया है कि वे स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। सागर पुलिस के अनुसार, साइबर सुरक्षा ही डिजिटल युग में सच्ची सुरक्षा है।1
- खिमलासा के पास ग्राम गाड़ौली में जवाहर पुल के निकट हिंदू संगठनों और गौ सेवकों ने मंगलवार को मालथौन रोड पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शासन-प्रशासन द्वारा 164 आवेदन-ज्ञापनों के बावजूद कार्रवाई न करने पर फूटे गुस्से का नतीजा था, जिसमें संगठनों ने अपनी चार प्रमुख मांगों को लेकर रोड पर मोर्चा संभाला। उनकी मुख्य मांगों में समस्त सागर जिले में गोचर भूमि को कथित अतिक्रमण से मुक्त कराना, देवल गो अभयारण्य (जिसकी कुल 3614 एकड़ भूमि है) का पुनर्निर्माण कर उसे फिर से चालू करना, ग्राम खेराई के लगभग 30 अहिरवार परिवारों की जमीन और भेलैया की शासकीय भूमि को कब्जामुक्त कराना शामिल था। इसके अतिरिक्त, गौ सेवकों ने सिवनी मालवा में 14 गौ रक्षकों को मिली आजीवन कारावास की सजा पर पुनर्विचार की भी अपील की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कलेक्टर कार्यालय से लेकर तहसील और एसडीएम कार्यालय तक सैकड़ों आवेदन देने के बावजूद गोचर भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण गाय माताएं सड़कों पर भटक रही हैं, दुर्घटनाओं में मर रही हैं और भूख-प्यास से मजबूर हैं, जबकि लाखों एकड़ जमीन शासकीय कागजों में उनके नाम दर्ज है। प्रदर्शनकारियों ने खेराई गांव में दबंगों पर अहिरवार समाज के करीब 30 परिवारों की जमीन पर कथित तौर पर अवैध कब्जा कर उन्हें जबरन बेदखल करने का आरोप लगाया। इसी तरह, ग्राम भेलैया में शासकीय भूमि के लगभग 40 एकड़ हिस्से पर अतिक्रमण की बात कही गई, जिसकी सूचना अधिकारियों को पहले भी दी जा चुकी थी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रभावित परिवारों को तुरंत न्याय मिले, उनकी जमीनें कब्जामुक्त कराई जाएं और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो। चक्का जाम की सूचना मिलते ही मालथौन तहसीलदार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उनका ज्ञापन स्वीकार किया। इस दौरान खिमलासा बरोदिया चौकी और मालथौन थाना पुलिस सहित संबंधित एसडीओपी का पर्याप्त बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात था। प्रशासन द्वारा एक सप्ताह के भीतर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।4
- रायसेन के बेगमगंज में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ बीजेपी ग्रामीण मंडल अध्यक्ष के भाई द्वारा एक गोह (मॉनिटर लिज़र्ड) की निर्ममता से हत्या की गई। इस अमानवीय घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद वन विभाग ने इस पर तत्काल और सख्त संज्ञान लिया। वायरल वीडियो के आधार पर वन विभाग ने देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को आधी रात को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान जाँच के तहत मंडल अध्यक्ष का मोबाइल भी जब्त किया गया है। वन्यजीव अधिनियम के तहत गोह की निर्मम हत्या एक गंभीर अपराध माना जाता है।1
- मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में, भगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुजारा बांध के सोरखी घाट पर रेत माफिया द्वारा खुलेआम अवैध रेत खनन किया जा रहा है। यहां बिना किसी वैध दस्तावेज के और स्वीकृत नियमों को पूरी तरह से ताक पर रखकर, चार से पांच भारी जेसीबी मशीनें जलस्रोत के सीने को छलनी कर गहरी खुदाई में जुटी हुई हैं, जिससे बड़े पैमाने पर पर्यावरण का विनाश हो रहा है। इस संगठित लूट में कानून का डर इस कदर गायब है कि रेत माफिया के गुर्गे बेखौफ होकर मशीनों के ऊपर खड़े होकर 'रील' बना रहे हैं। यह कोई छिटपुट चोरी नहीं, बल्कि कतार में खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मिलकर सरकारी राजस्व की संगठित रूप से की जा रही खुली डकैती है। क्षेत्र की जीवनदायिनी सुजारा बांध के डूब क्षेत्र में चल रहा यह अवैध खेल प्रशासनिक अनदेखी और मौन की ओर स्पष्ट इशारा करता है, जो बांध के अस्तित्व के लिए एक गंभीर पर्यावरणीय संकट को जन्म दे रहा है।1